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धर्मजागृति, हिंदू-संगठन एवं राष्ट्ररक्षा हेतु साधकोंद्वारा साधनास्वरूप आर्थिक हानि सहते हुए भी चलाया जानेवाला एकमात्र मासिक !
सितंबर २०१५

हिन्दू मंदिरों की यह दुरवस्था रोकने हेतु हिन्दु राष्ट्र की स्थापना ही एकमात्र उपाय !

हिन्दुओ, सामान ठीक से न रखने की सऊदी अरब
से शिकायत आने पर हज यात्रियों को सूटकेस बांटनेवाली
सरकार हिन्दुआें के तीर्थक्षेत्रों को सुविधाएं क्यों
प्रदान नहीं करती, इसका उनसे उत्तर मांगो !
राजस्थान सरकार के परिवहन मंत्री यूनुस खान द्वारा

सरकारी बंगले में स्थित शिवमंदिर, सडक पर स्थलांतरित करवाया गया !
    प्राचीन हिन्दू मंदिरों को तोडने के आरोपों से घिरी राजस्थान की भाजपा सरकार के परिवहन मंत्री यूनुस खान ने निवासी सरकारी बंगले में स्थित शिवमंदिर को सडक पर स्थानांतरित कर दिया ।

हिन्दू जनजागृति समिति व सनातन संस्था द्वारा कुंभनगरी नासिक में भव्य प्रदर्शनी !


शंकराचार्य व धर्माचार्य को हिन्दुत्व के लिए जो करना चाहिए,
वह सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति कर रही है !
- श्री महंत ग्यानदासजी महाराज, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाडा परिषद
श्री महंत ग्यानदासजी महाराज,
अध्यक्ष, अखिल भारतीय आखाडा परिषद
१. हिन्दुत्व के कार्य में आप बहुत आगे गए हो । मैं आपके कार्य में तन-मन-धन से सम्मिलित हूं । केवल नासिक ही नहीं, अपितु संपूर्ण देशभर में कहीं भी, कोर्इ भी सहयोग की आवश्यकता लगे, तो मैं आपकी अवश्य सहायता करूंगा ।
२. समाज द्वारा हिन्दू जनजागृति समिति और सनातन संस्था जो बता रही है, उस मार्गदर्शनानुसार मार्गक्रमण करना चाहिए ! इस प्रदर्शनी के माध्यम से आप जो ज्ञान समाज तक पहुंचा रहे हैं, उसके सामने मैं बालक ही हूं । प्रभु श्रीराम के चरणों में मैं प्रार्थना करता हूं कि इस संस्था के हिन्दुत्व का कार्य बढता रहे । शंकराचार्य, जगद्गुरु और धर्माचार्यों को हिन्दुत्व के लिए जो कार्य करना चाहिए, वह सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति कर रही है !
३. संस्था के संस्थापक प.पू. डॉ. आठवलेजी से मेरी कभी प्रत्यक्ष भेंट नहीं हुई; परंतु उन्होंने जो कार्य आरंभ किया है, वह अत्यंत प्रभावी है । उन्हें मेरा नमस्कार है !
क्षणिकाएं - इस प्रदर्शनी में काशी के ११८ वर्षीय शिवानंद बाबा ने अपने भक्तों सहित भेंट दी । उन्होंने कहा कि आपके द्वारा चलाए जा रहे सभी उपक्रमों की मैं मन:पूर्वक प्रशंसा करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि भगवान काशी विश्‍वनाथ की कृपा एवं आशीर्वाद सब साधकों पर बनी रहे ।
राजस्थान के जालौर के गद्दीपति भैरुनाथजी अखाडे के संत श्री पीरजी १००८ गंगानाथजी महाराज ने भी इस प्रदर्शनी को भेंट दी और कहा, आपकी प्रदर्शनी जागरुकता निर्माण करती है । आप हिन्दुत्व के लिए अच्छा कार्य कर रहे हैं । इस अवसर पर उनके साथ श्री मंगलानाथजी महाराज, श्री मोतीनाथजी महाराज, श्री रघुनाथजी महाराज, श्री आनंदनाथजी महाराज आदि शिष्य उपस्थित थे ।        
प.पू. डॉक्टरजी के मन में आए विचार
परात्पर गुरु डॉ. आठवले
श्री महंत ग्यानदासजी महाराज के उद्गार पढने पर मुझे आनंद हुआ । तब क्षणभर मेरे मन में विचार आया, मेरा अहं तो नहीं बढ गया है न ?; परंतु दूसरे ही क्षण ध्यान में आया कि मेरा अहं नहीं बढा है, अपितु श्री महंत ग्यानदासजी महाराज के उद्गार और आशीर्वाद के कारण सहायता होगी; इसलिए अच्छा
लगा ।- (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले, (१३.८.२०१५) 

गोरखपुर की भाजपा के सांसद महंत योगी आदित्यनाथ के शुभहस्तों धर्मरक्षा का कार्य करनेवाले खरे साधु-संत मराठी ग्रंथ का प्रकाशन !

बाएं से सांसद महंत योगी आदित्यनाथ,
पू. (कु.) स्वाती खाडये एवं पू. नंदकुमार जाधव 
श्रीक्षेत्र त्र्यंबकेश्‍वर (नासिक, महाराष्ट्र) - यहां २० अगस्त को सिंंहस्थ कुंभमेले के निमित्त त्र्यंबकेश्‍वर के गोरक्षनाथ पीठ के नवनाथ मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा तथा उद्घाटन समारोह हेतु उत्तरप्रदेश स्थित गोरखपुर के भाजपा सांसद तथा महंत योगी आदित्यनाथ आए थे । इस समय उनके शुभहस्तों हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा समर्थित साधु-संतों का महत्त्व एवं कार्य इस मराठी ग्रंथ का लोकर्पण किया गया । इस समय नाथ संप्रदाय के विविध संत-महंत, तथा सनातन के संत पूजनीय नंदकुमार जाधव तथा पू. (कु.) स्वाती खाडये उपस्थित थीं ।  

सप्तर्षियों की दिव्य भविष्यवाणी खरी सिद्ध हुई !

नाडीभविष्य, ज्योतिष की अनुचित आलोचना करनेवाले
धर्मद्रोहियों और तथाकथित बुद्धिजीवियों को करारा तमाचा !
     १४ जून २०१५ को सप्तर्षि जीवनाडीपट्टी के वाचन के समय महर्षि ने भविष्यवाणी की थी कि आगामी काल में महाप्रलय होनेवाला है और उसका आरंभ उत्तर भारत से होगा । प्रत्यक्ष में भी उत्तर भारत के अनेक राज्यों में  महाप्रलय होने से भारी मात्रा में जीवित और वित्त हानि हुई ।

राष्ट्ररक्षा तथा हिन्दूहित की विविध मांगों के लिए देशभर में राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन !

देहली के राष्ट्र्रीय हिन्दू आंदोलन में
सम्मिलित विविध संगठनों के कार्यकर्ता
आंदोलन में की जा रही मांगें !
* सितंबर १०, ११ और १२ को देहली में कराची चेंबर्स ऑफ कॉमर्स द्वारा होनेवाले कव्वाली और शान ए पाकिस्तान प्रदर्शनी निरस्त (रद्द) करें !

स्वयं घोषित संत राधे मां का आचरण, संतों के समान नहीं है !


राधे मां का आधुनिक वेशभूषा में नृत्य
करते हुए दूरदर्शन-वाहिनियों पर प्रसारित छायाचित्र
  गत कुछ दिनों से स्वयं को देवी का अवतार बतानेवाली राधे मां (मूल नाम सुखविंदर कौर) के नाचने एवं आचरण के विषय पर प्रसारमाध्यमों में चर्चा हो रही है । इस संदर्भ में निम्नांकित सूत्रों का विचार करने पर कोई भी जान सकता है कि राधे मां का नाचना तथा आचरण संतों के समान नहीं है । 
 १. हिन्दू धर्म की नृत्यसाधना समझ लें !
अ. हिन्दू धर्म में बताई १४ विद्या और ६४ कलाआें के अनुसार साधना कर ईश्‍वरप्राप्ति अथवा संतपद प्राप्त किया जा सकता है ।

अश्‍लील जालस्थल प्रतिबंधित होने ही चाहिए !

     कुछ दिन पूर्व ही केंद्रशासन ने ८५७ अश्‍लील जालस्थल (पोर्न वेबसाईट) प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है । भारतीय संस्कृति पर आघात करनेवाले तथा विशेषतः युवाआें को विकृति के जाल में फंसानेवाले जो घटक हैं, उनमें अश्‍लील जालस्थलों का क्रमांक सर्वोपरि है ।

हिन्दुआें के देश में हिन्दू हितरक्षकों के ही हाथ बांधनेवाला एकमेव देश भारत !

श्रीराम सेना के श्री. मुतालिक को बेलगांव में आकर किसी भी सभा में सम्मिलित होने पर प्रतिबंध लगाने का कर्नाटक शासन का तुगलकी निर्णय !
 श्रीराम युवा सेना - संस्थापक व भाजपा विधायक श्री. लोध को अतिरिक्त सुरक्षा तथा स्वरक्षा हेतु शस्त्र अनुज्ञा पत्र नकारा !
 बंगाल में जिहादियों द्वारा की गई हिंसा के प्रकरण में हिन्दुत्ववादी प्रताप हाजरा ने ४० दिनों तक भोगा कारावास !
 हिन्दू जनजागृति समिति के जालस्थल (वेबसाइट) कुछ इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर द्वारा बंद (block) !

ऋषि-मुनियों के आश्रम में विचरण करनेवाले पशु-पक्षियों का स्मरण करवानेवाले, सनातन के आश्रम, संत एवं साधकों की ओर आकृष्ट होनेवाले पक्षी !

     कण्वमुनि एवं उनकी पत्नी को संतान न होने से उन्होंने शकुंतला को अपनी संतान मानकर उसका पालन-पोषण किया । विश्‍वामित्र ऋषि एवं मेनका की सुकन्या शकुंतला का संपूर्ण बचपन एवं यौवन कण्वमुनि के आश्रम में व्यतीत हुआ । वन में आश्रम के परिसर के पशु-पक्षी एवं वृक्ष-लताएं शकुंतला से बातें करते थे । हिरण, मोर, भारद्वाज एवं राजहंस पक्षी उसके निकट आते तो शकुंतला उन्हें प्रेम से सहलाती थी ।

उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर में धर्मांधों ने कांवडियों पर किया प्राणघातक आक्रमण !

       आनेवाले खामपुर गांव में धर्मांधों द्वारा धारदार शस्त्रों द्वारा किए आक्रमण में १२ कांवडिऐ घायल हो गए । कहा जा रहा है कि कांवडिऐ हरिद्वार से गंगा जल लेकर, भगवान की जय-जयकार करते हुए वहां से जा रहे थे । तब गांव के कुछ धर्मांधों को यह अच्छा नहीं लगा । स्थानीय भाजपा नेता श्री. अग्रवाल एवं हिन्दू संगठनों के सदस्यों ने कहा कि वह कांवडियों के साथ हुई घटना के लिए राज्य सरकार के विरुद्ध आंदोलन छेडेंगे । (इस देश में हिन्दुआें के धार्मिक नारे लगाने से क्या धर्मांधों का धर्म संकट में पड जाता है ? यदि ऐसा है तो मस्जिदों के भोंपुआें पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए ! - संपादक)      

असम में ईसाई पादरी डॉन बॉस्कोे का पुतला लोगों ने उखाडकर फेंक दिया !

    गुवाहाटी (असम) - यहां के स्थानीय लोगों के विरोध की उपेक्षा कर, ईसाई पादरी डॉन बॉस्को का पुतला खडा किया गया था । ७ अगस्त को मुख्यमंत्री तरुण गोगोई इसका उद्घाटन करने जा रहे थे, उसी दिन संतप्त नागरिकों ने पुतले को उखाडकर ब्रह्मपुत्र नदी में फेंक दिया गया । इस संदर्भ में मुख्यमंत्री गोगोई बोले, हमें शिक्षा और समाज कल्याण के क्षेत्र में डॉन बॉस्को द्वारा दिया गया योगदान मान्य करना चाहिए । इस प्रकरण में पुलिस ने भाजपा के एक पार्षद सहित ४ हिन्दुुत्वनिष्ठों को बंदी बनाया है । (ईसाई मिशनरियों का मूल उद्देश्य होता है लोगों का ईसाईकरण करना । तो क्या मुख्यमंत्रीजी इस कार्य को समाजकल्याण का कार्य कहना चाहते हैं ? - संपादक)  

जैन पंथ की संलेखना (संथारा) प्रथा पर रोक लगाने के राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णय का जैन संतों द्वारा विरोध !

    कुछ समय पूर्व ही राजस्थान उच्च न्यायालय ने जैन समाज की संलेखना प्रथा पर यह कहते हुए रोक लगाने का आदेश दिया था कि यह सती प्रथा समान है । किसी को भी आत्महत्या करने की अनुमति नहीं दी जा सकती । इस पर जैन समाज के धर्मगुरुओं का कहना है कि यह उनके धर्म में हस्तक्षेप है । कोलकाता के पार्श्‍वनाथ मंदिर के दर्शन करने आए जैन संत सुपर्श्‍व सागरजी ने इस निर्णय का विरोध किया है । जैन संत सुपर्श्‍व सागरजी ने स्पष्ट किया कि संलेखना प्रथा केवल उन लोगों के लिए है, जो अपने गुरु की आज्ञा के उपरांत आत्मा और परमात्मा के मिलन के लिए अन्न का त्याग कर, प्राणत्याग कर देते हैं । संथारा के विषय में कोई भी व्यक्ति स्वयं निर्णय नहीं ले सकता । उन्होंने कहा, हम जैन समाज के सिद्धातों से चलते हैं । अत: न्यायालय के इस आदेश को मानने में असमर्थ हैं ।        

मध्यप्रदेश के मंदसौर के सुप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में हिन्दू पंचांग के अनुसार मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस !

    मंदसौर (म.प्र.) - यहां के सुप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में हिन्दू पंचांग के अनुसार पारंपरिक उत्साह से स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है । मंदिर के पुजारी का कहना है कि वे दो दशकों से इस अद्वितीय परंपरा का पालन कर रहे हैं । इस अवसर पर मंदिर के अष्टमुखी शिवलिंंग का दूर्वायुक्त जल से अभिषेक कर, देश में सर्वत्र सुख की कामना की गई । इस संदर्भ में पशुपतिनाथ मंदिर के वरिष्ठ पुजारी श्री. उमेश जोशी ने बताया कि हिन्दू सभ्यता के अनुसार शिवलिंग के दूर्वायुक्त अभिषेक से अनिष्ट शक्तियों का प्रभाव घट जाता है । (अध्यात्मशास्त्र के अनुसार कोई भी शुभदिवस हिन्दू तिथि के अनुसार मनाने से उसका आध्यात्मिक स्तर पर लाभ होता है और भगवद्कृपा होती है । सरकार को इस पर विचार करना चाहिए ! - संपादक)                                   

आचार्य धर्मेंद्रजी का विरोध कर उन्हें मंच छोडने के लिए विवश किया !

भाजपा के विधायक संगीत सोम का दुःसाहस
    मेरठ (उ.प्र.) - यहां स्वतंत्रतादिवस पर आयोजित एक संगोष्ठी में आचार्य धर्मेंद्रजी ने स्वतंत्रतादिवस को काला दिवस बताया और देश के हिन्दुुत्ववादी और राष्ट्रवादियों की भावना व्यक्त करते हुए कहा, लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी १२५ करोड जनता की बात कर, हिन्दुआें का मनोबल तोडते हैं । पाकिस्तान, धारा ३७०, गोहत्या और राम मंदिर पर मोदी जी एक शब्द नहीं बोलते । इन टिप्पणियों से क्रोधित हो उठे विधायक संगीत सोम और आचार्यजी में कहा-सुनी हो गई और हाथापाई की स्थिति निर्माण हो गई । तब आचार्य धर्मेद्रजी मंच से उतर गए । (हिन्दुत्व के लिए अपना जीवन समर्पित करनेवाले एक संत के विचारों का विरोध करनेवाले भाजपावालों का यही अहंकार उन्हें ले डूबेगा, यह उन्हें ध्यान में रखना चाहिए ! - संपादक)  

भारत-बांग्लादेश सीमाविवाद का अंत !

४१ वर्ष तक भारत-बांग्लादेश सीमाविवाद न हल करनेवाले
सर्व दलों के राज्यकर्ता ! यह समस्या रलंबित रखकर क्या अपना स्वार्थ साध रहे थे ?
    नई देहली - भारत और बांग्लादेश के मध्य हुए भूमि सीमा समझौता के अनुसार १ अगस्त से दोनों देशों की सीमा में ऐतिहासिक परिवर्तन करने की योजना थी । भारत के १११ गांव बांग्लादेश को मिलेंगे तथा बांग्लादेश के ५१ गांव भारत को मिलेंगे ।

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर भारत ने दी बधाई; तो पाक ने की गोलीबारी !

    देहली - पाकिस्तान ने १४ अगस्त की रात से १५ अगस्त के सवेरे तक युद्धविराम का उल्लंघन कर, जम्मू-कश्मीर के मंडी और सौजियां सेक्टर में गोलीबारी की । साथ ही इसके एक दिन पहले पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय चौकियों और बस्तियों पर ८२ मिलीमीटर के मोर्टार गोले दागे और स्व-चलित हथियारों से गोलीबारी की थी । जबकि १४ अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में भारत के प्रधानमंत्री ने ट्वीटर के माध्यम से बधाई दी थी । सूत्रों से जानकारी मिली है कि वर्ष २०१३ में पाकिस्तान नेे ३४७ बार, २०१५ में ५८३ बार और इस वर्ष जून तक १९९ बार युद्धविराम का उल्लंघन किया गया है । कुल १०७९ बार यह उल्लंघन हुआ है । (पाकिस्तान के साथ जो नीति कांग्रेस ने अपनाई थी, यदि भाजपा भी यही नीति अपनाएगी तो भारत के अच्छे दिन कभी नहीं आएंगे ! - संपादक)    

मथुरा में २५,००० किसानों ने राष्ट्रपति से मांगी सामूहिक आत्महत्या की अनुमति !

    मथुरा (उ.प्र.) - यहां १७ वर्ष पूर्व गोकुल बैराज बांध बनाने के लिए २५,००० किसानों से उनकी भूमि ले ली गई थी । भूमि चले जाने के उपरांत इनके पास उपजीविका का कोई साधन नहीं बचा है । भूमि की हानिभरपाई हेतु आस लगाए हुए इन किसानों ने अब निराश होकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर, फांसी लगाकर आत्महत्या की अनुमति मांगी है । उधर मथुरा उपजिलाधिकारी का कहना है कि केवल ३०-३५ किसानों की हानिभरपाई देना शेष है, जो न्यायालय के निर्णय के उपरांत पूर्ण कर दी जाएगी । (उपजिलाधिकारी के ऐसे असंवेदनशील कथन से उनकी दायित्वशून्यता ही उजागर होती है । इस स्थिति को बदलने के लिए राष्ट्र और जनताप्रेमी हिन्दुआें के हिन्दू राष्ट्र की अर्थात रामराज्य की स्थापना हेतु किसानों समेत हिन्दुआें को प्रयास करने होंगे ! - संपादक)

मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा, दूध, पुलिस आदि के समान ही मद्य भी आवश्यक !

    मद्रास - भूतपूर्व राष्ट्रपती एपीजे अब्दुल कलाम का अंतिम संस्कार उनके तमिलनाडु राज्य स्थित रामेश्‍वरम गांव में ३० जुलाई को किया गया । इस उपलक्ष्य में राज्य सरकार ने अंतिम संस्कार के दिन सरकारी मान्यता प्राप्त मद्य की दुकानें बंद करने का आदेश दिया था; परंतु मद्रास उच्च न्यायालय ने इस आदेश को अनुचित ठहराते हुए कहा, पुलिस, दूध आदि की आपूर्ति सेवाआें के समान ही मद्य भी आवश्यक है । (पाठशालाआें में विद्यार्थियों को सिखाया जाता है कि मद्यपान करना अनुचित है, परंतु अब इसे रोकने का दायित्व जिन पर है वे ही यदि उसका समर्थन करते हैं तो यह लोकतंत्र की असफलता ही है ! - संपादक)  

बेंगलुरू के विद्यालय में मुसलमान छात्र संस्कृत प्रार्थना में भगवान का नाम आनेवाले श्‍लोक नहीं बोलते !

    बेंगलुरू (कर्नाटक) - प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां के एक विद्यालय में सवेरे प्रार्थना के समय १५ वर्ष का एक मुसलमान छात्र और उसके अन्य मुसलमान साथी श्‍लोक नहीं बोलते थे । यह बात ज्ञात होते ही विद्यालय के मुख्याध्यापक मेनन ने श्‍लोक न बोलनेवाले इन छात्रों को प्रार्थना के समय मंच पर बुलाया और उन्हें सबके सामने श्‍लोक बोलने का दंड दिया । इस घटना से विवाद उत्पन्न हुआ है । कहा जा रहा है कि इस श्‍लोक में भगवान का नाम आने के कारण यह छात्र वह श्‍लोक नहीं बोल रहे थे । (ईसाई मिशनरियों में पढनेवाले हिन्दू विद्यार्थियों को ईसाई प्रार्थना पढवाई जाती है और हिन्दू उसका विरोध नहीं करते; परंतु वहीं मुसलमान छात्र हिन्दू देवताआें के शब्द वाली प्रार्थना का विरोध करते हैं । हिन्दुआें को मुसलमानों से धर्मप्रेम सीखना चाहिए ! - संपादक)                 

बांग्लादेशी हिन्दुआें की रक्षा करे बांग्लादेश ! - तुलसी गैबार्ड

    अमरीका - यहां की कांग्रेस में एकमात्र हिन्दू सदस्य तुलसी गैबार्ड ने अमरीकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बांग्लादेश के हिन्दुआें सहित असहाय अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों की रक्षा करने और वहां धर्मांधों का प्रभाव रोकने हेतु प्रस्ताव रखा । उन्होंने सदन में कहा, मैं बांग्लादेश में विशेषतः हिन्दुओं, ईसाइयों और बौद्ध धर्म के लोगों पर हो रहे आक्रमण को लेकर चिंतित हूं । अल्पसंख्यकों के विरुद्ध अपराध करनेवालों को प्रायः दंड नहीं दिया जाता ।

दांपत्य विश्‍वासघात की घटनाएं रोकने हेतु हिन्दू नेता राजन जेद द्वारा धार्मिक नेताआें को आवाहन !

    ओटावा (कनाडा) - इस क्षेत्र में दाम्पत्य विश्‍वासघात पर रोक लगाने हेतु श्री. राजन जेद ने धार्मिक नेताआें को आवाहन किया है । यूनिवर्सल सोसाइटी ऑफ हिन्दुइज्म के अध्यक्ष श्री. जेद ने कहा है कि व्यभिचार ही विवाह विच्छेद और परिवारों के टूटने का मुख्य कारण है । उन्होंने एशले मेडीसन जालस्थल के प्रचारवाक्य जीवन छोटा है । प्रेमसंबंध बनाइए, का संदर्भ देते हुए बताया कि इस जालस्थल के लगभग १ लाख ८९ हजार खाते (अकाउंटस) ओटावा नगर के हैं जबकि नगर की कुल जनसंख्या केवल ८ लाख ८३ हजार है ।

लंदन में हिन्दूद्रोही मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के विरोध में आंदोलन !

     संयुक्त राष्ट्र के एक ब्यौरे के अनुसार, पिछले एक वर्ष में बंगाल की २८,००० लडकियां एवं महिलाएं लापता हो चुकी हैं । इसके साथ ही धर्मांधों के अत्याचारों के फलस्वरूप हिन्दुआें को स्वयं के देश में ही विस्थापित होना पडा है । विगत कुछ वर्षों में हिन्दुआें के विरोध में पूर्वनियोजित ३४ आक्रमण हुए हैं । इन सब के विरोध में लंदन के २५० हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताआें ने विविध स्थानों पर एक समय पर आंदोलन किए ।    

हिन्दू संहति संगठन की ओर से हुतात्मा गोपाल मुखर्जी के स्मरणार्थ कोलकाता में निकाली गई भव्य फेरी में सहस्रों हिन्दुआें का सहभाग !

    कोलकाता (बंगाल) - वर्ष १९४६ में कोलकाता के धर्मांधों ने प्रत्यक्ष कार्यवाही अर्थात डायरेक्ट एक्शन के अंतर्गत हिन्दुआें की हत्या करना आरंभ किया । तब हुतात्मा गोपाल मुखर्जी उपाख्य पंथा ने हिन्दू युवकों को एकत्र कर उनका प्रतिकार करते हुए १६ अगस्त को अपना बलिदान दिया था । उनके स्मरणार्थ हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन हिन्दू संहति की ओर से १६ अगस्त को कोलकाता में फेरी निकाली गई । हिन्दू संहति के संस्थापक अध्यक्ष श्री. तपन घोष के नेतृत्व में निकाली गई इस फेरी में १५०० हिन्दू सहभागी हुए । इसमें सुदर्शन समाचार वाहिनी के संचालक श्री. सुरेश चव्हाणके और अखिल भारतीय क्षत्रिय समाज के उपाध्यक्ष एस.एस. राजपूत ने सहभाग लेकर उपस्थितों का मार्गदर्शन किया । इस फेरी में हुतात्मा गोपाल मुखर्जी अमर रहे, बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालो, समान नागरिक कानून होना ही चाहिए, इस्रायल को समर्थन दो, ऐसे नारे लिखे फलक झलक रहे थे ।              

नेपाल का संविधान हिन्दू धर्म पर आधारित न हो, इसलिए ईसाई राष्ट्रों (यूरोपियन यूनियन) द्वारा रचे जा रहे षड्यंत्र तथा उन्हें रोकने के लिए आवश्यक उपाय !

साम्यवादी विचारधारावाले तथा ईसाई धर्मप्रसार के लिए प्रतिकूल चीन पर मात करने हेतु ईसाई राष्ट्रों की दृष्टि से नेपाल एक महत्त्वपूर्ण देश है । साथ ही पाकिस्तानी तथा बांग्लादेशी जिहादी आतंकवादियों के लिए भारत में प्रवेश हेतु नेपाल एक सरल मार्ग बन चुका है । ऐसा दिखाई देता है कि नेपाल के ‘हिन्दू राष्ट्र’ होने अथवा वहां पर हिन्दुत्वनिष्ठ राजसत्ता होने की बात विस्तारवादी ईसाई राष्ट्रों अथवा जिहादी इस्लामी राष्ट्रों को मान्य नहीं ।

बच्चों को स्वदेश व स्वधर्म संबंधी कर्तव्यों से अवगत करानेवाला ग्रंथ !

राष्ट्र एवं धर्म प्रेमी बनो !
  • कौनसे स्वदेशी खेल खेलें ?
  • स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग क्यों करें ?
  • राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान कैसे करें ?
  • स्वभाषाभिमानी बनने के लिए क्या करें ?
  • धर्मप्रेम बढाने के लिए कौनसे कृत्य करें ?
बच्चो, यह ग्रंथ पढो और भारत के आदर्श नागरिक बनो !
ग्रंथ खरीदने हेतु आगे दिए अपने निकटवर्ती केंद्र से संपर्क कीजिए ।

देहली - ९९९०८५१५७०, संगणकीय पत्र - delhikendrass@gmail.com, फरीदाबाद (हरियाणा) - ९७१७५९१७७०, वाराणसी - (०५४२) २५९ ०२२३, झारखंड : धनबाद - ९४३११२१७७६; राजस्थान : जयपुर - ९३१४८९४८२६; मध्यप्रदेश : भोपाल - ७६९७१८३६५१, गुजरात : बडोदा - ९९९८९७३०६३; महाराष्ट्र : मुंबई - ठाणे (०२२) २५४७ ८९९०, कर्नाटक : मुल्की - (०८२४) ३२५०१९१


सुचना

पाठक, हितचिंंतक एवं धर्मप्रेमियों को धर्मकार्य में यथाशक्ति सहभागी होने का अमूल्य अवसर !
हिन्दू राष्ट्र की स्थापना में कार्यरत सनातन के आश्रम एवं सेवाकेंद्रों में
संगणक एवं भ्रमणसंगणकों की आवश्यकता ! 
     हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना, यह ध्येय शीघ्रता से साकार होने के लिए सनातन संस्था की ओर से ग्रंथ तथा उत्पाद एवं सनातन प्रभात पत्रिकाआें के माध्यम से जनसामान्यों में राष्ट्र एवं धर्म के संदर्भ में जागृति की जाती है । राष्ट्र-धर्म कार्य के अंतर्गत विविध सेवाआें हेतु आधुनिक तंत्रज्ञानवाले संगणक एवं भ्रमणसंगणकों का प्रयोग किया जाता है ।
     विविध आश्रम एवं सेवाकेंद्रों में निम्नलिखित क्षमतावाले संगणक एवं भ्रमणसंगणकों की आवश्यकता है ।
जो पाठक, हितचिंंतक, धर्मप्रेमी हिन्दू राष्ट्र स्थापना के इस कार्य में यथाशक्ति आर्थिक सहायता कर अपना योगदान देना चाहते हैं, वे रामनाथी आश्रम में श्री. अजय प्रजापती से ०८४५१००६०४२ अथवा ९४०४९५६०२३ क्रमांक पर अथवा hwpanvel@gmail.com इस संगणकीय पते पर संपर्क करें ।
- (पू.) श्रीमती बिंदा सिंगबाळ, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा. (१.८.२०१५)
संगणकीय क्षेत्र के साधक और राष्ट्रप्रेमी हिन्दुआें को गुरुसेवा का अमूल्य अवसर ! 
जालस्थल विभाग के तंत्रज्ञान की विविध सेवाआें के लिए साधकों की तत्काल आवश्यकता ! 
       जालस्थल (वेबसाईट) धर्मशिक्षा, धर्मजागृति और राष्ट्ररक्षा का कार्य शीघ्रता से करने का प्रभावी माध्यम है । विविध जालस्थलों द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए जानेवाले प्रसारकार्य में दिन प्रतिदिन वृद्धि हो रही है । इसलिए जालस्थल की तांत्रिक सेवाआें के लिए रामनाथी आश्रम में अथवा घर रहकर सेवा कर सकनेवालों की तत्काल आवश्यकता है ।
      जालस्थल के संदर्भ में तांत्रिक सेवा करना, आश्रम स्तर पर आवश्यक विविध संगणकीय प्रकल्प बनाने, ई.आर.पी. सिस्टम के विषय में तांत्रिक सेवा सीखने आदि सेवाआें के लिए मनुष्यबल की आवश्यकता है । (सेवा करने के इच्छुक  PHP,Mysql,JQuery,Java,C# ये अथवा अन्य कुछ संगणकीय भाषाआें का ज्ञान हो, तो उत्तम ।)
जो पाठक, हितचिंतक और राष्ट्रप्रेमी हिन्दू इस धर्मकार्य में आंशिक योगदान देने के इच्छुक हों, वे स्थानीय साधकों के माध्यम से जनपदसेवकों से तथा यह सेवा करने के इच्छुक साधक सीधे जनपदसेवकों से संपर्क करें । जनपदसेवक सेवा हेतु इच्छुक लोगों से निम्न जानकारी लेकर वह sevakweb@gmail.com इस संगणकीय पते पर सूचित करें । इस संदर्भ में यदि कोई शंका हो, तो रामनाथी आश्रम में श्री. सुमित सरोदे से ९४०४९५६९२४ इस क्रमांक पर संपर्क करें ।
- (पू.) श्रीमती बिंदा सिंगबाळ, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा. (४.८.२०१५)       

 विविध सेवाआें के लिए वाराणसी सेवाकेंद्र में साधकों की शीघ्रता से आवश्यकता !
    वाराणसी के सनातन के सेवाकेंद्र में वाहन, संगणक (कंप्यूटर) देखभाल एवं मरम्मत, प्रसार, लेखा आदि दैनिक सेवा तथा शारीरिक श्रम की अन्य सेवाआें के लिए साधकों की आवश्यकता है । साथ ही विद्युत-जोडाई (इलेक्ट्रिकल वेल्डिंग ), बढई (सुतार) काम, रंगकाम आदि निर्माणकार्य के संदर्भ में कुशलतापूर्वक सेवा तथा निर्माणकार्य का पर्यवेक्षण (सुपरविजन) कर सकनेवाले साधक भी चाहिए ।
जो साधक पूर्णसमय अथवा कुछ अवधि के लिए सेवाकेंद्र में रहकर यह सेवा करने के इच्छुक हैं, वे जनपदसेवकों के माध्यम से वाराणसी सेवाकेंद्र में श्री. नीलेश सिंगबाळ से ०८४१७८०६९२८ इस क्रमांक पर अथवा ppcharansevak@gmail.com इस संगणकीय पते पर संपर्क करें ।
- (पू.) श्रीमती बिंदा सिंगबाळ, सनातन आश्रम,  रामनाथी, गोवा.                
 आध्यात्मिक उपायों का लाभ न हो रहा हो, तो ये उपाय करें !
आपत्काल की तीव्रता बढने के साथ ही सर्वत्र सूक्ष्म-स्तर के कष्टों की तीव्रता भी बढ रही है । अतः उपाय करते समय देवताआें का नामजप, मुद्रा और न्यास करने से लाभ न हो रहा हो, तो ॐ ॐ श्री आकाशदेवाय नमः ॐ ॐ । यह जप करें । इसके साथ न्यास करने की आवश्यकता नहीं है । अंगूठे के मूल पर तर्जनी का सिरा लगाकर मुद्रा बनाएं तथा हाथ गोद में अथवा कुर्सी के हाथों पर रखें । यह उपाय वर्ष २०१८ तक कर सकते हैं । तत्पश्‍चात सूक्ष्म स्तर पर होनेवाले कष्ट की तीव्रता क्रमशः न्यून होती जाएगी तथा स्थूल युद्ध से होनेवाले कष्ट रहेंगेे । उन कष्टों से स्थूल रूप से लडा जा सकता है ।
- (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले (१२.८.२०१५)    
सुलतानपुर की श्रीमती शारदा त्रिपाठी से सनातन संस्था
के संदर्भ में किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन न करें ! 
    उत्तरप्रदेश राज्य के सुलतानपुर की श्रीमती शारदा त्रिपाठी मासिक सनातन प्रभात का वितरण, विज्ञापन और अर्पण लाना, सनातन-निर्मित सात्त्विक उत्पादन वितरित करना आदि कार्य करती थीं । उनकी आर्थिक लेन-देन की अनियमितता और उनसे हुई गंभीर चूकों के कारण उन्हें सनातन संस्था के संपर्क में न रहने हेतु कहा गया है । सर्व पाठक, हितचिंतक, राष्ट्रप्रेमी हिन्दू और साधकों से विनती है कि वे उनके साथ सनातन संस्था के संदर्भ में किसी  प्रकार का आर्थिक लेन-देन न करें !

हिन्दू वार्ता सुचना

Hindu Jagruti.org पर हिन्दू वार्तापत्र उपलब्ध !        
    धर्म पर आधारित हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए कार्यरत हिन्दू जनजागृति समिति के HinduJagruti.org जालस्थल (वेबसाइट) पर अब प्रतिदिन वीडियो वार्तापत्र (वीडियो न्यूज) भी उपलब्ध करवाया जा रहा है । सभी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय समिति के जालस्थल पर हिन्दी भाषा में यह वार्तापत्र देख सकते हैं ।
    दर्शक समिति के जालस्थल की अंग्रेजी एवं हिन्दी, दोनों ही भाषाओं में वार्ता विभाग में (News Section) वार्तापत्र के वीडियोज् देख सकेंगे । उनकी मार्गिका (लिंक) आगे दी हैं :
अंग्रेजी : http://www.hindujagruti.org/news/३५३८३.html
हिन्दी  : http://www.hindujagruti.org/hindi/news/१६३२९.html          
    समाज, राष्ट्र एवं धर्म की हानि तथा हिन्दुत्व के कार्य के समाचार भेजें !
वर्तमान में दूरदर्शन चैनलों द्वारा हिन्दू देवी-देवताआें का उपहास और विकृत पाश्‍चात्य प्रथाआें का बोलबाला है । वे हिन्दुआें पर धर्मांधों द्वारा हो रहे आक्रमण आदि के विरोध में कभी जागृति नहीं करते हैं । इसलिए समाज, राष्ट्र-धर्म की हानि रोकना, हिन्दू संस्कृति का प्रसार करना आदि के लिए हिन्दुआें की अपनी दूरदर्शन चैनल आवश्यक है । अत: शीघ्र ही सनातन प्रभात नियतकालिक और Hindujagruti.org के संयुक्त तत्त्वावधान में हिन्दू वार्ता नामक इंटरनेट चैनल आरंभ किया जानेवाला है । हिन्दू-संगठन, संप्रदाय और राष्ट्र-धर्म प्रेमियों के लिए यह एक अधिकृत प्रसारमाध्यम प्रमाणित होगा। इसलिए आपके आसपास हो रही घटनाएं जो समाज, राष्ट्र और धर्म को क्षति पहुंचा रही हैं और उनका समाचारमूल्य (न्यूज वैल्यू) है, तो मोबाइल / कैमरे से छायाचित्र खींचकर / १ से ५ मिनट की वीडियो शूटिंग कर hindu.varta१०@gmail.com अथवा वॉट्स एप ८४५१००६००० पर भेजें ।

गुरुपूर्णिमा की मंगल बेला पर सनातन के पांच साधक संतपद पर विराजमान !

पू. (श्रीमती) लक्ष्मी नाईक का सम्मान करते हुए उनके पति प.पू. दास महाराज

मानवता के नाम पर कलंक लादेन को, लादेन जी संबोधित करनेवाले कुचर्चित नेता दिग्विजय सिंह का इतिहास !

        हम सब जानते हैं कि आपसी विवाह संबंध करते समय परिवार की पार्श्‍वभूमि देखी जाती है ! नियोजक किसी को नौकरी देते समय आवेदक की पारिवारिक पार्श्‍वभूमि देखते हैं ! यहां तक कि जानवरों की भी नस्ल देखी जाती है तो देशद्रोहियों की संतान देशद्रोही, देशभक्त कैसे हो सकते हैं ?
दिग्विजय सिंह का इतिहास
    दिग्विजय सिंह राधोग राजघराने से हैं । जब राजपुताना और मालवा के सभी क्षत्रिय राणा प्रताप के साथ हो रहे थे, गरीब दास नाम के सैनिक को अकबर ने राज (रियासत) दी थी ! अकबर ने उसकी सेवा से प्रसन्न होकर मालवा के सूबेदार को आदेश दिया कि गरीब दास को एक परगना अर्थात पांच गांव दे दिए जाएं ।

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु आवश्यक शक्ति मिलने एवं आगामी आपातकाल में साधकों की रक्षा हेतु नैमिषारण्य तीर्थक्षेत्र में यज्ञ !

नैमिषारण्य की श्री शौनक यज्ञशाला
     नैमिषारण्य तीर्थक्षेत्र का महत्त्व - नैमिषारण्य तीर्थक्षेत्र उत्तरप्रदेश के सीतापुर जनपद की नैमिष तहसील में है । यहीं पर महर्षि व्यास की पवित्र व्यास गद्दी हैं । महर्षि व्यास ने महाभारत व १८ पुराणों की रचना यहां की । इस तपोभूमि की परंपरा ८८ सहस्र वर्ष प्राचीन है । इसी स्थान पर सर्वप्रथम भागवत एवं सत्यनारायण कथा का आयोजन हुआ था । यह तीर्थक्षेत्र सत्ययुग से है और यहां व्यास, वाल्मीकि, शौनक, सुत, दधीचि तथा शुकमुनि इत्यादि ऋषि-मुनियों ने निवास किया था । नैमिषारण्य में एक बार यज्ञ करने पर उसका फल एक सहस्र अश्‍वमेध यज्ञ समान होता है । - (पू.) श्रीमती अंजली गाडगीळ

राष्ट्र्रभाषा हिन्दी का महत्त्व !

१४ सितंबर को राष्ट्र्रभाषा हिन्दी दिन हैं ।
    हिन्दी राष्ट्र्र का मनोमय कोष :  व्यक्ति के शरीर के पांच कोष क्रमशः - अन्नमय कोष, प्राणमय कोष, मनोमय कोष, विज्ञानमय कोष एवं आनंदमय कोष हैं । ऐसे ही राष्ट्र्रपुरुष के शरीर के पांच कोष हैं - भूमि (अन्नमय स्थूल शरीर), प्रजा (प्राणमय कोष), भाषा (मनोमय कोष), संस्कृति (विज्ञानमय कोष) तथा धर्म (आनंदमय कोष) हैं । शरीर में विकृति, मनोमय कोेष में दोष आने पर आती है । ऐसे ही राष्ट्र्रजीवन में आज जो विकृतियां भाषा, प्रांत, जाति, संप्रदाय आदि के अलगाववाद के रूप में प्रकट हुई हैं । वे राष्ट्र्रपुरुष के मनोमय कोष अर्थात राष्ट्र्र भाषा की दुर्गति के कारण हुई हैं । - गीता स्वाध्याय, सितंबर, २०१०

स्पिरिच्युअल साइंस रिसर्च फाउंडेशन के साधकों के लिए कार्यशाला संपन्न !

दीपप्रज्वलन करते पू. सिरियाक वाले एवं साथ में श्री. मिलुटीन पांत्क्राच
     रामनाथी (गोवा) - यहां ७ अगस्त से १३ अगस्त की कालावधि में स्पिरिच्युअल साइंस रिसर्च फाउंडेशन (एस.एस.आर.एफ.) की अगस्त २०१५ कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, सर्बिया, क्रोएशिया, जर्मनी, ऑस्ट्र्रिया के लगभग ३० साधक सम्मिलित हुए । कार्यशाला में संतों की वंदनीय उपस्थिति रही ।

सप्तर्षि जीवनाडीपट्टी के वाचन से महर्षि द्वारा वर्णित परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी की महिमा !

   महर्षि की दिव्यवाणी अर्थात यह जीवनाडीपट्टी का अर्थ क्या है ?
सप्तर्षि जीवनाडीपट्टी
     अखिल मानवजाति के विषय में शिव-पार्वती में हुए संवाद को सप्तर्षियों ने सुना । उन्होंने उसे मानवजाति के कल्याण एवं आध्यात्मिक जीवों की शीघ्र आध्यात्मिक उन्नति हेतु लिखकर रखा । यही वह नाडीभविष्य
है ! नाडीभविष्य ताडपत्री की कुछ पट्टियों पर लिखा होता है ।

भृगु एवं रावण संहिता का वाचन कर ज्योतिषकथन करनेवालेे पंडित लाल देव शास्त्री का ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर घोषित !


पंडित लाल देव शास्त्री (दाईं ओर) का सत्कार करते हुए  श्री. गौरव सेठी, उनके पीछे पू. (श्रीमती) अंजली गाडगीळ
     होशियारपुर (पंजाब)  यहां के भृगु व रावण संहिता का वाचन कर, ज्योतिषकथन करनेवाले पंडित लाल देव शास्त्री (आयु ६१ वर्ष) का आध्यात्मिक स्तर ६१ प्रतिशत होने की घोषणा पू. (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ने की । तत्पश्‍चात शाल, श्रीफल और भेंटवस्तु देकर उनका सत्कार किया गया । 

पांडवों के पापमुक्ति का मनोरथ पूर्ण करनेवाला लोहार्गल का सूर्य कुंड

    अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक, महाभारत की कथा में एक प्रसंग है जो दर्शाता है कि लोहार्गल में सूर्यकुंड को तीर्थराज की उपाधि कैसे मिली । राजस्थान के सीकर में बसे इस कुंड की ऐसी मान्यता है कि महाभारत के युद्ध में परिजनों का वध करने पर पांडव बहुत दुखी थे और उससे मुक्ति पाने के लिए जगह-जगह तीर्थस्थलों पर घूम रहे थे । श्रीकृष्ण ने उन्हें बताया था कि जिस तीर्थ में तुम्हारे हथियार पानी में गल जाएं, वहीं तुम्हारा पाप मुक्ति का मनोरथ पूर्ण होगा । घूमते-घूमते पांडव लोहार्गल आ पहुंचे और सूर्यकुंड में स्नान करते ही उनके सभी हथियार गल गए । उन्होंने इस स्थान की महिमा को समझ, इसे तीर्थराज की उपाधि से विभूषित किया ।  

स्वतंत्रतादिवस (१२ सितंबर) तिथिनुसार मनाएं !

देश-विभाजन के समय हिन्दुआें पर हुए घृणित अत्याचार !
    देश-विभाजन के समय धर्मांध बलात्कारियों ने हिन्दू स्त्रियों पर जो पाशवी अत्याचार किए । इसके पीछे उनका विशिष्ट घृणित उद्देश्य था - देश-विभाजन के समय हमने अपनी आंखों से हिन्दू स्त्रियों के नग्न शरीर देखे हैं । उन घावों के चिह्न कभी मिट न सकें, इसलिए बलात्कारी धर्मांधों ने अपने नाम उन स्त्रियों के गुप्तांगों पर गोंदवाए थे ! संसार में आज तक किसी भी लडाई में किसी भी एक जनसमूह ने दूसरे जनसमूह पर नहीं किए होंगे, ऐसे पाशवी अत्याचार धर्मांध समाज ने अपने ही रक्तमांस के हिन्दू समाज पर किए थे । वह दुर्घटना नहीं थी, उसके पीछे योजना थी । अत्यंत घृणित उद्देश्य था । (संदर्भ : मराठीपत्र, धर्मभास्कर, जनवरी १९९९)     

चालो रे झुंझुनूं धाम रे रानी सती दादी के दरबार...



 झुंझुनूं में रानी सती दादी के प्रसिद्ध मंदिर में प्रतिवर्ष भाद्रपद मास
में मेला लगता है । इस वर्ष १३ सितंबर से यह मेला आरंभ हो रहा है ।

 व्यवहारिक परिचय 
    मां नारायणी का जन्म हरियाणा के धनकुबेर सेठ श्री. घुरसमालजी गोयल के यहां कार्तिक शुक्ल ८, वि.सं. १३३८ को हुआ था । इनका नाम नारायणी रखा गया था । वे बचपन से ही सखियों के साथ धार्मिक व सतियोंवाले खेल, खेला करती थीं और कथा आदि में विशेष रूचि लेती थीं । बडी होने पर सेठजी ने इन्हें धार्मिक शिक्षा, शस्त्र शिक्षा, घुडसवारी आदि की भी शिक्षा दिलाई थी, जिसमें उन्होंने प्रवीणता प्राप्त कर ली थी । कहते हैं कि उस समय हरियाणा में ही नहीं; अपितु सम्पूर्ण उत्तर भारत में भी उनके मुकाबले कोई निशानेबाज नहीं
था ।

क्रांतिकारी जतींद्रनाथ दास स्मृतिदिन (१३ सितंबर)

 अंग्रेजों द्वारा राजकीय बंदियों पर हो रहे अत्याचार बंद हों, इसके लिए जतींद्रनाथ दासजी ने ६१ दिनों का उपवास कर, १३ सितंबर १९२९ को देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए । वे नेताजी सुभाषचंद्र बोस का सीधा हाथ माने जाते थे ।                      

विश्‍वकर्मा जयंती

     इस वर्ष १७ सितंबर को विश्‍वकर्मा जयंती है । इस दिन देशभर में भगवान विश्‍वकर्मा का पूजन होता है । वे ही देवताओं के लिए महल, अस्त्र-शस्त्र, आभूषण आदि बनाते हैं । देव शिल्पी होने से भगवान विश्‍वकर्मा यंत्र (मशीनरी) व शिल्प उद्योग से जुडे लोगों के प्रमुख देवता हैं । ऐसी मान्यता है कि विश्‍वकर्मा की पूजा करने से यंत्र लंबे समय तक साथ निभाते हैं । अत: जिन यंत्रों का हम उपयोग करते हैं, उनकी प्रतिदिन स्वच्छता कर, उनकी भली-भांति देख-रेख करें । यही भगवान विश्‍वकर्मा का वास्तविक पूजन होगा ।     

गुरुपूर्णिमा के दिन प्रातः एक भीषण दुर्घटना में ७ हिन्दू धर्माभिमानियों का निधन

    राउरकेला (ओडिशा) - गुरुपूर्णिमा के दिन राउरकेला परिसर के हिन्दू सेना के सर्वश्री. आनंद कौशिक उपाख्य पिंटू शर्मा, सनी साहू, रंजीत झा, अमित पांडये, सुशील पांडे, जीवत्स यादव तथा विकीकुमार सिंह, ये ७ हिन्दू धर्माभिमानी युवक वाहन से एक लापता हिन्दू युवती को लाने प्रयाग-मिर्जापुर जा रहे थे । सामने से आनेवाले ट्रक की हेडलाइट का प्रखर प्रकाश चालक की आंखों पर पडने से उनका नियंत्रण छूट गया तथा रांची, झारखंड निकट स्थित खुंटी नामक गांव में तजना नदी के पुल से गाडी ३० फुट नीचे गिरकर इन सभी की वहीं मृत्यु हो गई । इस भीषण दुर्घटना में राउरकेला के श्री. केदार प्रियदर्शी बारीक नामक वाहनचालक बच गए ।

गणेशोत्सव

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से चतुर्दशी तक (१७ से २७ सितंबर तक) गणेशोत्सव है । गणेश चतुर्थी निमित्त धर्माचरण सीखना एवं गणेशोत्सवों में प्रचलित अनाचारों को रोककर, धर्मरक्षा का संकल्प करना ही श्री गणेशजी की खरी उपासना होगी । (अधिक जानकारी हेतु देखें : http://www.hindujagruti.org/hinduism/ganesh-festival)

बाब रामदेव

     रामदेव जी राजस्थान के एक लोक देवता हैं । पंद्रहवीं शताब्दी के आरंभ में भारत में लूटमार, छुआछूत, हिन्दू-मुस्लिम दंगों आदि के कारण स्थिति अराजक बनी हुई थी । ऐसे विकट समय में पश्‍चिम राजस्थान के पोकरण नामक प्रसिद्ध नगर के पास रूणिचा नामक स्थान में तोमर वंशीय राजपूत और रूणिचा के शासक अजमालजी के घर १४०९ (वि.सं.) में भादो शुक्ल पक्ष दूज को बाबा रामदेव पीर अवतरित हुए । कहा जाता है कि द्वारकानाथ ने अजमलजी के घर अवतार लिया ।

पितृपक्ष में (श्राद्ध पक्ष में) श्राद्ध का महत्त्व

पितृपक्ष का महत्त्व
    अश्‍विन माह के कृष्णपक्ष में श्राद्ध किया जाता है । इस वर्ष २८ सितंबर से पितृपक्ष आरंभ होकर १३ अक्टूबर (प्रात: ५.३६) तक है ।
हिन्दू धर्म में श्राद्ध करने के अधिकार के संदर्भ में ऐसी पद्धति बताई गई है कि प्रत्येक मृत व्यक्ति का श्राद्ध हो और उसे सद्गति प्राप्त हो ।

हिन्दू राष्ट्र में गांधी जयंती नहीं मनाई जाएगी तथा उन्हें महात्मा भी नहीं कहा जाएगा; क्योंकि उन्होंने निम्नांकित राष्ट्रद्रोह और धर्मद्रोह किए हैं !

 गांधी जयंती (२ अक्टूबर)
१. धर्मांधों को प्रसन्न करने के लिए विभाजन को मान्यता देकर, हिन्दुआें का विश्‍वासघात किया ।
२. अलग हुए पाकिस्तान को ५५ करोड रुपये दिए ।
३. स्वामी श्रद्धानंद के हत्यारे को बंधु कहा ।
४. विभाजन के समय हुए हिन्दूू-धर्मांधों के दंगों में, हिन्दुआें को प्रतिकार करने से मना किया । इसलिए, धर्मांधों ने १० लाख हिन्दुआें की हत्या की और उनकी स्त्रियों पर बलात्कार किया ।
५. क्रांतिकारियों से द्वेष किया; भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी होने दी । - (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले (१५.३.२०१५)) 

हनुमानप्रसाद पोद्दार जयंती (९ अक्टूबर) (संस्थापक, गीताप्रेस, गोरखपुर)

हमारी संस्कृति को पूरे विश्‍व में फैलाने में एक अग्रणी भूमिका निभानेवाली विश्‍व प्रसिद्ध गीताप्रेस के संस्थापक हनुमान प्रसाद पोद्दार उपाख्य भाई जी (१८९२ ई - २२ मार्च १९७१) की ९ अक्टूबर को जयंती है । वर्ष १९०६ में उन्होंने कपडों में गाय की चर्बी के प्रयोग किए जाने के विरोध में आंदोलन चलाया और विदेशी वस्तुओं और विदेशी कपडों के बहिष्कार के लिए संघर्ष छेडा और युवावस्था में ही खादी और स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करना आरंभ कर दिया था । ऐसे महान व्यक्ति को नमन ! 

भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री

जन्म : २ अक्टूबर १९०४ मुगलसराय - मृत्यु : ११ जनवरी १९६६ ताशकंद
      शास्त्री जी ने १८ माह के शासनकाल में उत्तम रीति से देश की बागडोर संभाली थी । ताशकन्द में पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के उपरांत ११ जनवरी १९६६ की रात में ही रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई । उनकी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिये मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मानित किया गया ।              

हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के बिना देश का संरक्षण असंभव है ! - संवित् श्री सोमगिरिजी महाराज

श्री. रमेश शिंदे, संवित् श्री सुबोधगिरिजी महाराज, संवित् श्री सोमगिरिजी महाराज
एवं मार्गदर्शन करते हुए पू. रघुवीर महाराज
    बीकानेर (राजस्थान)- यहां ९ अगस्त को हिन्दू जनजागृति समिति ने हिन्दू धर्मजागृति और संगठन की आवश्यकता विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया था । इसमें पूजनीय रघुवीर महाराज, संवित् श्री सोमगिरिजी महाराज, संवित् श्री सुबोधगिरिजी महाराज और हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने उपस्थितों का मार्गदर्शन किया ।

सनातन धर्म - एकमात्र सच्चा राष्ट्रवाद

 अगस्त २०१५ में अपलोड लेख का शेष भाग
योगी अरविंद घोष
      जब मैं भगवान की ओर बढा ... उस समय, कदाचित् मुझे उनमें जीवंत श्रद्धा थी । मेरे अंदर संशय था, अनीश्‍वरवाद था, संदेह था और मुझे पूरी तरह विश्‍वास न था कि यत्किंचित् भगवान् हैं भी । मैं उनकी उपस्थिति का अनुभव नहीं करता था । तो भी कोई वस्तु थी जिसने मुझे वेद के सत्य की ओर, गीता के सत्य की ओर, हिन्दू धर्म के सत्य की ओर आकृष्ट किया । मुझे लगा कि इस योग में कहीं पर कोई महाशक्तिशाली सत्य अवश्य होना चाहिए, वेदांत पर आधारित इस धर्म में कोई परम शक्तिशाली सत्य अवश्य होना चाहिए । इसलिए जब मैं योग की ओर मुडा और योगाभ्यास करके यह जानने का संकल्प किया कि मेरी बात सच्ची है या नहीं, तो मैंने उसे इस भाव और प्रार्थना से आरंभ किया, मैंने कहा, यदि तुम हो तो तुम मेरे हृदय की बात जानते हो ।

स्वधर्म रक्षा हेतु कश्मीरी हिन्दू हुए थे विस्थापित !

 हिन्दुओ, जबतक आतंकवाद आपके घर में हाहाकार नहीं मचा देता, तबतक क्या आप सोए रहेंगे ?

कश्मीरी घाटी छोडने पर विवश हिन्दू
   १. जन्मभूमि कश्मीर के लिए २३ वर्ष अविरत लडनेवाले कश्मीरी हिन्दू !
कश्मीरी हिन्दुआें को १९ जनवरी १९९० में उन्हें अपने ही घरों से खदेड दिया गया । उनकी उस हृदय विदारक स्थिति, उनके दुख की हम कल्पना भी नहीं कर सकते । विशेषरूप से इस बात को स्वीकार करना उनके लिए बडा कठिन था कि हमारे ही भारतीय बंधु यह सब होते हुए शांति से देखते रहे । ऐसी परिस्थिति का धैर्यपूर्वक सामना कर इन सभी ने गत २३ वर्ष जन्मभूमि के लिए यह संघर्ष सफलतापूर्वक जारी रखने और अधिकाधिक सक्रिय बनाने का कठिन कार्य किया है ।

हिन्दुत्व के लिए धर्म के आधार पर रचनात्मक कार्य करें ! - रमेश शिंदे

जोधपुर (राजस्थान) में हिन्दू जनजागृति समिति के वेबसाइट सदस्यों की बैठक !
उपस्थित धर्माभिमानी
   जोधपुर (राजस्थान)  - इस बैठक में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने प्रतिपादित किया कि आज हिन्दुआें के सामने अनेक समस्याएं हैं । केवल शक्तिप्रदर्शन से ये समस्याएं नहीं सुलझेंगी; अपितु उसके लिए रचनात्मक पद्धति से कार्य करना पडेगा । यदि इस रचनात्मक कार्य के साथ धर्म जोडा जाए, तो निश्‍चित ही सफलता मिलेगी । इसलिए हिन्दुत्वनिष्ठों को कार्य के साथ धर्माचरण भी जोडना चाहिए । इसमें १५ धर्माभिमानी हिन्दू उपस्थित थे    ।

स्वतंत्रतादिवस पर सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति का राष्ट्रध्वज का सम्मान करें अभियान !

    १५ अगस्त एवं गणतंत्रदिवस पर गौरव से फहराया जानेवाले राष्ट्रध्वज, अनेक बार दूसरे दिन मार्ग में बिखरे तथा नालियों में पडे दिखाई देते हैं । उत्तर भारत में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी राष्ट्रध्वज का अपमान रोकने हेतु सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा राष्ट्रध्वज का अनादर रोकने हेतु किए गए प्रयास प्रस्तुत हैं । 
वाराणसी में श्री. विंध्यवासिनी राय (अतिरिक्त जिला
न्यायदंडाधिकारी) को ज्ञापन देते हुए अधिवक्ता एवं अन्य राष्ट्राभिमानी

सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से भारत में तथा स्पिरिच्युअल साइन्स रिसर्च फाउंडेशन की ओर से विदेश में भावपूर्ण वातावरण में गुरुपूर्णिमा महोत्सव संपन्न !

    गुरुपूर्णिमा अर्थात गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन ! सनातन संस्था, हिन्दू  जनजागृति समिति और समवैचारिक संस्थाआें की ओर से भारत में ४७ स्थानों पर गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया गया तथा ३० स्थानों पर हिन्दू संगठन मेले आयोजित किए गए । स्पिरिच्युअल साइन्स रिसर्च फाउंडेशन की ओर से विदेश में कुल २१ स्थानों पर गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया गया । इस प्रकार देश-विदेश में कुल ९८ स्थानों पर विविध भाषाआें में यह समारोह मनाया गया ।
उत्तर भारत में संपन्न गुरुपूर्णिमा महोत्सव का संक्षिप्त ब्योरा !
मोरटक्का (मध्यप्रदेश)
    खंडवा जनपद के साधना स्थल पर, श्री क्षेत्र सद्गुरु सेवा सदन, खेडीघाट (मोरटक्का) में भावपूर्ण वातावरण में गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया गया । श्री सद्गुरु अनंतानंद साईश शैक्षणिक और पारमार्थिक सेवा न्यास, इंदौर द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था ।

वाराणसी में सनातन की साधिका श्रीमती राधा केसरी एवं देहली की श्रीमती पारुल भट्टाचार्य ने प्राप्त किया ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर !

श्रीमती पारुल भट्टाचार्य (बाईं ओर) का सम्मान करते हुए पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे

जुलाई में उत्तर भारत में हिन्दू जनजागृति समिति के कार्य का ब्यौरा


धर्मसत्संग की वीसीडी का प्रसारण

    विविध राज्यों में (उत्तर भारत, महाराष्ट्र, कर्नाटक) स्थानीय केबल नेटवर्क द्वारा सनातन संस्था चेन्नई तथा हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा निर्मित हिन्दी धर्मसत्संग की वीसीडी का प्रसारण हो रहा है । ७९,८६,००० से अधिक दर्शक इसका लाभ ले रहे हैं ।

ध्वजारोहण एवं शंखनाद से सिंहस्थपर्व का शुभारंभ !

सिंहस्थ की पूर्वसंध्या की भव्य शोभायात्रा !
 धर्मध्वज शोभायात्रा में सम्मिलित समिति का रणरागिनी दल
शोभायात्रा में सम्मिलित समिति के कार्यकर्ता
   नासिक - हर हर गंगे-गोदावरी इस जयघोष से तपोभूमि नासिक गूंज उठी । अखिल विश्‍व का ध्यान आकर्षित करनेवाला तथा जिस समारोह में सर्वाधिक संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं, १४ जुलाई को ऐसे सिंहस्थ पर्व का ध्वजारोहण से आरंभ हुआ ।