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धर्मजागृति, हिंदू-संगठन एवं राष्ट्ररक्षा हेतु साधकोंद्वारा साधनास्वरूप आर्थिक हानि सहते हुए भी चलाया जानेवाला एकमात्र मासिक !
अक्टूबर २०१४

दशहरे निमित्त प.पू. डॉ. आठवलेजीका सन्देश !

वर्तमान स्थितिमें विजयप्राप्तिके लिए
पहला चरण उठाना ही वास्तविक सीमोल्लंघन !
प.पू. डॉ.  जयंत आठवले
विजयादशमीका त्यौहार विजयकी प्रेरणा देनेवाला है । दस दिशाआेंको परास्त करनेका, अर्थात इन दिशाआें द्वारा आनेवाले शत्रुआेंको परास्त करनेका पराक्रम हिन्दुआेंके देवताआेंने इस दिन किया, इसलिए इस त्यौहारको दशहरा भी कहते हैं । इस दिन महिषासुर और रावणका वध अनुक्रमसे त्रिशूलधारी श्री दुर्गादेवी और कोदण्डधारी (धनुष्य-बाणधारी) प्रभु श्रीरामने किया । देवताआेंने शस्त्रबलकी सहायतासे ही शत्रुका पराभव किया, इसलिए शस्त्रमेव जयते ।

लव जिहाद विशेषांकके निमित्त...

    प्रत्येक हिन्दू माता-पिताकी हार्दिक इच्छा होती है कि, अपनी बेटीको विवाहके लिए योग्य वर प्राप्त होकर उसके जीवनका कल्याण हो । युवासुलभ प्राकृतिक प्रेमभावनाआें और पाश्‍चात्य संस्कारोंका अनुचित लाभ उठाकर, हिन्दू युवतियोंका जीवन और उनके माता-पिताका स्वप्न ध्वस्त करनेका षड्यन्त्र है लव जिहाद ! लव जिहाद, हिन्दू धर्म और राष्ट्र विरोधी अघोषित युद्ध है । इस षड्यन्त्रके लिए हिन्दुस्थानका शत्रुराष्ट्र पाकिस्तान पूर्ण सहायता करता है । पाकस्थित हिन्दुस्थानके दूतावासकी माधुरी गुप्ता जैसी उच्चपदस्थ महिलाको पाकिस्तानी सेनाधिकारीने प्रेमजालमें फांसनेका उदाहरण विख्यात है । इसीलिए लव जिहादरूपी यह युद्ध आतंकवादी आक्रमणसे भी अधिक प्रभावी है । इस राष्ट्रव्यापी संकटके सभी पहलुआेंका विश्‍लेषण करनेका प्रयत्न इस विशेषांकमें किया है ।  लव जिहाद विशेषांक प्रकाशित करनेका उद्देश्य किसीकी धार्मिक भावनाआेंको आहत करना नहीं, अपितु समाजमें लव जिहादके भयानक परिणामोंके विषयमें जनजागृति करना है ।

हिन्दुओ, लव जिहादका विरोध सर्वत्र करनेकी अपेक्षा स्वयं ही राज्यकर्ता हो जाएं और हिन्दू युवतियोंको मुसलमानोंसे विवाह करनेपर प्रतिबन्धित करनेवाला कानून बनाएं !

प.पू.  डॉ. जयंत आठवले
इसरायलमें यहुदी वंशियोंकी सत्ता प्रस्थापित होते ही यहुदी राज्यकर्ताआेंने वहांकी यहुदी युवतियोंको मुसलमान अरबोंसे विवाह करनेपर प्रतिबन्ध करनेवाला कानून लागू कर दिया, यह ध्यान रखें !
- (प.पू.) डॉ. जयंत आठवले (८.४.२०१३)
लव जिहादके कारण हिन्दुआेंका वंशनाश होनेका संकट !
    हिन्दुआेंका धर्म-परिवर्तन यदि इसी गतिसे होता रहेगा, तो १०० वर्षोंके उपरान्त आज जैसे कहा जाता है कि पारसी पन्थ था, उसी प्रकार विवश होकर हमें कहना होगा कि हिन्दू धर्म था । कारण यह कि हिन्दू जब राष्ट्रमें अल्पसंख्यक होंगे, तब उन्हें काफिर कहकर उनकी हत्या की जाएगी । - (प.पू.) डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था.

लव जिहादकी दाहकताको समझते हुए, ५ वर्ष पहले ही इस सन्दर्भमें जागृति करनेवाली दूरदर्शी हिन्दू जनजागृति समिति !

पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे,
राष्ट्रीय मार्गदर्शक,
हिन्दू जनजागृति समिति
लव जिहादकी समस्याने अब रौद्ररूप धारण कर लिया है । अनेक हिन्दू युवतियोंकी इसकी बली चढनेसे हिन्दू चिन्तित हैं । बलवान हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनोंने भी इस समस्याकी ओर ध्यान देकर इस सन्दर्भमें अल्प-अधिक मात्रामें कार्य आरम्भ किया है । इस समस्यासे हिन्दू समाज खोखला हो जानेके उपरान्त अब प्रसारमाध्यम जग गए हैं और इस सन्दर्भमें समाचार दे रहे हैं ।
   इन सभीकी तुलनामें हिन्दू जनजागृति समितिकी विशेषता स्पष्टरूपसे दिखाई देती है । हिन्दू जनजागृति समितिने लव जिहादकी समस्याके विरोधमें इ.स. २००९ से ही जागृति करना आरम्भ किया । इन ५ वर्षोंमें की जागृतिके सन्दर्भमें संक्षिप्त जानकारी यहां दे रहे हैं ।

लव जिहाद अस्तित्वमें है, इसे मान्य करनेमें गृहमन्त्रीको लाज क्यों आती है ? - सुरेश मुंजाल, हिन्दू जनजागृति समिति

देहलीमें राष्ट्रीय हिन्दू आन्दोलनमें धर्माभिमानी हिन्दू
    देहली - लव जिहाद यह हिन्दुआेंके विरोधमें अन्तरराष्ट्रीय षड्यन्त्र होनेके अनेक प्रमाण मिले हैं । केरलके भूतपूर्व मुख्यमन्त्री अच्युतानंदन्ने इसका अस्तित्व मान्य करते हैं, तो भारतके केन्द्रीय गृहमन्त्रीको लव जिहाद अस्तित्वमें है, इसे मान्य करनेमें लाज क्यों आती है ? यदि राज्यकर्ताआेंको लव जिहादका अस्तित्व मान्य नहीं, तो हिन्दुआेंको हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना करके ही लव जिहादका अन्त करना होगा, ऐसे वक्तव्य हिन्दू जनजागृति समितिके पंजाब एवं हरियाणा राज्यके समन्वयक श्री. सुरेश मुंजालजीने किए ।

हिन्दू समाजको आवाहन !

     हिन्दू स्त्री के कारण ही हिन्दुस्थानकी नैतिकता और संस्कृति संजोई गई है । हिन्दू युवतियां, हिन्दू संस्कतिके गुणसूत्रोंका अधिकोष (जीनबैंक) हैं । उनका विवाह अन्य पन्थियोंसे होना अर्थात हिन्दू वंशवृद्धिके अनमोल गुणसूत्र दूसरोंको देना । अत: ऐसा न होने दें ।
१ . हिन्दुओ, लव जिहाद, हिन्दू धर्मपर हो रहा वांशिक आक्रमण है, इसलिए अपने परिसरके लव जिहादके षड्यन्त्र विफल करनेके लिए संगठित होकर आगे बढें  !
२ . जिस समाजमें महिलाएं सुरक्षित हैं, ऐसा समाज ही सुरक्षित होता है !
३ . हिन्दुओ शपथ लें कि मेरी परिचित किसी भी हिन्दू युवतिको मैं लव जिहादका भक्ष्य होने नहीं दूंगा !

हिन्दू धर्मगुरुआेंसे अनुरोध !

    लव जिहादकी समस्याके सन्दर्भमें प्रवचनकार, धर्मपीठ और साधु-सन्तोंका दायित्व महत्त्वपूर्ण है । लव जिहादकी वास्तविकताको सभीके सामने लानेके लिए हिन्दू धर्मगुरुआेंको आगे बढना चाहिए । जब इस्लामके इतिहासके काले पन्ने और आजका भीषण वास्तव हिन्दू धर्मगुरुआेंके प्रवचनोंसे गरजने लगेगा, उस क्षण १,३०० वर्षोंसे सुनाई देनेवाली हिन्दू स्त्रियोंकी चीखोंका प्रतिशोध लेनेके लिए आजका हिन्दू युवक आगे बढेगा । - श्री. समीर दरेकर

हिन्दू धर्ममें पुनर्प्रवेश करनेकी इच्छा रखनेवाली धर्मान्ततरित युवतियोंको स्वधर्ममें स्थान दें !

    कई बार धर्मान्तरित असहाय युवतियां लौटनेके लिए तैयार होनेपर भी हिन्दू समाज उनका स्वीकार नहीं करता । धर्मशत्रुआेंसे लडकर हिन्दू युवति घरतक लौटी है, इसीमें उसने उसके हिन्दू होनेका अल्पांशमें प्रमाण दिया है, इसलिए हिन्दू समाजद्वारा उसे निःशंकतासे स्वधर्ममें पुनर्प्रवेश देकर कट्टरपन्थी मुसलमानोंपर दबाव लाना चाहिए । हमारे हिन्दू युवकोंको ऐसी पीडित युवतियोंसे विवाह करनेके लिए आगे बढना चाहिए । साथ ही उनकी नई गृहस्थीका दायित्व आर्थिक दृष्टिसे सक्षम हिन्दुआेंको उठाना चाहिए । - श्री. समीर दरेकर

उत्साहमें आकर अशास्त्रीय कृत्य न करें ! - डॉ. शिवनारायण सेन, सचिव, शास्त्रधर्म प्रचार सभा, बंगाल.

कुछ हिन्दुुत्ववादी संगठन लव जिहादको प्रत्युत्तर देनेके लिए कार्यकर्ताआेंको मुसलमानोंकी लडकियोंको अगुवा अथवा विवाह करनेके लिए उद्युक्त करते हैं । ऐसे हिन्दुुत्ववादी संगठनोंके लिए कुछ...
    कुछ हिन्दुुत्वनिष्ठ लव जिहादको प्रत्त्युत्तर देनेके लिए हिन्दू युवकोंको मुसलमान लडकियोंको अगुवा करनेके लिए प्रेरित करते हैं । वे ध्यान दें कि विवाह और व्यभिचार में अन्तर है । ऐसा आततायीपन करनेवालोंका धर्म नाश करता है । ऐसा करनेसे हमारा धर्मबन्धुत्व मृत्तिकासमान होगा । व्यभिचारीकी हत्या करें, ऐसा धर्मका स्पष्ट आदेश है ।

लव जिहादकी सहायता करनेवाले कट्टरपन्थियोंके संगठन

१. लष्कर-ए-तैय्यबा, २. तसरीन मिलीयत, ३. इस्लाम एसोसिएशन,
४. पॉप्युलर फ्रन्ट ऑफ इण्डियाका युवक संगठन कैम्पस फ्रन्ट,
५. तसरीन वालियत और शाहीन फोर्स नामक महिला जिहादी संगठन
६. हिन्दू युवतीको जालमें कैसे फंसाएं ?, मुसलमान युवकोंको इसका शास्त्रोक्त प्रशिक्षण  देनेवाला इस्लामिक रिसर्च फाउण्डेशन !

क्या मुसलमान युवतीके भाग जानेकी बात कभी सुनी है ?

   ...हिन्दू युवती लापता !, ऐसा न्यूनतम एक समाचार प्रतिदिन प्रकाशित होता है । आप ही बताएं, ...मुसलमान युवती लापता !, क्या ऐसे समाचार कभी सुने हैं ? तो हिन्दू युवतियां मुसलमानोंके बहकावेमें आकर लापता कैसे हो जाती हैं ? (इसका कारण है हिन्दुआेंमें धर्मशिक्षाका अभाव ! - सम्पादक)

धार्मिक आतंकवादका संकट और उपाय बतानेवाला हिन्दू जनजागृति समितिका ग्रन्थ !

इस ग्रन्थमें पढे
  •  हिन्दू युवतियोंको फांसनेका षड्यन्त्र !
  •   लव जिहादपर रोक लगाने हेतु उपाय !
  •  लव जिहाद रोकने हेतु धर्मशिक्षा आवश्यक !
ग्रन्थकी मांग हेतु सम्पर्क क्र. : ९३२२३ १५३१७

कालके परे जाकर भविष्यमें क्या होनेवाला है, यह अचूक बतानेवाले एकमेवाद्वितीय ठाणे (महाराष्ट्र)के महान योगतज्ञ दादाजी वैशंपायन !

व्यासपीठपर विराजमान योगतज्ञ दादाजी वैशंपायन (बाएंसे पांचवें) एवं अन्य मान्यवर
    ठाणे (महाराष्ट्र) - यहां ९ नवम्बर को योगतज्ञ दादाजी वैशंपायनद्वारा वर्ष २००२ में हाँगकाँगसे भेजे गए सीलबन्द लिफाफेमें अद्भुत भविष्यवाणियां गडकरी रंगायतनमें विविध मान्यवर एवं योगतज्ञ दादाजीके ३५० से भी अधिक साधकोंकी उपस्थितिमें ७ सितम्बर २०१४ को की गईं । इनमेंसे कुछ भविष्यवाणियोंकी प्रत्यक्ष अथवा चल-दूरभाषद्वारा पुष्टि करनेपर सम्बन्धितोंने कहा कि वे भविष्यवाणियां सौ प्रतिशत सत्य हैं । इसके कुछ उदाहरण नीचे दिए अनुसार हैं -

वैज्ञानिक कालगणना विश्‍वको सर्वप्रथम हिन्दू धर्मद्वारा दी गई ! - पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे

    काठमांडू (नेपाल) - हिन्दू जनजागृति समितिके राष्ट्रीय मार्गदर्शक पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेने प्रतिपादित किया कि विश्‍वको सर्वप्रथम वैज्ञानिक कालगणना देनेवाला हिन्दू धर्म ही है । ज्योतिषशास्त्रका परिचय वैश्‍विक स्तरपर निर्माण करने और नेपालके सर्व ज्योतिर्विदोंका संगठन करनेके लिए नेपाल ज्योतिष परिषदकी ओरसे काठमांडूमें आयोजित दो दिवसीय (४ एवं ५ सितम्बर) महाअधिवेशनमें वे बोेल रहे थे । अधिवेशनकी यह चौथी  वर्षगांठ थी ।

मांसाहारी भोजनके चित्रसे युक्त प्रसादके डिब्बेकी बिक्री रुकवाई !

राऊरकेलाके सनातनके साधक पिता-पुत्रका अभिनन्दनीय प्रयास !
    राऊरकेला (ओडिशा) - राऊरकेला स्थित सनातनके साधक श्री. आकाश राजगडिया एवं उनके पुत्र कु. सागर राजगडिया (आयु १४ वर्ष) ने बिरमित्रापुरके प्रसिद्ध दादी सती मां के उत्सवमें, मन्दिर परिसरकी एक दुकानसे देवीको चढानेके लिए प्रसाद खरीदा     । उस प्रसादके डिब्बेपर सामिष (मांसाहारी) भोजनका चित्र पाए जानेपर, पिता और पुत्रने इस विषयमें मन्दिर व्यवस्थापनसे  परिवाद (शिकायत) किया । इसपर व्यवस्थापनने तुरन्त इन प्रसादके डिब्बोंकी बिक्री रुकवाई । (धर्महानि रोकने हेतु तत्परतासे कदम उठानेवाले श्री. आकाश राजगडिया एवं कु. सागर राजगडियाका अभिनन्दन ! ऐसे साधक ही हिन्दू धर्मकी खरी शक्ति हैं ! - सम्पादक)

लव जिहादके अन्तरराष्ट्रीय षड्यन्त्रका विरोध करना, कर्तव्य ही है ! - सांसद योगी आदित्यनाथ

सांसद योगी आदित्यनाथ
गोरक्षपीठाधीश्‍वर योगी आदित्यनाथजी महाराज, सांसद, गोरखपुरके साथ इण्डिया टीवी के रजत शर्माने ३०.८.२०१४ को आप की अदालतमें भेंटवार्ता की । इसमें उनके द्वारा व्यक्त किए ओजस्वी और धधकते हिन्दुत्वनिष्ठ विचार यहां संक्षेपमें दे रहे हैं ।

हज यात्रियोंके लिए केन्द्रशासनद्वारा ३५० सीटोंके विशेष विमानकी सुविधा

    वाराणसी (उ.प्र.) - हज यात्रियोंको किसी भी प्रकारकी असुविधा न हो, इसलिए केन्द्रशासनने बाबतपुरके लाल बहादुर शास्त्री अन्तरराष्ट्रीय हवाईअड्डेपर पहली बार ही ३५० सीटोंके विशेष विमानकी सुविधा की है । हज यात्रियोंको दी गईं विशेष सुविधाएं -
  •  हज यात्रियोंके लिए टर्मिनलमें बैठने हेतु २०० अतिरिक्त कुर्सियोंका प्रबन्ध
  •  विदेशी शौचालयोंमें भारतीय पद्धतिके शौचालयोंका प्रबन्ध
  •  वजू(हाथ-पैर धोनेका प्रबन्ध)के लिए भी भिन्न वॉश बेसिनका प्रबन्ध
  •  टर्मिनलमें नमाजपठनका प्रबन्ध
  •  विशेष कुलियोंका प्रबन्ध
    (ऐसे राजनेता हिन्दुआेंकी तीर्थयात्राआेंमें आनेवाली बाधायोंको दूर करनेका प्रबन्ध कर, हिन्दूहितैषी भूमिका कब अपनाएंगे ? - सम्पादक)

लव जिहादके सन्दर्भमें प्रसारमाध्यमोंद्वारा उपस्थित किए प्रश्‍न और उनके उत्तर !

१. हिन्दू युवती और मुसलमान युवकोंके विवाह इसके पूर्व भी हुए हैं; परन्तु अभी इस बातका इतना बतंगड क्यों किया जा रहा है ?
उत्तर : १. हिन्दू युवती और मुसलमान युवकोंके विवाह इसके पूर्व भी हुए हैं और इसमें साधारणतया सभी युवतियोंको ही मुसलमान होना पडा है । दिलीपकुमार (युसूफखान)की बहनने एक हिन्दूसे विवाह किया और उसे मुसलमान बनाया गया । इससे ध्यानमें आता है कि मुसलमान शिक्षित होनेपर भी वे स्वयं धर्म-परिवर्तित नहीं होते, किन्तु दूसरेको धर्म-परिवर्तन करने हेतु बाध्य करते हैं । इसीसे लव जिहादका प्रकार ध्यानमें आता है ।

छेडछाडके प्रसंगोंमें डरें नहीं, अपितु नराधमोंका प्रतिकार करें !

प्रसंग १ : गुण्डेद्वारा हाथ पकडनेपर प्रतिकार कैसे करें ? 
१. जबतक गुण्डा असावधान है, उससे २ से ३ फूट दूर रहकर उसकी जननेन्द्रियपर कमरमार (पैरके चौडेसे सामनेवालेके जननेन्द्रियपर बलपूर्वक प्रहार करना) लगाएं ।
२. इस प्रहारसे होनेवाली वेदनासे वह गुण्डा हाथ छोड देगा और कटि (कमर)से नीचे झुक जाएगा । उसके झुक जानेपर बाएं हाथसे उसके केश पकडकर सिर भूमिकी दिशामें नीचे दबाएं और दाएं हाथकी कोहनीसे उसकी रीढकी हड्डियोंपर बलपूर्वक प्रहार करें । इसीके साथ घुटनेकी सहायतासे उसके मुखपर प्रहार करें ।

दुर्बल व्यक्तिकी सर्वत्र निन्दा ही होती है, यह समझकर अपने शरीर और मनको प्रतिकारक्षम बनाएं !

अल्प शक्तिमें अधिक प्रभावी होनेवाले स्वरक्षाके कृत्य
    कट्टरपन्थियोंद्वारा आक्रमण होनेपर अथवा छेडछाडके प्रसंगमें हाथमें यदि शस्त्र न हो, तो अपने हाथ, पैर, सिर अथवा अपने पासकी दैनिक उपयोगकी वस्तुएं आदिद्वारा नराधमोंको कैसे निष्प्रभ करें, इसकी कुछ युक्तियां यहां दे रहे हैं । 
१. अपने दाएं हाथके अंगूठेके पासकी दो उंगलियां गुण्डेकी आंखमें घुसाएं ।
२. उसके किसी भी हाथकी छोटी उंगली (कनिष्ठ उंगली) पकडें और बाहर की ओर मोडकर तोड दें ।
३. उसके हाथको अथवा बाहुको जोरसे काटें और ऊंचे स्वरमें चीखें ।
४. हाथकी उंगलियां शेरके पंजेसमान कर नखोंसे आक्रमण करनेवालेका मुखमण्डल नोचें ।
५. अपने ही केशमें लगाई पिन निकालकर उसे आक्रमण करनेवालेके गलेमें अथवा आंखमें घुसाएं।

धर्मान्धोंका नया शस्त्र वशीकरण

१. कट्टरपन्थियोंद्वारा दिया गया तावीज, सुरमा, फूल आदिका उपयोग न करें !
२.
गिरे हुए केश एवं काटे हुए नख किसीके हाथ न लग पाएं, अत:  उन्हेंे जला दें । जिन ब्युटी पार्लरमें  पुरुष भी हों, ऐसे स्थानोंपर जाना टालें !
३. अन्योंद्वारा दिया गया बीडा न खाएं !
४.
अपने अंतर्वस्त्र किसीको भी धोने अथवा अन्य किसी कारणवश न दें !

वशीकरणपर उपाय !

    लव जिहादके बहुतांश (लगभग ३० प्रतिशत) प्रकरण, इस वशीकरणकी सहायतासे होते हैं । वशीकरण है अथवा नहीं, यह पहचाननेमें समय गंवानेके स्थानपर आगे दिए अनुसार उपाय प्रारम्भ करें ।
१. सर्वप्रथम युवतीका वशीकरण होनेमें कारणीभूत उसके शरीरपर बन्धा हुआ तावीज, भस्म, धागा, उसकी पर्समें रखी इस प्रकारकी वस्तुएं उससे ले लें । उस वशीकरणकी वस्तु अग्निमें नष्ट कर दें । उसके पास जो भी वस्तुएं हैं, वे अपने नियन्त्रणमें ले लें ।

लव जिहाद फैलनेके लिए निष्क्रिय राज्यकर्ता ही उत्तरदायी !

    राष्ट्रीय निशानेबाज तारा सहदेव नामक हिन्दू युवतीके साथ रकिबुल नामक कट्टरपन्थीने हिन्दू होनेका नाटक कर, विवाह किया और इस्लाममें धर्मान्तरित होनेके लिए उसपर बलप्रयोग किया । यह घटना अगस्त माहमें उजागर हुई । मूलतः यह विषय पहलेसे ही गम्भीर था । हिन्दू युवती, फलस्वरूप सम्पूर्ण हिन्दू समाज ध्वस्त हो जाए, इस उद्देश्यसे कट्टरपन्थियोंका एक बडा गिरोह गत कुछ वर्षोंसे कार्यरत है । सम्पूर्ण देशमें ही इस समस्याने भीषण रूप धारण किया है । उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंंध्रप्रदेश, केरल आदि राज्योंमें ऐसी सहस्रों घटनाएं हुई हैं और आज भी हो रही हैं । लव जिहाद, हिन्दुस्थानकी हिन्दू युवतियोंको धर्मान्तरित करनेका कट्टरपन्थियोंद्वारा रचा एक अन्तरराष्ट्रीय षड्यन्त्र है ।

लव जिहादका रेट कार्ड

जहांगीर रजाक नामक केरलके कोजीकोड विधि (लॉ) महाविद्यालयके विद्यार्थीने ४२ युवतियोंको फांसा !

लव जिहादियोंका शस्त्र : भ्रमणभाष

लव जिहाद किस लिए ?

अ. विश्‍वका इस्लामीकरण करना
  •  हिन्दू युवतियोंका इस्लामीकरण कर, हिन्दू वंशवृद्धिका एक स्रोत नष्ट करना
  •  हिन्दू युवतियोंद्वारा विवाहके उपरान्त अनेक बच्चोंको जन्म देकर इस्लामकी वंशवृद्धि करना
  •  विवाहके उपरान्त हिन्दू युवतियोंका जिहादी कार्यवाहियों व शस्त्रास्त्र-तस्करीमें उपयोग करना
  •  अनेक बच्चोंको जन्म देकर उनका आत्मघाती पथकोंके लिए उपयोग करना 

लव जिहाद, हिन्दूविरोधी अन्तरराष्ट्रीय षड्यन्त्र !

१. केरलकी समाचारपत्रिकाआेंके अनुसार लव जिहादके लिए अरब राष्ट्रोंसे धन भेजा जाता है । दमाम (सउदी अरब) स्थित इण्डियन फ्रैटर्निटी फोरम संस्था इसी उद्देश्यसे धन इकट्ठा करती हैं ।
    लव जिहाद हेतु सउदी अरबसे वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रान्स्फरके माध्यमसे हवालाद्वारा धन आता है । भारतके कुछ अलंकार-व्यावसायियोंकी खाडी राष्ट्रोंमें शाखाएं हैं । उनके द्वारा भी धनका स्थानान्तरण किया जाता है । हज यात्राके लिए जानेवाले मुसलमान यात्रियोंके माध्यमसे भी पैसोंका स्थानान्तरण होता है; क्योंकि हजसे आनेवाले विमान-यात्रियोंकी कठोर जांच नहीं की जाती है । 

अकबरुद्दीन ओवैसीकी विषैली फुफकार

(कहते हैं) बाबरीके बदलेमें १ लाख मस्जिदें निर्माण करेंगे; काशी-मथुरा भी नहीं छोडेंगे !
हिन्दुओ, कट्टरपन्थी अकबरुद्दीन ओवैसीकी
इस चुनौतीका सामना करनेके लिए आप क्या करनेवाले हैं ?
इस कट्टरपन्थी भडकाऊ वक्तव्यकी ओर निर्वाचन आयोग ध्यान देकर अकबरुद्दीन ओवैसीकी पार्टीपर प्रतिबन्ध लगाएगा अथवा इस हिन्दूद्रोहको चुपचाप सहेगा ?
    मुंबई (महाराष्ट्र) - एक बाबरी गिरानेसे क्या होगा, प्रतिशोधके रूपमें हम एक लाख मस्जिदें निर्माण करेंगे और प्रत्येकको बाबरी नाम देंगे । बाबरी ही क्यों, काशी-मथुरा भी नहीं छोडेंगे ! उत्तरप्रदेशमें तीन करोड, तो महाराष्ट्रमें डेढ करोड मुसलमान हैं; परन्तु दोनों राज्योंसे एक भी मुसलमान सांसद निर्वाचित होकर संसदमें नहीं गया ।

लव जिहादकी समस्या नष्ट करनेके लिए अब हिन्दू राष्ट्र ही अनिवार्य !

     वर्तमानमें प्रतिदिन देहली, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्‍चिम बंगाल आदि राज्योंमें १२ से १५ लव जिहादकी घटनाएं उजागर हो रही हैं, तब भी महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, आंध्रप्रदेश आदि राज्योंमें ऐसी सहस्रों घटनाएं हो चुकी हैं और होती जा रही हैं; इतना ही नहीं, अपितु मुजफ्फरनगरका दंगा भी उसीका परिणाम था ! हिन्दू जनजागृति समिति इस विषयपर गत पांच वर्षोंसे विविध माध्यमोंद्वारा भारी मात्रामें उद्बोधन कर रही है ।

हिन्दू विवाहिताका बलपूर्वक धर्म-परिवर्तन

मेरठ (उ.प्र.) - यहांके मीरापुर गांवमें एक कट्टरपन्थी आधुनिक वैद्यने अपनी पडोसी हिन्दू विवाहिताका अपहरण किया और लगभग एक वर्ष उसे बन्दी बनाकर उसपर यौन अत्याचार किए । साथ ही उसे बलपूर्वक इस्लामको स्वीकार करनेके लिए विवश किया । (इससे यही स्पष्ट होता है कट्टरपन्थी कितना भी शिक्षित हो, वह अपने धर्मके लिए किसी भी प्रकारका अपराध करनेकी सिद्धता रखता है ! - सम्पादक) विवाहके उपरान्त यह हिन्दू विवाहिता देहलीसे मुजफ्फरनगरमें रहनेके लिए आई थी । कट्टरपन्थीने उसे अपने गांवके अन्य घरमें लाया और पत्नीके रूपमें उसे बन्दी बनाकर रखा । अवसर मिलते ही वह विवाहिता वहांसे भागकर घर पहुंची और अपने परिजनोंकी सहायतासे पुलिसमें परिवाद लिखवाया ।

इस्लाम न स्वीकारनेपर किया सामूहिक बलात्कार

बुलंदशहर (उ.प्र.) - यहांके जेवर गांवमें एक अल्प आयुकी हिन्दू युवतीको घर बुलाकर, कट्टरपन्थीने इस्लामको स्वीकारने हेतु दबाव डाला । इसे नकार देनेपर कट्टरपन्थीने अपने तीन सहयोगियोंके साथ उसपर सामूहिक बलात्कार किया । पीडिताद्वारा किए परिवादके उपरान्त पुलिसने उन्हें बन्दी बनाया । कट्टरपन्थीने राजू नाम बताकर हिन्दू होनेका झूठा परिचय देकर पीडिताके साथ मित्रता की थी । यह घटना सामने आनेपर यहांके बजरंग दलके कार्यकर्ताआेंने पुलिस थानेमें जाकर चेतावनी दी कि आरोपियोंको तत्काल बन्दी बनाएं, अन्यथा तीव्र प्रतिक्रियाएं उमड कर आएंगी ।

वेश्याआेंकी बस्तीमें बिक्री एवं अभिभावकोंकी हत्याकी धमकी देकर अल्प आयुकी विद्यार्थिनीका बलपूर्वक धर्म-परिवर्तन

भागलपुर (बिहार) - यहांकी एक लडकीका (१४ वर्ष) अल्प आयुके कट्टरपन्थीने अपहरण किया और अपने अभिभावकोंकी सहायतासे उसके साथ बलपूर्वक निकाह किया एवं इस्लाम स्वीकारने हेतु दबाव डालने लगा । पीडिताके विरोध किए जानेपर उसे वेश्याआेंकी बस्तीमें बिक्री करनेकी तथा उसके अभिभावकोंकी हत्या करनेकी धमकी  दी । इस प्रकार धर्म-परिवर्तन कर, उसे कुरान पढने एवं गोमांस खाने के लिए विवश किया  । पीडितापर दबाव डालकर विविध कागदोंपर (दस्तावेजोंपर) उसके हस्ताक्षर लिए ।

लव जिहादकी बढती घटनाआेंके कारण वैश्य समाजने युवतियोंद्वारा भ्रमणभाषका उपयोग करनेपर प्रतिबन्ध लगाया

    आगरा (उ.प्र.) - यहां लव जिहादकी बढती हुई घटनाआेंको देखते हुए वैश्य समाजकी अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषदने एक बैठकमें अपने समाजकी छात्राआें और युवतियोंद्वारा भ्रमणभाषका उपयोग करनेपर प्रतिबन्ध लगानेका निर्णय लिया है । इस समय केन्द्रीयमन्त्री कलराज मिश्राके साथ सहस्रों नागरिक उपस्थित थे । परिषदके अध्यक्षने कहा, राज्यका शासन एक विशिष्ट समाजको विशेष सुविधाएं दे रहा है, इसलिए हमारे समाजकी युवतियोंके भ्रमणभाषका उपयोग कर, प्रतिबन्ध लगाना आवश्यक है । राज्यकी युवतियां भ्रमणभाषका उपयोग न करें, ऐसा खाप पंचायत और विविध संस्थाआेंने इसके पूर्व भी कहा है । भ्रमणभाष और जालस्थलके प्रयोगसे ही युवतियां लव जिहादके जालमें फंस रही हैं । इसलिए घटना होनेके पूर्व ही सावधानी बरतना आवश्यक है ।

अभिभावको, आपकी बेटियां दुपट्टेके पीछे अपनेआपको छिपाती तो नहीं, इसकी ओर ध्यान दें !

    अपना प्रतिष्ठा बचानेके लिए प्रयुक्त दुपट्टेका प्रयोग प्रेमपाशमें फंसी युवतियां मुंह छिपानेके लिए करती हैं । एकान्तवासमें जिहादी मुसलमानके साथ रहनेवाली दुपट्टेके पीछे छिपी बेटी आपकी नहीं होगी, क्या आप निश्‍चितरूपसे ऐसा कह पाएंगे ?(साप्ताहिक राष्ट्रपर्व, २७.७.२००९)

कौन कहता है कि लव जिहाद अस्तित्वमें ही नहीं ?

लव जिहादको नकारनेवालोंको इस वास्तविकतासे परिचित कराएं !
१. केरल उच्च न्यायालयके अहवालके अनुसार,
१ अ. वर्ष १९९६ से अनुशासबद्ध पद्धतिसे लव जिहाद फैल रहा है ।
१ आ. ४ वर्षोंमें ४ सहस्र युवतियोंका धर्म-परिवर्तन
१ इ. तिरुवनंतपुरम्में १०० घटनाएं उजागर
१ ई. कासारगोड, कन्नूर, कोजीकोड और मल्लापुरम् क्षेत्रमें १ सहस्र ६०० घटनाएं
१ उ. उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्रके पुणेमें, कर्नाटकके बंगलुरूमें भी लव जिहाद 
१ ऊ. लव जिहादके पीछे नैशनल डेमोक्रेटिक फ्रण्ट और पॉप्युलर फ्रण्ट ऑफ इण्डियाके विद्यार्थी संगठनोंका हाथ

लव जिहादकी प्रेरणा देनेवाली फिल्मोंकी निर्मितिमें आइएस्आइका हाथ !

     भारतीय समाजपर फिल्मोंके प्रभावको देखते हुए पाकिस्तानका गुप्तचर तन्त्र आइएस्आइने लव जिहादके लिए अनुकूल वातावरण उत्पन्न करनेके लिए १९९० से अपराधी जगतके माफिया दाऊद इब्राहिमके माध्यमसे भारतीय फिल्म जगतमें पूंजी लगाना आरम्भ किया । इन्होंने फिल्म निर्माताआेंको मुसलमान नायक और हिन्दू नायिकाकी कहानीवाले फिल्मोंकी निर्मिति करनेपर विवश किया । ऐसी फिल्मोंमें मुसलमान नायकोंके साथ (उदा. इमरान हाश्मी, सैफ अली खान, फरदीन खान, सलमान खानके साथ) हिन्दू नायिकाआेंके प्रणयदृश्य जानबूझकर दिखाकर हिन्दू युवतियोंके मनमें अनैतिक प्रेमभावनाएं जगाई जाती हैं । इससे बडे पर्देपर दिखनेवाले मुसलमान नायकको अपने ही परिसरके मुसलमान युवकमें ढूंढनेका प्रयत्न हिन्दू युवतियां करती हैं । परिणामस्वरूप आज हिन्दू युवतियोंको मुसलमानोंके साथ प्रेमचेष्टाएं करने अथवा उनसे विवाह करनेमें कुछ भी अनुचित (गैर) नहीं लगता । इसके विपरीत फिल्ममें हिन्दू नायक और मुसलमान नायिकाका प्रेम, ऐसा विषय होनेपर मुसलमानोंको आपत्ति होती है और वे संगठितरूपसे ऐसी फिल्मका विरोध करते हैं । बाँबे फिल्मके समय ऐसा ही विरोध हुआ था ।

लव जिहादके बलि चढे, हिन्दी फिल्म जगत्के हिन्दू कलाकार


गरबासे कट्टरपन्थियोंको रोकने हेतु हिन्दुआेंकी सेना सिद्ध !

  नई देहली - कु. उषा ठाकुुरके साथ ही विश्‍व हिन्दू परिषदके एवं अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनोंने भी लव जिहादके विरुद्ध कठोर कदम उठाना आरम्भ किया है । कट्टरपन्थियोंको गरबासे दूर रखनेके लिए लगभग डेढ सहस्र हिन्दू युवकोंकी हिन्दू अस्मिता हितरक्षक समितिकी स्थापना की गई । इस संस्थाका अधिकृत पंजीयन भले ही न हुआ हो, तब भी विहिंपके नेता आशीष भट्टने कहा है कि इस संस्थाको विहिंपका समर्थन प्राप्त है । (ऐसे राष्ट्र एवं धर्म प्रेमी ही सनातन धर्मकी खरी शक्ति हैं ! - सम्पादक)

लव जिहाद, राष्ट्रकी एकतापर प्रहार ! - पू. सुधांशुजी महाराज

पू. सुधांशुजी महाराज
बरेली (उ.प्र.) - पू. सुधांशुजी महाराजने कहा कि, लव जिहाद, राष्ट्रीय एकतापर प्रहार करनेवाला विषय है । इस विषयको दबा देनेकी अपेक्षा उसपर चर्चा कर, सत्य जनताके सामने लाना चाहिए । १५ सितम्बरको दैनिक जागरणसे हुई भेंटवार्तामें वे बोल रहे थे, किसी भी कट्टरपन्थी शक्तिद्वारा राष्ट्रकी एकतापर प्रहार नहीं होना चाहिए । किसी भी समाजके लिए अपनी रोटी और बेटीपर होनेवाले प्रहारको सहना सम्भव नहीं है । देशके बाहरकी शक्तियां यहांके युवकोंको फुसलाकर उन्हें लव जिहादके लिए प्रोत्साहित कर रही हैं । अत: देशमें जातीय तनाव बढ रहा है ।
लव जिहादको नकारनेवाले भाजपाके केन्द्रीय गृहमन्त्री
क्या जनताकी रक्षा करेंगे ? अत: राष्ट्र-धर्म रक्षा हेतु देशको सन्तोंके हाथों सौंपें !

लव जिहादके विरोधमें न्यायालयीन कार्यवाही करते समय...

१. कट्टरपन्थीद्वारा किसी लडकीको अगवा किए जानेपर अभिभावक प्रथम पुलिस थानेमें परिवाद प्रविष्ट करें । हिन्दू लडकीकी आयु १८ वर्षोंसे अधिक होनेपर वह उसकी इच्छासे भाग गई, ऐसा लिखकर पुलिस अदखलपात्र अपराध प्रविष्ट करती है । इसलिए अपराध प्रविष्ट करते समय ही अभिभावकोंको बताना चाहिए कि लडकीको अगवा किया गया है ।

कट्टरपन्थीद्वारा एक युवतीको वशमें करनेके लिए दिया काला तावीज और एक सन्तद्वारा साधकको रक्षा हेतु दिया काला धागा, इनमें आध्यात्मिक भेद स्पष्ट करनेवाला अध्यात्म विश्‍वविद्यालयका वैज्ञानिक परीक्षण !

    यहां कट्टरपन्थीद्वारा एक युवतीको वशमें करनेके लिए दिया काला तावीज और एक सन्तद्वारा साधककी रक्षा हेतु दिया काला धागा, इन दोनोंसे प्रक्षेपित ऊर्जाका वैज्ञानिक अध्ययन करने हेतु पिप (पॉलीकॉन्ट्रास्ट इण्टरफेरेन्स फोटोग्राफी) नामक प्रणालीद्वारा परीक्षण किया गया । इसके अन्तर्गत किए निरीक्षण और उनका विवरण आगे दिया है । इस वैज्ञानिक परीक्षणसे पाठकोंको वशीकरण जैसी कष्टप्रद घटनाआेंकी आध्यात्मिक जानकारी प्राप्त होगी और स्पष्ट होगा कि इसपर उपायके रूपमें केवल शारीरिक अथवा मानसिक उपाय पर्याप्त नहीं होते, अपितु आध्यात्मिक उपाय भी करने पडते हैं । ईश्‍वरचरणोंमें प्रार्थना है कि वशीकरण जैसी घातक घटनाआेंसे अपनी रक्षा करने हेतु व्यक्तिद्वारा उचित दृष्टिकोण आत्मसात हों और स्वरक्षाके लिए वह साधना करे !

लव जिहादियोंके लिए दिल दहलानेवाला ! : यौन उत्पीडन विरोधी बालकरक्षा कानून २०१२

     अल्प आयुवर्गकी हिन्दू लडकियोंको फुसलाकर अगवा करनेवाले कट्टरपन्थी लव जिहादियोंपर धाक जमानेके लिए यौन उत्पीडन विरोधी बालकरक्षा कानून २०१२, एक उपयुक्त माध्यम है । 
१. नए कानूनके अनुसार निम्न कृत्य होंगे अपराध !
१ अ. इस कानूनकी धारा ११ में स्पष्ट कहा है कि अल्प आयुवर्गका व्यक्ति अर्थात लडके अथवा लडकीसे लैंगिक उद्देश्यसे घिनौनी और अश्‍लील भाषामें बोलना, पत्र लिखना, अश्‍लील हावभाव करना, लैंगिक उद्देश्यसे उस व्यक्तिका पीछा करना, उस व्यक्तिसम्बन्धी घिनौने चित्र अथवा चित्रीकरण कर उसे इण्टरनेटके माध्यमसे प्रदर्शित करनेकी धमकी देना आदि तथा ऐसे सभी कृत्योंको अपराध निर्धारित किया गया है ।

हिन्दू युवतियो, क्या आप यह जानती हो ?

१. विवाहके उपरान्त मुसलमान पति आपको बुरखा पहनना अनिवार्य कर सकता है । पाककी भूतपूर्व प्रधानमन्त्री बेनजीर भुट्टो लंदनमें थीं, तब तक जीन्स पहनती थीं । विवाहके उपरान्त उन्हें मुखपर हिजाब चढाना पडा ।
२. हिन्दू पति परिवार-नियोजन स्वीकार करता है; जबकि  मुसलमान पति आपको बच्चोंको जन्म देनेवाला यन्त्र समझता है ।

न्यायालय क्या कहता है ?

     लव जिहाद प्रकरणमें केरलके पुलिस महासंचालकद्वारा केरल उच्च न्यायालयके समक्ष प्रस्तुत किए ब्यौरेपर सुनवाई करते समय १७.१२.२००९ को न्यायमूर्ति के.टी. शंकरन्ने कहा, इस ब्यौरेसे स्पष्ट होता है कि राज्यमें वर्ष १९९६ से प्रेमके नामपर बलपूर्वक धर्म-परिवर्तन करनेका अभियान आरम्भ है, अर्थात केरलमें लव जिहाद है । यह ब्यौरा बताता है कि इस नियोजित धर्म-परिवर्तनकी कार्यवाहियोंके पीछे इस्लामिक पॉप्युलर फ्रन्ट और उस संगठनका विद्यार्थी विभाग है । इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि कोजीकोड जनपदमें इस्लाममें धर्म-परिवर्तन करनेवाले केन्द्र हैं । संविधानद्वारा सर्व धर्मोंको समान अधिकार दिए जानेपर भी स्वधर्मके प्रति विद्यमान श्रद्धाका उपयोग बलपूर्वक किसीका धर्म-परिवर्तन करनेके लिए न किया जाए । महाविद्यालयोंके परिसर, धर्म-परिवर्तनके केन्द्र न बनें, इसलिए तथा राज्यमें बलपूर्वक हो रहा धर्म-परिवर्तन रोकनेके लिए राज्यशासन कानून बनाए ।

लव जिहादके विषयमें जनजागरण हेतु सक्रिय संगठन

१. हिंदू युवा वाहिनी, उत्तरप्रदेश
श्री. मनीष पाण्डेय : ९४१५९८९१३६
श्री. अम्बरीश सिंह : ९०२६०८१००१
२. बजरंग दल, कतरास गढ
श्री. विक्की सिंह : ९८३५३९६६९९

लव जिहादके सन्दर्भमें हिन्दुआेंमें व्यापक स्तरपर जागृति करनेवाली हिन्दू जनजागृति समितिके ऑनलाईन अभियानको इण्टरनेट विश्‍वमें मिल रहा अभूतपूर्व प्रतिसाद !

     हिन्दू जनजागृति समितिके हिन्दूजागृति डॉट ऑर्ग (Hindujagruti.org) इस जालस्थलका अगस्त २०१४ में विविध माध्यमोंसे जालस्थलको भेट देनेवालोंकी संख्या : यह पाठकसंख्या  गुगल ऐनलिटिक्स इस ऑनलाईन संगणकीय प्रणालीसे मिलती है ।
हिन्दू युवतियोंका जीवन ध्वस्त करनेवाले लव जिहादके विरोधमें समितिके जालस्थलद्वारा व्यापक प्रमाणपर प्रसिद्धि दी गई । गत माहमें लव जिहादके सन्दर्भमें प्रकाशित की गईं कुल  ८३ वार्ताएं एवं लेखोंको ७९ सहस्रसे भी अधिक पाठकोंने पढा, इसके साथ ही समितिके फेसबुक, ट्विटर एवं गुगल प्लस पृष्ठोंपर यह विषय ४० लाखसे अधिक हिन्दुआेंतक पहुंचाया गया ।
अंग्रेजी : http://www.hindujagruti.org/news/category/articles/love-jihad
हिन्दी : http://www.hindujagruti.org/hindi/news/cid_132.html

सनातनकी सन्तपुष्प श्रृंखलामें इस माह और दो सन्तपुष्पोंका समावेश !

१. नासिक (महाराष्ट्र) निवासी सनातनके साधक श्री. महेंद्र क्षत्रीय सनातनके ४३ वें सन्त घोषित !
२. मंगलुुरू (कर्नाटक) की सनातनकी साधिका श्रीमती राधा प्रभु बनीं सनातनकी ४४ वीं सन्त !

लव जिहादके पाशमें फंसी राष्ट्रीय निशानेबाज तारा सहदेवकी व्यथा !

लव जिहादके पाशसे हिन्दू महिलाआेंको
सुरक्षित रखनेके लिए मोदी शासन प्रभावी उपाय कब करनेवाला है ? 
हिन्दुओं , राज्यकर्ता कुछ करेंगे, ऐसी अपेक्षा रखनेसे अच्छा होगा
कि अब आप ही संगठित होकर लव जिहादके भस्मासुरका अन्त करें  !
     कट्टरपन्थीको उसके किए अपराधका पश्‍चात्ताप हो, ऐसा दण्ड देनेमें प्रचलित न्यायव्यवस्था सक्षम है क्या ? हिन्दू राष्ट्रमें ऐसा पाप करनेका दुःसाहस अन्य कोई नहीं करे, इतना कठोर दण्ड ऐसे कट्टरपन्थियोंको दिया जाएगा !

एक धर्माभिमानीद्वारा हिन्दुआें, कट्टरपन्थियों, धर्मनिरपेक्षतावादियों और राज्यकर्ताआेंको लव जिहादके सन्दर्भमें पूछे हिन्दुआेंके हृदयको विदीर्ण करनेवाले प्रश्‍न !

  •  हिन्दुओ, कट्टरपन्थियोंसे यदि हिन्दू महिलाआेंकी हम रक्षा नहीं कर सकते हैं, तो क्या कलाईपर राखी बन्धवानेके हम पात्र हैं ?
  •  पूर्वकालमें मुसलमान आक्रामकोंके (हां मुगल नहीं, मुसलमान ही ) राज्यमें बलपूर्वक दिनदहाडे हिन्दू महिलाआेंको उठाकर ले जाते थे, ऐसा हम इतिहासमें पढते हैं । क्या आपको लगता है कि आजकी परिस्थिति इससे भिन्न है ?

दीपोंकी मंगलमय श्रृंखलाआेंका त्यौहार दीपावाली

दिवाली (दीपावली)
     व्युत्पत्ति एवं अर्थ : दिवाली शब्द दीपावली शब्दसे बना है । दीपावली, दीप + आवली (पंक्ति, कतार) इस प्रकार बना है । इसका अर्थ है, दीपोंकी पंक्ति अथवा कतार । दीपावलीके दिन सर्वत्र दीप लगाए जाते हैं ।
अन्तर्भूत दिन : कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी (धनत्रयोदशी - धनतेरस), कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी (नरकचतुर्दशी), अमावस्या (लक्ष्मीपूजन) एवं कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा (बलिप्रतिपदा), ये चार दिन दीपावली मनाई जाती है । कुछ लोग त्रयोदशीको दीपावलीमें सम्मिलित न कर, शेष तीन दिनोंकी ही दिवाली मनाते हैं । वसुबारस (गोवत्स द्वादशी) एवं भैयादूजके दिन दीपावलीके साथ ही आते हैं, इसी कारण इनका समावेश दीपावलीमें किया जाता है; परन्तु वास्तवमें ये त्यौहार भिन्न हैं ।

दीपावली मनोरंजन हेतु नहीं; अपितु यह धार्मिकता एवं भारतीय संस्कृतिको संजोए रखनेेका त्यौहार है !

    दीपावलीका आनन्द लेने हेतु छोटे-बडेे सभी सार्वजनिक रूपसे पटाखे जलाते हैं । ध्यान रखिए, प्रसन्नता व्यक्त करनेके लिए पटाखे जलानेकी आवश्यकता नहीं होती । ध्वनिप्रदूषण एवं वायुप्रदूषण करनेवालेे पटाखे अपने लिए और अन्योंके लिए भी उतने ही हानिकारक होते हैं । अन्योंको कष्ट देकर उत्सव मनाना, हिंदु धर्ममें निंदनीय माना जाता है । दीपावलीकी कालावधिमें उचित पद्धतिसे धर्माचरण करनेसे ही खरे आनन्दका अनुभव लिया जा सकता है । आप भी इसकी अनुभति अवश्य ले सकते हैं । इसलिए पटाखे न जलाकर, शास्त्रानुसार दीपावलीका त्यौहार मनाइए ।

साधकोंको सूचना तथा पाठकोंसे निवेदन !

   लव जिहाद विशेषांकके विषयमें समाजसे मिले अभिमत hmsp2000@gmail.com इस पतेपर भेजें । इसके साथ ही यह विशेषांक स्वयं पढनेके उपरान्त संग्रहित रखें तथा औरोंको भी पढने दें । यदि संग्रहित न रखना हो, तो सनातनके निकटतम केन्द्रमें जमा करें !

'इण्टरनेट चैनल'पर हिन्दू वार्तापत्र और राष्ट्र एवं धर्मसम्बन्धी कार्यक्रमोंके लिए पूर्णकालीन संवाददाता, सम्पादक, निवेदक और वीडियो एडिटरकी आवश्यकता !

    इण्टरनेट चैनलद्वारा शीघ्र ही हिन्दू वार्ता नामक समाचारोंका कार्यक्रम तथा धर्मसत्संग, राष्ट्रजागृति सम्बन्धी उद्बोधन, धर्मरक्षकोंसे भेंटवार्ताएं, आध्यात्मिक शोध आदि कार्यक्रम हिन्दी और अंग्रेजी भाषाआेंमें प्रस्तुत किए जानेवाले हैं । इस सेवाके लिए प्रशिक्षित, अर्धप्रशिक्षित, अप्रशिक्षित; परन्तु प्रशिक्षित होकर सेवा करनेकी इच्छा रखनेवाले पूर्णकालीन मनुष्य संसाधनकी आवश्यकता है । इसमें पत्रकार, सम्पादक, निवेदक और वीडियो एडिटर (दृश्य-श्रव्य संकलनकर्ता) आदिकी आवश्यकता है । इस सेवामें सहभागी होनेके लिए साधक, पाठक और हितैषी निम्न इ-मेल पतेपर तथा चल-दूरभाष क्रमांकपर सम्पर्क करें ।
चल-दूरभाष : श्री. प्रशांत कोयंडे - ०८४५१००६०००, श्री. सुयोग जाखोटिया - ०८४५१००६२३९; इ-मेल : hindu.varta10@gmail.com

साधकोंको सूचना एवं पाठक, हितैषी और धर्माभिमानियोंसे नम्र निवेदन !

सनातन पंचांग २०१५की मांग शीघ्रातिशीघ्र
सूचित कर आपकी प्रतियां आज ही आरक्षित करें !
 सनातन पंचांग मात्र पंचांग नहीं, अपितु हिन्दुत्वका सर्वांग है । राष्ट्र-धर्म कार्यके लिए सक्रिय और धर्मशिक्षा प्रदान करनेवाला प्रभावी माध्यम, ऐसा यह पंचांग जिज्ञासुआेंका साधनाके लिए अमूल्य मार्गदर्शन भी करता है । सनातन पंचांगको सभी स्तरोंसे भारी मात्रामें प्रतिसाद मिल रहा है । पंचांगके सन्दर्भमें समाजकी ओरसे मिलनेवाला बढता प्रतिसाद और अपर्याप्त साधकसंख्या, इन कारणोंसे वर्ष २०१४ का पंचांग कुछ जिज्ञासुआेंको समयपर नहीं मिल पाया था । इसलिए उन्होंने साधकोंको स्वयं सूचित किया कि वर्ष २०१४ का सनातन पंचांग देनेके लिए हमारे पास कोई आया ही नहीं । हम साधकोंकी प्रतीक्षा कर रहे थे । इस वर्ष हमारे लिए पंचांग भेजना न भूलें ।

भारत रक्षा मंचके राष्ट्रीय सचिव श्री. अनिल धीरको मातृशोक

     भुवनेश्‍वर (ओडिशा) के सनातनके हितैषी, श्री. धीरकी ८० वर्षीय माताश्री, श्रीमती कृष्णा धीरका ११ सितम्बरको दु:खद निधन हुआ । सनातन परिवार धीर परिवारके दु:खमें सहभागी है ।

१.१०.२०१४ से ३०.९.२०१७, इन ३ वर्षोंकी कालावधिमें सभीके लिए आवश्यक उपाय !

१. विविध चक्रोंपर लगानेके देवताआेंके चित्र : देवताका चित्र शरीरको स्पर्श कर बाहरकी दिशामें मुख कर (निर्गुण) रखना है अथवा भीतरकी दिशामें मुख कर (सगुण) रखना है, यह नीचे दिया है । सम्बन्धित देवताकी नामपट्टीका प्रयोग करना हो, तो उसके अक्षरोंके सन्दर्भमें ऐसा ही कर सकते हैं । अनाहतचक्रके नीचेके चक्रोंके लिए नामपट्टीका उपयोग करें ।

चूक एवं सुधार !

१. सितम्बर २०१४ के हिंदी मासिक सनातन प्रभातके पृष्ठ ५ पर स्वतन्त्रतादिवसपर समाजमें राष्ट्राभिमान वृद्धिंगत करने हेतु सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समितिकी ओरसे विविध उपक्रम इस वृत्तमें वाराणसीमें, वाराणसी मण्डलके श्री. राजेन्द्र मोहन श्रीवास्तव, जिलाधिकारीके प्रतिनिधि श्री. सत्यप्रकाश शर्मा तथा पुलिस महानिरीक्षक वाराणसीके श्री. एस.के. भगतको ज्ञापन दिया गया ।, ऐसा गलत वाक्य प्रकाशित हुआ था । इसके स्थानपर पाठक माननीय आयुक्त वाराणसी मण्डल, वाराणसी श्री. राजेंद्र मोहन श्रीवास्तव, माननीय जिलाधिकारीको, जिलाधिकारीके प्रतिनिधि (ए.डी.एम् प्रोटोकोल) श्री. सत्यप्रकाश शर्मा द्वारा, तथा मा. पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी (परिक्षेत्र वाराणसी) श्री. एस.के. भगतजी को ज्ञापन दिया, कृपया ऐसा पढें । असुविधाके लिए सभीसे क्षमा चाहते हैं ।
२. सितम्बर मासिकके पृष्ठ ७ पर पितृपक्षमें (पितर पक्षमें) श्राद्धका महत्त्व इस लेखमें तीसरी पंक्तिमें रात्रि ११.४४ के स्थानपर दिन ११.४४ पढें । इसके लिए हम सभी पाठकोंसे क्षमा चाहते हैं । संबंधित साधकोंने इसके लिए प्रायश्‍चित लिया है । - सम्पादक