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धर्मजागृति,हिन्दू-संगठन एवं राष्ट्ररक्षा हेतु साधकों द्वारा साधनास्वरूप आर्थिक हानि सहते हुए भी चलाया जानेवाला एकमात्र पाक्षिक !
वैशाख कृष्ण पक्ष ९ - वैशाख शुक्ल पक्ष ९,
कलियुग वर्ष ५११८ (१ से १५ मई २०१६)

नई देहली के अकबर रोड का नामांतरण महाराणा प्रताप मार्ग नहीं होगा ! - अकबरप्रेमी व्यंकय्या

आक्रमकों की स्मृति नष्ट करने के स्थान पर उसे अनुमोदन देनेवाला विश्‍व का एकमेव देश भारत !
डॉ. सुब्रह्मण्यम् स्वामी की मांग का व्यंकय्या नायडू का विरोध !
नई देहली - यहां के विख्यात अकबर रोड के नाम में परिवर्तन कर महाराणा प्रताप मार्ग किया जाए, ऐसी मांग भाजपा के नेता सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम् स्वामी ने की थी । (ऐसी मांग करनी पडती है, यही देश के लिए लज्जाजनक है । सैकडों वर्ष पहले हिन्दुआें पर अनन्वित अत्याचार करनेवालों की स्मृति जगाए रखना, केवल धर्मद्रोह ही नहीं, राष्ट्रद्रोह भी है । इसलिए मार्गों को धर्मांध मुगलों के नाम देना और आजतक उन्हें वैसा ही रखनेवाले सभी सत्ताधारियों को इस संदर्भ में देशवासियों से क्षमायाचना करनी चाहिए ! - संपादक) डॉ. स्वामी ने कहा महाराणा प्रताप एक वीर योद्धा थे । उनके त्याग और बलिदान को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग का नामांतरण किया जाए । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री वी.के. सिंह ने भी अकबर मार्ग का नामांतरण करने की मांग की थी । परंतु अकबरप्रेमी नायडू ने इसका तीव्र विरोध किया । (क्या नायडूजी यह बताएंगे कि नाम क्यों नहीं बदलेंगे ? - संपादक)  

सनातन का कार्य विश्‍वव्यापी बने और आपत्काल में साधकों की रक्षा हेतु गोवा स्थित सनातन आश्रम में कलशारोहण



रामनाथी (गोवा) -  नाडीपट्टिका  के माध्यम से महर्षिजी ने किए मार्गदर्शनानुसार रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम पर ३ दैवी कलशों की अक्षय तृतीया को स्थापना हुई । कलशारोहण के पहले कलशों के नीचे नवग्रहों के पत्थर रखे गए । काल का प्रतिनिधित्व करनेवाले इन कलशों की स्थापना से आश्रम को मंदिर का स्वरूप प्राप्त हो गया है । इन कलशों में ब्रह्मा, विष्णु, महेश, सर्व देवी-देवता तथा ८८,००० ऋषिगण आकाशमंडल से चैतन्य प्रक्षेपित करेंगे और सर्व साधकों को आशीर्वाद देंगे । सनातन का कार्य विश्‍वभर में फैले और घोर आपत्काल में साधकों की रक्षा हो, इसके लिए महर्षिजी साधकों पर इन कलशोंें के माध्यम से कृपा का वर्षाव कर रहे हैं, इसके लिए उनके चरणों में कोटि-कोटि कृतज्ञ !
कलश को स्पर्श करते हुए परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी और मंत्रपठन करते हुए वेदमूर्ति केतन शहाणे गुरुजी
परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा उजागर कलश - स्थापना का कारण !
    १०.२.२०१६ को महर्षिजी ने तांबे के तीन कलशों की पूजा वसंतपंचमी के दिन करने के लिए बताई थी । तदुपरांत उन्होंने १२.२.२०१६ को इन तीन कलशों की स्थापना करने का शास्त्र बताया ।
    वास्तुशास्त्र की दृष्टि से अर्धगुंबज, मंदिरों के कलश, दक्षिण भारत के मंदिरों के गोपुर और पिरेमिड, इन सभी का आकार देखने से ध्यान में आता है कि निचले हिस्से में चौडा और ऊर्ध्व (ऊपर की दिशा) में संकीर्ण होता जाता है । मंदिर सैकडों फुट ऊंचे होते हैं और इस दृष्टि से उनकी लंबाई और चौडाई भी निर्धारित आकार के और वास्तुशास्त्र के नियमानुसार ही होती है । इसलिए उनमें प्रमाणित कंपनसंख्या के स्पंदन आकृष्ट, संग्रहित तथा प्रक्षेपित करने की क्षमता होती है । मंदिर के कलश का कार्य भ्रमणभाष के टॉवर अथवा दूरदर्शन के एंटिना जैसा होता है । जिस प्रकार किसी गांव में भ्रमणभाष का टॉवर होता है और उस टॉवर के कारण भ्रमणभाष को अच्छी रेंज मिलती हैे, वैसा ही कलशों का होता है । कलश अर्थात Antenna to receive Gods energy. (ईश्‍वरीय शक्ति की तरंगों को ग्रहण करनेवाला एंटिना) ब्रह्मांड से वैश्‍विक ऊर्जा तथा निर्गुण स्पंदन कलश में ग्रहण किए जाते हैं । इसलिए कलश की पूजा और स्थापना करने से ब्रह्मांड की सर्व प्रकार की ईश्‍वरीय तरंगें कलश में प्रवेश करेंगी और साधकों को सर्व देवताआें के आशीर्वाद भी मिलेंगे । - (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले

सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा धर्मशिक्षा फलक और ग्रंथप्रदर्शनी कक्ष का उद्घाटन !

सनातन के ग्रंथ का लोकार्पण करते हुए (बाएं से)
श्रद्धेयप्रवर पूज्य गुणप्रकाश चैतन्यजी महाराज,
श्रद्धेयप्रवर पूज्य श्री त्रंंबकेश्‍वर चैतन्यजी महाराज व पूज्य डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी
    सिंहस्थपर्व, उज्जैन (म.प्र.)  यहां के उजाडखेडा हनुमान मंदिर के पास सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति के संयुक्त तत्त्वावधान में लगाए गए धर्मशिक्षा फलक और ग्रंथप्रदर्शनी कक्ष का उद्घाटन कार्यक्रम, अखिल भारतवर्षीय धर्मसंघ और स्वामी करपात्री फाऊंडेशन के श्रद्धेयप्रवर पूज्य श्री त्रंंंबकेश्‍वर चैतन्यजी महाराज के करकमलों द्वारा २३ अप्रैल को संपन्न हुआ ।

सनातन संस्था के संस्थापक परात्पर गुरु डॉ. जयंत बाळाजी आठवलेजी की अमृतमहोत्सवीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर उनके चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !

     वैशाख कृष्ण सप्तमी (२९ मई) को परात्पर गुरु डॉ. जयंत बाळाजी आठवलेजी ७४ वर्ष पूर्ण कर, ७५ वें वर्ष में पदार्पण कर रहे हैं । अत: २९ मई २०१६ से उनके अमृतमहोत्सव वर्ष का शुभारंभ होगा !

भोजशाला में नमाज बंद न करने पर मध्यप्रदेश की सर्व मस्जिदों में शुक्रवार को हनुमानचालीसा का पठन आरंभ करेंगे ! - काशी-सुमेरू पीठाधीश्‍वर स्वामी नरेंद्रनंदागिरी महाराज

 अखिल भारतीय हिन्दू महासभा की ओर से संत सम्मेलन और राष्ट्रीय अधिवेशन की घोषणा !
काशी-सुमेरू पीठाधीश्‍वर स्वामी नरेंद्रनंदागिरी महाराज बोलते हुए
       उज्जैन (म.प्र.) -  धार की भोजशाला हिन्दुआें की है, अतः वर्ष में केवल वसंत पंचमी को सरस्वतीपूजन की अनुमति होने की अपेक्षा ३६५ दिन हिन्दुआें को पूजन का अधिकार मिलना चाहिए ।

सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा उज्जैन सिंहस्थपर्व में अध्यात्मप्रसार


पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे        
कार्य को स्थानीय नागरिक, हिन्दुत्वनिष्ठ एवं प्रशासनिक
अधिकारियों द्वारा सकारात्मक प्रतिसाद !
गत ५ माह से उज्जैन सिंहस्थ पर्व में अध्यात्मप्रसार हेतु फ्लेक्स प्रदर्शनी लगाना, सात्त्विक वस्तुओं का वितरण, मेले के क्षेत्र में भूमि उपलब्ध करवाना, उसपर तंबू खडे करने का नियोजन तथा उसके लिए सामग्री का प्रबंध, सिंहस्थ प्रशासन कार्यालय की विविध अनुमतियां, उदा. दीवार रंगने एवं फ्लेक्स लगाने की अनुमति प्राप्त करना; जिज्ञासु, हिन्दुत्वनिष्ठ अथवा धर्माभिमानियों से संपर्क करना आदि सेवाएं चल रही हैं । ये सेवाएं करते समय, ईश्‍वर ही यह कार्य कर रहे हैं, इसकी प्रतीति समाज के लोगों से उत्तम प्रतिसाद मिलने पर हो रही है ।
१. सिंहस्थ प्रशासन कार्यालय एवं उज्जैन नगरपरिषद की ओर से प्राप्त हो रहा सहयोग

हिन्दू जनजागृति समिति के उज्जैन सिंहस्थ इस एंड्रॉईड एप का पं. देवकीनंदन ठाकुर के शुभहस्तों उद्घाटन !

एंड्रॉईड एप का लोकार्पण करते हुए पं. देवकीनंदन ठाकुर

उज्जैन कुंभ २०१६ के शुभ अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति के वेबसाइट पर विभाग कार्यान्वित !

    हिन्दू जनजागृति समिति के जालस्थल (वेबसाइट) www.hindujagruti.org पर उज्जैन सिंहस्थ पर्व २०१६ की जानकारी देनेवाला विभाग कार्यान्वित किया गया है । इस विभाग में आप कुंभपर्व का आरंभ क्यों और कैसे हुआ, कुंभपर्व के स्थान एवं उनका महत्त्व, उज्जैन सिंहस्थ पर्व २०१६ की आध्यात्मिक विशेषताएं, इस कुंभपर्व में राजयोगी (शाही) स्नान तथा अन्य महत्त्वपूर्ण दिनों की जानकारी, कुंभनगरी उज्जैन तथा वहां के प्राचीन मंदिरों का महत्त्व आदि विषयों पर जानकारी देख सकते हैं । साथ ही हिन्दू जनजागृति समिति तथा सनातन संस्था के सात्त्विक ग्रंथ, सामग्री वितरण केंद्र व विशेष प्रदर्शनी संबंधी जानकारी भी उपलब्ध है ।
https://www.hindujagruti.org/hindi/hinduism/kumbh-mela/ujjain



गोवा में जून २०१६ में पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन !


फोंडा (गोवा) - हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा १९ से २५ जून २०१६ की अवधि में पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन का आयोजन किया गया है । इसमें हिन्दू धर्म एवं समाज पर होनेवाले आघातों का प्रतिकार तथा हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु कार्यरत हिन्दुत्वनिष्ठ, संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्ता, संपादक एवं लेखक सहभागी होंगे ।

आदि शंकराचार्यजी ने किए धर्मजागृति के कार्य की भांति सनातन के आंदोलन को प्रतिसाद मिलेेे ! - महंत श्रीरामेश्‍वरपुरीजी महाराज, श्री काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट, वाराणसी

 संतों के चरणस्पर्श से सनातन संस्था और
हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा लगाई प्रदर्शनी हुई चैतन्यमय !
(बाएं से) मध्यभाग में अनंत श्री दण्डीस्वामी हेमेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज
और प्रदर्शनी दिखाते हुए श्री. विनय पानवळकर

उज्जैन सिंहस्थपर्व में साधना एवं गुरुकृपा के बल पर ३ साधक हुए जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त !

श्रीमती विजया बरडे
श्री. जयहिंद सुतार !
सेवा के प्रति लगन रखनेवाली श्रीमती विजया बरडे एवं भावपूर्ण सेवा करनेवाले श्री. जयहिंद सुतार !
सेवा की लगन, ईश्‍वर द्वारा प्रदान परिस्थिति का स्वीकार करनेवाली महाराष्ट्र के वर्धा (विदर्भ ) की श्रीमती विजया बरडेजी के साथ-साथ दृढता और लगन से परिपूर्ण गुरुसेवा करे पुणे के श्री. जयहिंद सुतारजी ने ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर सभी के समक्ष आदर्श रखा है ।

दैनिक सनातन प्रभात की गोवा और सिंधुदुर्ग संस्करण की १७ वीं तथा अंग्रेजी मासिक सनातन प्रभात की (वर्तमान में पाक्षिक) १० वीं वर्षगांठ संपन्न !

    रामनाथी (गोवा) - हिन्दुआें पर होनेवाले अत्याचारों को प्रकाशित करनेवाला सनातन प्रभात ही एक ऐसा अनूठा और एकमेव दैनिक है और यही उसकी विशेषता है, ऐसा प्रतिपादन मराठी राजभाषा समिति के श्री. गोपाळ रामचंद्र ढवळीकर ने किया । सनातन के रामनाथी आश्रम में २४ अप्रैल को संपन्न हुई दैनिक सनातन प्रभात के गोवा और सिंधुदुर्ग संस्करण की १७ वीं वर्षगांठ समारोह में वे अध्यक्षस्थान पर बोल रहे थे । इसके साथ ही साप्ताहिक सनातन प्रभात की १८ वीं, अंग्रेजी मासिक (वर्तमान में पाक्षिक) सनातन प्रभात की १० वीं, तथा सनातन साधक-पुरोहित पाठशाला की ८ वीं वर्षगांठ मनाई गई । इस अवसर पर व्यासपीठ पर प्रमुख अतिथि के रूप में फोंडा मतदारसंघ के विधायक श्री. लवू मामलेदार और सनातन प्रभात नियतकालिक समूह के संपादक श्री. शशिकांत राणे उपस्थित थे । 

मायावती को कालीमाता के रूप में दिखाकर किया देवी मां का घोर अनादर !

    लक्ष्मणपुरी (लखनऊ, उ.प्र.) - उत्तरप्रदेश के हाथरस में आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा में लगाए गए फ्लेक्स फलक पर परम श्रद्धेय कालीमाता का अनादर किया गया है । बसपा की अध्यक्षा मायावती को कालीमाता के रूप में दिखाया गया है । उनके हाथों में केंद्रीय मानव संसाधन विकासमंत्री स्मृति इरानी का सिर दिखाया है । इस कटे हुए सिर से रक्त टपक रहा है और रक्त की बूंदों में मोदी का चित्र है । इसके साथ ही सरसंघचालक मोहन भागवत को मायावती के पैरों तले दिखाया है और मोदीजी को हाथ जोडे सामने खडा दिखाया है । इस फलक की जानकारी मिलते ही पुलिस ने उसे फाड डाला । (देवताआें का अनादर करनेवालों पर कठोर कार्यवाही के लिए कानून बनाने की मांग करें ! - संपादक)

सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित प्रदर्शनी को मिला श्रद्धालुआें का उत्स्फूर्त प्रतिसाद !

भृगु महर्षिजी की भविष्यवाणी की साधकों को हुई अनुभूति !
भृगु महर्षिजी की भविष्यवाणी की प्रतीति ! 


उज्जैन में लगाई प्रदर्शनी देखने के लिए श्रद्धालुआें की भारी भीड लग रही है । सवेरे १० बजे आरंभ हुई प्रदर्शनी श्रद्धालुआें की भीड के कारण रात में १२.१५ बजे तक निरंतर खुली रहती है । इसमें अनेक संत, मान्यवर और जिज्ञासुआें का समावेश है । प्रदर्शनी के चौथे दिन, अर्थात २४ अप्रैल २०१६ को १५०० से अधिक श्रद्धालुआें ने प्रदर्शनी को भेंट दी थी ।
    २२ अप्रैल २०१६ को हुए भृगु संहिता वाचन में कहा गया था कि २४ अप्रैल से प्रदर्शनी में बहुत भीड होकर सनातन का नाम सर्वत्र होगा । प्रदर्शनी स्थल पर हो रही भीड को देखने पर महर्षिजी की भविष्यवाणी की प्रतीति हुई ।
- पूज्य (कु.) स्वाती खाडये, प्रसारसेविका, महाराष्ट्र.  

सभी पाठकों, हितैषियों तथा धर्माभिमानियों से विनती !

    मांग और आपूर्ति के अंतर्गत वस्तुएं भेजने हेतु आवश्यक खाली पेटिकाएं
और प्लास्टिक दान कर अथवा अत्यल्प भाव में देकर, धर्मकार्य करें !
     मांग और आपूर्ति सेवा के अंतर्गत, सनातन संस्था के देवद (पनवेल) स्थित आश्रम से तथा मंगलुरू स्थित सेवाकेंद्र से, भारत के अनेक जनपदों में सनातन निर्मित ग्रंथ और प्रसार सामग्री भेजी जाती है । महाराष्ट्र और उत्तर भारत के राज्यों को देवद से तथा दक्षिण भारत के राज्यों को मंगलुरू से वस्तुएं भेजी जाती हैं । इस कार्य में निम्नांकित आकार-प्रकार की खाली पेटिकाआें और प्लास्टिक की बडी मात्रा में आवश्यकता है ।
१. ग्रंथ और प्रसारसामग्री भेजने के लिए आवश्यक खाली पेटिकाआें की आपूर्ति का विवरण नीचे दिया है ।

हिन्दू धर्मशास्त्र के अनुसार अन्नदान का अनन्य महत्त्व समझकर राष्ट्र्र-धर्म कार्य हेतु निष्काम एवं समर्पित वृत्ति से सेवा करनेवाले सनातन आश्रमों के सैकडों साधकों के अन्नदान के लिए धनरूप में सहायता करें !

    राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति हेतु सिद्ध तथा उसके लिए प्रभावीरूप से कार्य करनेवाली सनातन संस्था एकमात्र संस्था है । भारत में विभिन्न स्थानों पर संस्था के आश्रम हैं । वहां अध्यात्म तथा धर्मशिक्षा के संदर्भ में ज्ञान देनेवाले ग्रंथ, नियतकालिक, ध्वनिचित्र-चक्रिका (ऑडियो-वीडियो सीडीज) इत्यादि की निर्मिति की सेवा अविरत चल रही है । अखिल मानवजाति के कल्याण हेतु हिन्दू राष्ट्र स्थापना का उद्देश्य सामने रखकर निष्काम तथा समर्पित वृत्ति से सैकडों साधक इस आश्रम में निवास कर रहे हैं । उनके अन्नदान के लिए धनरूप में सहायता कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का स्वर्णिम अवसर सर्व धर्मप्रेमी तथा हितचिंतकों के लिए उपलब्ध है ।
१. हिन्दू धर्मशास्त्रानुसार अन्नदान का महत्त्व

विनम्र अभिवादन !

बाजीराव पेशवा (प्रथम) स्मृतिदिन
वैशाख शु.प. १३ (१९ मई)

कोटि-कोटि प्रणाम !

योगतज्ञ परम पूज्य दादाजी वैशंपायन जन्मोत्सव (ठाणे, महाराष्ट्र)
वैशाख पूर्णिमा (२१ मई)

आध्यात्मिक पहेली

संस्कृत अ और अंग्रेजी A के अक्षर 
    अधिकांश नियतकालिकों में शब्दपहेलियां होती हैं । वे बौद्धिक स्तर की होती हैं । यहां मानसिक स्तर की पहेली दी है । सनातन प्रभात आध्यात्मिक नियतकालिक होने से इस लेखमाला में आध्यात्मिक स्तर की पहेलियां दी हैं । मानसिक, बौद्धिक व आध्यात्मिक स्तर की पहेलियां क्या होती हैं, यह इससे समझ में
आएगा ।
* प्रयोग : संस्कृत अ और अंग्रेजी A, इन अक्षरों की ओर ७-८ सेकंड बारी-बारी से देखने से क्या प्रतीत होता है, इसका अध्ययन करें । ऐसा १-२ मिनट करें । मन एकाग्र करने के लिए आवश्यक हो, तो एक चित्र की ओर देखते समय अन्य चित्र कागद से ढक कर रखें ।

बालमित्रो ! स्पाइडरमैन, सुपरमैन, शक्तिमान जैसे काल्पनिक पात्रों के प्रति आकर्षण के भयानक दुष्परिणाम समझ लें !

अ. काल्पनिक पात्र का वास्तव में शक्तिमान न होना तथा इस कारण उनका कभी भी हमारी सहायता न कर पाना : वर्तमान में छोटे बच्चों के लिए स्पाइडरमैन, सुपरमैन, शक्तिमान जैसे काल्पनिक पात्रों के मनोरंजक धारावाहिक दूरदर्शन पर दिखाए जाते हैं । इन पात्रों को उडना, अदृश्य होना, चलती रेल (ट्रेन) को रोकना आता है एवं वे उंगलियों से बंदूक समान गोलियां अथवा विनाशकारी किरणें छोड सकते हैं ।

बालमित्रो ! स्पाइडरमैन, सुपरमैन, शक्तिमान जैसे काल्पनिक पात्रों के प्रति आकर्षण के भयानक दुष्परिणाम समझ लें !

अ. काल्पनिक पात्र का वास्तव में शक्तिमान न होना तथा इस कारण उनका कभी भी हमारी सहायता न कर पाना : वर्तमान में छोटे बच्चों के लिए स्पाइडरमैन, सुपरमैन, शक्तिमान जैसे काल्पनिक पात्रों के मनोरंजक धारावाहिक दूरदर्शन पर दिखाए जाते हैं । इन पात्रों को उडना, अदृश्य होना, चलती रेल (ट्रेन) को रोकना आता है एवं वे उंगलियों से बंदूक समान गोलियां अथवा विनाशकारी किरणें छोड सकते हैं ।

समय का व्यवस्थापन


समय के व्यवस्थापन के संबंध में ऐसा कह सकते हैं कि हम अपने ८० प्रतिशत समय का उपयोग ऐसी बातों के लिए करते हैं, जो इतनी महत्त्वपूर्ण नहीं होतीं, परिणामस्वरूप उसका प्रतिफल (Output) २० प्रतिशत ही मिलता है    । अर्थात, अधिक महत्त्वपूर्ण बातों के लिए हम २० प्रतिशत समय का ही उपयोग करते हैं । इसके परिणामस्वरूप हम समय के अभाव का अनुभव करते हैं । समय की योजना बनाते समय आगे दी गईं कुछ महत्त्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना चाहिए ।
१. अपने ध्येय निश्‍चित करें ।

योगः कर्मसु कौशलम् । इस वचन की प्रतीति देनेवाले सनातन के रामनाथी आश्रम के साधकों की परिपूर्ण सेवाभाव से साकार हुई कलाकृतियां !

    कला ईश्‍वरप्राप्ति का एक माध्यम है । उस कला के स्वरूप की अपेक्षा उसे करते समय आनंद अनुभव करना अधिक महत्त्वपूर्ण है । योग्य साधना करने के कारण प्रत्येक कृत्य परिपूर्ण होता है और उस परिपूर्णता से ही सुंदर कला की उत्पत्ति होती है । आइए देखते हैं ऐसी ही कुछ कलाकृतियों के उदाहरण ...
मन को आनंद प्रदान करनेवाला विशेष प्रकार से लपेटकर रखा गया पानी का पाइप
१. सनातन के रामनाथी आश्रम में छोटी सेवाआें में भी कला दिखाई देती है, उदा. पेडों की सिंचाई हेतु उपयोग में आनेवाले पाइप को इस प्रकार लपेटा गया है, जिसे देखकर मन को अत्यधिक आनंद मिलता है । 

परम पूज्य गुरुदेव द्वारा बताए आध्यात्मिक उपाय आपातकाल की संजीवनी है, अत: सर्व उपाय गंभीरता से करें !

भावी आपात्काल अत्यंत समीप आ गया है । ऐसा होते हुए भी ध्यान में आया है  कि प्रसार तथा आश्रम के अनेक साधक आध्यात्मिक उपचार पूर्ण नहीं करते । उपचारों के संदर्भ में साधकों से होनेवाली चूकें, उपचार न करने सेे साधकों के बढनेवाले कष्ट तथा उपचारों का अत्यधिक महत्त्व आदि संबंधी जानकारी आगे दे रहे हैं ।
१. साधकों में उपचारों संबंधी गंभीरता न होने से उनसे होनेवाली चूकें 
अ. प्रतिदिन कुछ घंटे बैठकर नामजप करने के लिए  बताए जाने पर भी वह न करना

साधको, अपने आसपास मानस रूप से नामजप की पेटी बनाकर उस पेटी में सोएं !

पू. राजेंद्र शिंदे
अनेक साधकों को प्रातः जागने पर विविध प्रकार के कष्ट होते हैं । इस प्रकार के कष्टों से पीडित साधक तथा अन्य साधक भी जब रात में सोने से पूर्व मानस रूप से नामजप की पेटी बनाकर उसमें सोए, तब यह ध्यान में आया कि उन्हें होनेवाले विविध प्रकार के कष्ट घट गए हैं ।

१. मानस नामजप पेटी बनाने की पद्धति 


                        
नामजप की पेटी

१. बिस्तर पर लेटने के पश्‍चात कल्पना करें कि आप एक पेटी के भीतर लेटे हुए हैं, यह पेटी बिस्तर के बराबर लंबी-चौडी तथा २-३ फुट ऊंची है ।
२. प्रारंभ में इस पेटी के नीचे की ओर अर्थात बिस्तर पर सिर की ओर से प्रारंभ कर, पैरों तक मानस नामजप लिखें ।
३. तत्पश्‍चात पेटी के सिर रखने के स्थान पर ऊपर से नीचे तक (बिस्तर की दिशा में) मानस नामजप लिखें ।
४. पेटी के पैरों की ओर भी जैसे सिर रखने के स्थान पर मानस नामजप लिखा था, वैसा ही करें ।
५. अब पेटी के दाईं तथा बाईं ओर भी ऊपर से नीचे की ओर नामजप लिखें ।
६. लेटने के पश्‍चात आंखों के सामने आनेवाले (आकाश की दिशा में) भाग से सिर के सामने की ओर से पैरों के सामने की ओर तक नामजप लिखें ।
२. मानस नामजप की पेटी के संदर्भ में सूचना 
१. सोने की पूरी तैयारी होने के उपरांत अंत में नामजप पेटी बनाएं जिससे बिस्तर पर से उठना नहीं पडेगा तथा इसके पश्‍चात अनावश्यक बातचीत न करें ।
२. नामजप अधिक दूर-दूर न लिखते हुए थोडी-थोडी दूरी पर लिखें, उदा. नामजप की पेटी पर नीचे अर्थात बिस्तर पर महर्षि द्वारा सभी के लिए बताया गया ४ पंक्तियों का नामजप सामान्यतः तीन बार (कुल बारह पंक्तियां) लिख सकते हैं । नामजप पेटी के सिर तथा पैरों की ओर सामान्यतः दो बार (कुल आठ पंक्तियां) नामजप लिख सकते हैं । (यहां दी गई संख्या की अपेक्षा अधिक संख्या में भी नामजप लिख सकते हैं ।)
३. चार पंक्तियों का नामजप लिखते समय उसकी एक पंक्ति के शब्द (उदा. ॐ निसर्गदेवो भव ।) तोडे बिना उसी पंक्ति में लिखें ।
४. अन्य जप ऐसे ही लिखकर नामजप पेटी बनाएं ।
५. नामजप की पेटी बन जाने के पश्‍चात प्रार्थना करें, हे श्रीकृष्ण, इस नामजप पेटी के माध्यम से मेरे चारों ओर अभेद्य सुरक्षा-कवच निर्माण होने दीजिए तथा इस नामजप से प्रक्षेपित चैतन्य का मुझे अखंड लाभ होने दीजिए । निद्रावस्था में भी मेरा नामजप चलने दीजिए, ऐसी आपके चरणों में प्रार्थना है ।
६. नामजप की पेटी बन जाने के पश्‍चात यदि बीच में ही उठना पडे, तो जिस ओर से मंडल भंग हुआ हो, वह दिशा नामजप लिखकर पुनः बंद करें ।
७. प्रातः उठने के पश्‍चात नामजप पेटी से लाभ मिलने के कारण भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में मनःपूर्वक कृतज्ञता व्यक्त करें ।
८. इस प्रकार नामजप की पेटी हम अन्य स्थानों पर (उदा. सेवा के स्थान पर, यात्रा करते समय) बना सकते हैं ।
३. मानस नामजप पेटी में सोने पर होनेवालेे लाभ
१. नींद की कालावधि एक से डेढ घंटा न्यून होना
२. सोने के पश्‍चात बीच-बीच में उठने की संख्या घट जाना अथवा उठना न पडना
. कष्टदायक व भयावह स्वप्नों की संख्या अल्प होना
४. प्रातः उठने पर स्वयं में दिखाई देनेवाले परिवर्तन
४ अ. शरीर में होनवाली वेदना की मात्रा अल्प होना अथवा वह कष्ट न होना
४ आ. प्राणशक्ति अल्प रहने की मात्रा घट जाना
४ इ. ताजगी और उत्साहित प्रतीत होना
४ ई. रातभर नींद में भी नामजप चलता ध्यान में आना
४ उ. पहले की तुलना में शारीरिक गतिविधियों का वेग बढना । 
- (पू.) श्री. राजेंद्र शिंदे, सनातन आश्रम, देवद, पनवेल.                               
मानस नामजप की पेटी बनाकर, उसमें सोने का प्रयोग करने पर साधिका को हुई अनुभूति
    आध्यात्मिक कष्ट के कारण रात में देर तक नींद न आना तथा प्रातः उठते समय शरीर भारी होना । नामजप की पेटी बनाकर सोने पर प्रातः शीघ्र जागना तथा शरीर में होनेवाली वेदना की मात्रा घट जाना : आध्यात्मिक कष्ट के कारण मुझे रात २ बजे तक नींद नहीं आती । सवेरे आठ बजे के पश्‍चात उठते समय भी शरीर भारी रहता है व पूरे शरीर में अत्यधिक वेदना होती है । शरीर भी सुन्न रहता है, ऐसा अनुभव मुझे लगभग प्रतिदिन होता है । 
पू. राजेंद्रजी का यह लेख, संकलन विभाग में देखने के पश्‍चात २७.३.२०१६ को रात में सोते समय नामजप की पेटी बनाकर, मैं उसमें सोई । यह पेटी बनाते समय मेरा मन बार-बार भटक रहा था । उसमें भी ६ ओर नामजप लिखते समय मेरी भ्रमित अवस्था हो रही थी । अत: पूरी पेटी बनाने में मुझे आधा घंटा लगा । तदुपरांत मैं कब सो गई पता ही नहीं चला । सवेरे मैं अपनेआप सात बजे जाग गई । मेरे शरीर की वेदना भी ५० प्रतिशत से अधिक घट गई थी और शरीर का सुन्न पडना भी ७० प्रतिशत घट गया था । दिनभर उत्साह बना रहा । इन सभी बातों का मुझे आश्‍चर्य  हुआ । यह धारिका बनाते समय और इसकी आकृति बनाते समय उस रात में अनेक बाधाएं आईं; परंतु चिडचिड अथवा किसी प्रकार का मानसिक कष्ट नहीं हुआ ।
- श्रीमती आनंदी रामचंद्र पांगुळ, सनातन आश्रम, देवद, पनवेल.                             

सनातन संस्था के विरुद्ध षड्यंत्र के कारण सनातन के निरपराध साधकों को देनी पडी अग्निपरीक्षा !

वीर विनायक दामोदर सावरकर के कारागृह-जीवन का स्मरण करवानेवाली लेखमाला !
मडगांव विस्फोट प्रकरण में निर्दोष छूटे सनातन के साधकों और उनके परिजनों के कटु अनुभव !
वर्ष २००९ में मडगांव में एक दुपहिया वाहन में विस्फोट होने से उसमें सनातन संस्था के दो साधकों की मृत्यु हो गई थी । ऐसा होते हुए भी सनातन संस्था की अपकीर्ति करने के उद्देश्य से काँग्रेस के संकेत पर  कठपुतली समान नाचनेवाली पुलिस का बिना किसी पूर्वकल्पना के ही साधकों को बंदी बना लेना, उन पर थोपी गई अनेक भयावह धाराएं, झूठे साक्षीदार और झूठे प्रमाण, साधकों को दिए गए असहनीय शारीरिक और मानसिक कष्ट और उनके द्वारा भोगा गया कारागृह का नरकवास, प्रसिद्धिमाध्यम इत्यादि संबंधी जानकारी देनेवाली यह लेखमाला ।

पाकिस्तानी परमाणु अस्त्र विश्‍व के लिए संकट !

अमरीकी संस्था की रिपोर्ट !
वाशिंग्टन (अमरीका) - पाकिस्तान के पास परमाणु अस्त्रों का बहुत बडा संग्रह है । पाकिस्तान का शासन अत्यंत दोलायमान होने से कभी भी विघटित होकर आतंकवादियों के हाथ में जा सकता है । वे परमाणु अस्त्र हथियाकर नरसंहार करवा सकते है । यह संपूर्ण विश्‍व के लिए संकटजनक है, ऐसा भय अमरीका के विख्यात हावर्ड केनेडी स्कूल नामक संस्था ने अपने प्रतिवेदन से व्यक्त किया है । 

जर्मनी के औषधि-निर्मिति प्रतिष्ठान द्वारा माहवारी के समय महिलाआें को अवकाश !

तथाकथित आधुनिकतावादी महिला संगठन इस विषय में क्या कहेंगे ? 
  बर्लिन (जर्मनी) - माहवारी के समय महिलाआें में अपवित्रता बढने से उसका अप्रत्यक्ष परिणाम औषधि की गुणवत्ता पर होता है । जर्मनी के बेरींगर इंगलहेम नामक औषधि-निर्मिति प्रतिष्ठान की ऐसी धारणा है कि इन औषधियों से रोगियों को अपेक्षित लाभ नहीं होता । (भारतीय अध्यात्मशास्त्र में किए गए माहवारी संबंधी शास्त्रशुद्ध विवेचन की प्रतीति पश्‍चिमी देशों को हो रही है; परंतु भारत के तथाकथित आधुनिकतावादी, पुरुष एवं महिलाआें की कथित समानता की आड में महिलाआें पर अत्याचार होते हैं, ऐसा बतंगड बनाकर धर्माचरण का विरोध करते हैं ! - संपादक)

ईसाइयों से देश को बचाने के लिए चीन ने सहस्रों (हजारों) क्रॉस तोडे !

  बीजिंग (चीन) - एक्स्प्रेस यूके की रिपोर्ट के अनुसार चीन के प्रशासन द्वारा अब तक २००० से अधिक चर्च के क्रॉस तोडे गए हैं । चीन के लिए यह कोई नई बात नहीं है । पिछले वर्ष  में भी उन्होंने ४०० चर्च के क्रॉस तोडे थे । इसके लिए प्रशासन को बडी मात्रा में विरोध भी सहना पडा था । (देश के पूर्वोत्तर राज्य ईसाई - बहुल हो गए हैं, तब भी उस संदर्भ में कुछ न बोलनेवाले भारतीय राज्यकर्ता चीन देश से कुछ सीखेंगे ? - संपादक)                

बांग्लादेश में जिहादियों द्वारा हिन्दू साधु की चाकू घोंपकर हत्या !

भारत के हिन्दू तथा साधु-संतों की रक्षा न करनेवाला
शासन 
बांग्लादेश के हिन्दू एवं साधु-संतों की रक्षा कैसे कर पाएगा ? 
विदेश के विविध समाचार दिखानेवाले भारतीय प्रसारमाध्यम पाक और बांग्लादेश में हिन्दुआें पर हो रहे ऐसे अत्याचारों को छिपाते हैं !
ढाका (बांग्लादेश) - यहां के गोपालगंज जिले के तुंगीपारा में मुसलमान जिहादियों ने एक हिन्दू साधु की चाकू घोंपकर हत्या कर दी । इस हत्या के प्रकरण में पुलिस ने २५ वर्षीय शरिफुल शेख नामक मुसलमान युवक को बंदी बनाया । साधु का नाम परमानंद राव है तथा वह पारिवारिक जीवन का त्याग कर धर्मकार्य और समाजकार्य के लिए समर्पित था । उसके परिजनों ने बताया कि यह साधु अपने क्षेत्र में विविध कार्यक्रमों द्वारा हिन्दू धर्म का प्रसार कर रहा था । वह ठाकुर रसराज रॉय का शिष्य था । (बांग्लादेश में असुरक्षित हिन्दू ! हिन्दुओे, भारत में आपको असहिष्णु कहनेवाले तथाकथित आधुनिकतावादी इस्लामी राष्ट्र में आपपर आक्रमण करनेवालों के विरोध में कुछ नहीं बोलते, यह जानिए ! - संपादक)    

शबरीमला मंदिर प्रवेश का माहवारी की शुचिर्भूतता से क्या संबंध ? - सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न

धर्म संबंधी सूत्रों के संदर्भ में न्यायालय नहीं, अपितु शंकराचार्य,
धर्माचार्य ही निर्णय दे सकते हैं, 
यही इस प्रश्‍न से स्पष्ट होता है !
  नई देहली - केरल के शबरीमला मंदिर व्यवस्थापन ने सर्वोच्च न्यायालय में बताया कि १० से ५० आयुवर्ग की महिलाआें को मंदिर में प्रवेश नहीं; क्योंकि माहवारी के कारण वे ४१ दिनों की व्रत की कालावधि में शुचिर्भूत नहीं रह सकतीं । इस पर न्यायालय ने प्रश्न पूछा कि माहवारी का शुचिर्भूतता से क्या संबंध है ? (माहवारी के समय महिलाआें में रजोगुण बढता है । इस कालावधि में उनके मंदिर जैसे सात्त्विक और पवित्र स्थान पर जाने से उन्हें कष्ट हो सकते हैं; इसलिए उनके स्वास्थ्य के बारे में सोचकर इस प्रकार के शास्त्रीय नियम बता गए हैं । - संपादक) 

आेंकारेश्‍वर ज्योतिर्लिंग पर किए वज्रलेप के कारण वहां पर प्राकृतिक स्वरूप से आनेवाला नर्मदा का पानी बंद होने से साधुसंत संतप्त !


खंडवा (म.प्र.) - १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक, आेंकारेश्‍वर  के ज्योतिर्लिंग का क्षरण (erosion) रोकने के लिए वज्रलेप करने की प्रक्रिया जारी है । इससे ज्योतिर्लिंग के चारों ओर पानी जमा होने की प्राकृतिक प्रक्रिया पूर्णतः थम गई है । इसलिए यहां के संतों में रोष है । उन्होंने इस विषय को धार्मिक व्यासपीठ पर उपस्थित करने की तैयारी आरंभ की है । १२ ज्योतिर्लिंगों में से केवल दो ही स्थानों पर इस प्रकार पानी जमा होता था । एक  आेंकारेश्‍वर और दूसरा महाराष्ट्र का त्र्यंबकेश्‍वर । स्थानीय लोगों के बताए अनुसार आेंकारेश्‍वर ज्योतिर्लिंग की प्राकृतिक विशेषता लुप्त हो गई है । 

दफना दो अब अफजल के बेटों को अफजल के पास में ।

स्वामी दिव्यजीवनदासजी
फिर गहरे संकट के बादल छायें हैं जेएनयू में ।
देशद्रोह की डिग्री लेने आए हैं जेएनयू में ॥ १ ॥
फिर केसर की क्यारी में विष बोने की तैयारी है ।
फिर से अफजल की फांसी पर रोने की तैयारी है ॥ २ ॥

असत्य समाचार प्रसारित कर सनातन संस्था की तथा साधिका की व्यक्तिगत अपकीर्ति करनेवाली जय महाराष्ट्र समाचारवाहिनी के विरोध में सनातन संस्था द्वारा क्षतिपूर्ति का दावा !


राजापुर (रत्नागिरी, महाराष्ट्र) - असत्य और काल्पनिक समाचार निरंतरूप से प्रसारित कर सनातन संस्था की अपकीर्ति करनेवाली जय महाराष्ट्र समाचारवाहिनी, इसके संपादक और संचालक के विरुद्ध में सनातन संस्था के व्यवस्थापकीय विश्‍वस्त श्री. वीरेंद्र पांडुरंग मराठे ने राजापुर के दीवानी न्यायालय में अधिवक्ता श्रीमती अस्मिता सोवनी द्वारा ५ लाख रुपयों की क्षतिपूर्ति का दावा प्रविष्ट किया । जय महाराष्ट्र समाचारवाहिनी, उसकी संचालिका श्रीमती हेमलता सुधाकर शेट्टी, संचालक सुधाकर मल्लाप्पा शेट्टी और संपादक को इस दावे में प्रतिवादी बनाया गया है । 

(कहते हैं)दिन में पूजा एवं रसोई न बनाएं ! - बिहार शासन का विचित्र परामर्श !

पाटलीपुत्र (पटना) - बिहार राज्य में आग लगने की घटनाआें में वृद्धि का कारण कडक धूप है, अत: सरकार का सुझाव है कि नागरिक सवेरे ९ से सायं ६ बजे तक पूजा, हवन अथवा खाना न बनाएं । 

जेएनयू में खुले रूप से चलता है, वेश्याव्यवसाय !

अध्यापक समिति की रिपोर्ट
क्या केंद्र उत्तरदायी लोंगों पर कार्यवाही कर विश्‍वविद्यालय की शुद्धि करने का साहस दिखाएगा ?
नई देहली - जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय की (जेएनयू की) ११ अध्यापकों की एक समिति ने विश्‍वविद्यालय में चल रहे अनुचित कृत्यों के संदर्भ में २०० पृष्ठों की रिपोर्ट बनाकर उसे कुलगुरु के समक्ष प्रस्तुत किया है । इसमें मुख्य आरोप यह है कि, विश्‍वविद्यालय में खुले रूप से वेश्याव्यवसाय चलता है । अध्यापकों का कहना है कि यह रिपोर्ट २०१५ में ही बनाई गई थी; परंतु विश्‍वविद्यालय के प्रशासन द्वारा उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई ।
१. विश्‍वविद्यालय के कानून और प्रशासन विभाग की अध्यापिका अमिता सिंह इस समिति की प्रमुख थी । उनके बताए अनुसार छात्रावास के भोजनगृह में वेश्याआें को नौकरी में रखा जाता है । 
२. विश्‍वविद्यालय के १००० से अधिक युवक-युवतियों को छात्रावास में मद्यपान तथा अनैतिक कृत्य करने के लिए २ से ५००० रुपयों का दंड दिया गया है । तब भी छात्रावास के बाहर मद्य की सहस्रों रिक्त बोतलों का ढेर दिखता है । 
३. भोजनगृह में नौकरी के लिए रखी वेश्याएं केवल युवकों को ही मोहित नहीं करतीं, अपितु छात्राआें को भी वेश्याव्यवसाय के लिए प्रवृत्त करती हैं । इसमें विश्‍वविद्यालय के सुरक्षा कर्मचारी भी सम्मिलित हैं । 
४. विश्‍वविद्यालय में आए नए छात्रों को भी मद्यपान, नशीले पदार्थों का सेवन व अनैतिक कृत्य करने के लिए विवश किया जाता है ।
५. इस विश्‍वविद्यालय के कुछ अध्यापक इन अनैतिक कृत्यों का समर्थन करते हैं और वे ही छात्रों को अलगववादी और देशद्रोही कार्यवाहियां करने के लिए प्रेरित करते हैं, ऐसा भी इस रिपोर्ट में कहा गया है । 

आदरणीय बाळासाहेब ठाकरे का अनादर कर समाज में विद्वेष फैलाने का कन्हैया कुमार का षड्यंत्र ! - अभय वर्तक, सनातन संस्था


पुणे (महाराष्ट्र) - कन्हैया कुमार की मुंबई सभा में पूंजीवादी ब्राह्मणी देवता बाल ठाकरे नामक विद्वेषी पुस्तक के वितरण द्वारा हिन्दूहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे का अनादर किया गया । आदरणीय बाळासाहेब ठाकरे का इतने निचले स्तर का अनादर कर, हिन्दुआें की भावनाएं आहत करने के प्रकरण में कन्हैया कुमार सहित आयोजक पर भी अपराध प्रविष्ट किया जाना चाहिए ।

सूर्यकिरणों द्वारा किसी भी असाध्य व्याधि पर उपचार संभव !

शब्द सुरति संगम आश्रम का दावा !
  उज्जैन (म.प्र.) - सूर्य के किरणों से कोई भी व्याधि ठीक हो सकती है, ऐसा दावा सिंहस्थपर्व में पहली बार ही पंजाब के मोगा जिले से आए शब्द सुरति संगम आश्रम के महायोगी स्वामी बुद्धपुरी ने किया है । इस आश्रम द्वारा सिंहस्थ में आयोजित अमृतम् अभियान नामक इस शिविर में निशुल्क सूर्यसाधना से अनेक रोगी उपचार करवाने आए हैं । आश्रमवासियों के मतानुसार, शरीर को हमारा मस्तिष्क नियंत्रित करता है और उसे कार्यान्वित करने का कार्य सूर्य की किरणें करती हैं । इससे रोगप्रतिकार क्षमता भी बढती है ।       

बच्चो, भारतीय संस्कृति के अनुसार आचरण कर अपना जीवन आदर्श बनाएं !

  साष्टांग नमस्कार ऐसे करें !

शरीर से, मन से तथा वाणी से अपने उपास्यदेवता की शरण जाकर किए गए नमस्कार को साष्टांग नमस्कार कहते हैं !
* प्रथम दोनों हाथ छाती से जोडकर कटि से (कमर से) झुकें और तदुपरांत पेट के बल लेटकर दोनों हाथ भूमि पर टिकाएं । प्रथम दायां और फिर बायां पैर पीछे तानकर सीधी रेखा में लेट जाएं ।

चोरी के प्रकरण में संदिग्धो को पुलिस द्वारा छोड दिए जाने से ही साधुआें का पुलिस पर आक्रमण !

  उज्जैन (म.प्र.) - यहां पर मनाए जानेवाले सिंहस्थपर्व में जूना अखाडे के साधुआें की बस्ती में चोरियां होने का परिवाद यहां के साधुआें ने पुलिस के पास लिखवाया था । तदुपरांत इन साधुआें ने चोरी के संदेह में कुछ लोगों को पुलिस के नियंत्रण में दिया था; परंतु उनकी पूछताछ किए बिना ही पुलिस ने उन्हें छोड दिया । इसलिए जूना अखाडे के कुछ साधुआें तथा भक्तों ने पुलिस पर २४ अप्रैल को आक्रमण कर उनकी पिटाई की । सिंहस्थपर्व में हो रहे हिंसाचार और चोरियों की घटनाआें के निषेधार्थ साधुआें के एक गुट ने २४ अप्रैल को मोर्चा निकालकर उज्जैन के सभी मार्ग बंद किए थे । 
(उज्जैन की कानून-सुव्यवस्था के लिए साधुआें को मोर्चा निकालना पडता है,
यह पुलिस प्रशासन के लिए लज्जास्पद है ! - संपादक)      

उज्जैन में अखाडे के साधु पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा प्राणघातक आक्रमण !

    उज्जैन (म.प्र.) - उज्जैन में मनाए जा रहे सिंहस्थपर्व में दत्त अखाडे के साधु तपेश्‍वरी सरस्वती गिरी महाराजजी पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा तीक्ष्ण शस्त्र से प्राणघातक आक्रमण किए जाने की घटना ज्ञात हुई है । 
(जहां साधु ही असुरक्षित होंगे, वहां सामान्य जनता की रक्षा कैसे हो सकेगी ? शासन इस प्रकरण का निष्पक्ष अन्वेषण कर दोषियों पर कठोर कार्यवाही करें ! - संपादक) 

उज्जैन में हिन्दुआें के वैश्‍विक सिंहस्थपर्व में मानवसेवा के नाम पर इस्लाम धर्म का प्रसार !

हिन्दुबहुल देश में हिन्दुआें के ही उत्सवों में इस्लाम का प्रचार किया जाना,
हिन्दुआें के लिए लज्जास्पद है ! क्या अन्य पंथियों के उत्सवों में ऐसा होता है ?
इस स्थिति में परिवर्तन लाने के लिए हिन्दू राष्ट्र ही चाहिए !
 
सिंहस्थपर्व के स्थल पर लगा इस्लाम दर्शन केंद्र

 उज्जैन (म.प्र.) - १२ वर्षों में एक ही बार मनाए जानेवाले यहां के हिन्दुआें के वैश्‍विक सिंहस्थपर्व में धर्मांधों द्वारा मानवसेवा की आड में इस्लाम धर्म का प्रचार किए जाने की चौंका देनेवाली घटना सामने आई है ।

महेंद्र सिंह धोनी के घर पर तरणपुष्कर हेतु प्रतिदिन १५०००लीटर पानी की आपूर्ति

    रांची (झारखंड) - यहां पानी की तंगी होते हुए भी भारतीय क्रिकेट संघ के कर्णधार महेंद्र सिंह धोनी के घर में तरणपुष्कर (स्वीमिंग पूल) बनाया गया है । इसके लिए प्रतिदिन १५००० लीटर पानी की आपूर्ति की जा रही
है । (भारत में सामान्य लोगों के लिए एक और सेलिब्रिटीज के लिए दूसरा न्याय होता है, यही सत्य है ! - संपादक) यहां के नागरिकों ने इसका परिवाद राज्य के राजस्वमंत्री अमर कुमार बाऊरी से किया है । 

श्रीनगर की एनआइटी में हुए हिंसाचार के लिए माना गया राष्ट्रप्रेमी छात्रों को ही दोषी !

जम्मू - श्रीनगर की राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्था (एनआइटी) में कुछ दिन पहले हुए हिंसाचार की पूछताछ करनेवाले अतिरिक्त आयुक्त की रिपोर्ट में कश्मीर के बाहर के छात्रों को ही दोषी माना  गया । (राष्ट्रध्वज फहरानेवाले राष्ट्रप्रेमी युवकों को दोषी माननेवाले भारतीय हैं अथवा पाकिस्तानी ? - संपादक) अभीतक यह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है । इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि एनआइटी के कुछ छात्रों ने अन्य राज्यों से तिरंगा मंगवाया था । जिस कुरियरवाले लडके ने तिरंगा वहां पहुंचाया, उसकी पिटाई कर, उसे भारतमाता की जय की घोषणा देने के लिए कहा गया था । एनआइटी में शिक्षा लेनेवाले २७०० छात्रों में से अधिकतर छात्र कश्मीर के बाहर से आए हैं । हिंसाचार की घटना के पश्‍चात इनमें से कई छात्र घर गए हैं । उन्हें ५ मई से आरंभ होनेवाली परीक्षा में उपस्थित रहने की सूचना दी गई है ।     

कांची कामकोटि पीठाधीश्‍वर जयेंद्र सरस्वतीजी सहित ८ लोग निर्दोष मुक्त !

     चेन्नई (तमिलनाडु) - सितंबर २००२ में लेखापरीक्षक राधाकृष्णन् की हत्या करने का प्रयत्न करने के आरोप से कांची कामकोटि पीठ के पीठाधीश्‍वर स्वामी जयेंद्र सरस्वती और अन्य ८ लोगों को न्यायालय ने निर्दोष मुक्त किया । (१५ वर्षों तक निरपराधियों को अनावश्यक ही यातनाएं भोगने के लिए विवश करनेवाले अन्वेषण तथा न्याय तंत्र ! - संपादक)  

मनुष्यसंसाधन के अभाव में केंद्रीय अन्वेषण विभाग की व्यवस्था ही अस्तव्यस्त ! - अनिल सिन्हा, केंद्रीय अन्वेषण विभाग-संचालक

मेरा भारत महान !
७,२२४ पदों की मान्यता होते हुए भी अबतक १,५३१ पद रिक्त !
नई देहली - केंद्रीय अन्वेषण विभाग के संचालक अनिल सिन्हा ने चेतावनी दी है कि, हमें अधिकाधिक कर्मचारियों की आवश्यकता है तथा वैसा न होने पर हमारी संपूर्ण व्यवस्था ही अस्तव्यस्त हो जाएगी । संसदीय समिति के सामने अपना पक्ष प्रस्तुत करते समय उन्होंने कहा, रिक्त पदों के कारण पिछले कुछ वर्षों में बढ गए प्रकरणों के अन्वेषण प्रलंबित हैं । 

दुर्बल नीतियों में परिवर्तन लाएं !

 
     दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों के नाम पर संघ तथा उनके स्मरणार्थ क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किए जाने का समाचार राष्ट्रभक्तों को अत्यधिक कष्ट पहुंचानेवाला और उनकी नींद उडानेेवाला है । इसमें भी बडी बात यह कि उस मैदान से पुलिस और सेना को पूरे २ महीनों के लिए दूर रखा गया । इस प्रतियोगिता में १००० देशद्रोही दर्शक उपस्थित थे । इतना ही नहीं, इस कार्यक्रम में स्वतंत्र कश्मीर के गीत गाए गए ।

रामनाथी (गोवा) स्थित सनातन आश्रम में परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी के करकमलों से द्वितीय साग्निचित् अश्मेवध महासोमयागका संकल्प !

साग्निचित् अश्मेवध महासोमयागका संकल्प करते हुए
परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी, साथ में वाजपेयीयाजी श्री. केतन काळे गुरुजी

उज्जैन सिंहस्थ पर्व : सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से धर्मप्रसार

श्री पंचायती बडा उदासीन निर्वाणी अखाडे की भव्य पेशवाई !

अखाडे की भव्य पेशवाई

(कहा) सनातन संस्था ने मेरी हत्या करने की धमकी दी !

 अंग्रेजी समाचारपत्र के साथ हुई चर्चा में तृप्ति देसाई का आरोप !
* सनातन संस्था द्वारा प्रस्तुत किए आध्यात्मिक सूत्रों का प्रतिवाद न कर पाने के कारण एवं अपनी स्टंटबाजी की पोल खुलने पर निम्न स्तरीय आरोप लगानेवाली तृप्ति देसाई !
* निराधार आरोप लगाकर सनातन संस्था की अपकीर्ति करनेवाली तृप्ति देसाई के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करने के लिए सनातन संस्था अधिवक्ताआें से परामर्श ले रही है !

महर्षि का साधकों को हाथ में सप्तरंगी धागा बांधने को कहना और प्रत्यक्ष शिवस्वरूप अन्नामलाई पर्वत से हुई प्रकाश की बौछार, एक आकाशरूपी प्रमाण !

 


अन्नामलाई पर्वत के पीछे आए सिंदूरी रंग के प्रकाश के सात पट्टे
(एक छायाचित्र में सर्व पट्टे एकसाथ न आ पाने से तीन छायाचित्रों में चित्रित किए हैं ।)

अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण रोकने तथा रामजन्म भूमि पर पूजा के अधिकार हेतु राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन

    नई देहली - गत माह हुए राष्ट्रव्यापी राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन में कर्नाटक सरकार द्वारा घोषित बजट में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण करने के लिए बडी राशि खर्च करने का निर्णय  निरस्त करने की मांग की गई । साथ ही श्रीरामनवमी के उपलक्ष्य में रामजन्मभूमि पर भी हिन्दुआें को पूजा करने की अनुमति मिले, इसके लिए भी राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया । मात्र मुंबई से इस विषय में ४८,००० से अधिक हस्ताक्षर प्राप्त हुए जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय में सौंपा गया । इसमें हिन्दू लीगल सेल, हिन्दू महासभा, सनातन संस्था, हिन्दू जनजागृति समिति और अन्य धर्माभिमानी हिन्दू सहभागी हुए थे ।

सनातन के दो साधक संतपद पर हुए विराजमान !

रामनाथी (गोवा) स्थित सनातन आश्रम की अन्नपूर्णाकक्ष (रसोईघर) का दायित्व सहजता से संभालनेवाली कु. रेखा काणकोणकर संतपद पर हुई विराजमान !
 पू. (कु.) रेखा दीदी बनीं सनातन की ६० वीं संत 
पू. (कु.) रेखा काणकोणकर
 
रामनाथी (गोवा) - पू. (कु.) रेखा दीदी की प्रगति के लिए कारणभूत उनके निरपेक्ष प्रेम और गुरु का आज्ञापालन करने की लगन आदि गुणों के दर्शन श्रीरामनवमी के दिन  उपस्थित जनसमुदाय को हुए ।       

पू. (कु.) रेखा काणकोणकर का मनोगत
मुझे कुछ नहीं आता । मैं सब कुछ पूछ-पूछकर ही करती गई । साधना करते समय कोई तनाव नहीं लेना चाहिए । इसलिए कि सबकुछ भगवान ही हमसे करवा लेंगे ।               

गोवा में जून २०१६ में पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन !

फोंडा (गोवा) - हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा १९ से २५ जून २०१६ की अवधि में पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन का आयोजन किया गया है । इसमें हिन्दू धर्म एवं समाज पर होनेवाले आघातों का प्रतिकार तथा हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु कार्यरत हिन्दुत्वनिष्ठ, संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्ता, संपादक एवं लेखक सहभागी होंगे । हिन्दू राष्ट्र की स्थापना, इस अधिवेशन का प्रमुख ध्येय है । इसमें महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, केरल, अंदमान, ओडिशा, असम, बंगाल, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, देहली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, राजस्थान व गुजरात राज्यों के हिन्दुत्वनिष्ठ सम्मिलित होंगे ।

इसिस ने श्री श्री रविशंकर के शांतिपूर्ण चर्चा के प्रस्ताव को ठुकराते हुए व्यक्ति के कटे हुए सिर का छायाचित्र भेजा !

    अगरतला (त्रिपुरा) - आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकरजी ने सीरिया और इराक में नृशंस हत्याएं करने वाले इस्लामिक स्टेट (इसिस) जिहादी संगठन को शांतिपूर्ण चर्चा का  प्रस्ताव  भेजा था । इस प्रस्ताव को इसिस ने ठुकरा दिया है । इसके साथ ही इसिस ने श्री श्री रविशंकरजी को एक बंधक के सिर कटे मृतदेह का छायाचित्र भेजा है । 

हॉलीवुड चलचित्र एक्स-मेन अपोकलीप्स (एक्स-मेन महाप्रलय) में भगवान श्रीकृष्ण का अनादर !

    अमरीका - यहां शीघ्र ही प्रदर्शित होनेवाले एक्स-मेन श्रृंखला के चलचित्र एक्स-मेन अपोकलीप्स अपोकलीप्स अर्थात महाप्रलय का ट्रेलर कुछ समय पूर्व ही प्रदर्शित हुआ है । इसमें खलनायक कहता है कि "मेरे पूर्व जन्म में मुझे आरए, कृष्ण और याहवेह नामों से पुकारा जाता था ।" अमरीका के हिन्दू नेता श्री. राजन जेद ने ये वाक्य हटाने की मांग करते हुए कहा कि इस संवाद से हिन्दू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं । (श्री. राजन जेद का अभिनंदन ! क्या भारत के हिन्दू इससे कुछ बोध लेंगे ? - संपादक) 

बुलढाणा (जामोद) में धर्मांधों ने बारूद से गिराया मंदिर !

श्रीरामनवमी के भंडारे पर धर्मांधों द्वारा आक्रमण

  • मूर्तियों की तोडफोड
  • हिन्दुआें के घर लूटे    
  • संचारबंदी लागू
  • ८७ धर्मांधों पर कार्यवाही
  बुलढाणा (जामोद) - श्रीरामनवमी के भंडारे के लिए १६ अप्रैल की रात ८ बजे ट्रैक्टर में रोटियां एकत्र करते समय सिमी के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित कुछ धर्मांधों ने ट्रैक्टर रोककर रोटियां एकत्र करनेवाले हरिदास ढगे, राम वानखेडे, बजरंग दल के नंदू दलाल से जानबूझकर वाद-विवाद किया । 

(कहते हैं) रा.स्व. संघ जातीयद्वेष फैलाकर देश का विभाजन कर रहा है !

भारत का विभाजन करनेवाली कांग्रेस की मुंहजोरी

  लक्ष्मणपुरी (लखनऊ) - मुहम्मद अली जिन्ना की मुस्लिम लीग के कारण वर्ष १९४७ में भारत का विभाजन हुआ और अब रा.स्व. संघ जातीय द्वेष के आधार पर देश का विभाजन करना चाहता है । ऐसी टिप्पणी कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहसीना किदवई ने भीम ज्योति यात्रा कार्यक्रम के समय की । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जातीय द्वेष फैलाकर अलगाववाद की राजनीति कर रहा है, ऐसा आरोप भी उन्होंने लगाया ।