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धर्मजागृति, हिंदू-संगठन एवं राष्ट्ररक्षा हेतु साधकोंद्वारा साधनास्वरूप आर्थिक हानि सहते हुए भी चलाया जानेवाला एकमात्र मासिक !
दिसम्बर २०१४

साधको और हिन्दुत्ववादियो, अब अखण्ड जागृत रहते हुए स्वरक्षा करना सीख लें !

 प.पू. डॉ. आठवले
गत ८-१० वर्षोंसे सनातन संस्था बता रही है कि राष्ट्र और धर्म पर होनेवाले आघात अपनी चरमसीमापर पहुंचनेवाले हैं । १० नवम्बर २००४ में महाराष्ट्रके पनवेल स्थित देवद आश्रमपर गुण्डोंने आक्रमण किया था । तदुपरान्त ३ नवम्बर २००५ में कट्टरपन्थियोंने महाराष्ट्रके मीरजस्थित दैनिक सनातन प्रभातके कार्यालयपर आक्रमण किया था और वर्ष २०१० की दिवालीमें रामनाथी आश्रमपर समाज विद्रोहियोंने पथराव किया था ।

गोवा स्थित सनातनके आश्रम एवं साधकोंपर समाजकंटकोंद्वारा प्राणघातक आक्रमण

समाजविद्रोहियोंद्वारा साधककी  पीठपर नुकीले औजारसे किया घाव

सन्तोंकी वन्दनीय उपस्थितिमें श्रीक्षेत्र औदुंबरमें पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलन सम्पन्न

    सांगली (महाराष्ट्र) - यहां १४ से १६ नवम्बर २०१४ को महर्षि वाग्भट्ट गोशाला एवं पंचगव्य अनुसंधान केंद्रकी ओरसेे स्वर्गीय राजीव दीक्षितकी जन्मतिथि (कालभैरवाष्टमी) पर पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलनका आयोजन किया गया । इस अवसरपर श्रीशिवप्रतिष्ठानके संस्थापक पू. संभाजीराव भिडे गुरुजीने कहा, गोसंवर्धन हेतु पंचगव्य गुरुकुलम्के गव्यसिद्धाचार्य डॉ. निरंजनभाई वर्मा और उनके सहकारियोंके प्रयत्नोंके लिए उन्हें साष्टांग दण्डवत करना चाहिए । ८०० लोगोंकी उपस्थितिमें गोसंवर्धन (जैविक कृषि एवं पंचगव्य चिकित्सा के लाभसहित) ग्रन्थका लोकार्पण हुआ । डॉ. वर्माने कार्यक्रमका सूत्रसंचालन किया ।

सहनशीलताकी मर्यादा !

    वर्तमानमें, गोहत्यापर प्रतिबन्ध लगाना, देशके सामने सर्वाधिक प्रमुख विषय है । केन्द्रशासन और राज्यशासन इस विषयके प्रति गम्भीर नहीं हैं । धर्माभिमानी हिन्दू गत अनेक वर्षोंसे शासनसे गोहत्यापर प्रतिबन्ध लगानेका विधान बनानेकी मांग करते आ रहे हैं । इस कार्यके लिए शासन अनुकूल एवं सकारात्मक नहीं दिखाई दे रहा है । इसलिए, हिन्दुआेंकी सहनशीलता अब समाप्त होती जा रही है । इस विषयपर समविचारी हिन्दू संगठन एकजुट होकर गोहत्याको प्रतिबन्धित करनेके संघर्षको निरन्तर जारी रखे हुए हैं । उनकी यह अखण्ड संघर्षशीलता प्रशंसनीय है ।

अमेरिका और गोपालन

    पाश्‍चात्योंका अन्धानुकरण भारतीयोंका स्वभाव बन गया है । विदेशोंसे आयात की हुई वस्तुएं, स्वदेश निर्मित वस्तुआेंसे गुणवत्तामें थोडी भी न्यून हों, तो भी भारतीय उन्हें बडे प्रेमसे अपना लेते हैं । हाल ही में भारतके प्रधानमन्त्री श्री. नरेन्द्र मोदीने अमेरिकाकी सफल यात्रा की । तबसे, भारतमें अमेरिकाके विषयमें चर्चाआेंकी बाढ-सी आई है । इसीलिए, हम यहां अमेरिकासे सम्बन्धित एक अच्छे समाचारपर प्रकाश डालने जा रहे हैं । वैसे भी यह समाचार हमारे लिए आश्‍चर्यसे कम नहीं है; किन्तु इससे अधिक लज्जाजनक है । अमेरिकाके पेन्सिल्वानिया राज्यके बंगोर स्थानपर गोमाता-अभयारण्य बनाया गया है । भूतदया एवं प्रेम इस बोधवाक्यसे युक्त इस अभयारण्यको, लक्ष्मी गाय अभयारण्य नाम दिया गया है । गायोंके प्राण बचाकर यहां उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाती है तथा यहांके खुले वातावरणमें उनका पालन-पोषण किया जाता है ।

सन्त बाबा रामपालको बन्दी बनाने पहुंची ४० सहस्र पुलिसकर्मियोंको ५० सहस्र भक्तोंकी दीवारने रोका !

    बरवाला (हरियाणा) - आर्य समाजी और हिसारके सतलोक आश्रमके संचालक सन्त बाबा रामपालके अनुयायियोंमें १२ मई २०१३ को हुए संघर्षमें गत वर्ष ६ लोगोंकी मृत्यु हुई थी । इस प्रकरणमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालयाने सन्त बाबा रामपालके विरोधमें बिनाप्रतिभूति (गैरजमानती)बन्दीका आदेश निकाला और उन्हें १७.११.२०१४ को न्यायालयमें उपस्थित करनेका आदेश पुलिसको दिया । तथापि इस बन्दीके विरोधमें सन्त बाबा रामपालके ५० सहस्र भक्तोंने उनके आश्रमके सर्व ओर घेरा डालनेसे पुलिसको १७ नवम्बरको लगातार दूसरी बार खाली हाथ लौटना पडा । (अन्य सन्तोंके भक्तोंके सामने इन भक्तोंने आदर्श रखा है ! - सम्पादक) सन्त रामपालको न्यायालयमें उपस्थित करनेके लिए नेवी कमाण्डो, विशेष आरक्षित दल आदिके साथ ४० सहस्र पुलिसकर्मियोंका प्रबन्ध किया गया था । (१५ मिनटोंमें हिन्दुआेंको समाप्त करेंगे ऐसी भाषा करनेवाले औवेसीके विरुद्ध अभियोग नहीं प्रविष्ट करते अथवा उनके आसपास ४०-५० सहस्र पुलिस नियुक्त नहीं करते । केवल हिन्दुआेंके सन्दर्भमें ऐसा करते हैं ! - सम्पादक)

देहली पुलिसद्वारा गोरक्षणार्थ आन्दोलन करनेवाले सन्त गोपालदास महाराजको मारपीट और गुप्तांगपर प्रहार !

मोदी सरकारके लिए घर-घर जाकर मतयाचना की; परन्तु गोहत्या रोकने हेतु आज उनकी ही लाठियोंका प्रहार सहना पड रहा है ! - सन्त गोपालदास महाराज
    नई देहली - जंतर मंतरपर गोहत्याके विरुद्ध धरना आन्दोलन करनेपर संसद भवनकी ओर निकले सन्त गोपालदास महाराजको देहली पुलिसद्वारा मार्गपर ही अमानुष मारापीटा गया । (क्या मोदी सरकारने किसी मौलवी अथवा पादरीके साथ ऐसा करनेका दु:साहस किया होता? - सम्पादक) महाराजके गुप्तांगपर भी देहली पुलिसने प्रहार किया एवं तत्पश्‍चात महाराजको नियन्त्रणमें लिया । (सन्तोंपर हाथ  उठानेवाली देहली पुलिसका धिक्कार ! क्या भाजपा शासन इसका समर्थन करता है ? ऐसा अत्याचारी व्यवहार अब धर्मक्रान्ति अपरिहार्य करता है ! - सम्पादक)

कट्टरपन्थियोंने पुणे पुलिसकी सहायतासे श्री दत्तका मन्दिर तोडा !

    पुणे (महाराष्ट्र) - यहांके चारनाल दवाखाना चौक, पुरातन भवानी पेठमें जिज्ञासा तरुण मण्डलके कार्यकर्ताओंने १३ नवम्बरकी सायं मन्दिरकी स्थापना कर श्री दत्तगुरुकी मूर्तिकी प्राणप्रतिष्ठा की थी। अगले ही दिन कट्टरपन्थियोंने स्थानीय पुलिसकी सहायतासे दत्तका मन्दिर तोड डाला और इस प्रकरणमें ५ हिन्दुओंपर परिवाद प्रविष्ट किया ।
    (हिन्दुओंके असंगठित एवं सहिष्णु मानसिकताका ही यह परिणाम है ! आजतकके राजनेताओंद्वारा कट्टरपन्थियोंकी चापलूसीके कारण ही वे इस प्रकारसे उद्दंड होकर हिन्दुओंके मन्दिर तोडते आ रहे हैं ! क्या पुलिसद्वारा मस्जिद अथवा चर्चपर कभी ऐसी कार्यवाही की गई है ? हिन्दुआेंके साथ ऐसा सौतेला व्यवहार ही हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अपरिहार्य करता है । - सम्पादक)

बंगालमें प्रखर हिन्दुुत्वनिष्ठ तपन घोषको मुहर्रमकी पृष्ठभूमिपर प्रतिबन्धात्मक बन्दी!

बंगालमें पुलिस जिहादी आतंकवादियोंपर कार्यवाही करनेके स्थानपर
उन्हें बांगलादेशमें भाग जानेमें सहायता हो, ऐसे बर्ताव करती है;
परन्तु निरपराध देशभक्त हिन्दुआेंको बन्दी बनाती है ! 
ममता (बानो)का मुसलमान प्रेम !
हिन्दुआेंके त्यौहारोंके समय मुसलमानोंको एवं उनके
नेता कभी प्रतिबन्धात्मक बन्दी बनाए जाते हैं क्या ?
    कोलकाता (बंगाल) - मुहर्रमकी पृष्ठभूमिपर बंगाल पुलिसने हिन्दू संहति (हिन्दू एकता) इस हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनके अध्यक्ष श्री. तपन घोषको ३ नवम्बरको बन्दी बना लिया गया था । हिन्दुत्वनिष्ठोंका आरोप था कि पुलिसने बिना कोई पूर्वसूचना दिए ही ऐसा किया था । (बंगाल की मुगलिया पुलिस ! - सम्पादक) श्री. घोषके साथ उनके संगठनके श्री. असिताभ एवं श्री. सुजित माईतीको भी पुलिसने बन्दी बनाया था ।

सन्तोंकी वन्दनीय उपस्थितिमें श्रीक्षेत्र औदुंबरमें पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलन सम्पन्न

     सांगली (महाराष्ट्र) - यहां १४ से १६ नवम्बर २०१४ को महर्षि वाग्भट्ट गोशाला एवं पंचगव्य अनुसंधान केंद्रकी ओरसेे स्वर्गीय राजीव दीक्षितकी जन्मतिथि (कालभैरवाष्टमी) पर पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलनका आयोजन किया गया । इस अवसरपर  श्रीशिवप्रतिष्ठानके संस्थापक पू. संभाजीराव भिडे गुरुजीने कहा, गोसंवर्धन हेतु पंचगव्य गुरुकुलके गव्यसिद्धाचार्य डॉ. निरंजनभाई वर्मा और उनके सहकारियोंके प्रयत्नोंके लिए उन्हें साष्टांग दण्डवत करना चाहिए । ८०० लोगोंकी उपस्थितिमें गोसंवर्धन (जैविक कृषि एवं पंचगव्य चिकित्सा के लाभसहित) ग्रन्थका लोकार्पण हुआ । डॉ. वर्माने कार्यक्रमका सूत्रसंचालन किया  ।

बन्दी बनाई गईं महिलाआेंकी बिक्री करने हेतु आई.एस्.आई.एस्.द्वारा दरपत्रक निश्‍चित

कट्टर आतंकवादी कितने निम्न स्तरतक
जा सकते हैं, इसका यह एक जीता-जागता उदाहरण !
   जिहादमें शत्रुआेंकी महिलाआें और लडकियोंको बन्दी बनाकर उनका उपभोग लेनेके लिए कहा गया है; इसलिए भारतमें गत १२ सौ वर्षोंमें हुए इस्लामी आक्रमक भारतकी लाखों हिन्दू महिलाआेंको भगा ले गए और उनकी बिक्री की । ऐसा न हो इसके लिए तत्कालीन हिन्दू महिला जोहार करती थीं । गत १२ सौ वर्षोंमें इस्लामी आक्रमणोंमें कोई भी परिवर्तन नहीं हुआ है । ऐसे इस्लामका अर्थ शान्ति कहा जाता है और उनके साथ सर्वधर्मसमभावका डोस हिन्दुआेंको पिलाया जाता है ! 

कांग्रेस और भाजपामें कोई अन्तर नहीं, इस बातका प्रमाण !

जम्मू-कश्मीरकी भाजपाकी प्रत्याशी डॉ. हिना बट की धमकी
'धारा ३७० निरस्त हुई, तो हाथमें बन्दूक लूंगी !'
    श्रीनगर (कश्मीर) - यहांके अमीकदल विधानसभा मतदातासंघके भाजपाकी प्रत्याशी डॉ. हिना बटने दै. जागरणके प्रतिनिधिसे वार्तालाप करते समय कहा, धारा ३७० निरस्त हुई, तो हाथमें बन्दूक लूंगी । उन्होंने आगे कहा, धारा ३७० जम्मू-कश्मीरकी अपनी अलग पहचान दिखानेके लिए आवश्यक है । इसे नष्ट किया जाना, कदापि स्वीकार नहीं होगा । धारा ३७० का सूत्र जनभावनासे जुडा हुआ है और इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता । यदि ऐसा हुआ, तो मैं पार्टी छोड दूंगी।

लक्ष्मणपुरी (लखनऊ)में मुहर्रमनिमित्त कट्टरपन्थियोंने पाकिस्तान लिखी गई टी-शटर्स पहनीं !

पाकिस्तान लिखे गए कपडे भारतमें बिक्रीके लिए आ ही कैसे सकते हैं ? ऐसे कपडे भारतके किसी गांवमें पहुंचनेतक प्रशासनके ध्यानमें क्यों नहीं आया ? कट्टरपन्थी एवं देशद्रोही मुसलमानोंका नंदनवन बना उत्तरप्रदेशके समाजवादी पक्षकी सरकारको सत्ताच्युत करें !
     लक्ष्मणपुरी (लखनऊ) - कुशीनगरमें कल्याण छप्पर गांवमें मुहर्रमके निमित्तसे कुछ युवकोंने पाकिस्तान ऐसे शब्द लिखे गए टी-शटर्स पहने । (राष्ट्रद्रोही कट्टरपन्थी ! भारतमें रहकर पाकिस्तानसे निष्ठा रखनेवाले युवकोंपर राष्ट्रद्रोहका अभियोग प्रविष्ट किया जाए ! - सम्पादक) इसके सन्दर्भमें आवाज उठाई जानेपर पुलिसने घटनास्थलपर पहुंचकर सम्बन्धित युवकोंको इन आक्षेपजनक टी-शटर्स उतारनेके लिए दबाब डाला । पुलिसने अपराध प्रविष्ट किया है। इन युवकोंके पास ये टी-शटर्स कहांसे आईं, इसकी छानबीन की जा रही है । (पुलिसने इन युवकोंको क्यों नहीं बन्दी बनाया ? उनकी काली करतूतोंपर क्यों परदा डाल रहे हैं ? क्या मोदी सरकार इस ओर ध्यान देगी ? - सम्पादक)

ईसाई संचालकद्वारा अनाथालयकी हिन्दू लडकियोंकी विवस्त्र कर पीटाई !

   जयपुर (राज.) -  यहांके झोटवाडा अनाथालयकी छोटी लडकियोंको विवस्त्र कर, उनका यौन उत्पीडन करनेकी घटना उजागर हुई है । इस प्रकरणमें पुलिसने इस अनाथालयके नराधम संचालक जॉन्सन चाको और उसकी पत्नीको बन्दी बनाया है । (हिन्दुओ, कट्टरपन्थियों तथा ईसाइयोंसे आपकी महिलाआेंका संरक्षण करनेके लिए भारतके सर्वदलीय राज्यकर्ता सक्षम नहीं है, इसलिए आप ही संगठित होकर सुरक्षित और सुंसस्कृत हिन्दू-राष्ट्रकी स्थापना करें ! - सम्पादक)
अनाथालयकी लडकियोंका धर्मपरिवर्तनकर
कर उन्हें ईसाई बनाए जानेके सन्दर्भमें पुलिसको सन्देह !
    अनाथालयकी सभी लडकियां हिन्दू समाजसे हैं । संचालक चाको और उसकी पत्नी, दोनों अनाथालयके एक कक्षमें सभी लडकियोंसे प्रार्थना करवाते थे ।  पुलिसको सन्देह है कि कहीं चाको इन्हें धर्मपरिवर्तनके लिए तो नहीं प्रवृत्त कर रहा था ।  (सन्दर्भ : दिव्य मराठी)

अमेरिकाके इथकामिथ वर्डप्रेस डॉट कॉम आस्थापनद्वारा कोका कोलाके विज्ञापनमें भगवान श्रीकृष्णक़ा घोर अनादर !

हिन्दू जनजागृति समितिद्वारा आस्थापनको दिए गए निषेध पत्रको प्रतिसाद नहीं !
अवमाननाका स्वरूप दर्शाने हेतु यह चित्र है (इसके पीछे
किसीकी धर्मभावनाओंको आहत करनेका उद्देश्य नहीं है ।)
अधिक वृत्त पढें : http://ithacamyth.wordpress.com/2011/11/17/krishna-and-arjuna-have-a-coke-and-a-smile/
    मुंबई (महाराष्ट्र) - अमेरिकाके इथकामिथ वर्डप्रेस डॉट कॉम आस्थापनने कोका कोलाके विज्ञापनके लिए महाभारतके युद्धके प्रसंगका विकृतिकरण कर, भगवान श्रीकृष्ण एवं अर्जुन शंखनाद करनेके स्थानपर कोका कोला पीते हुए दर्शाए गए हैं ।

हिन्दू जनजागृति समितिद्वारा हिन्दुओंकी भावनाएं आहत करनेवाला मराठी चलचित्र एलिजाबेथ एकादशीका प्रमाणपत्र निरस्त करनेकी मांग

सायकलपर खडे हुए श्री विठ्ठल भगवान
श्री विठ्ठल भगवान समान कमरपर
हाथ रखकर ईंटपर खडी एलिजाबेथ
  (पणजी) गोवा - अंग्रेजोंका उदात्तीकरण करनेवाले परेश मोकाशी दिग्दर्शित एलिजाबेथ एकादशी यह चलचित्र हाल ही में प्रदर्शित हुआ है । इसमें भगवान विठ्ठलका घोर अनादर हुआ है । १. एकादशी भगवान श्रीविष्णुसे सम्बन्धित एक तिथि है । चलचित्रको एलिजाबेथ एकादशी नाम देकर चलचित्र निर्माताने एक नई एकादशी उत्पन्न कर हिन्दुओंको भ्रमित करने तथा हिन्दुओंकी धार्मिक भावनाएं आहत करनेका प्रयास किया है ।
२. चलचित्रके भीतपत्रकपर दर्शाया गया है कि एलिजाबेथ कमरपर हाथ रखकर एक ईंटपर खडी है और भगवान विठ्ठलको सायकलपर खडे हुए दर्शाया गया है । यह हिन्दुओंकी मूल वास्तविकताका अनादर है ।
३. चलचित्रमें संशोधक न्यूटनको सन्त सम्बोधित किया गया है ।
अधिक वृत्त पढें : http://www.hindujagruti.org/hindi/news/12661.html 
निषेध हेतु सम्पर्क : केन्द्रीय फिल्म परिनिरीक्षण मण्डल, भारत भवन, ९१ ई, वाळकेश्‍वर रोड, मुंबई ४०००४.
दू.क्र. : (०२२) २३६३१०४८, २३६२५७७०

हैपी न्यू ईयर चलचित्रमें राधा-कृष्णका अनादर !

भाजपा सरकारको ऐसे चलचित्रोंपर प्रतिबन्ध लगाकर
उत्तरदायी व्यक्तियोंपर कठोर कार्यवाही करनी चाहिए, ऐसी हिन्दुओंकी अपेक्षा है !
    मुंबई (महाराष्ट्र) - २४ अक्टूबरको प्रदर्शित नायक एवं निर्माता शाहरूख खान एवं फराह खान दिग्दर्शित हैपी न्यू ईयर चलचित्रमें सटकली गीतमें राधा-कृष्णका अनादर किया गया है । इस गीतमें राधे-राधे बोलो, जय कन्हैयालालकी ऐसे पवित्र शब्दोंका उपयोग करते हुए महंगी शराबकी एक घूंटमें सारी गटक ली ऐसे अभद्र शब्दोंका भी उपयोग किया गया है ।

रंग रसिया चलचित्रके प्रदर्शनपर कोर्ट ने लगाई रोक


    कोच्चि (केरल) - केरल की एक अदालतने बॉलिवुड की फिल्म रंग रसियाके प्रदर्शनपर रोक लगा दी है । बताया जाता है कि रंग रसिया १९ वीं सदी के प्रख्यात भारतीय चित्रकार राजा रवि वर्माके जीवनपर आधारित फिल्म है । इस फिल्ममें प्रख्यात कलाकारको व्यभिचारी दिखाते हुए हिन्दुआेंकी भावनाआेंको आहत किया है ।

ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में सेनामें भर्तीके लिए आए युवकोंने नगरमें मचाया ७ घण्टे उधम !

  • युवतियोंके वस्त्र फाड दिए ! 
  •  दुकान और एटीएम् तोडकर की लूटपाट !  
  • भारी संख्यामें वाहन जलाए गए ! 
  •  पुलिस अधिकारियोंकी भी पीटाई !
क्या ऐसी स्व-अनुशासनहीन युवा पीढी सेनामें भर्ती होनेकी पात्र है ?
     ग्वालियर (म.प्र.) - यहांके मेला मैदानमें सेनामें भर्ती होनेके लिए पूरे राज्यसे सहस्रों युवक आए थे । भर्तीके समय दौडकी परीक्षामें अनुत्तीर्ण युवकोंने, यह परीक्षा पुनः ली जाए; इसलिए उधम मचाया । पुलिस इन आक्रोशित युवकोंको नियन्त्रणमें नहीं ला पाई । युवकोंने पुलिसपर भी आक्रमण किया । इसमें ३५ पुलिसकर्मियोंके साथ कुछ अधिकारी भी घायल हुए । (नगरमें हुए हिंसाचारपर नियन्त्रण प्राप्त न कर सकनेवाली पुलिस देशभरमें फैले आतंकवादियोंका सामना कैसे कर पाएगी ? - सम्पादक)

छत्तीसगढमें नसबन्दी करनेके उपरान्त महिलाआेंको दी गई औषधियोंमें पाया गया विषैला द्रव्य : १४ महिलाएं चढीं बली !

जनताके स्वास्थ्यसे खिलवाड करनेवाले संवेदनहीन अधिकारियोंको फांसीपर लटकाएं !
नई देहली - स्वास्थ्य विभागके प्रधान सचिव आलोक शुक्लाने जानकारी दी है कि छत्तीसगढके बिलासपुर जनपदके पेंडरी गांवमें नसबन्दीके उपरान्त महिलाआेंको दी औषधिमें जिंक फॉस्फेट नामक विषैला पदार्थ था । जिंक फॉस्फेट चूहोंको मारनेकी औषधिमें मिलाया जाता है । शासनकी ओरसे आयोजित इस शिविरमें कुल १४ महिलाआेंको अपने प्राण गंवाने पडे हैं ।

नेपालको पुन: हिन्दू राष्ट्र बनानेके लिए हिन्दू धर्माभिमानी श्रीनिवासद्वारा किए अनशनको नेपालद्वारा कुचला जाना

 कहां पूरे विश्‍वमें कहीं भी मुसलमान बन्धुआेंका समर्थन करनेवाले
मुसलमानोंका धर्माभिमान, तो कहां हिन्दू राष्ट्रकी निर्मितिके लिए अकेले
लडनेवाले नेपालके हिन्दू धर्माभिमानी श्रीनिवासका आन्दोलन पुलिसको कुचलने देनेवाला हिन्दुआेंका धर्माभिमान !
  •  पुलिसने यज्ञकुण्डमें फेंका कचरा !
  •  मारा-पीटा और बनाया बन्दी  !
  • आरम्भ रखनेका श्रीनिवासका निर्धार !
मोदी सरकार क्या नेपालको समझाएगी ?
हिन्दुओे, हिन्दू राष्ट्रकी निर्मिति हेतु इस आन्दोेलनके लिए सर्व प्रकारसे सहायता करना, अपना धर्मकर्तव्य ही है ! 
image caption - पुलिसद्वारा यज्ञका विध्वंस एवं श्री. श्रीनिवासकी सामग्री तितर-बितर
    काठमांडु (नेपाल) - नेपाल पुन: हिन्दू राष्ट्र बने, इस उद्देश्यसे  काठमांडुके रत्नपार्ककी शान्ति वाटिकामें अप्रैल २०१४ से अनशन करनेवाले श्री. श्रीनिवासजीपर २८ अक्टूबरको पुलिसने बलप्रयोग कर, कुचलनेका प्रयास किया । (नेपालकी मुगलिया पुलिस ! हिन्दू राष्ट्रमें ऐसी पुलिसको कठोर दण्ड दिया जाएगा ! - सम्पादक) इतना ही नहीं, अपितु तानाशाही पुलिसने यज्ञका विध्वंस कर, उन्हें मारा-पीटा और बन्दी बनाया ।
पुलिसकी तानाशाहीके उपरान्त श्री. श्रीनिवास अपने ध्येयपर अधिक दृढ !
पुलिसके अमानुष अत्याचारके उपरान्त श्री. श्रीनिवास अपने ध्येयपर और अधिक दृढ हो गए हैं । इसके लिए उन्हें अनेक लोगोंका समर्थन प्राप्त है ।
अब भंडारखलमें आन्दोलन !
    यह अनशन अब गौशालाके भंडारखल में होगा । वैदिक सनातन हिन्दू राष्ट्र नेपाल के श्री. सुशीलचंद्र अधिकारीने यथाशक्ति सहयोग करनेका आवाहन किया है ।

जयपुरके जवाहर कला केन्द्रमें आयोजित प्रदर्शनीमें शौचकूपपर दिखाया श्री गणेशका रूप !

हिन्दुओ, आपके आस्थास्रोतोंका अनादर करनेवाली ऐसी
कला प्रदर्शनियोंका संयमपूर्वक एवं संगठितरूपसे विरोध करें ! 

शौचकूपपर बनाई श्री गणेशकी मुखाकृति
    जयपुर (राज.)- यहांके जवाहर कला केन्द्रमें आयोजित पांच दिवसीय अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी विवादमें पड गई । प्रदर्शनी आरम्भ होनेके पहले ही हिन्दुआेंके उपास्य देवता श्री गणेशका रूप शौचकूपपर दिखाए जानेकी बात उजागर होनेसे स्थानीय कलाकार और धर्माभिमानी हिन्दुआेंने तीव्र शब्दोंमें रोष व्यक्त किया ।

अमेरिकाके आस्थापन सूर्य ब्रासिल द्वारा विक्रय हेतु ऑनलाईन वस्तुओंके माध्यमसे ऋषिका अनादर !

    मुंबई (महाराष्ट्र) - अमेरिकाके आस्थापन सूर्य ब्रासिलद्वारा विक्रय हेतु ऑनलाइन रखी गई मेंहदी क्रीम एवं मेंहदी चूर्णके डिब्बेपर ऋषिके अश्‍लील चित्र छापे गए हैं । यह बात ध्यानमें आनेपर कुछ धर्माभिमानियोंने अमेरिकाके हिन्दू जनजागृति समितिसे सम्पर्क कर, इस घटनाकी जानकारी दी । हिन्दू जनजागृति समितिके कार्यकर्ताओंने सूर्य ब्रासिल आस्थापनके व्यवस्थापनको इ-मेल भेजकर विरोध व्यक्त किया । उनका कृत्य ऋषिका घोर अनादर करनेवाला है । इसलिए हिन्दुओंकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं । अतः मेंहदी क्रीम एवं मेंहदी चूर्ण, इन डिब्बोंमें रखकर बिक्री न करनेकी विनती की गई; परंतु आस्थापनद्वारा इस पत्रका कोई प्रतिसाद न मिलनेसे धर्माभिमानी हिन्दू आगे दिए इ-मेलके पतेपर या ०११-५५-५१६-३२८-००२१ चल-दूरभाष क्रमांकपर अपना विरोध प्रविष्ट कर रहे हैं ।
लिंक : http://www.hindujagruti.org/hindi/news/newscategories/11

नेपालको पुनः हिन्दू राष्ट्र बनाएंगे !

सम्मेलनका उद्घाटन करते हुए मान्यवर
    नेपाल  हिन्दू धर्मियोंके हो रहे धर्म-परिवर्तनपर रोक लगे तथा नेपाल पुनः हिन्दू राष्ट्र बने, इस उद्देश्यसे काठमांडु स्थित श्रीकोटेश्‍वर महादेव मन्दिरके प्रागंणमें १ एवं २ नवम्बरको हिन्दू संगठनोंका बृहद्सम्मेलन सम्पन्न हुआ । इसमें १२२ से अधिक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन सम्मिलित हुए तथा नेपालको हिन्दू राष्ट्र बनानेके लिए १५ जनवरी २०१५ से राष्ट्रव्यापी आन्दोलन प्रारम्भ करनेका प्रस्ताव पारित किया गया ।

हिन्दू जनजागृति समितिके हिन्दूजागृति डॉट ऑर्ग जालस्थल (वेबसाइट)पर वीडियोे न्यूज भी उपलब्ध !

समाज, राष्ट्र एवं हिन्दू धर्म के विषयमें विश्‍वभरके हिन्दुआेंमें जागृति लानेवाले हिन्दू जनजागृति समितिके www.hindujagruti.org इस जालस्थलपर अब वीडियो न्यूज भी उपलब्ध हैं ! निम्नलिखित जालस्थल मार्गिकाआेंपर (लिंक) ये वीडियो न्यूज दर्शकोंके लिए उपलब्ध हैं । ये वीडियो न्यूज हिन्दूवार्ता इस जानकारीजालकी प्रस्तावित वाहिनीके लिए देशभरके हिन्दुत्ववादी, कार्यकर्ता और साधकोंद्वारा भेजी गई जानकारीसे बनाई जा रही हैं ।

कोकणकन्या एक्स्प्रेसको दुर्घटनासे बचानेवाले रेल कर्मचारीको मात्र ३०० रुपयोंका पुरस्कार देकर किया गौरवान्वित!

सहस्रों यात्रियोंके प्राण बचानेवाले तत्पर कर्मचारीके
प्रसंगावधान का महत्त्व न जाननेवाला कृतघ्न कोकण रेल प्रशासन !
    रत्नागिरी (महाराष्ट्र) - रेल कर्मचारी सचिन पाडावेने देखा कि लाजूळ पुलपर रेलकी पटरी टूटी हुई है । उन्होंने यह बात उक्षी रेल स्थानकमें तुरन्त सूचित की; परन्तु तबतक कोकणकन्या एक्स्प्रेस उक्षी स्थानकसे मार्गस्थ हो चुकी थी । इसलिए प्रतिघण्टा ७५ कि.मी. की गतिसे दौडनेवाली कोकणकन्या एक्स्प्रेसको रोकनेके लिए उक्षी स्थानककी दिशामें टूटी पटरीसे लगभग ६०० मीटर दौडते हुए सचिन पाडावेको रेलको रोकना पडा । कोकणकन्या एक्स्प्रेस यदि नहीं रुकती, तो वह सीधी नदीमें गिरकर सहस्रों लोग मौतकी नींद सो गए होते । यह प्रसंगावधान दिखानेके लिए रेल प्रशासनकी ओरसे सचिन पाडावेको मात्र ३०० रुपएका पुरस्कार देकर गौरवान्वित किया गया । (सम्मान या अपमान ? - सम्पादक) ऊपरसे यह बात प्रसारमाध्यमोंको बतानेके लिए उन्हें रेल अधिकारियोंद्वारा चेतावनी भी दी गई । (सन्दर्भ : महाराष्ट्र टाइम्स जालस्थल)

एलोपैथी औषधियां लेकर भी ठीक न होनेवाला पेटका विकार आयुर्वेदीय उपचारोंसे कुछ दिनोंमें ही पूर्णतः ठीक होना

त्वचापर फुन्सियां न उठें, इसलिए त्वचापर टैल्कम पाउडर
अथवा महंगे मलहम लगानेके स्थानपर नियमित तेल लगाना ही योग्य !

    आजकल अनेक लोगोंको गर्दन, कांख, जांघ आदि स्थानोंकी त्वचापर वस्त्र रगडनेके कारण फुन्सियां उठती हैं तथा इस भागपर टैल्कम पाउडर लगाते हैं । आधुनिक चिकित्सक भी यही परामर्श देते हैं । टैल्कम पावडर लगाकर, त्वचापर वस्त्रकी रगड रोकनेके लिए त्वचाको कृत्रिम रूपसे चिकना किया जाता है । इसके स्थानपर त्वचाका स्वास्थ्य सुधरे तथा उसपर प्राकृतिक चिकनाहट बनी रहे, इसके लिए क्या करना चाहिए, यह किसीके ध्यानमें नहीं आता । फुन्सियां रोकनेके लिए पावडर लगाना तथा फुन्सियां होनेपर महंगे मलहम (जिनकी ट्यूबमें आधी हवा ही भरी होती है) लगाना, ऐसा करनेकी अपेक्षा शरीरपर प्रतिदिन अल्प मूल्य एवं सहज-सुलभ नारियल तेल लगानेसे त्वचाका स्वास्थ्य सुधरता है तथा आवश्यक प्राकृतिक चिकनाहट भी बनी रहती है । परिणामस्वरूप वस्त्र त्वचापर रगडते नहीं और न ही फुन्सियां होती हैं । इससे यह ध्यानमें आता है कि आयुर्वेदमें नियमित अभ्यंग करने (शरीरपर तेल लगाना) हेतु क्यों कहा गया है । अभ्यंगके लाभका अनुभव मैं स्वयं कर रहा हूं । - (प.पू.) डॉ. आठवले (१४.५.२०१४)

विकृत इतिहास सिखाकर एक प्रकारसे बच्चोंके कोमल मनका शोषण करनेवाली राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद !

श्री. नीरज अत्री
अध्यक्ष, विवेकानंद कार्य समिति
तृतीय अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशनमें विवेकानंद कार्य समितिके अध्यक्ष श्री. नीरज अत्रीने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एन्.सी.ई.आर्.टी)द्वारा पुस्तकोंके माध्यमसे इतिहासका कृतिकरण,विषयपर भाषण दिया । इसमें उन्होंने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषदके इतिहासकी पुस्तकोंमें प्रस्तुत भारतके विकृत इतिहास और उसकी वास्तविकतासे सम्बन्धित उदाहरण देकर यह बात स्पष्ट की  ।

गोसंवर्धन (जैविक कृषि एवं पंचगव्य चिकित्सा के लाभसहित)

       प्राचीन कालमें भारतमें प्रत्येक घरमें एक गाय होती थी। इसलिए सम्पूर्ण भारत रोगमुक्त एवं आर्थिक दृष्टिसे समृद्ध था। १९४७ में अनुमानतः ३४ करोडकी संख्या में होनेवाला भारतीय गोधन आज केवल ४ करोड ही शेष है । गोमाताका महत्त्व समझनेके लिए पढिए सनातनका नूतन ग्रन्थ 
इसमें पढिए ...
  •  विदेशी गाय एवं भारतीय गोमाता में अन्तर !
  •  सर्व पशुआेंमें गायको ही माता क्यों कहते हैं ?
  •  निरोगी जीवनके लिए जैविक कृषिका महत्त्व !
  •  पंचगव्योंकी विशेषताएं एवं उनके औषधि गुणधर्म !
  •  एक भारतीय गायसे वार्षिक ३ लाख रुपयोंकी आय  कैसे प्राप्त कर सकते हैं, इसका गणित !

अखिल ब्रह्माण्डस्वरूप गाय !


प्रजापति ब्रह्मदेवकी सृष्टिमें गाय एक आदर्श प्राणी है । शास्त्रोंमें प्रतिपादन किए अनुसार गोसेवाके कारण धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष ये पुरुषार्थ प्राप्त होते हैं । प्रमुख देवता प्रजापति, ब्रह्मदेव, विष्णु एवं महेश गायकी स्तुति करते हुए कहते हैं,
    त्वं माता सर्व देवानां त्वं च यज्ञस्य कारणम् ।
    त्वं तीर्थ सर्वतीर्थानां नमस्तेस्तु सदानधे ।
अर्थ : हे पापोंका हरण करनेवाली ! आप सर्व देवताआेंकी माता हैं । आप ही यज्ञका कारण हैं । आप सर्व तीर्थोंका महातीर्थ हैं । आपको सदैव नमस्कार है ।

गांधी-नेहरूने मुसलमानोंको गोमांस खानेसे नहीं रोका !

१. केवल मुसलमानोंको प्रसन्न करनेके लिए गोहत्या प्रतिबन्धका विरोध करनेवाले गांधी!
    आज देशमें जो गोहत्याएं हो रही हैं, उसके लिए प्रथम गांधी तथा दूसरे नेहरू उत्तरदायी हैं । नेहरूने निश्‍चय किया होता, तो भारतमें गोहत्या बहुत पहले ही रुक सकती थी । परन्तु गोहत्या रोकनेके मार्गमें सबसे बडी बाधा नेहरू ही थे । वर्ष १९४७ में सत्ताप्राप्तिके पश्‍चात, कांग्रेसके ये महानुभव उन्मत्त हो गए । भारतको स्वतन्त्रता मिलते ही कानपुरमें महात्मा रामचन्द्र वीर महाराजने देशके पशुवधगृह बन्द करने तथा गोहत्यापर प्रतिबन्ध लगानेके लिए अनशन किया । सारे देशकी हिन्दू जनताकी ओरसे आए लाखों पत्र, सहस्रों बिनतारी सन्देश और स्मरणपत्रोंसे प्रभावित होकर तत्कालीन खाद्यमन्त्री डॉ. राजेन्द्र प्रसादने सम्पूर्ण देशमें गोहत्याको प्रतिबन्धित करनेका विधेयक बनानेका विचार किया ।

अंग्रेजोंने मुसलमानोंको गोमांस खाना सिखाया !

     वर्ष १८५७ के क्रान्तियुद्धके समय सैनिकोंमें यह समाचार फैल गया कि कारतूसपर गायकी चर्बी लगी होती है तथा कारतूसको दांतोंसे खोलना पडता है । उस समय अंग्रेज हमारा धर्म भ्रष्ट कर रहे हैं, इस श्रद्धासे सभी सैनिक भडक उठे तथा सैनिकोंने अंग्रेजोंके विरुद्ध विद्रोह कर दिया ।
     गोवध प्रतिबन्ध आन्दोलनका असन्तोष १८८० से १८९० के मध्य  पुनः भडक उठा । हिन्दू अत्यधिक क्षुब्ध हो गए । उत्तर, मध्य एवं पश्‍चिम भारतमें लोगोंके क्षोभपर अंग्रेज नियन्त्रण नहीं रख पा रहे थे । १८५७-५८ के विद्रोहके समय लोगोंके क्षोभकी जो तीव्रता थी, उससे भी अधिक ज्वाला भडकी । भारतमें निवास करनेवाले अंग्रेज मन्त्री भयभीत हो गए थे । उन्होंने महारानी विक्टोरियाको सूचित किया, वस्तुतः यह आन्दोलन अंग्रेजोंके विरुद्ध है । मुसलमान समाज भी यह जान चुका है । उन्होंने सार्वजनिक सभाआेंमे घोषणा की, हिन्दू गोहत्या नहीं चाहते, तो हम भी गाय नहीं मारेंगे ।
    (India : The Transfer of Power के तीसरे खण्डमें यह समाचार विस्तारपूर्वक दिया गया है ।)

गोहत्या न करनेकी विनती मुसलमान न मानें, तो गायको मरने दो ।- मो.क. गांधी !

     'मैं गो-पूजक हूं । अर्थात मैं गायका सम्मान करता हूं । गाय हिन्दुस्थानकी रक्षक है । हिन्दुस्थान कृषि प्रधान देश होनेके कारण उसकी सन्तानें (बैल) हिन्दुस्थानको आधार देती हैं । गाय सैकडों प्रकारसे उपयोगी प्राणी है और यह बात हमारे मुसलमान भाई भी मानेंगे ।
किन्तु, जिस प्रकार मैं गायकी पूजा करता हूं, उसी प्रकार मनुष्यकी भी पूजा करता हूं । जिस प्रकार गाय उपयोगी है, उसी प्रकार मनुष्य भी उपयोगी है । तब, वह मुसलमान हो अथवा हिन्दू हो । ऐसी स्थितिमें गायको बचानके लिए क्या मैं मुसलमानोंसे लडूं ? उन्हें मारूं ? यदि मैं ऐसा करने लगा, तो मैं मुसलमानोंके साथ-साथ गायोंका भी शत्रु हो जाऊंगा ।

हिन्दुओ, हमारे धर्मको भ्रष्ट करनेवाले विदेशी आस्थापन मॅक्डोनाल्डके उत्पादोंका बहिष्कार करें !

    विश्‍वभरमें खाद्यपदार्थोंकी आपूर्ति करनेवाले अन्तरराष्ट्रीय प्रतिष्ठान मॅक्डोनाल्डके लाखों गायोंकी हत्या करनेवाले पशुवधगृह हैं । गायको विशेष रासायनिक पदार्थोंसे संपृक्त मांस खिलाया जाता है । उस मांसके लिए ये धनवान लोग असुरोंके समान लालची होते हैं । मॅक्डोनाल्ड प्रतिष्ठानका बडा व्याप है । हिन्दुस्थानमें भी मॅक्डोनाल्डके बडे-बडे उद्योगालय (कारखाने) हैं । जो फास्ट फूड (fast food) हमारे लोग स्वाद लेकर खाते हैं, उसमें गोमांस होता है । सभी खाद्यपदार्थोंमें कुछ मात्रामें गोमांस होता ही है ।  गोमांसके चायका चूर्ण बाजारमें मिलता है । पिज्जामें स्वाद लानेके लिए E-६३१ फ्लेवर इनहेन्सर नामक तत्त्व मिलाया जाता है, जो सुअरके मांससे बनता है । - गुरुदेव डॉ. काटेस्वामीजी, (साप्ताहिक सनातन चिंतन, २१.४.२०११)

भारत देशमें गोमाताकी निर्दयतासे हत्या होने देना कहांतक उचित है ?

मध्यपूर्वके देशोंकी ओरसे गोमांसकी अधिक मांग होती है ।
गायको अपनी माता माननेवाला देश, भारत ही ७० प्रतिशत गोमांसकी पूर्ति करता है !

१. पशुवधगृहतक इन पशुओंको चलाकर, चाबुक मारकर लाया जाता है अथवा ट्रकसे असहनीय अवस्थामें ठूंसकर लाया जाता है । तदुपरान्त उन्हें ७-८ दिन अनशन अथवा आधेपेट रखा जाता है। उस समय उनके आंखोंसे आंसू बहते हैं, किन्तु वह देखकर भी किसीको उनके प्रति दया नहीं आती ! देवनारके पशुवधगृहसे इस प्रकार आंसू बहनेवाले गौओंके छायाचित्र भी प्रकाशित किए गए हैं ।

क्या मीडियाने कभी बताया ?

  • नेस्ले कंपनी स्वयं मानती है कि वे अपनी चॉकलेट kitkat में बछडेके मांसका रस मिलाती है ।
  • फेयर एण्ड लवलीमें सुअरकी चर्बीका तेल मिलाते हैं ।
  • विक्सको यूरोपमें विष घोषित किया है ।
  • लाइफबॉय साबुन जानवरोंको नहलानेवाला साबुन है ।
  • कोक और पेप्सी टॉयलेट क्लीनर हैं । इसमें २१ प्रकारके विष हैं । संसदके भोजनालयमें इनपर पाबन्दी लगी है; परन्तु देशभरमें यह धडल्लेसे बिक रही है ।
  • हेल्थ टॉनिक बेचनेवाली कंपनियां बूस्ट, हॉर्लिक्स, मालटोवा, प्रोटिनेक्स इत्यादि मूंगफलीका तेल निकालनेके उपरान्त शेष रह गई खलीसे बनते हैं, जिसे गांवमें जानवर खाते हैं ।
यदि सच न मानो, तो इन्टरनेट गुगलपर सर्च कर लो ।

सावधान मित्रों, यदि खाने-पीने की वस्तुआेंके पैकटोंपर निम्न कोड लिखे हैं, तो उसमें ये चीजें मिली हुई हैं -

EE ३२२ - गायका मांस
EE ४२२ - एल्कोहोल तत्त्व
EE ४४२ - एल्कोहोल तत्त्व और रसायन (कैमिकल)
EE ४७१ - गायका मांस ओर एल्कोहोल तत्त्व
EE ४७६ - एल्कोहोल तत्त्व
EE ४८१ - गाय और सुअरका मांस
EE ६२७ - रसायन (कैमिकल)
EE ४७२ - गाय + सुअर + बकरीका मांस
EE ६३१ - सुअरकी चर्बीका तेल
नोट - ये सभी कोड आपको ज्यादातर विदेशी कम्पनी जैसे चिप्स, बिस्कुट, च्युइंगम, टॉफी, कुरकुरे और मैगी (E-६३५ ) आदि में दिखेंगे l

पिप (पॉलीकॉन्ट्रास्ट इन्टरफेरेन्स फोटोग्राफी) प्रणालीकी सहायतासे विदेशी गाय (होल्स्टिन फ्रिजियन), भैंस और देशी गाय (भारतीय गोमाता)में आध्यात्मिक भेद स्पष्ट करनेवाला अध्यात्म विश्‍वविद्यालयद्वारा किया वैज्ञानिक परीक्षण !

लालबहादुर शास्त्री

मित्रकर्तव्य एवं राष्ट्र्रनिष्ठा : राजनीतिमें ऊंचे पदपर पहुंचनेके उपरान्त प्रामाणिकता बनाए रखना, एक कठोर परीक्षा ही होती है । शास्त्रीजी प्रारम्भमें अत्यधिक निर्धन थे । उस समय मित्रोंकी सहायतासे ही उनका एक-एक दिन कटता था; परन्तु मित्रोंके लाभके लिए देशके साथ विश्‍वासघात, भ्रष्टाचार इत्यादिकी वे कल्पना भी नहीं कर सकते थे ।
शास्त्रीजी उत्तरप्रदेशमें मन्त्रीपदपर थे, उस समय उनके एक निकटतम मित्रने अपनी व्यवहारिक अडचनमें शास्त्रीजीकी सहायता मांगी । उस समय मित्रके आग्रहके कारण उन्होंने मित्रके आवेदनपत्रपर हस्ताक्षर कर दिए तथा इसके साथ ही उन्होंने अपने मन्त्रीपदका त्यागपत्र भी सिद्ध किया । यह देखकर उनका मित्र घबरा गया । उस समय शास्त्रीजीने कहा, मुझपर तुम्हारे उपकार हैं; परन्तु मन्त्री होनेके कारण मेरा दायित्व बढ गया है । मैं जनताके साथ कदापि विश्‍वासघात नहीं कर सकता । मित्रताके नाते मैंने तुम्हारे आवेदनपत्रको सहमति दर्शाई है; परन्तु यह अनुचित कृत्य करनेके पश्‍चात मन्त्रीपदपर बने रहना मुझे योग्य प्रतीत नहीं होता ।

मदनमोहन मालवीय

मदनमोहन मालवीय
    मदनमोहन मालवीयके समान हिन्दुआेंका समर्थक व्यक्तित्व कांग्रेस पक्षमें होना, यह घोर आश्‍चर्य ! : कांग्रेसके नेता पण्डित मदनमोहन मालवीयने गोरक्षापर अपने जीवनका पहला भाषण वर्ष १८७७ में तथा अन्तिम भाषण वर्ष १९४६ में दिया था । जब उन्हें ज्ञात हुआ कि यूरोपमें गर्भवती गायको मारकर, उसके भ्रूणसे बने हुए जूते पहननेकी प्रथा प्रचलित है, तब उन्होंने चमडेके जूते-चप्पलोंका उपयोग करना छोड दिया ।

धारा ३७० के अन्तर्गत जम्मू एवं कश्मीरको मिलनेवाले अधिकार !

धारा ३७० लागू करनेवालोंको हिन्दू राष्ट्रमें आजन्म कारावासका दण्ड दिया जाएगा !
१. जम्मू-कश्मीरके नागरिकोंको दोहरी नागरिकता प्राप्त होती है ।
२. जम्मू-कश्मीरका राष्ट्रध्वज पृथक है । 
३. जम्मू-कश्मीरकी विधानसभाकी कालावधि ६ वर्ष होती है, तो भारतके अन्य राज्योंकी विधानसभाकी कालावधि ५ वर्ष होती है ।
४. जम्मू-कश्मीरमें भारतके राष्ट्रध्वज  एवं राष्ट्रीय  प्रतीकोंका अपमान, अपराध नहीं माना जाता ।
५. भारतके सर्वोच्च  न्यायालयके आदेश  जम्मू-कश्मीरमें लागू नहीं होते ।
६. भारतीय संसद जम्मू-कश्मीरके अत्यन्त मर्यादित क्षेत्रोंमें कानून बना सकती है ।
७. जम्मू-कश्मीरकी कोई महिला यदि भारतके अन्य राज्यके व्यक्तिके साथ विवाह करती है, तो उस महिलाकी नागरिकता समाप्त हो जाती है; परन्तु यदि वह पाकिस्तानके व्यक्तिके साथ विवाह करती है तो उसे जम्मू-कश्मीरकी नागरिकता प्रदान की जाती है ।
८. धारा ३७० लागू होनेके कारण कश्मीरमें सूचनाके अधिकारके अन्तर्गत कानून, महालेखापरीक्षक एवं भारतीय कानून लागू नहीं होते ।
९. कश्मीरमें महिलाआेंपर शरीयत
कानूनके प्रतिबन्ध लगाए जाते हैं ।
१०. कश्मीरमें पंचायतोंको अधिकार नहीं हैं ।
११. कश्मीरमें अल्पसंख्यकोंको १६  प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया जाता ।
१२. धारा ३७० के कारण कश्मीरके बाहरका व्यक्ति कश्मीरमें भूमि क्रय नहीं कर सकता ।

अक्टूबर माहमें उत्तर भारतमें हिन्दू जनजागृति समितिके कार्यका ब्यौरा

१. वाराणसी
    लखनऊके प्रोफाईल मेम्बर श्री. विनोद कुमार त्रिपाठीने मासिक सनातन प्रभातके सदस्य आवेदनपत्र स्वयं मांगे और एक सप्ताहमें १७ सदस्य बनाए । वे स्वयं ही वितरण करते हैं । अधिक सेवा हो, इसलिए उन्होंने और २५ आवेदनपत्र मंगावाए हैं ।

कश्मीरी हिन्दुआेंके होमलैण्ड डे के निमित्त...

कश्मीरका हिन्दूकरण करनेसे ही कश्मीरकी रक्षा होगी !
यदि हमें कश्मीरकी रक्षा करनी है, तो यह करना ही पडेगा !
१. धारा ३७० निरस्त करें । यह केवल राष्ट्रपतिके अध्यादेशसे हो सकता है; क्योंकि संविधानमें लिखा हुआ है कि धारा ३७० एक अस्थाई धारा है ।
. कश्मीर एवं जम्मूकी विधानसभामें पदोंकी संख्या असमान है । जम्मूके ३१ लाख नागरिकोंके लिए विधानसभामें ३७ पद एवं श्रीनगरके २९ लाख नागरिकोंके लिए ४७ पद दिए गए हैं । २९ लाखमें जाली मतदाताआेंकी संख्या अधिक है । वास्तविक मतदाताआेंकी संख्या न्यून हो जाएगी । जनसंख्याके अनुसार पदोंका बंटवारा करनेपर जम्मूको ४७ एवं श्रीनगरको ३७ पद मिलें, ऐसी पुनर्रचना करें । लद्दाखकी जनताका प्रतिनिधित्व भी लगभग दुगुना करनेकी आवश्यकता है । पाकव्याप्त कश्मीरके नामसे २४ पद रखे गए हैं । वे वर्तमानमें रिक्त हैं । आज विधानसभामें पाकको समर्थन देनेवाले विधायक भरे हुए हैं । यदि उसमें भारतप्रेमी विधायकोंकी अधिकता हो जाए, तो कश्मीर हडपनेकी पाककी मनोकामना धूलमें मिल जाएगी ।

राष्ट्रीय हिन्दू आन्दोलन

 अश्‍लील, धर्म एवं राष्ट्र विरोधी चलचित्रोंको अनुमति देनेवाला
भ्रष्ट सेन्सर बोर्ड निरस्त कर नई समिति गठित करें !
    नई दिल्ली - यहां जंतरमंतरपर ९.११.२०१४ को राष्ट्रीय हिन्दू आन्दोलनद्वारा अश्‍लील, धर्म एवं राष्ट्र विरोधी चलचित्रोंको अनुमति देनेवाले भ्रष्ट सेन्सर बोर्डको निरस्त करने और नई समितिके गठनके लिए केन्द्र शासनसे मांग की गई जिसमें हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन हिन्दू जनजागृति समिति, वैदिक उपासना पीठ, हिन्दू सुरक्षा संघ, आर्य समाज, इंडियन इटर्नल सोसाइटी, योग वेदांत समिति, सनातन संस्था और अन्य हिन्दुुओंने सहभाग लिया ।  इस आन्दोलनमें लगभग ३५ हिन्दुत्वनिष्ठ सहभागी हुए ।       

धर्माचरणका उपहास करनेवाले भारतकी तथाकथित विकासशील उन्नति !

भारतमें १४ वर्षकी आयुसे बालकोंमें मद्यका व्यसन प्रारम्भ होता है ! - सर्वेक्षणका ब्यौरा
३१ दिसम्बरके भोजमें प्रथम चखा जाता है स्वाद !
नई देहली - भारतमें मद्य पीनेकी अनुज्ञप्ति १८ वर्षकी अवस्थाके पश्‍चात दी जाती है; परन्तु १४ वर्षकी आयुवर्गके बहुसंख्य बालक इस व्यसनके अधीन हो गए हैं ।दी एसोसिएटेड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज ऑफ इण्डिया(एसोचॅम)के नए ब्यौरेसे जानकारी मिली है कि बडा दिन तथा ३१ दिसम्बरको आयोजित भोजमें मद्य प्राशन करनेकी मात्रा तिगुनी हो जाती है ।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्‍चलानन्दसरस्वतीजीका सनातन संस्थाको शुभाशीर्वाद

शंकराचार्यजीका सम्मान करते हुए श्री. नीलेश सिंगबाळ
  वाराणसी (उ.प्र.) - पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ-पुरीपीठाधीश्‍वर श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्‍चलानंदसरस्वतीजी के वाराणसी आगमनपर, सनातन संस्थाकी ओरसे श्री. नीलेश सिंगबाळ और गुरुराज प्रभुने उनका सम्मान किया । इस अवसरपर शंकराचार्यजीने सनातन संस्थाके संस्थापक प.पू. डॉ. आठवलेजीकी कुशलक्षेम पूछी तथा संस्थाके कार्यको आशीर्वाद दिए ।

दिल्लीके जंतरमंतरपर गोभक्त हुतात्माआेंकी स्मृति निमित्त श्रद्धांजलि सभा सम्पन्न !

श्रद्धांजलि सभाके मंचपर विराजमान मान्यवर
    दिल्ली - अखिल भारतीय सर्वदलीय गोरक्षा महाअभियान समिति एवं श्रीमत जगदगुरु शंकराचार्य ज्योतिषपीठाचार्य स्वामी माधवाश्रमजी महाराजके पवित्र नेतृत्वमें ७ अक्टूबरको गोभक्त हुतात्माआेंकी स्मृति निमित्त श्रद्धांजलि सभा एवं मैरेथन दौडका आयोजन किया गया था । साथ ही हरियाणा गोशाला संघके अध्यक्ष पू. मौनीबाबाजी, पंजाब गोरक्षा दलके अध्यक्ष श्री. सतीश प्रधान इत्यादि कुल मिलाकर लगभग ३०० गोप्रेमी उपस्थित थे ।

झुंझुनूमें हिन्दू जनजागृति समितिके कार्यका शुभारम्भ

समितिके राष्ट्रीय मार्गदर्शक, पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेजीकी
वंदनीय उपस्थितिमें झुंझुनूके विद्यालयमें बालसंस्कारवर्ग सम्पन्न ! 
एकाग्रतासे मार्गदर्शन सुनते हुए विद्यार्थी
झुंझुनू (राज.) - श्री चावो दादी विद्या कुंजमें हिन्दू जनजागृति समितिद्धारा विद्यार्थियोंको धर्मशिक्षा देने हेतु बालसंस्कार वर्गका आयोजन किया गया । इसका लाभ ३०० विद्यार्थियोंने लिया । तदुपरान्त यहां प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार श्री हनुमानचालीसाका पाठ आरम्भ हो गया है ।
क्षणिकाएं : १. विद्यालयकी प्रधानाचार्या चेतना शर्मा एवं विद्यालयके विश्‍वस्त, श्री. उमेशजी खेतानके प्रयासोंसे इस कार्यक्रमका आयोजन हुआ । इन धर्माभिमानियोंका मानस था कि विद्यार्थियोंको पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेजीकी उपस्थितिका लाभ हो ।
२. विद्यालयके विश्‍वस्त, श्री. उमेश खेतानजीने सनातन-निर्मित अध्यात्मिक एवं धार्मिक ग्रन्थोंका एक संच विद्यालयके पुस्तकालयमें रखने हेतु लिया ।
३. पू. डॉ. पिंगळेजी द्वारा पूछे गए प्रश्‍नोंका बच्चोंने अत्यन्त उत्साहसे उत्तर दिया और कार्यक्रममें सक्रिय सहभाग लिया ।

धर्मसत्संगकी दृश्यश्रव्य-चक्रिकाओंका प्रसारण

    देशके विविध राज्यों (उत्तर भारत, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक)में स्थानीय केबल नेटवर्कद्वारा सनातन संस्था चेन्नई तथा हिन्दू जनजागृति समितिद्वारा निर्मित हिन्दी भाषाके धर्मसत्संगकी दृश्यश्रव्य-चक्रिकाओं (VCD) का प्रसारण आरम्भ हुआ है । ७२,३४,००० से अधिक दर्शक इसका लाभ ले रहे हैं ।

शरीरान्तर्गत कुण्डलिनीचक्रोंके स्थानपर उंगलियां घुमाकर न्यास, मुद्रा और नामजप खोजना

 प.पू. डॉ. आठवले
गत अनेक वर्षोंसे किसीको कष्ट होनेेसे उसपर उपायके रूपमें मैं आंखें बन्द कर मनकी एकाग्रताद्वारा खोजता था कि कौनसा जप करना चाहिए, कौनसी मुद्रा कर, कहां न्यास करना चाहिए ?' कभी किसी एक प्रश्‍नको खोजते समय, उदा. 'नामजप कौनसा बताना चाहिए ?', मनमें अनेक देवताआेंके नामस्मरण कर, जिस नामजपके समय श्‍वास बाधित होनेसमान लगता, वह उत्तर योग्य होता था । वही बात मुद्रा और न्यासके सन्दर्भमें करता था । इसमें कभी-कभी ५-१० मिनट भी लगते थे । गत वर्षसे मनकी आनन्दावस्था त्याग कर, उपरोक्त पद्धतिसे उपाय खोजनेकी इच्छा नहीं होती थी । तब उपायोंके सन्दर्भमें ध्यानमें आए सूत्र आगे दिए हैं ।

साधकोंके लिए सूचना और पाठक, हितैषी एवं हिन्दुत्ववादियोंसे विनती

    सनातन प्रभात नियतकालिक मिलनेके
सन्दर्भमें अडचनें आनेपर तुरन्त सूचित करें !
     कुछ जनपदोंके साधकों तथा बाहरके वितरकोंद्वारा; पाठकोंको सनातन प्रभात नियतकालिक समयपर वितरित न करना, कुछ नियतकालिक एकसाथ देना, सदस्यता आवेदन-पत्र अनुचित पद्धतिसे भरनेसे पाठकोंको अयोग्य नियतकालिक मिलना (उदा. मराठी साप्ताहिकके स्थानपर कन्नड साप्ताहिक मिलना), नूतनीकरण समयमर्यादामें न करनेसे नियतकालिकोंमें खण्ड पडना, वसूली समयपर न करना जैसी गम्भीर चूकें हो रही हैं । पाठकोंको उपर्युक्त प्रकारकी अथवा अन्य किसी भी प्रकारकी अडचनें आ रही हो, तो वे निम्न सूचीनुसार अपने जनपदके स्थानीय साधकोंसे कृपया तत्काल सम्पर्क करें ।