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धर्मजागृति, हिंदू-संगठन एवं राष्ट्ररक्षा हेतु साधकोंद्वारा साधनास्वरूप आर्थिक हानि सहते हुए भी चलाया जानेवाला एकमात्र मासिक !
जुलाई २०१५

अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन का ध्येयनिष्ठ मार्गक्रमण ! अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशनों की फलोत्पत्ति !


१ अ. हिन्दू राष्ट्र शब्द की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होना, यह अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशनों की सफलता ! : अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन, हिन्दू राष्ट्र स्थापना के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है ।  इन अधिवेशनों के कारण आज समस्त भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के विषय में आशा जगी है और इस पर राष्ट्रीय चर्चा आरंभ हुई है ।
१ आ. हिन्दू अधिवेशनों से सक्रिय हुए हिन्दुत्वनिष्ठों का राष्ट्रव्यापी संगठन ! : हिन्दू राष्ट्र की स्थापना यह हमारा केवल विचार नहीं, अपितु व्रत होना चाहिए । यह व्रत लेकर ही वर्ष २०१२ से प्रतिवर्ष हिन्दू जनजागृति समिति अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन आयोजित कर रही है । इन अधिवेशनों से साकार हुआ हिन्दुत्वनिष्ठों का राष्ट्रव्यापी संगठन हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए सक्रिय हो रहा है ।
१ आ १. २१ राज्यों में हिन्दू-संगठन के कार्य ! :
गत ३ वर्षों में हुए अखिल भारतीय अधिवेशनों के कारण २१ राज्यों के १०० से अधिक छोटे-बडे हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए संगठित और सक्रिय हुए हैं । बंधुओ, हिन्दू अधिवेशनों से बननेवाला हिन्दुआें का महासंगठन ही हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना करेगा !
१ आ २. प्रांतीय हिन्दू अधिवेशन : अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशनों से प्रेरणा लेकर अब तक देश के ७ राज्यों में ३५ से अधिक स्थानों पर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए प्रांतीय हिन्दू अधिवेशन हुए । इनके माध्यम से सहस्रों धर्म प्रेमी, हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए सजग होकर कार्य करने लगे हैं । 
१ आ ३. ऑनलाइन हिन्दू कार्यकर्ता अधिवेशन : सोशल मीडिया के माध्यम से हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के उपक्रमो का प्रचार हो, इस उद्देश्य से अगस्त २०१४ में गोवा में दो दिवसीय अखिल भारतीय ऑनलाइन हिन्दू कार्यकर्ता अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ ।
१ आ ४. राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन : दूसरे अधिवेशन में हमने हिन्दू राष्ट्र एवं धर्म पर आए संकटों के विरुद्ध पूरे देश में प्रतिमास पहले रविवार को संगठितरूप से आंदोलन करना निश्‍चित किया था । वर्तमान में ८ राज्यों में प्रतिमास ५० स्थानों पर राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन होते हैं । उनमें कुछ आंदोलन सफल भी हुए हैं । इन आंदोलनों से सिद्ध हुआ है कि हिन्दू संप्रदाय और संगठन, धर्मरक्षा के लिए इकट्ठा हो सकते हैं ।
     बंधुओ, राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन, ये धर्मक्रंाति के बीज हैं । यही धर्मक्रंाति भविष्य में हिन्दू राष्ट्र स्थापित करेगी !
१ आ ५. हिन्दू विधिज्ञ परिषद का उत्तम कार्य : प्रथम अधिवेशन में हमने धर्मप्रेमी अधिवक्ताआें का संगठन बनाने एवं हिन्दुआें के हित में कार्य करने के लिए, मुंबई उच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री. संजीव पुनाळेकरजी के नेतृत्व में हिन्दू विधिज्ञ परिषद की स्थापना की थी । पिछले वर्ष, हिन्दू विधिज्ञ परिषद ने राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा का महत्त्वपूर्ण कार्य करते हुए अनेक प्रकरणों में पर्याप्त सफलता प्राप्त की ।
     हिन्दू विधिज्ञ परिषद के समान हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस ने भी इस वर्ष महत्त्वपूर्ण कार्य किया है ।
१ आ ६. गोतस्करी रोकने हेतु बंगाल राज्य की बांग्लादेश सीमा पर संगठित कार्यवाही ! : बंगाल राज्य की बांग्लादेश सीमा पर गोतस्करी करनेवालों पर शासन कार्यवाही करे, इसके लिए १५ अगस्त २०१४ को बंगाल की बांग्लादेश सीमा पर कुछ हिन्दू संगठनों ने मिलकर गोतस्करी रोकने के लिए प्रत्यक्ष कार्यवाही की ।
     धर्म पर होनेवाले प्रत्येक आघात के विरुद्ध हमें इसी प्रकार एकजुट होकर कार्य करना है ।
१ आ ७. हिन्दू नेताआें की बैठकें : अधिवेशन में सम्मिलित कुछ प्रमुख संगठनों के नेता धर्म पर होनेवाले आघातों के संदर्भ में संगठितरूप से क्या कर सकते हैं, इस विषय पर चिंतन हेतु वर्ष में ३ बार मिले । 
     धर्मपर होनेवाले प्रत्येक आघात के विरुद्ध हमें निरंतर एकजुट होकर कार्य करना है ।
१ आ ८. हिन्दू वार्ता यह इंटरनेट समाचार-वाहिनी कार्यान्वित ! : पिछले अधिवेशन में हमने हिन्दू दूरदर्शन वाहिनी आरंभ करने के पहले चरण के रूप में हिन्दू वार्ता नाम से इंटरनेट चैनल आरंभ करना है, यह निश्‍चित किया था । उसके अनुसार फरवरी २०१५ से हिन्दू वार्ता यह समाचार-वाहिनी (चैनल) प्राथमिक रूप में आरंभ हो गई है । 
     आप सब के सहयोग से ही यह समाचार-वाहिनी अधिक सक्षम और लोकप्रिय होगी ।
१  इ. हिन्दू संगठनों में धर्म बंधुत्व निर्मित
हुआ ! : प्रथम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के पश्‍चात, हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने अपने कार्यक्रमों में दूसरे राज्य के हिन्दुत्वनिष्ठों को बुलाने की परंपरा आरंभ की । ऐसा एक-दो राज्यों में ही नहीं, लगभग सभी राज्यों में हुआ । इस वर्ष सभी हिन्दू संगठनों में धर्म बंधुत्व का अटूट नाता बना है, जिसे हम सब अनुभव कर ही रहे हैं ।
 लोकतांत्रिक पद्धति से
हिन्दू राष्ट्र की स्थापना असंभव !
     भाजपा एक वर्ष से केंद्र में सत्तासीन है, फिर भी भारत की और हिन्दुआें की दयनीय अवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है । चुनाव से कुछ साध्य नहीं होता । छत्रपति शिवाजी महाराज ने क्या लोकतांत्रिक पद्धति से हिन्दू राष्ट्र स्थापित किया था और क्या पराक्रमी मराठा सेनापति पेशवा ने लोकतांत्रिक पद्धति से अटक में भगवा झंडा फहराया था ? हमें वीर सावरकर के कथन, युद्धबिना स्वतंत्रता किसे मिली है ? का स्मरण कर, हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने के लिए प्रयत्नशील रहना आवश्यक है ।
२ अ. हिन्दू राष्ट्र धर्मनिरपेक्ष नहीं, धर्माधिष्ठित हो ! : समृद्ध राष्ट्र के लिए केवल आर्थिक विकास पर्याप्त नहीं होता, यह बात ध्यान में रखनी चाहिए  जनता को सुखी करने के लिए उसके जीवन से संबंधित सर्व अंगों का विकास होना आवश्यक होता है । धर्म का प्रवेश जीवन के सभी अंगों में है । इसलिए, राष्ट्र धर्मनिरपेक्ष नहीं, धर्माधिष्ठित होना चाहिए । हमें जो हिन्दू राष्ट्र अभिप्रेत है, वह धर्माधिष्ठित ही होगा !
हिन्दू राष्ट्र स्थापित कर,
हिन्दू वंश की अजेयता सिद्ध करें !
     भारत स्वयंभू हिन्दू राष्ट्र है । इसकी उत्तर दिशा में पर्वतराज हिमालय, पश्‍चिम में महान सिंधु नदी और सिंधुसागर, दक्षिण में हिन्द महासागर, तो पूर्व में गंगासागर, ऐसा एक पूर्व निर्धारित विस्तृत भू-भाग है । इस देश का एक समान इतिहास, एक संस्कृत भाषा, एक वैदिक संस्कृति और एक समान नैतिक आचारसंहिता है । ऐसे भारत में पुनः हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने के लिए विविध संप्रदायों, संगठनों, दलों, जातियों, प्रांतों और भाषाआें में विभाजित अखिल हिन्दू समाज का प्रभावी संगठन कर, हमें सिद्ध करना है कि हिन्दू वंश अजेय है । हिन्दू राष्ट्र हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम अपना जन्मसिद्ध अधिकार लेकर ही रहेंगे !
- (पू.) डॉ. चारुदत्त पिंगळे, हिन्दू जनजागृति समिति
                    जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्र्रम् ! 


इस्लाम एवं ईसाई धर्म केवल धर्म- परिवर्तन में विश्‍वास रखते हैं ! - डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी

    वडोदरा (गुजरात) - यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक कार्यक्रम में इस्लाम और ईसाई धर्म पर टिप्पणी की । डॉ. स्वामी ने कहा कि इस्लाम और ईसाई धर्म पूरी तरह से धर्मपरिवर्तन में विश्‍वास रखते हैं । वे इसे पवित्र और धार्मिक कार्य मानते हैं और इसी से विवाद खडा होता है । (डॉ. स्वामी के कथन पर कोई भी आक्षेप नहीं उठा सकता क्योंकि वे जो भी कहते हैं, उनके पास उसके प्रमाण होते हैं। क्या ढोंगी धर्मनिरपेक्षतावादी अब डॉ. स्वामी की इस बात का खंडन कर सकते हैं ?  संपादक)            

ब्रिटानिया गुड डे बिस्किट के विज्ञापन ने किया हिन्दू धर्म की गुरु-शिष्य परंपरा का अनादर !

 मुंबई (महाराष्ट्र) - ब्रिटानिया गुड डे बिस्कीट के विज्ञापन में हिन्दू धर्म की गुरु-शिष्य परंपरा का अनादर किया गया है । इस विज्ञापन में गुरु और शिष्य को ब्रिटानिया गुड डे  हैप्पी बाबा के पंजाबी फंडेे ऐसा संबोधित किया गया है । अनेक धर्माभिमानी हिन्दुआें ने हिन्दू जनजागृति समिति से शिकायत की । समिति ने ब्रिटानिया कंपनी के ग्राहक शिकायत विभाग के अधिकारी राजेश अरोरा को पत्र भेजकर यह विज्ञापन हटाने की मांग की थी, परंतु अब तक कोई प्रतिसाद नहीं मिला है । इस विषय में धर्माभिमानी हिन्दू निम्नलिखित संपर्क पर निषेध व्यक्त कर रहे हैं ।
निषेध हेतु संपर्क : ब्रिटानिया  गुड डे, टोल फ्री क्र. : १-८००-४२५४४४९
दूरभाष : ९१ ३३२२ ८७ ०५०५, ईमेल : rajesharora@britindia.com

हिन्दू अधिवेशन में पारित प्रस्ताव

१. भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने हेतु वैध मार्ग से जो प्रयत्न करने आवश्यक हैं, वह सब यह अधिवेशन करेगा ।
२. नेपाल हिन्दू राष्ट्र घोषित हो, इसके लिए प्रयास करनेवाले वहां के हिन्दुओं का यह अधिवेशन नैतिक, राजनीतिक एवं सर्व प्रकार से समर्थन करता है ।
३. साध्वी प्रज्ञा सिंह, स्वामी असीमानंद तथा प.पू. आसारामजी बापू को तुरंत मुक्त किया जाए ।
४. संपूर्ण देश में गोहत्या बंदी का कानून तुरंत बनाकर, संबंधितों पर कठोर कार्यवाही की जाए तथा गोवंश को राष्ट्रीय पशु घोषित करें !
५. हिन्दुस्थानमें सर्वत्र हिन्दुओं के धर्मांतरण की बढती गति को देखते हुए केंद्रशासन तत्काल धर्मांतरणबंदी संबंधी सक्षम कानून लागू करें ।
६. भारत में आए ५ करोड बांग्लादेशी मुसलमान घुसपैठियों को वापस भेजा जाए तथा हिन्दू शरणार्थियों की रक्षा की जाए !
७. हिन्दू विद्यार्थियों को धर्माचरण करने से रोकनेवाले  कॉन्वेंट विद्यालयों पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए !
८. निर्वासित कश्मीरी हिन्दुआें का तुरंत कश्मीर में पुनर्वास करें !

गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का संदेश

गुरुतत्त्व को अपेक्षित हिन्दू राष्ट्र-स्थापना का कार्य करें !

शिष्य की आध्यात्मिक प्रगति करवाना तथा धर्म ग्लानि होने पर धर्म की पुनर्स्थापना करना, गुरुतत्त्व का कार्य है । आदिगुरु महर्षि व्यास ने कलियुग आरंभ होने के पूर्व ही वेदों का ४ भागों में विभाजन कर धर्म की व्यवस्था
बिठाई   । जगद्गुरु भगवान श्रीकृष्ण ने कौरवों का विनाश कर युधिष्ठिर के नेतृत्व में धर्मराज्य की स्थापना की । जगद्गुरु आदि शंकराचार्यजी ने अवैदिक मतों का खंडन कर सनातन धर्म की पुनर्रचना की । चाणक्य ने सम्राट चंद्रगुप्त के ध्वज के तले भारत को एकजुट कर राष्ट्र-संस्थापना की । स्वामी विवेकानंद ने सात समुद्र पार हिन्दू धर्म पुर्नस्थापना का प्रयत्न  किया ।
     गुरुपरंपरा ने धर्मसंस्थापना के लिए यह अपूर्व योगदान दिया है । आज की स्थिति में भारत में सनातन धर्म की पुनर्स्थापना करने हेतु धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना, यह गुरुतत्त्व को कालानुसार अपेक्षित कार्य है । इस धर्मसंस्थापना के कार्य में योगदान देना, यही इस गुरुपूर्णिमा की वास्तविक गुरुदक्षिणा होगी !            

गोवा में चतुर्थ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन का मंगलमय वातावरण में समापन !

बाएं से महंत श्री नित्य शांतिमयानंदजी, शिवयोगी पेरूमल स्वामीजी,
प.पू. शांताराम भंडारकर, पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे, दीपप्रज्वलन करते हुए
प.पू. श्रीकृष्ण कर्वेगुरुजी, प.पू. स्वामी प्रणवात्मानंद सरस्वतीजी, पू. आैंकारानंद महाराज,
पू. दिव्य जीवनदास महाराज, महंत श्री नित्य मोक्षप्रियानंदजी इनके शुभहस्तों दीपप्रज्वलन किया गया ।
    रामनाथी (गोवा) - यहां ११ से १७ जून तक हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा चतुर्थ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन का समापन हुआ । एकत्र हुए २१० से भी अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने २१ राज्यों में प्रांतीय अधिवेशन, आंदोलन, धर्मजागृति सभा आदि द्वारा हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु व्यापक जनजागरण का निश्‍चय किया ।

बांग्लादेश मायनॉरिटी वॉच के अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष ने एक वर्ष में ४ प्रतिशत आध्यात्मिक प्रगति कर प्राप्त किया ६५ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर !


 
प्रतिकूल परिस्थिति में साधना करनेवाले अधिवक्ता रवींद्र घोष का अभिनंदन ! - (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले

     अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष से भेंट हुई । उस समय पता चला कि उन्हें अपनी नहीं बांग्लादेशी हिन्दुआें को बचाने की चिंता है । हिन्दुआें की रक्षा करने की उनकी तीव्र उत्कंठा है । शत्रुआें से सर्व ओर से घिरे रहने पर भी वे युद्धभूमि पर लड रहे हैं । युद्धभूमि पर मन स्थिर रखकर कैसे लडना चाहिए, इसका आदर्श रखा है । पिछले वर्ष उन्होंने ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त किया था । इस वर्ष उन्होंने ६५ प्रतिशत स्तर प्राप्त किया है । प्रतिकूल स्थिति में भी एक वर्ष में ४ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर बढाना बहुत कठिन है । अब उनके अस्तित्व से ही ३० प्रतिशत कार्य  हो रहा है । इसके लिए उनका जितना भी अभिनंदन करें, कम है !

भाजप शासन के केंद्रीय आयुषमंत्री श्रीपाद नाईक का मुसलमानहितैषी विधान (कहते हैं) श्‍लोक के स्थान पर अल्लाह का नाम लें !

 धर्मांधों के विरोध के कारण मोदी शासन ने योगदिन के कार्यक्रम से सूर्यनमस्कार हटा दिया !
    नई देहली - केंद्रशासन की ओर से देहली के राजपथ पर २१ जून को अंंतरराष्ट्रीय योगदिन के निमित्त विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया । ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सहित कुछ अल्पसंख्यक संगठनों के योगदिन पर सूर्यनमस्कार का विरोध दर्शाने पर शासन ने इस कार्यक्रम से सूर्यनमस्कार हटाने का निर्णय लिया है । आयुष मंत्रालय के मंत्री श्रीपाद नाईक ने आवाहन किया, योगासनों का किसी भी धर्म से संबंध नहीं है । मुसलमान श्‍लोक के स्थान पर अल्लाह कहते हुए इसमें सहभागी हों । (सत्य तो यही है कि भारतीय संस्कृति के ऋषि-मुनियों ने ही योेगासन सिद्ध किए हैं और वे हिन्दू धर्म से संबंधित हैं ! - संपादक)

संपादकीय

 तस्मादुत्तिष्ठ कौन्तेय...

शिष्य के जीवन में परमोच्च आनंद का क्षण है, गुरुपूर्णिमा !
        एक समय भारत की पहचान गुरु-शिष्य परंपरा हुआ करती थी । महान हिन्दू संस्कृति की विश्‍व को सबसे बडी देन गुरु-शिष्य परंपरा ही है । जो शिष्य को ज्ञान देकर परिपूर्ण बनाए, वे हैं गुरु ! शिष्य को भवसागर से पार पहुंचाकर उसके जीवन में आनंद की वर्षा करानेवाले गुरु उसे सब प्रकार से संभालते हैं । शिष्य और समष्टि के कल्याण हेतु कालानुसार जो आवश्यक है, उसके अनुसार ही गुरु मार्गदर्शन करते हैं ।

इस्लाम शांति का धर्म नहीं ! - मुसलमान लेखिका अयान हिरसी अली

    अमरीका - यहां की अयान हिरसी अली नामक लेखिका की हेरेटिक (हेरेटिक अर्थात धर्मविरोधी) नामक पुस्तक का कुछ समय पूर्व ही  लोकार्पण हुआ है । इसमें लेखिका कहती हैं कि इस्लाम धर्म शांति का धर्म नहीं है ।
    सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल नामक समाचारपत्र के जालस्थल पर प्रसारित समाचार के अनुसार, अमरीका में रहनेवाली लेखिका अयान कहती है कि, कुरान को संग्रहालय में इतिहास की पुस्तक के रूप में रखा जाना चाहिए । इस्लामी हिंसा का कारण सामाजिक, राजनैतिक अथवा आर्थिक परिस्थिति नहीं है, अपितु इस्लाम के धर्मग्रंथ हैं ! (इससे पूर्व भी लेखिका ने मुहम्मद पैगंबर को विकृत पुरुष कहा था । इसके लिए उन्हें अनेक बार जान से मार डालने की धमकियां मिल चुकी हैं ! - संपादक)         

अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन का ध्येयनिष्ठ मार्गक्रमण !


अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशनों की फलोत्पत्ति !
१ अ. हिन्दू राष्ट्र शब्द की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होना, यह अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशनों की सफलता ! : अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन, हिन्दू राष्ट्र स्थापना के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है । इन अधिवेशनों के कारण आज समस्त भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के विषय में आशा जगी है और इस पर राष्ट्रीय चर्चा आरंभ हुई है ।

हिन्दू राष्ट्र-स्थापना में हिन्दू अधिवक्ताआें का योगदान

हिन्दू विधिज्ञ परिषद के 
पृष्ठ का जालस्थल पर लोकार्पण
     हिन्दू विधिज्ञ परिषद एवं हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से हिन्दू जागृति डॉट ऑर्ग इस जालस्थल पर हिन्दू विधिज्ञ परिषद के पृष्ठ निर्माण किए गए हैं । इसका लोकार्पण १३ जून को अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में उत्तरप्रदेश के हिन्दू न्याय मंच के अध्यक्ष, अधिवक्ता हरिशंकर जैन के शुभहस्तों किया गया । 

हिन्दू राष्ट्र-स्थापना का सूर्य उदित हुआ है ! - पू. दिव्य जीवनदासजी महाराज

जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम् । का जयघोष करते हुए  बाएं से पू. आैंकारानंद महाराज, पू. दिव्य जीवनदास महाराज, पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे, डॉ. माधव भट्टराई,
श्री. राकेश कौल गुरखा,
श्री.  अभिजीत देशमुख
 अधिवेशन में उपस्थित मान्यवर
     रामनाथी (गोवा) - सनातन प्रभात हुई है ।.. हिन्दू राष्ट्र का सूर्य उगा है... पूर्व में नहीं, अपितु पश्‍चिम में (गोवा में)...  परंतु उल्लू को सूर्य का प्रकाश अच्छा नहीं लगता । उसे सूर्योदय से आनंद नहीं मिलताजबकि सूर्यप्रकाश के कारण हमारे मन में भी प्रकाश प्रवेश करता है । हम आनंद में हैं; इसलिए कि हम सनातन के निकट हैं । सनातन धर्म चारों युगों में चिरंतन है । उसकी  पुन:-पुन: स्थापना की जाती है । सनातन हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए हमें लगन से प्रयत्न करना है, ऐसा आश्‍वासक प्रतिपादन गुजरात के स्वामी नारायण संप्रदाय के पू. दिव्य जीवनदास महाराज ने चतुर्थ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के समारोप के समय किए ।

भाजप शासन के केंद्रीय आयुषमंत्री श्रीपाद नाईक का मुसलमानहितैषी विधान (कहते हैं) श्‍लोक के स्थान पर अल्लाह का नाम लें ! धर्मांधों के विरोध के कारण मोदी शासन ने योगदिन के कार्यक्रम से सूर्यनमस्कार हटा दिया !


नई देहली - केंद्रशासन की ओर से देहली के राजपथ पर २१ जून को अंंतरराष्ट्रीय योगदिन के निमित्त विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया । ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सहित कुछ अल्पसंख्यक संगठनों के योगदिन पर सूर्यनमस्कार का विरोध दर्शाने पर शासन ने इस कार्यक्रम से सूर्यनमस्कार हटाने का निर्णय लिया है । आयुष मंत्रालय के मंत्री श्रीपाद नाईक ने आवाहन किया, योगासनों का किसी भी धर्म से संबंध नहीं है । मुसलमान श्‍लोक के स्थान पर अल्लाह कहते हुए इसमें सहभागी हों । (सत्य तो यही है कि भारतीय संस्कृति के ऋषि-मुनियों ने ही योेगासन सिद्ध किए हैं और वे हिन्दू धर्म से संबंधित हैं ! - संपादक)

इस्लाम शांति का धर्म नहीं ! - मुसलमान लेखिका अयान हिरसी अली

अमरीका - यहां की अयान हिरसी अली नामक लेखिका की हेरेटिक (हेरेटिक अर्थात धर्मविरोधी) नामक पुस्तक का कुछ समय पूर्व ही  लोकार्पण हुआ है । इसमें लेखिका कहती हैं कि इस्लाम धर्म शांति का धर्म नहीं है ।
     सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल नामक समाचारपत्र के जालस्थल पर प्रसारित समाचार के अनुसार, अमरीका में रहनेवाली लेखिका अयान कहती है किकुरान को संग्रहालय में इतिहास की पुस्तक के रूप में रखा जाना चाहिए । इस्लामी हिंसा का कारण सामाजिक, राजनैतिक अथवा आर्थिक परिस्थिति नहीं हैअपितु इस्लाम के धर्मग्रंथ हैं ! (इससे पूर्व भी लेखिका ने मुहम्मद पैगंबर को विकृत पुरुष कहा था । इसके लिए उन्हें अनेक बार जान से मार डालने की धमकियां मिल चुकी हैं ! - संपादक)

इस्लाम एवं ईसाई धर्म केवल धर्म- परिवर्तन में विश्‍वास रखते हैं ! - डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी


     वडोदरा (गुजरात) - यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक कार्यक्रम में इस्लाम और ईसाई धर्म पर टिप्पणी की । डॉ. स्वामी ने कहा कि इस्लाम और ईसाई धर्म पूरी तरह से धर्मपरिवर्तन में विश्‍वास रखते हैं । वे इसे पवित्र और धार्मिक कार्य मानते हैं और इसी से विवाद खडा होता है । (डॉ. स्वामी के कथन पर कोई भी आक्षेप नहीं उठा सकता क्योंकि वे जो भी कहते हैं, उनके पास उसके प्रमाण होते हैं  क्या ढोंगी धर्मनिरपेक्षतावादी अब डॉ. स्वामी की इस बात का खंडन कर सकते हैं संपादक)

हिन्दू राष्ट्र-स्थापना में हिन्दू अधिवक्ताआें का योगदान


हिन्दू विधिज्ञ परिषद के पृष्ठ का जालस्थल पर लोकार्पण हिन्दू विधिज्ञ परिषद एवं हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से हिन्दू जागृति डॉट ऑर्ग इस जालस्थल पर हिन्दू विधिज्ञ परिषद के पृष्ठ निर्माण किए गए हैं । इसका लोकार्पण १३ जून को अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में उत्तरप्रदेश के हिन्दू न्याय मंच के अध्यक्षअधिवक्ता हरिशंकर जैन के शुभहस्तों किया गया । 

चर्चासत्र में धर्म तथा राष्ट्र हितार्थ हिन्दुआें की मांगें शासन तक पहुंचाने, राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन करने का निश्‍चय !

चर्चासत्र में चर्चा करते हिन्दुत्वनिष्ठ
      पिछले ३ अधिवेशनों के उपरांत संगठित हुए विविध हिन्दुत्ववादी संगठनों की ओर सेे विविध राज्यों में प्रत्येक माह में राष्ट्र एवं धर्म हित के विविध सूत्रों के संदर्भ में राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन किए जा रहे थे । चतुर्थ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के दूसरे दिन हुए चर्चासत्र में राष्ट्र एवं धर्म हानि के विषयों का विरोध करने हेतु, साथ ही हिन्दुआें की न्यायोचित मांगें शासन तक पहुंचाने के लिए अधिक व्यापक स्तर पर इस  प्रकार के आंदोलन का आयोजन करने का निश्‍चय किया गया । हिन्दुआें में जागृति होने हेतु अब विविध हिन्दुत्ववादी संगठनों ने एकत्रित रूप से समान विषय पर आंदोलन करने का निश्‍चय किया है ।

हमें निर्भय होकर धर्मकार्य करना चाहिए ! - श्री. टी. राजा सिंह, विधायक, तेलंगाना

जिस दल के नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, उस दल का मैं विधायक हूं ! विधायक बनने के बाद भी समर्थन करने की अपेक्षा मेरी आवाज दबाने का प्रयास किया जाता है । मुझे सत्ता का लोभ नहीं, केवल धर्मरक्षा की भावना है । भाग्यनगर के हिन्दू जागृत होने लगे हैं । यहां एमआइएम का राज है और हिन्दुआें का गला घोंट दिया जाता है ।

बांग्लादेश बनने से पूर्व बांग्लादेश से असम राज्य में आई हिन्दू महिलाआें को भगाने की कार्यवाही तत्काल रोकें ! - श्री. सुधेंदु मोहन तालुकदार


बांग्लादेश की निर्मिति होने से पूर्व भारत के असम राज्य में आई २ रोगी वृद्ध हिन्दू महिलाआें को भारत से भगाने का प्रयत्न असम की सीमा सुरक्षा दल के पुलिसकर्मि कर रहे है । इन महिलाआें के विरोध में यह कार्यवाही सीमा सुरक्षा दल की पुलिस तत्काल रोकें, ऐसी मांग भारतीय लोक मंच के संस्थापक अध्यक्ष श्री. सुधेंदू तालुकदार ने की है ।

पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापू का चतुर्थ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के निमित्त संदेश

आप सभी की सद्भावनाएं फलित हों ! 
- पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापू
     हिन्दू जनजागृति समितिसनातन संस्था और २१० हिन्दू संगठनों को भगवान सूझ-बूझ, समता और साहस दे । मठ संप्रदाय और मनुष्य निर्मित धर्म अपने-अपने लाभ तक ही सीमित रहते हैं; पर सनातन धर्म और सनातन संस्था संपूर्ण विश्‍व के मानव का कल्याण तो सोचती है । आंतरिक शांति, औषधेय शांतिवनस्पतीय शांति व्यापक दिव्यदृष्टि सनातन हिन्दू संस्थाआें को सहज प्राप्त होती है । वैदिक दृष्टिकोण आज सभी की सूझ-बूझ और सद्भावना फले-फूले और फले । हे महामानवउपनिषद का ज्ञान, वैदिक प्रचार, आपके जीवन में भी झलके और औरों तक भी पहुंचे । आपके दैवी कार्य में प्रसादरूपी यह छोटी सी भेंट, स्वीकार कर लेना ।

राजकीय दल एवं हिन्दू जनजागृति समिति की कार्यप्रणाली में एक भेद !

     सर्व राजकीय पक्षों की बैठकें एवं अधिवेशन पंचतारांकित होटलों में होते हैं, जबकि हिन्दू जनजागृति समिति के अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन रामनाथ देवस्थान में आयोजित किए जाते हैं । साथ ही अधिवेशन में सम्मिलित होनेवालों की व्यवस्था श्री रामनाथ, श्री शांतादुर्गा (कवळे व वेलिंग)श्री महालक्ष्मी (बांदिवडे), श्री नवदुर्गा (मडकई) इत्यादि मंदिरों के भक्तनिवासों में तथा कवळे के गौडपादाचार्य मठ में की गई । इससे  ध्यान में आएगा कि जनता तथा राष्ट्र के पैसों की फिजूलखर्ची कौन करता है ! ऐसे में भगवान का आशीर्वाद समिति को मिलेगा या राजकर्ताआें को ? - (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले                

हिन्दू धर्म के प्रसार हेतु एस्एस्आर्एफ् द्वारा विदेश में प्रभावी प्रसार ! - पू. सिरियाक वाले, प्रमुख मार्गदर्शक, स्पिरिच्युअल साइंस रिसर्च फाउंडेशन, फ्रांस.

     हिन्दू धर्म के प्रचार हेतु जालस्थल (वेबसाइट) का उपयोग कर धर्म से संबंधित  शंकाआें का समाधान किया जाता है । उसे उत्तम समर्थन मिल रहा है । अनेक विदेशी भाषाआें में उसका अनुवाद किया जा रहा है । साधना, आध्यात्मिक उपायपद्धति, अनिष्ट शक्तियों के कष्टों पर मात कैसे करें ?, सात्त्विक रहन-सहन, मृत्यु के उपरांत हम कहां जाते हैं ?, सूक्ष्म को जानने की क्षमता (सिक्स्थ सेन्स) इत्यादि ऐसे अनेक विषयों पर एसएसआरएफ ने ७५० से भी अधिक लेख प्रकाशित किए हैं । विविध वैज्ञानिक उपकरणों का उपयोग कर किया गया संशोधनउदाहरणार्थ पिप (पोलिकॉन्ट्रास्ट इंटरफेरन्स फोटोग्राफी)लेकर एंटेना इत्यादि विषयी जालस्थल द्वारा जानकारी निरंतर अपडेट की जाती है ।         

कश्मीरी हिन्दुआें की वापसी जिहादियों के हाथों बलि चढाने के लिए न हो ! - डॉ. अजय च्रोंगू, अध्यक्ष, पनून कश्मीर


     चतुर्थ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन की कालवधि में जम्मू-कश्मीर, बांग्लादेश एवं श्रीलंका से आए देश-विदेश के हिन्दुत्वनिष्ठों की कुल तीन पत्रकार परिषदों का आयोजन किया गया ।
     १२ जून को संपन्न पत्रकार परिषद में पनून कश्मीर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय च्रोंगू ने कहा, अब कश्मीर का आतंकवाद, वर्ष १९९० की तुलना में अधिक प्रभावी हो चुका है । उस पर ठोस उपाय ढूंढे बिना केवल आर्थिक पैकेज देकर कश्मीरी पंडितों को बलि का बकरा बनाकरकश्मीर में वापस न भेजा जाए ।

एक सच्चे हिन्दुत्वनिष्ठ से भाजपा शासन घबरा गया, इसका मुझे गर्व है ! - प्रमोद मुतालिक


     गोवा में हिन्दुत्ववादी कहलानेवाले भाजप शासन ने अल्पसंख्यकों के मतों के लिए प्रखर हिन्दुुत्ववादी नेता एवं श्रीराम सेना के अध्यक्ष श्री. प्रमोद मुतालिक को गोवा राज्य में प्रवेश पर अन्यायपूर्ण प्रतिबंध लगाया, इसलिए कानून का सम्मान करते हुए वे हुबळी, कर्नाटक से स्काइप प्रणाली द्वारा अधिवेशन से जुडे ।

... तो बांग्लादेशी हिन्दुओं पर वंशविच्छेद का समय आएगा ! - अधिवक्ता रवींद्र घोष, बांग्लादेश मायनॉरिटी वॉच

     अधिवक्ता रवींद्र घोष ने कहाबांग्लादेश में हिन्दू विदारक अवस्था में जीवन जी रहे हैं । हिन्दुओं की संपत्ति हडपी जा रही है । वर्ष १९७१ में बांग्लादेश में हिन्दुओं की जनसंख्या १५ प्रतिशत थी । वह अब केवल ८ प्रतिशत रह गई है । वहां हिन्दू देवताओं की मूर्तियां तोडी जा रही हैं । हिन्दू स्त्रियों पर बलात्कार हो रहे हैं । हिन्दुओं के मंदिर जलाए जा रहे हैं । इस संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र संघ में आवाज उठाकर भी हिन्दुओं को न्याय नहीं मिला है । बांग्लादेशी हिन्दुओं की रक्षा के लिए अन्यत्र के हिन्दुओं को आगे आना चाहिएअन्यथा बांग्लादेश के हिन्दुओं का वंशविच्छेद हो जाएगा ।

भूकंप के संकट के उपरांत भी हम हिन्दू राष्ट्र का अभियान प्रारंभ रखेंगे ! - डॉ. माधव भट्टराई, सनातन हिन्दू मोर्चा, नेपाल

     राष्ट्रीय धर्मसभा नेपाल के अध्यक्ष डॉ. माधव भट्टराई ने कहा, जब तक मेरा जीवन है, तब तक मैं जनता और राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा । संगठन के बिना हम कुछ नहीं कर सकते । इसलिए संघे शक्ति: कलौयुगे इस सिद्धांत के अनुसार हम कार्य कर रहे हैं । नेपाल को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए सनातन हिन्दू मोर्चा नामक संगठन की स्थापना की गई । इसमें १३३ संस्थाएं और संगठन सम्मिलित हुए हैं । हिन्दू जनजागृति समिति का ध्येय भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना हैतो हमारा ध्येय नेपाल को हिन्दू राष्ट्र बनाना हैइसलिए हम एकत्रित कार्य कर रहे हैं ।

बौद्धों द्वारा श्रीलंका के हिन्दुओं का योजनाबद्ध वंश - विच्छेद ! - श्री. मरवनपुलावु क. सच्चिदानंदन्, श्रीलंका


     श्री. सच्चिदानंदन् ने कहागत २ सहस्र वर्षों से श्रीलंका में हिन्दू धर्म का नाश करने के प्रयास योजनाबद्ध चल रहे हैं । श्रीलंका में हिन्दुओं के साथ सदैव गौण व्यवहार किया जाता है । वहां के हिन्दुओं को बौद्ध, मुसलमान व ईसाइयों का सामना करना पड रहा है । वर्ष १९८१ में हिन्दुओं की जनसंख्या १६ प्रतिशत थीजो घटकर १२ प्रतिशत पर आ गई है । वर्ष १९४८ में श्रीलंका को स्वतंत्रता मिलने के पश्‍चात से वहां के बौद्ध धर्मियों ने हिन्दुओं का योजनाबद्ध वंशविच्छेद किया है । हिन्दुओं के पास कुल २५ सहस्र वर्ग कि.मी. भूमि थी; परंतु अब १० सहस्र वर्ग कि.मी. ही शेष रह गई है । हिन्दू मेहनत मजदूरी कर जीवनयापन कर रहे हैं । वैसी स्थिति में भी हिन्दू धर्मानुसार आचरण करने का प्रयास कर रहे हैं । वहां के हिन्दुओं को धीरज देने के लिए भारत के हिन्दुओं को श्रीलंका में आना चाहिए ।

मेरा समर्पण अध्यात्म, राष्ट्र्र, धर्म और नेपाल को हिन्दू राष्ट्र बनाने हेतु है ! - श्री. भरत शर्मा, राष्ट्रीय धर्मसभा, नेपाल

     श्री. भरत शर्मा ने कहा, नेपाल में महाविनाशकारी भूकंप आने के पश्‍चात वहां के १४ जनपद उध्वस्त हो गए । २ सहस्र ८० घर नष्ट हो गए । हमारे अपने गांव में २२ नागरिक भूकंप में मारे गए हैं । इसमें मेरी स्वयं की माताजी भी नहीं बची । तब भी मैं घर में १५ दिन रुका तथा पुनः समाज और राष्ट्र कार्य के लिए घर से बाहर निकल पडा । जिसका जन्म होता हैउसकी मृत्यु अटल है; परंतु मुझे अंतिम सांस तक कार्य करना है । मेरा संपूर्ण समर्पण अध्यात्म, राष्ट्र, धर्म और नेपाल को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए है । हिन्दू जनजागृति समिति, सनातन हिन्दू मोर्चा और नेपाल धर्मसभा परिषद के प्रयासों से नेपाल में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना निश्‍चित होगी । भारत में भी हिन्दू राष्ट्र अवश्य स्थापित होगा !

प्रतिकूल परिस्थिति में भी चतुर्थ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में उपस्थित रहनेवाले नेपाल के धर्माभिमानियों पर हमें गर्व है !

     नेपाल में कुछ समय पूर्व ही भीषण भूकंप आया था । उसके उपरांत भी लंबी कालावधि तक भूकंप के झटके आने जारी थे । ऐसी प्रतिकूल परिस्थिति में भी नेपाल के धर्माभिमानी इस अधिवेशन में सम्मिलित हुए । विशेष रूप से राष्ट्रीय धर्मसभा नेपाल के श्री. भरत शर्मा की मां का निधन हुए केवल १५ दिन ही हुए थेतब भी वे देश और धर्म की सेवा से प्रेरित होकर इस अधिवेशन में सम्मिलित हुए ।

मुस्लिम मतों के लिए तृणमूल काँग्रेस द्वारा सिमी का प्रमुख राज्यसभा में ! - श्री. उपानंद ब्रह्मचारी, हिन्दू एक्जिस्टन्स, बंगाल.


बंगाल में विस्फोटों की श्रृंखला असम से लेकर भाग्यनगर (हैदराबाद) तक जुडी है । लव जिहाद, लैंड जिहाद, आर्थिक जिहाद, राजनीतिक जिहाद, सभी क्षेत्रों में यह जिहाद फैलाया जा रहा है । मुस्लिम मतों के लिए अगला कदम अर्थात, तृणमूल काँग्रेस ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिमी के प्रमुख अहमद हसन इम्रान को ही राज्यसभा में भेज दिया है ।

बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने से अनेक प्रश्‍न हल होंगे ! - श्री. मुरली मनोहर शर्मा, भारत रक्षा मंच, ओडिशा.

बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या बहुत मात्रा में बढ रही है । उनके माध्यम से बडी मात्रा में आतंकवाद भी बढ रहा है । आज भारत में ५ करोड बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं यह समस्या इतनी बढ गई है कि घुसपैठ रोकी नहीं गई तो भारत का पुनः एक बार विभाजन हो सकता है । ये घुसपैठिए उनके लिए एक स्वतंत्र भूखंड की मांग भी कर सकते हैं । बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण चोरी तथा अन्य समस्याएं भी बढ रही हैं । इसलिए बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने से हिन्दुआें की अनेक समस्याएं सुलझ जाएंगी।        

हिन्दू जनजागृति समिति हिन्दुुत्व के लिए अति उत्तम व्यासपीठ है ! - अधिवक्ता बीभूती भूषण पलेई, सचिव, प्रज्ञान क्रियायोग मिशन, ओडिशा.

     गत २२ वर्षों से हम हिन्दुआें के लिए नि:शुल्क कार्य कर रहे हैं । एक बार एक हिन्दुुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की बेटी को लव जिहाद में एक धर्मांध ने फांसा था । इसके विरोध में मैंने न्यायालय के हिन्दू अधिवक्ताआें को संगठित किया और उस लडकी को छुडवाने का प्रयत्न किया । इस प्रकरण में उस धर्मांध युवक को ४५ दिन कारागृह में रहना पडा ।

     हिन्दू जनजागृति समिति हिन्दुत्व के लिए अच्छा व्यासपीठ है । इस माध्यम से प्रत्येक हिन्दू धर्म-संदेश पहुंचाने का कार्य कर सकता है ।  

हिन्दुओं पर आक्रमण करनेवाले जिहादियों को भवानी सेना का सटीक प्रत्युत्तर ! - श्री. प्रताप हाजरा, भवानी सेना, बंगाल.

     तृणमूल कांग्रेस बंगाल में इस्लामी राष्ट्र की स्थापना करने हेतु प्रयासरत है । केंद्रीय अन्वेषण तंत्र ने भी उस प्रकार का ब्यौरा दिया है । बंगाल में हिन्दुत्व का कार्य करना अत्यंत कठिन है । जमात-ए-इस्लामी संगठन ने हमारे कार्यकर्ताओं को मारने के लिए ५० लाख रुपयों का पारितोषिक भी दिया है । ऐसा होते हुए भी हम डगमगाए नहीं हैं । हिन्दू जनजागृति समिति एवं हिन्दू एक्जिस्टन्स सदैव हमारी सहायता हेतु दौडकर आते हैं । 

असम की गंभीर स्थिति परिवर्तित करने हेतु मंच प्रयासरत ! - श्री. शिब शंकर कुंडू, केंद्रीय संगठन सचिव, हिन्दू युवा मंच, असम.

हिन्दू युवा मंच ने असम को बचाने का कार्य प्रारंभ किया है । गत वर्ष हमने ६४५ धर्मांतरित आदिवासी लोगों को हिन्दू धर्म में पुनः प्रवेश करवाया है । २४ दिसंबर २०१४ को असम के एक क्षेत्र में ८० आदिवासियों की हत्या की गई । इस समय किसी से भी सहायता नहीं मिली ।

विशेष : श्री. शिब शंकर कुंडू ने कहा, परात्पर गुरु प.पू. डॉ. आठवले और हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे से हमें कार्य करने की दिशा प्राप्त हुई । इसलिए मैं स्वयं को भाग्यवान समझता हूं ।