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धर्मजागृति, हिंदू-संगठन एवं राष्ट्ररक्षा हेतु साधकोंद्वारा साधनास्वरूप आर्थिक हानि सहते हुए भी चलाया जानेवाला एकमात्र मासिक !
अप्रैल २०१४

रामराज्य (धर्माधिष्ठित राज्य) लाने हेतु प्रभु श्रीरामका आदर्श लें !

१. चुनाव निकट आनेपर राजनीतिक दलोंको प्रचार करना पडता है, जबकि संतोंको प्रचार नहीं करना पडता !
२. श्री श्री रविशंकर, योेगऋषि रामदेवबाबा इत्यादि संत अपने भक्तोंके माध्यमसे संस्कृतिरक्षा तथा राष्ट्र एवं धर्मजागृतिका जो कर रहे हैं, वैसा कार्य आजतक एक भी लोकप्रतिनिधि अथवा राजनीतिक नेता नहीं कर सका है ।

वनविभागद्वारा ठाणेमें शिवमंदिरका मंडप एवं गौशाला उद्ध्वस्त किए जानेपर अन्नत्याग किए पू. रघुनंदनगिरी महाराज (फक्कडबाबा) का देहत्याग !

 पू. रघुनंदनगिरी महाराज
    ठाणे (महाराष्ट्र) - यहांके वागळे इस्टेट क्षेत्रकी पहाडीपर स्थित गंगेश्‍वर शिवमंदिर और परिसरकी देखरेख १९६५ से जूना अखाडेके पू. रघुनंदनगिरी महाराज उपाख्य फक्कडबाबा कर रहे थे । महाशिवरात्रिके निमित्त २०-२५ सहस्र दर्शनार्थी आते  हैं, अत: उनके लिए मंदिरके पास बनाया मंडप और गौशालाको वनविभागने उद्ध्वस्त कर दिया ।

पू. रघुनंदनगिरी महाराजजीका देहत्याग, हिंदुआेंके लिए भयसूचक चेतावनी ! - प.पू. डॉ. आठवले

१. अनशनके पहले दिनसे हिंदुआेंने कुछ नहीं किया । उनके देहत्यागके उपरांत कहते हैं, अब कुछ तो करेंगे ।
२. स्वतंत्रताके उपरांत इन ६७ वर्षोंमें किसी भी राजनीतिक दलने हिंदुआेंके लिए कुछ नहीं किया । ऐसा होते हुए भी वे कुछ तो करेंगे, महाराजके देहत्यागतक ऐसा विचार करनेवाले हिंदुआेंको अब तो जाग जाना चाहिए ।
 ३. धर्मनिरपेक्ष (अधर्मी) राज्यकर्ता और पक्षपाती प्रशासनके कारण हिंदुआेंको प्रचलित व्यवस्थामें न्याय मिलनेवाला नहीं है; इसलिए हिंदु राष्ट्रकी स्थापना अनिवार्य है ।

गाय, देश, धर्म और मंदिरकी रक्षा करनेवालोंको ही हिंदु अपना मत दें ! - श्री. राकेश गुरखा

देशके विविध स्थानोंपर किए गए राष्ट्रीय हिंदू आंदोलन
   देहली - अखिल भारत हिंदु युवक सभाके श्री. राकेश गुरखाने आवाहन किया कि रमजानका त्यौहार आनेपर यही राजनेता सफेद रंगकी टोपी पहनकर मुसलमानोंकी चापलूसी करते हुए दिखाई देते हैं; परंतु दीपावलीके दिन तिलक लगाकर हिंदुआेंके पास भूले-भटके भी कोई नहीं आता। मुसलमान संगठित हैं, इसलिए उनकी मांगें पूरी की जाती हैं ।

मस्जिदमें चप्पल पहनकर जानेसे कांग्रेसके सांसद मिलिंद देवराको मुसलमानोंने ही मस्जिदमें बंद कर रखा !

हिंदुआेंके मंदिरमें ईसाई नेता रेड्डी चप्पल पहनकर, तो शीला
दीक्षित मोजे पहनकर जाती हैं और निष्क्रिय हिंदु ताकते रहते हैं !
    मुंबई (महाराष्ट्र) - मुसलमानोंके मतोंके लिए मस्जिदके गलियारेमें ही प्रीतिभोज रखनेका निर्णय देवराने लिया था । गलियारेमें जानेके लिए उन्होंने बिना चप्पलें उतारे,  जानेका प्रयत्न करनेपर मुसलमानोंने उन्हें रोका और फटकारने लगे कि हमारे प्रार्थनास्थलपर चप्पल पहनकर, घुसे ही कैसे ?

कांग्रेसके प्रमुख ईसाई धर्मीय जगनमोहन रेड्डीका जूते पहनकर तिरुपति मंदिरमें प्रवेश !

    तिरुपति (आंध्रप्रदेश) - कांग्रेसके प्रमुख वाय.एस्. जगनमोहन रेड्डीने अपने ३०० से अधिक समर्थकोंके साथ २ मार्चको जूते पहनकर विश्‍वविख्यात तिरुपति मंदिरमें प्रवेश किया था । (देवस्थान समितिमें यदि प्रखर धर्माभिमानी होते, तो रेड्डीको मंदिरमें घुसने ही नहीं देते ! मंदिरका सरकारीकरण होनेके कारण ही राज्यकर्ताआेंद्वारा हिंदुआेंके मंदिरोंकी पवित्रता भ्रष्ट हो रही है ! - संपादक)

शंकराचार्य पहाडीके नामांतरका निर्णय अर्थात जम्मू-कश्मीरको इस्लामी राज्य बनानेका पूर्वनियोजित षड्यंत्र ! - यूथ फॉर पनून कश्मीर

    दिल्ली - शंकराचार्य पहाडी दो-ढाई सहस्र वर्ष पूर्वका हिंदुआेंका तीर्थस्थल है । आज इसका नाम परिवर्तित कर उसे तख्त-ए-सुलेमान करनेका निर्णय पुरातत्व सर्वेक्षण विभागने लेकर वहां तख्त-ए-सुलेमान नामक पाटी लगा दी गई और उसपर सत्यका विपर्यास करनेवाला लेखन किया गया है । हिंदुआेंका स्वाभाविक विरोधकी उपेक्षा कर पुरातत्व विभागद्वारा यह हिंदुविरोधी कृत्यके कारण उसका निषेध करनेके लिए कश्मीरी हिंदुआेंकी ओरसे १६ मार्चको देहलीके जंतरमंतर, पुणे एवं बेंगलुरूमें आंदोलन किए गए । इस आंदोलनमें पूरे देशके हिंदुआेंको सम्मिलित होनेका आवाहन किया गया ।

हिंदुओ, इतिहासके नरसंहारकारका प्रदर्शन करनेके स्थानपर पराक्रमका इतिहास निर्माण करें !

    इतिहासका अभ्यास संपत्कालमें करना होता है । इससे आपत्काल आनेपर उसका सामना कैसे करें, यह ध्यानमें आता है । अब आपत्कालका आरंभ हो गया है, अत: भूतकालमें समय न गंवाकर, वर्तमानपर ध्यान देना आवश्यक है । अधिकांश हिंदु तथा हिंदुत्ववादी संगठनोंके नेता हिंदुआेंपर हुए अत्याचारोंकी स्मृति संजोनेके लिए विविध वस्तुआेंका संग्रह करते हैं तथा प्र्रदर्शन करते हैं ।

हिंदु राष्ट्रकी स्थापनाके लिए कटिबद्ध दैनिक सनातन प्रभात (मराठी) अब एंड्राईडपर भी उपलब्ध !

     वर्तमानके आधुनिक युगमें एंड्राईड भ्रमणभाषके (मोबाईलका) उपयोगकी भारी मात्रामें वृद्धि हुई है । इस माध्यमसे अधिकाधिक लोगोंतक दैनिक सनातन प्रभात पहुंचे, इस दृष्टिसे दैनिक सनातन प्रभातकी एंड्राईड आवृत्ति सिद्ध की गई है । ९ मार्चको सनातन प्रभातके एंड्राईड आवृत्तिका प्रकाशन समारोह वारकरी महामंडलके जिलाध्यक्ष ह.भ.प. भगवान महाराज कोकरेके शुभहस्तों हुआ । गुगल प्ले स्टोअरपर सनातन प्रभात शब्द ढूंढनेपर एंड्राईड भ्रमणभाषमें यह प्रणाली डाउनलोड कर सकते हैं ।

मुसलमान भारतपर राज्य कैसे करते हैं ?

    अनेक लोगोंको आश्‍चर्य होता है कि भारतमें ७५ प्रतिशत हिंदु होते हुए भी ऐसा कैसे संभव है । इस प्रश्‍नका उत्तर सीधा है । किसी मतदारसंघमें २५ प्रतिशत मुसलमान एवं ७५ प्रतिशत हिंदु होंगे, तो हिंदुआेंके बहुसंख्य मत २ प्रमुख राजकीय पक्षोंमें विभाजित हो जाते हैं । इसलिए उन २ राजकीय पक्षोंको,  प्रत्येकको ३० प्रतिशत तथा शेष १५ प्रतिशत मत अन्य राजकीय पक्षोंको मिल सकते हैं ।

सनातन पंचांग एंड्राईडके साथ-साथ अब आईफोन एवं आईपैडपर भी उपलब्ध !

    गोवा - विश्‍वके हिंदुआेंको सनातन पंचांग २०१४ भ्रमणभाषपर उपलब्ध हो, इस हेतु इस वर्ष ७ भाषाआेंमें विद्यमान एंड्रॉईड पंचांग प्रसिद्ध किया गया, जो भारतमें अत्यधिक लोकप्रिय हुआ । अनेक पाठकोंद्वारा यह पंचांग आईफोन, आईपैड जैसे उपकरणोंपर भी उपलब्ध होनेकी मांग की जानेसे एंड्रॉईडके पश्‍चात अब आईफोन, आईपैड जैसे उपकरणोंके लिए भी पंचांगका एैप प्रकाशित किया गया है । वर्तमानमें हिंदी भाषामें उपलब्ध किया गया यह पंचांग एैपल एैप स्टोरपर सनातन पंचांगके नामसे प्रसिद्ध किया गया है और निःशुल्क डाऊनलोडके लिए उपलब्ध है ।

सनातनके आस्थाकेंद्र प.पू. रामानंद महाराजजीका देहत्याग

प.पू. रामानंद महाराजजी
    इंदौर (म.प्र.) - सनातनके आस्थास्थान प.पू. भक्तराज महाराजके उत्तराधिकारी और सनातन संस्थाके प्रेरणास्थान प.पू. रामानंद महाराजने ११ मार्च २०१४ को ब्राह्ममुहूर्तपर ३.३० बजे इंदौरके भक्तवात्सल्याश्रममें देहत्याग किया । सनातनपर सदैव कृपादृष्टि रखनेवाले प.पू. रामानंद महाराज और सनातनका अटूट नाता था । उन्होंने सनातनके विविध आश्रमोंको भेंट देकर, सनातनके राष्ट्र एवं धर्मके कार्यको सदैव विपुल आशीर्वाद दिए तथा साधकोंकी शीघ्र आध्यात्मिक उन्नति हेतु मार्गदर्शन किया ।

प्रचलित चुनाव प्रक्रियामें अच्छे-बुरेको कैसे पहचानोगे ?

 (प.पू.) डॉ. जयंत आठवले
 स्वतंत्रताके पश्‍चात ६६ वर्ष भारतपर राज्य करनेवाले लोकतंत्रके कारण समाज, राष्ट्र और धर्मका  परम अधोगति हुई है । लोकतंत्रकी प्रचलित चुनाव प्रक्रियाने समाज, राष्ट्र और धर्मका उत्कर्ष करनेवाला एक भी राज्यकर्ता नहीं दिया, यह एक भीषण सत्य है । चुनावोंके माध्यमसे कुछ साध्य नहीं होता; किंतु सर्पसे भला बिच्छू ! इस सिद्धांतके अनुसार लोकप्रतिनिधि चुने जाते हैं ।

चुनावोंपर होनेवाला करोडों रुपयोंका व्यय, अर्थात राष्ट्रके आर्थिक संकटमें होते हुए भी उसे अधिक संकटमें डालना !

    इ.स. १९९९ के लोकसभा चुनावोंका कुल व्यय (खर्च) लगभग ६ सहस्र करोड हुआ होगा । केवल चुनाव तंत्रको चलानेका शासकीय खर्च ९०० करोड रुपए था । इ.स. १९६७ में लोकसभा चुनावोंपर शासनके केवल ११ करोड रुपए व्यय हुए थे ।

चुनाव धनाढ्योंका खेल !

गुरुदेव डॉ. काटेस्वामीजी
१. हिंदुस्थानकी स्वतंत्रताका मूल्य आत्महत्याकी स्वतंत्रतासे अधिक न होना !
    लोकतंत्र अर्थात जनतंत्र शासन अथवा लोकस्वतंत्रता । हिंदुस्थानकी स्वतंत्रताका मूल्य आत्महत्याकी स्वतंत्रतासे अधिक नहीं ।
२. चुनावोंपर किए जा रहे लाखों रुपयोंके व्ययको देखनेपर कोई भी चुनावमें खडा हो सकता है, ऐसा कहना हास्यास्पद है !
  चुनावमें खडा होनेका अर्थ है अधिक नहीं तो लाखोंकी रोकड (धनराशि) होनी ही चाहिए ।  इसके अतिरिक्त पत्रक, जीप गाडियां, ध्वनिवर्धक (लाऊडस्पीकर) ऐसे विविध प्रबंधोंकी आवश्यकता होती है ।

भारतका लोकतंत्र और चुनाव

    निरर्थक (अर्थहीन) चुनाव नामक इस लेखमालाके सर्व लेख वर्षकी प्रधानतानुसार १९९८ से २००१, इस कालावधिकी समाचारपत्रिकाआेंकी कतरनोंकी सहायतासेे बनाए गए हैं। आज लगभग १५ वर्षोंके उपरांत ध्यानमें आता है कि चुनावोंके संदर्भमें परिस्थितिमें कोई भी परिवर्तन नहीं आया है। इसलिए आज भी ये सूत्र १०० प्रतिशत लागू होते हैं  । इसीसे लोकतंत्रकी विफलता स्पष्ट होती है।

एक रुपया किलोके दरसे चावल देनेसे जनता व्यसनी हो गई !

पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्‍वर
श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्‍चलानंदरस्वतीजी
राज्यकर्ताआेंको संतोंके मार्गदर्शनानुसार
राज्यकारभार चलाना क्यों आवश्यक है, उसका एक उदाहरण !
राजिम कुंभमेलेके समापन समारोहपर
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्‍चलानंदरस्वतीजीने राज्यकर्ताआेंको फटकारा !
    रायपुर (छत्तीसगढ) - पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ-पुरीपीठाधीश्‍वर श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्‍चलानंदसरस्वतीजीने ऐसी आलोचना की कि, छत्तीसगढ राज्यमें निर्धनोंको एक रुपया किलोके दरसे चावल देनेके आश्‍वासनका भाजपाने पालन किया; परंतु उसका परिणाम विपरीत ही हुआ ।

वैचारिक दरिद्रता स्पष्ट करनेवाला चुनाव प्रचार

१. प्रचारके लिए चलचित्र
अभिनेताआेंके प्रसिद्धिवलयका उपयोग
१ अ. राजनीतिक पक्षोंद्वारा मतप्राप्तिके लिए दायित्व-क्षमताशून्य चलचित्र अभिनेताआेंको प्रत्याशी बनाना : स्वतंत्रताके उपरांत चुनावोंमें चलचित्र अभिनेताआेंका सहभाग होने लगा । भाजपाका ही विचार किया जाए, तो इन लोकसभा चुनावोंके लिए गोविंदा, धर्मेंद्र, विनोद खन्ना, शत्रुघ्न सिन्हा, दारा सिंह, मनोजकुमार और देवआनंद आदिको प्रत्याशी बनानेके प्रयत्न हुए । दक्षिण भारतकी गौतमी, शांतिप्रिया, शरयु बाबू, कृष्णा, नागेश आदिको पक्षकी ओरसे प्रचार करनेकी विनती की गई ।

राम मंदिर हमारे लिए महत्त्वपूर्ण सूत्र नहीं है, ऐसा कहनेवाले संघको अभीसे रत्तीभर भी महत्त्व शेष नहीं रहा !

    भाजपाके घोषणापत्रमें राम मंदिर, विदेशी पूंजीनिवेशके कारण आर्थिक परिस्थितिपर होनेवाला परिणाम, महंगाईपर मात करना, देशकी सुरक्षा इत्यादि अनेक विषय होंगे । हमारी बैठकमें हम राम मंदिरके विषयको प्रधानता नहीं देंगे । - दत्तात्रय होसाबले, सह महासचिव, रा.स्व. संघ, बेंगलुरू. (संदर्भ : दैनिक सनातन प्रभात, १०.३.२०१४)

इसे आश्‍वासन नहीं, अपितु घूस कहते हैं !

    अखिल भारतीय अण्णा द्रविड मुनेत्र कलगमच्या (ए.आइ.ए.डी.एम्.के.)की प्रमुख तथा तामिलनाडुकी मुख्यमंत्री जयललिताने लोकसभाके चुनावोंमें, अपने दलका घोषणापत्र घोषित करते समय उसमें नागरिकोंका भ्रमणसंगणक, मिक्सर ग्राईंडर, पंखे, बकरे, गाय नि:शुल्क देनेका आश्‍वासन दिया है । (दैनिक सनातन प्रभात, १०.३.२०१४)

हिंदुओ, अन्य धर्मीय आपपर आक्रमण ही न कर पाएं, ऐसी धमक निर्माण करें !

    इससे पूर्व अनेक स्थानोंपर संगठित न होनेके कारण अन्य धर्मीय हिंदुआेंपर आक्रमण करते थे; परंतु बारंबार होनेवाली घटनाआेंसे बोध लेकर हिंदु स्वसुरक्षाके लिए संगठितरूपसे प्रतिकार करने लगे हैं । इसलिए अब अन्य धर्मियोंने अपनी रणनीतिमें परिवर्तन कर दिया है । वे अब हिंदुआेंपर आक्रमण करनेके अवसर प्रतीक्षा करते हैं और जैसे ही उन्हें ध्यानमें आता है कि हिंदु बिखर गए हैं, वे आक्रमण कर देते हैं । इस धोखेको ध्यानमें रखकर अन्य धर्मीय आक्रमण ही न कर सकें, ऐसी धमक हिंदुआेंको निर्माण करनी होगी ।

हिंदू जनजागृति समितिद्वारा किए विरोधका परिणाम !

अली जे. नाटकका प्रयोग न करनेका चेन्नई पुलिसद्वारा निर्माताको परामर्श !
    चेन्नई (आंध्रप्रदेश)- विवादास्पद नाटक अली जे. के आयोजित प्रयोगका हिंदुत्वनिष्ठ संगठनोंद्वारा विरोध होनेकी संभावनाको देखते हुए पुलिसद्वारा ही एवम् ग्रुपके नाट्य निर्माताको प्रयोग निरस्त करनेका परामर्श दिया गया । (इस निर्णयके लिए चेन्नई पुलिसका अभिनंदन ! अन्यत्रकी पुलिस भी इसका अनुकरण करेगी, क्या ऐसी अपेक्षा कर सकते हैं ? - संपादक) एवम् ग्रुपके कार्तिक कुमारने ऐसा कहते हुए खेद व्यक्त किया कि पुलिसका यह कृत्य घटनाप्रदत्त वैचारिक स्वतंत्रताका गला घोंटनेसमान है ।

समितिके खडकवासला जलाशय रक्षा अभियानने किए १२ वर्ष पूर्ण !

   पुणे (महाराष्ट्र) - समाजसहाय एवं पर्यावरण रक्षाका व्यापक ध्येय रखकर, वर्ष २००२ में हिंदू जनजागृति समितिने इस जलाशयकी रक्षाका बीडा उठाया था । प्रत्येक वर्षकी भांति इस वर्ष भी हिंदू जनजागृति समिति, सनातन संस्था, कमिन्स इंडिया प्रायवेट लिमिटेड एवं पतित पावन संगठनके संयुक्त तत्वावधानमें १७ मार्चको, लगभग १०० कार्यकर्ता इस अभियानमें सम्मिलित हुए थे ।

सिंधुदुर्ग जनपदमें हिंदू जनजागृति समितिकी ओरसे मनाया आदर्श होलिकोत्सव !

    सिंधुदुर्ग (महाराष्ट्र) - यहांपर समितिकी ओरसे कणकवलीमें गत ११ वर्षोंसे, दाभोली नाका एवं केरवाडा, शिरोडामें अनुक्रमसे १४ एवं ५ वर्ष यह उत्सव मनाया जाता है । इस प्रकार निरंतर आदर्श कृत्य कर, समितिने समाजके समक्ष एक आदर्श निर्माण किया है ।

ई-टीवी कन्नड वाहिनीद्वारा हिंदुआेंके श्रद्धास्थानोंका अनादर करनेवाले धारावाहिक प्रदर्शित न करना किया मान्य !

    बेंगलुरू (कर्नाटक) - इस वाहिनीपर ८.३.२०१४ को रात्रि १० बजे प्रसारित हुए कार्यक्रम कॉमेडी सर्कल में रामायणका घोर अनादर किया गया था । इस कार्यक्रममें रामायणपर नाटक प्रस्तुत करनेके लिए उसका अभ्यास (रिहर्सल) करते हुए श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, शबरी इत्यादिका अनादर किया गया और रावणको भी उपहासात्मक दिखाया गया था ।

मुसलमानोंद्वारा संगठितरूपमें विरोधके परिणामस्वरूप पॉप गायिका केटी पेरीकी दृश्य-श्रव्य चक्रिका (वीसीडी)से आपत्तिजनक भाग हटाया गया !

    न्यूयॉर्क (अमेरिका) - केटी पेरीकी डार्क हॉर्स नामक दृश्य-श्रव्य चक्रिकाके एक भागमें ऐसा दर्शाया गया था कि एक व्यक्ति अल्लाहके नामका तावीज पहने है । उसपर बिजली गिरनेसे बालूमें उसका विघटन होता है । इसपर मुसलमानोंने आपत्ति उठाई और ६५ सहस्र मुसलमानोंके हस्ताक्षरोंसे युक्त निवेदनपत्र प्रस्तुत किया । इसके परिणामस्वरूप तावीजके स्थानपर साधारण सुवर्णमाला दिखाई गई है । (हिंदुओ, अपने धर्मके अनादरके संदर्भमें मुसलमानोंसमान सतर्कता बरतें ! - संपादक)

मोदीको छोटीसी इस्लामी टोपीसे भला छुआछूत क्यों ? - सलमान खुर्शीदका कटाक्ष

श्री नरेंद्र मोदी
हिंदुआेंके नेताआेंको इस्लामी टोपी पहननेका
आग्रहकरते समय सलमान खुर्शीद यह भी घोषित करें कि
कितनेमुसलमान नेता हिंदुआेंसे तिलक लगवानेके लिए सिद्ध हैं?
     फरूखाबाद (उ.प्र.) - विदेशमंत्री सलमान खुर्शीदने पत्रकारोंसे वार्तालाप करते समय प्रश्‍न किया है कि विविध राज्योंमें जानेपर वहांकी वेशभूषा करनेवाले नरेंद्र मोदीको छोटीसी इस्लामी टोपीसे छुआछूत क्यों है ?

लरकाना (पाकिस्तान) में धर्मांध मुसलमानोंद्वारा मंदिरोंपर आक्रमण कर धर्मशाला जलाई !

नरेंद्र मोदीको गत १२ वर्षोंसे गुजरात दंगोंके लिए प्रताडित करनेेवाले
तथाकथित निधर्मीवादी, क्या इसके विरोधमें मुंह खोलेंगे ? मोदीके विरोधमें
चुनाव लडनेके इच्छुक केजरीवाल तथा उनका पक्ष इसपर कुछ कहेंगे ? 
    इस्लामाबाद (पाकिस्तान) -  यहां मनोरोगी हिंदुद्वरा कुरानके पन्ने जला देनेके  कथित आरोपपर १५ मार्चकी रात्रिपर सिंध प्रांतके लरकाना परिसरके एक मंदिरपर धर्मांध मुसलमानोंने आक्रमण कर दिया था । उन्होंने मंदिरकी धर्मशाला जला डाली । (भारतमें हिंदुआेंके मंदिरोंपर कथित मनोरोगी मुसलमानोंद्वारा आक्रमण होते हैं; परंतु हिंदू निषेध करनेके परे कुछ भी नहीं करते हैं ! - संपादक)

गोधरामें रेलगाडीके डिब्बोंके दरवाजे बंद कर मुसलमानोंद्वारा हिंदुआेंको जलाया जानेपर भी उत्तरप्रदेशके धर्मांध मुसलमान नेता आजमखानके हिंदुद्वेषी वक्तव्य !

नरेंद्र मोदी मुसलमानोंको अम्ल (एसिड)का उपयोग कर जलाएंगे ! - आजमखान
    नई देहली - समाजवादी दलके नेता और उत्तरप्रदेशके मंत्री आजमखानने कहा, वर्तमानमें उत्तरप्रदेशके मुसलमान भयग्रस्त हैं । क्योंकि आगामी लोकसभा चुनावोंमें मुस्लिम समुदायके नागरिकोंने यदि भाजपाके प्रधानमंत्रीपदके प्रत्याशी नरेंद्र मोदीको मत नहीं दिया, तो वे मुसलमानोंको एसिडका प्रयोग कर जला डालेंगे । गुजरातमें हुए जातीय दंगेमें क्या हुआ ? वहां भी ऐसी ही स्थिति है । जो व्यक्ति मानवताका हत्यारा हो, वह भारतका प्रधानमंत्री कभी भी नहीं बन सकता ।

अमेरिकाके मारा हॉफमन प्रतिष्ठानने किया श्री गणेशका अनादर

श्री गणेशके चित्रसे युक्त तैराकी परिधानकी
बिक्रीपर प्रतिबंध लगानेमें हिंदुआेंको मिली सफलता !
नेवाडा (अमेरिका) - अमेरिकाके हिंदु धार्मिक नेता श्री. राजन जेदने जानकारी दी है कि ग्राहकोंके लिए उपयुक्त परिधानोंकी रचना करनेवाले अमेरिकाके प्रतिष्ठान मारा हॉफमनद्वारा तैराकी परिधानपर श्री गणेशका चित्र छापकर हिंदुआेंके देवताका अनादर किए जानेसे हिंदु आक्रोशित हुए तथा उन्होंने यह उत्पाद बाजारसे हटानेकी मांग की ।

परदेशके हिंदु देवताआेंका अनादर रोकने हेतु तुरंत हो जाते हैं सक्रिय; जबकि भारतमें हिंदु ही उनका करते हैं घोर अनादर !

हिंदु धर्मको कुरूप एवं देवताआेंको असुर संबोधित
करनेवाले अर्कान्सास विद्यापीठका हिंदुआेंद्वारा निषेध
    नेवाडा (अमेरिका) - अर्कान्सासमें जॉन ब्राऊन विद्यापीठके विद्यार्थियोंके लिए समाचारपत्रमें प्रकाशित एक लेखमें हिंदु धर्मको कुरूप तथा हिंदु देवताआेंको असुर संबोधित करनेपर हिंदुआेंमें रोष फैल गया । श्री. राजन जेेदने नेवाडा (अमेरिका)से भेजे गए एक निवेदनद्वारा निषेध व्यक्त किया, विद्यापीठद्वारा हिंदु धर्म एवं हिंदु देवतासंबंधी ऐसा विधान करना, अत्यंत निंदनीय है ।

धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता जैसे उच्च विचारोंकी जन्मघुट्टी पीनेके कारण सर्व सहनेवाले भोले हिंदु और उनके इन (दु:)गुणोंका अपलाभ उठानेवाले धूर्त मिश्‍नरी !

हमारी सनातन वैदिक संस्कृति, श्रेष्ठ हिंदु धर्म और सुनहरे इतिहासको नष्ट करनेके लिए कुछ धूर्त एवं षड्यंत्रकारी मिश्‍नरी लोग सेवा करनेका नाटक कर, हमारे निर्धन आदिवासी व हिंदु देशवासियोंको, धर्म-परिवर्तन करनेके लिए विवश कर रहे हैं । वे हमारे ही धनसे हमें धर्मभ्रष्ट कर अपनी मतपेटी (वोटबैंक) में वृद्धि कर रहे हैं और पुनश्‍च एक बार हमें दास बनाकर भारतके टुकडे करनेका प्रयत्न कर रहे हैं ।

सनातन हिंदु धर्मदीक्षा केंद्र : एक नूतन पर्वका आरंभ

   
     भगवान श्रीकृष्णकी कृपा तथा सनातन संस्थाके संस्थापक प.पू. डॉ. जयंत बाळाजी आठवलेजीकी प्रेरणासे ५ मार्च २०१४ को धर्मांतरित हिंदुआेंको हिंदु धर्ममें ऐच्छिक पुनर्प्रवेश देने हेतु और विदेशी अहिंदुआेंका ऐच्छिक हिंदुकरण करने हेतु सनातन हिंदु धर्मदीक्षा केंद्रकी स्थापना की गई तथा धर्मांतरितोंके शुद्धि समारोहका शुभारंभ  हो गया  है ।

श्री. नवलकिशोर शर्माके चुनाव प्रचारके समय ध्यानमें आई हिंदुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताआेंकी त्रुटियां एवं बलशाली हिंदुत्ववादी संगठनोंका पाखंडी-हिंदुत्व !

श्री. योगेश वनमारे
पिथमपुर (धार)में मैं कुछ अन्य साधकोंके साथ श्री. नवलकिशोर शर्माके चुनाव प्रचारकी सेवाके लिए गया था । तब प्रचारकार्यमें सहायताके लिए अन्य भी कुछ हिंदुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता वहां आए थे। इनमेंसे अधिकतर लोग संघके ही पुराने कार्यकर्ता थे। साधना एवं योग्य दृष्टिकोणके अभावमें उनसे होनेवाली त्रुटियां ध्यानमें आईं, जो व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवनके लिए अत्यंत घातक थीं !

टोटल सिय्याप्पा चलचित्रद्वारा पाकिस्तानी मुसलमानके साथ भारतीय हिंदु युवतीके विवाहका उदात्तीकरण !

हिंदु युवकके प्रेममें फंसी मुसलमान युवतीके
चलचित्रको क्या पाकमें अनुमति मिल पाती ?
लव जिहादको बढावा देनेवाले इस चलचित्रपर
तुरंत प्रतिबंध लगानेकी हिंदू जनजागृति समितिकी मांग !
हिंदु जनजागृति समितिने अपने निवेदन पत्रमें कहा है कि...
१. पाकिस्तानी कलाकारोंके सहयोगसे बना यह चलचित्र ७ मार्चको भारतमें विविध स्थानोंपर प्रदर्शित हो रहा है । (भारतके कलाकारोंको पाकमें केवल चलचित्र प्रदर्शित करनेपर ही नहीं, अपितु छुट-पुट कार्यक्रम करनेपर भी प्रतिबंध है । ऐसा होते हुए भी पाकके कलाकारोंको यहां लाकर उनका उदात्तीकरण करनेवाले ऐसे चलचित्र-निर्माता राष्ट्रद्रोही ही हैं । ऐसे निर्माताआेंके सभी चलचित्रोंका राष्ट्र-प्रेमियोंको बहिष्कार करना चाहिए ! - संपादक)

हिंदु धर्मपर संकट - हिंदु धर्मगुरुआेंद्वारा हिंदुआेंको धर्मशिक्षा न देनेका फल !

    हिंदुआेंपर धर्मका संस्कार करनेका दायित्व धर्मगुरुआेंका होता है । वे कभी भी अपने मठ एवं आश्रमको छोडकर जनताके बीच नहीं आए । परिणामस्वरूप हिंदुआेंको धर्म क्या है और उसकी आवश्यकता क्या है ?, इस संदर्भमें ज्ञान ही नहीं मिला ! - जगद्गुरु नरेंद्राचार्यजी महाराज

प्रवचनकार मोरारी बापूद्वारा मुसलमानोंको राम मंदिरमें नमाजपठनकी अनुमति !

    नई देहली - अल्-मुस्तफा विश्‍वविद्यालयकी भारतीय शाखा और जामिया हमदर्द संगठनद्वारा आयोजित इस्लामके धार्मिक चिह्न, भारतीय धर्म और शांतिपूर्ण सहजीवन पर आधारित चर्चासत्रमें मोरारी बापूने वक्तव्य किए कि हिंदु और मुसलमान अनेक प्रसंगोंमें एकत्र आते हैं; परंतु उनमें एकता नहीं दिखाई देती ।

सनातनके रामनाथी (गोवा) स्थित आश्रमके संशोधन केंद्रको इंग्लैंड के वैज्ञानिकोंकी भेंट

वैज्ञानिक डॉ. थार्नटन स्ट्रीटर एवं किंबर्ली श्याप्कको
संशोधनोंसे अवगत कराते हुए श्री. शान र्क्लाक
रामनाथी (गोवा) : ३ फरवरी २०१४ को इंग्लैंडके वैज्ञानिक डॉ. थार्नटन स्ट्रीटर व किंबर्ली श्याप्कने भेंट दी । डॉ. थार्नटन स्ट्रीटर, (डी.एस.सी, डायरेक्टर ऑफ दि सेंटर फॉर बायोफील्ड साइंसिस, युनाइटेड किंगडम एंड इंडिया) व किंबर्ली  श्याप्क, (एम एस, सी सी टी, बायोमेडिकल इंजीनियर) जिनका ६ वर्षोंका अनुभव टिश्यु इंजिनीयरिंग, सेल्युलर / टिश्यु मेकैनोबायोलोजी व मेडिकल डीजाईनमें हैं ।

साधकोंके लिए सूचना और पाठकोंसे विनती !

सनातन आश्रमके कलामंदिरमें (स्टूडियोमें)
विविध तांत्रिक उपकरणोंकी अति शीघ्र आवश्यकता !
     आज दृश्यश्रव्य (ऑडियो-विजुअल) माध्यम, सबसे प्रभावी प्रसारमाध्यम हैं । पूरे विश्‍वमें ईसाई एवं मुसलमानोंके साथ अन्य धर्मियोंके अनेक दूरदर्शन चैनल दिन-रात कार्यरत हैं; किंतु हिंदु धर्मका प्रसार करनेवाला एक भी चैनल नहीं है । सनातन संस्था पिछले ६ वर्षोंसे विश्‍वभरमें धर्मप्रसार हो, इसलिए विविध दूरदर्शन चैनलोंपर प्रसारित करने हेतु धर्मसत्संग उपलब्ध करवा रही है ।

balsanskar.com

राष्ट्र एवं धर्मजागृतिका प्रभावी माध्यम : सनातनकी ग्रंथश्रृंखला !

    सनातनने हिंदु समाज, राष्ट्र एवं धर्मपर होनेवाले आघातोंके विषयमें जनजागृति करनेके लिए ग्रंथश्रृंखला प्रकाशित की है । यह ग्रंथश्रृंखला हिंदू जनजागृति समितिद्वारा समर्थित है । इस ग्रंथश्रृंखलाकी विशेषता यह है कि उसमें राष्ट्र एवं धर्मकी समस्याएं एवं उनपर किए जानेवाले उपायोंका अभ्यासपूर्ण विश्‍लेषण है । जम्मूके पनून कश्मीर संगठनके अश्‍वनीकुमार च्रोंगूजीने देवनदी गंगाकी रक्षा करें ! यह ग्रंथ पढनेके उपरांत दूरभाष कर सूचित किया कि Its not a book. Its thesis !, अर्थात यह ग्रंथ नहीं अपितु एक शोधप्रबंध है !

हिंदू जनजागृति समितिके हिंदूजागृति डॉट ऑर्ग (Hindujagruti.org) इस जालस्थलका फरवरी २०१४का ब्यौरा

१. गूगल एनालिटिक्स नामक ऑनलाईन संगणकीय प्रणालीद्वारा प्राप्तविविध माध्यमोंसे जालस्थलको भेंट देनेवालोंकी संख्या :

अक्षय तृतीया

सुपात्रको दान करेें !
     अक्षय तृतीयापर किए गए दानका क्षय नहीं होता । संत अथवा सत् कार्यके लिए दान करना अर्थात सत्पात्र दान । यह अधिक महत्त्वपूर्ण है । ऐसे दानका कर्म अकर्म कर्म (पाप-पुण्यरहित) होनेसे दानकर्ता मृत्युपरांत उच्च लोकमें जाता है ।

रामसेतुके पाषाणसे प्रक्षेपित होनेवाले स्पंदनोंका वैज्ञानिक उपकरणद्वारा किया अध्ययन और इसके आगेका शोध करनेका वैज्ञानिकोंको आवाहन !

१. रामसेतुका पाषाण
 मूंगेसमान यह पाषाण पानीपर तैरता है ।

सामान्य मूर्तिकारद्वारा रंगी गई हनुमानजीकी मूर्ति, साधक-मूर्तिकारद्वारा रंगी जानेपर एवं तदुपरांत मूर्तिकी आंखोंको रंगनेके पश्‍चात मूर्तिसे प्रक्षेपित होनेवाले स्पंदनोंका वैज्ञानिक उपकरणोंद्वारा किया अध्ययन और इसके आगेका शोध करनेका वैज्ञानिकोंको आवाहन !

अध्यात्मको विज्ञानकी कसौैटीपर परखे बिना ही उसे असत्य
ठहरानेवाले होते हैं तथाकथित पुरोगामी; जबकि अध्यात्मको
वैज्ञानिक परिभाषामें प्रस्तुत करनेवाली सनातन संस्था है वास्तविक पुरोगामी !
हनुमानजीकी आंखोंको रंगने
तथा मूर्तिको लाल रंगनेके उपरांत
पिप (पॉलीकांन्ट्रास्ट इंटरफेरेंस फोटोग्राफी)
प्रणालीसे प्राप्त छायाचित्र !
जब कोई मूर्तिकार देवताकी मूर्ति बनाता है, तब उसमें आनेवाले सात्त्विकताके स्पंदन; उस मूर्तिकारकी साधना, उसमें विद्यमान भाव और मूर्तिके आकारपर निर्भर होते हैं । इस मूर्तिको रंगनेपर उसमें विद्यमान देवत्व जागृत होता है, तो मूर्तिकी आंखें रंगनेपर देवत्व और भी जागृत होकर कार्यरत होता है ।

देवताका पंचोपचार पूजन !

     देवताका पंचोपचार पूजन अर्थात देवताको गंध लगाना, पुष्प चढाना, धूप दिखाना, दीपसे आरती उतारना व नैवेद्य अर्पित करना । इसमें सर्वप्रथम अनामिका एवं अंगूठेसे निर्माल्य (पिछले दिन चढाए गए फूल व सामग्री)को हटाएं । देवताकी मूर्ति को स्नान करवाएं व देवताके चित्रको पहले गीले वस्त्रसे, फिर सूखे वस्त्रसे पोंछें । देवताको अनामिकासे गंध लगाएं ।

रामराज्य साकारेें !

     रामराज्य आदर्श था; इसीलिए कि राजा राम सात्त्विक एवं धर्मपालक थे । प्रभु रामचंद्रने जैसे अधर्मी रावणका नाश कर धर्मराज्य स्थापित किया, वैसे हम भी भ्रष्टाचार, हिंदुओं के साथ अन्याय, देवताओंका अनादर, मूर्तिभंजन आदिका वैध विरोध कर हिंदु राष्ट्र स्थापित करें ! हिंदु राष्ट्र अर्थात विश्‍व-कल्याण हेतु क्रियाशील सत्त्वगुणी एवं धर्मपालक जनताका राष्ट्र !

हनुमान जयंती

इस माह हनुमान जयंती (१५ अप्रैल)के उपलक्षमें प्रस्तुत है, हनुमानजीकी उपासनाकी कुछ विशेषताएं -
हनुमानजीको तेल, सिंदूर एवं मदारके पत्ते अर्पित करें : तेल, सिंदूर एवं मदारके पत्तोंमें हनुमानजीके पवित्रक आकर्षित करनेकी क्षमता सर्वाधिक रहती है ।शनिकी साढेसाती व हनुमानजीकी पूजा : शनिकी साढेेसातीकी तीव्रताको न्यून (कम) करने हेतु हनुमानजीकी पूजा करते हैं ।

श्री हनुमानजीका तत्त्व आकर्षित करनेवाली रंगोली

हुतात्मा मंगल पांडे (बलिदानदिन : १४ अप्रैल)

मंगल पांडे
मंगल पांडे अंग्रेजोंकी सेनामें एक ब्राह्मण सिपाही थे । गायकी वसायुक्त कारतूसका प्रयोग कर धर्मभ्रष्ट होनेके स्थानपर, उसके लिए विवश करनेवाले फिरंगियोंके विरुद्ध आंदोलन छेडनेके विचारसे मंगल पांडेने भारतीय सैनिकोंको प्रोत्साहित किया । उन्होंने सैनिकी प्रशिक्षणके मैदानमें ही अंग्रेज सेनाधिकारियोंपर आक्रमण किया । अंग्रेजोंके हाथ लगनेकी संभावना दिखाई देते ही मंगल पांडेने अपने-आपको गोली मार ली ।

क्षात्रतेजसे संपन्न खालसा पंथ

गुरु गोविंदसिंहजी
 संत सैनिक गुरु गोविंदसिंहजीने बैसाखी  (चैत्र शुक्ल पक्ष चतुर्दशी)के शुभ अवसरपर खालसा पंथकी स्थापना की ।
    मुसलमान राज्यकर्ताआेंकी प्रताडनाका उत्तर एकजुटतासे देनेके लिए स्वधर्मके अंतर्गत भेदोंको मिटानेके लिए गुरु गोविंदसिंहजीने पंजाबके खालसा नामक सिक्ख पंथकी स्थापना की ।

सेनापति तात्या टोपे (बलिदानदिन : १६ अप्रैल)

सेनापति तात्या टोपे
     वर्ष १८५७ के स्वतंत्रता संग्राममें अंग्रेजोंसे अकेले, अपितु सर्वाधिक परिणामकारक युद्ध रावसाहेब पेशवाके सेनापति तात्याने ही किया । जब रानी लक्ष्मीबाईने अपने प्राण न्योछावर कर दिए, तब तात्याने अंग्रेजोंसे छापामार युद्ध किया । उन्हें पकडनेके लिए छ: अंग्रेज सेनापति तीन दिशाओंमें प्रयत्नरत थे ।  इन सेनापतियों व उनकी सेनाकी नाकमें दम कर देनेवाले तात्याको अंग्रेेजोंने अंतमें धोखेसे ही पकडा तथा उन्हें सार्वजनिक फांसी दी !

आरामबाग (बंगाल) में श्रीरामकृष्ण परमहंसदेव जयंती मनाई गई

     आरामबाग (बंगाल) - यहां कयरापाडा गांवमें श्रीरामकृष्ण परमहंसदेव जयंतीपर सनातन संस्था एवं हिंदू जनजागृति समितिके संयुक्त तत्त्वावधानमें श्री. चित्तरंजन सुरालद्वारा उपस्थितोंको धर्म तथा राष्ट्रकी वर्तमान स्थिति, इसके कारण एवं उपायके संदर्भमें उपस्थितोंका प्रबोधन किया गया । इसके साथ ही ग्रंथप्रदर्शनी एवं आचार धर्म, देवालय दर्शन, देवी-देवताआेंके शास्त्र, आदि विषयोंपर बंगाली भाषामें फ्लेक्स प्रदर्शनी लगाई गई थी ।

राजीम कुंभ २०१४ - कुछ कटु अनुभव

    राजीम कुंभ मेलेके समय सनातन संस्थाके साधकोंने सनातनकी ग्रंथप्रदर्शनी लगाई
     राजीम (छत्तीसगढ) - राजीम कुंभ क्षेत्रमें श्रद्धालु स्नान करके कुलेश्‍वर महादेव एवं राजीव लोचन भगवानके दर्शन करते हैं । इसके उपरांत देशके विभिन्न प्रांतोंसे आए अध्यात्मिक-धार्मिक संगठनोंद्वारा चलाए जा रहे उपक्रमोंके लाभ लेते हैं । यहां संगठनोंद्वारा यज्ञ, हवन, कथा, प्रवचन, प्रदर्शनी आदिका आयोजन किया जाता है । सनातन संस्था एवं हिंदू जनजागृति समितिद्वारा संयुक्तरूपसे यहां अध्यात्म, धर्म तथा राष्ट्र विषयपर प्रदर्शनी लगाई गई है ।

ओडिशा राज्यमें प्रथम राज्यस्तरीय एकदिवसीय हिंदु अधिवेशनद्वारा हिंदु राष्ट्रनिर्मितिका मुहूर्त !

ओडिया भाषाके सनातन-निर्मित धर्मपरिवर्तन ग्रंथका
प्रकाशन करते हुए बायेंसे श्री. रमेश शिंदे, पू. कृष्णपात्र गुरुजी,
श्री. शरद शर्मा एवं श्री. अनिल धीर
   भुवनेश्‍वर (ओडिशा) - ओडिशा राज्यके हिंदु संगठन, संप्रदाय, हिंदुत्वनिष्ठ और युवा धर्माभिमानियोंने भुवनेश्‍वरमें ९ मार्चको संपन्न प्रथम राज्यस्तरीय एकदिवसीय हिंदु अधिवेशनमें उत्स्फूर्ततासे सक्रिय सहभाग लेकर ओडिशा राज्यमें हिंदु राष्ट्रनिर्मितिका निर्धार किया । अधिवेशनका प्रारंभ स्वःशक्ति जागरण सेवा संस्थानके संस्थापक पू. कृष्णपात्र गुरुजीके करकमलोंद्वारा दीपप्रज्वलित कर किया गया । अधिवेशनका समापन श्री राधावल्लभ मठके महामंडलेश्‍वर महंत पू. रामकृष्णजीकी उपस्थितिमें हुआ ।

हिंदुओ, केवल हिंदु स्त्रियोंके लिए मंगलसूत्र और कुमकुम आदिपर प्रतिबंध लानेवाली मुथूट फायनान्स एंड गोल्ड लोन कंपनीका बहिष्कार करें !

    अबतक कॉन्वेंट विद्यालयोंतक सीमित वैचारिक धर्मपरिवर्तनकी  लहर अब कॉर्पोरेट क्षेत्रमें भी फैल गई है ! मुथूट फायनान्स एंड गोल्ड लोन कंपनीके सचिव थॉमस शाइनीके हस्ताक्षरके एक परिपत्रकके अनुसार कंपनीने अपने कर्मचारियोंके लिए ड्रेस कोड लागू किया है ।

आदर्श नेतृत्व, त्याग एवं धर्मनिष्ठाका अपूर्व संगम : श्री. नवलकिशोर शर्मा

श्री. नवलकिशोर शर्मा
धार (मध्यप्रदेश) के पिथमपुरमें, मैं कुछ अन्य साधकोंके साथ श्री. नवलकिशोर शर्माके चुनाव प्रचारकी सेवामें गया था । तब श्री. नवलकिशोरजीकी कुछ गुणविशेषताएं ध्यानमें आईं जैसे उनकी सादगी,  नम्रता, त्याग तथा अपने कार्यकर्ताआेंका प्रति उनका प्रेम इत्यादि । ये गुण स्वयंमें नेतृत्वगुण विकसित करनेकी दृष्टिसे अत्यंत आवश्यक हैं । गुरुकृपासे यह सर्व अनुभव करनेका अवसर मिला, इसके लिए ईश्‍वरके चरणोंमें कोटि-कोटि कृतज्ञ हूं । - श्री. योगेश वनमारे, समन्वयक, हिंदू जनजागृति समिति, मध्यप्रदेश.

पुणेके मॉड्युलर इन्फोटेक नामक प्रतिष्ठानके संस्थापक श्रीमती मीना एवं श्री. रघुनंदन जोशीद्वारा रामनाथी, गोवाके सनातन आश्रमको सदिच्छा भेंट !

बाईं ओरसे श्रीमती मीना जोशी और श्री. रघुनंदन जोशीको
सनातन प्रभात नियतकालिकोंके संदर्भमें जानकारी देते हुए श्री. नागेश गाडे
     रामनाथी (गोवा) - संगणकीय प्रणाली बनानेवाले मॉड्युलर इन्फोटेक नामक प्रतिष्ठानके संस्थापक और संचालक श्रीमती एवं श्री. रघुनंदन जोशीने १७.३.२०१४ को यहांके सनातन आश्रमको सदिच्छा भेंट दी । सनातनके श्री. नागेश गाडेने उन्हें आश्रममें चलनेवाले राष्ट्र और धर्मके कार्यके संदर्भमें तथा आश्रमके व्यवस्थापन और आध्यात्मिक शोधके संदर्भमें जानकारी दी ।

प.पू. स्वामी गोविंददेव गिरी महाराजजीकी गोवाके रामनाथी-स्थित सनातन आश्रमको मंगल भेंट !

प.पू. स्वामी गोविंददेव गिरी महाराजजीसे
(दाईं ओर) चर्चा करते हुए प.पू. डॉ. आठवलेजी
प.पू. स्वामी गोविंददेव गिरी महाराजजीका संक्षिप्त परिचय
    प.पू. स्वामी गोविंददेव गिरी महाराज महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान नामक संस्थाके संस्थापक और अखिल भारतीय संत समितिके अध्यक्ष हैं । उन्होंने कांची-कामकोटीपीठके पीठाधीश्‍वर स्वामी श्री जयेंद्र सरस्वतीजीसे अनुग्रह प्राप्त किया है ।

सनातन संस्थाके आश्रमव्यवस्थापन जैसा व्यवस्थापन देशके कोने-कोनेमें होना चाहिए ! - श्री. निरंजनभाई वर्मा

श्री. निरंजन वर्माजीका सत्कार करते हुए
सनातन आश्रमके साधक श्री. अतुल पवार
     मीरज (महाराष्ट्र) -
चेन्नईके महर्षि वाग्भट गोशाला और पंचगव्य अनुसंधान केंद्रके संचालक तथा गोतज्ञ श्री. निरंजनभाई वर्मा और उनके सहयोगियोंने सनातन संस्थाके मीरज आश्रमको १०.३.२०१४ को सदिच्छा भेंट दी ।  इस समय उन्होंने ऐसे गौरवोद्गार व्यक्त किए कि सनातन संस्थाके आश्रममें आकर बहुत अच्छा लगा । यहां पवित्रता और सहजता प्रतीत होती है ।

साधक तथा कार्यकर्ताआेंको सूचना

धर्मरक्षाके आंदोलनोंमें सक्रिय सहभाग लेनेवाले
मान्यवरोंको सनातन प्रभात आरंभ करनेका नियोजन करें !
      धर्मरक्षाके विविध आंदोलनोंमें समाजके अनेक मान्यवर सम्मिलित होते हैं । वे धर्मरक्षाके कार्यसे जुडें रहें, इसके लिए उन्हें सनातन प्रभात आरंभ करें !
  अन्य धर्मियोंद्वारा हिंदुआेंपर अत्याचार होनेपर उन्हें आधार दें !  
     आपके  परिसरमें  लव जिहाद, हिंदुआेंके साथ मार-पीट इत्यादि घटनाआेंमें हिंदुआेंपर अत्याचार होता हुआ ध्यानमें आनेपर, उनसे स्वयं ही मिलने जाएं । ऐसे प्रसंगोंमें अत्याचार हुए हिंदुआेंको कानूनी सहायताकी आवश्यकता हो, तो उसकी व्यवस्था करें ।