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धर्मजागृति,हिन्दू-संगठन एवं राष्ट्ररक्षा हेतु साधकों द्वारा साधनास्वरूप आर्थिक हानि सहते हुए भी चलाया जानेवाला एकमात्र पाक्षिक !
आषाढ कृष्ण पक्ष १२ - आषाढ शुक्ल पक्ष ११,
कलियुग वर्ष ५११८ (१ से १५ जुलाई २०१६)

पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में पारित प्रस्ताव !

१. विश्‍वकल्याण हेतु भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने के लिए वैध मार्ग से जो भी प्रयत्न करने आवश्यक हैं, यह अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन वह सब प्रयास करेगा । भारतीय संसद देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करे ।
२. नेपाल हिन्दू राष्ट्र घोषित हो, इस हेतु प्रयत्न करनेवाले वहां के हिन्दुआें का यह अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन नैतिक, राजनीतिक और सर्व प्रकार का समर्थन करता है । नेपाल की संसद धर्मनिरपेक्ष संविधान रद्द कर नेपाल को पुनः हिन्दू राष्ट्र घोषित करे ।

शिवानुकम्पा से अधिवेशन अवश्य ही सफल होगा ! - महंत स्वामी संवित् सोमगिरीजी महाराज, बीकानेर, राजस्थान

अत्यंत हर्ष का विषय है कि हिन्दू जनजागृति समिति एवं सनातन संस्था हिन्दू राष्ट्र-स्थापना की संकल्पना को मूर्त रूप देने के लिए देश के अनेक संगठनों के मनीषी एकत्र हो रहे हैं ।
    शिवानुकम्पा से सम्मेलन अवश्य ही सफल होगा । सृष्टि के मूल से प्रवाहित भारतीय संस्कृति की गंगा ने अनेक कल्पों, मन्वन्तरों और युगों को पार करते हुए अपने अमृतमय, वात्सल्यपूर्ण, कल्याणदायी आनंदमय स्वरूप को अक्षुण्ण रखा है ।

हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने की निश्‍चिति का प्रमाण देनेवाला पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन !

गूंज उठा शंखनाद पंचम हिन्दू अधिवेशन का । सनातन धर्म राज्य के शाश्‍वत मार्गक्रमण का ॥
उद्घाटन के समय (बाएं से) पू. (कु.) अनुराधा वाडेकर, दीपप्रज्वलन करती
पू. तनुजा ठाकुर, पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे, महंत इच्छागिरी महाराज और पू. दिव्य जीवनदासजी महाराज
 रामनाथी (गोवा) - यहां १९ से २५ जून तक हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ७ दिवसीय पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन संपन्न हुआ । अधिवेशन के समय संतविभूतियों द्वारा अधिवेशन हेतु दिए आशीर्वचन युक्त संदेश पढे गए ।

हिन्दू एकत्र होकर एक साथ आवाज लगाएं ! - श्रद्धेय प्रवर श्री (डॉ.) गुण प्रकाश चैतन्यजी महाराज

सनातन संस्कृति व संस्कारों से सुसज्जित ऋषि, महर्षि, विप्रर्षि व प्रकृति द्वारा संपोषित, संरक्षित नदी-पर्वत-सागर से चतुर्दिक आच्छादित विश्‍व का अनूठा भगवत्पादारविंद से सुरसेवित प्रदेश भारत ही है । अन्य देश भगवत्पादारविंद द्वारा सेवित नहीं है । फिर भी भारतवर्ष हिन्दू राष्ट्र घोषित नहीं है, इसका क्या कारण है ?

पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के लिए परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का संदेश

 धर्मवीरो, हिन्दू राष्ट्र (सनातन धर्म राज्य) स्थापना रूपी
यज्ञ में तन-मन-धन और आवश्यकता होने पर प्राणों की भी आहुति दें !
प.पू.  डॉ. जयंत बाळाजी आठवले
भारत के स्वतंत्रता यज्ञ में अपने प्राणों की आहुति देकर क्रांतिसमिधा बने राष्ट्रपुरुष ही राष्ट्रप्रेमियों एवं धर्मप्रेमियों के लिए खरे आदर्श हैं । मैं नहीं जानता कि हिन्दू राष्ट्र देखने के लिए मैं जीवित रहूंगा या नहीं । ऐसा होते हुए भी उनका आदर्श सामने रखकर मैं इसके लिए प्रयत्नशील हूं । इसी प्रकार राष्ट्रप्रेमियों और धर्मप्रेमियों को हिन्दू राष्ट्र के लिए कार्यरत रहना आवश्यक है ।  

मृतकों के सगे-संबंधी जिन पर उंगली उठाएंगे; क्या केवल उन्हीं की जांच की जाएगी ? - उच्च न्यायालय

दाभोलकर-पानसरे हत्या प्रकरण
    मुंबई - दाभोलकर-पानसरे हत्याकांड की जांच मुंबई उच्च न्यायालय की देखरेख में चल रही है । उसकी सुनवाई २३ जून को उच्च न्यायालय के एस.सी. धर्माधिकारी और शालिनी फणसळकर-जोशी की खंडपीठ के समक्ष हुई । इस समय मुंबई उच्च न्यायालय ने मृतकों के संबंधी जिन पर उंगली उठाएंगे, क्या आप केवल उन्हीं की जांच करेंगे ? कल मृतकों के संबंधी यह कह दें कि हत्यारे नहीं मिलते, तो कोई बात नहीं, तो क्या आप जांच ही रोक देंगे ? ऐसे तीव्र शब्दों में जांच संस्थाआें को फटकारकर, रोष भी व्यक्त किया । साथ ही बार-बार प्रसारमाध्यमों के पास जाकर जानकारी न दें, ऐसी स्पष्ट चेतावनी भी दाभोलकर और पानसरे परिजनों को दी । साथ ही, सरकारी अधिवक्ता भी प्रसारमाध्यमों से बात न करें, ऐसा सूचित किया । जांच का ब्यौरा प्रस्तुत करने के लिए उच्च न्यायालय ने जांच संस्थाआें को ६ सप्ताह की समयसीमा दी है ।

साध्वी प्रज्ञासिंह का ८ वर्ष शोषण करनेवाली पुलिस एवं तत्कालीन राज्यकर्ताआें पर कार्यवाही करो !

    नई देहली - यहां के जंतरमंतर पर १२ जून को राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन आयोजित किया गया ।  
 जंतरमंतर पर आंदोलन करते हुए धर्माभिमानी हिन्दू
     योगदिवस पर ॐ का उच्चारण अनिवार्य करने और कश्मीर का इस्लामीकरण रोकने के साथ झूठे आरोपों में साध्वी प्रज्ञासिंह का ८ वर्ष शोषण करनेवाली पुलिस और तत्कालीन राज्यकर्ताआें पर कार्यवाही करने की मांग की गई ।

हिन्दू राष्ट्र का उद्घोष जनता तक पहुंचाने का हिन्दू अधिवेशन के माध्यम से संकल्प करेंगे ! - पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे

आगरा, फरीदाबाद, मुंबई, गोवा, मंगळुरू, हुबळी आदि स्थानों पर पत्रकार परिषद संपन्न
आगरा की पत्रकार परिषद में सहभागी हिन्दुत्वनिष्ठ (बाएं से)
सर्वश्री शुभम वर्मा, अजय अग्रवाल, ठाकुर सिंह, संजीव शर्मा
      पंचम अखिल हिन्दू अधिवेशन के आयोजन का उद्देश्य हिन्दुत्वनिष्ठों को बताने की दृष्टि से विविध स्थानों पर पत्रकार परिषदों का आयोजन किया गया । 
      हिन्दुत्वनिष्ठ दल की सत्ता होते हुए भी हिन्दुआें की पिछले अनेक वर्षों से लंबित मांगें अभी तक पूर्ण नहीं हुईं । कश्मीरी हिन्दुआें का पुनर्वास, धारा ३७० निरस्त करना, गोवंश हत्याबंदी, श्रीराम मंदिर का पुनर्निर्माण आदि विषयों पर शासन ने कोई ठोस कृति नहीं की । इसलिए अब हिन्दू संगठन हिन्दू राष्ट्र हेतु इस अधिवेशन के माध्यम से संकल्प करेंगे ।
पिछले ४ अधिवेशनों में निश्‍चित समान कार्ययोजनाआें से प्रेरणा लेकर देशभर के १० प्रांतों में ५० स्थानों पर राष्ट्र एवं धर्म से संबंधित विविध विषयों पर राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन किया गया । जबकि ५१ स्थानों पर प्रादेशिक साथ ही स्थानीय संगठनों को एकजुट करने हेतु राज्यस्तरीय और प्रांतीय हिन्दू अधिवेशनों का आयोजन किया गया । ऐसा प्रतिपादन इस परिषद में किया गया ।  
विविध स्थानों पर आयोजित इन पत्रकार परिषदों में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी, श्री. अजीत पटवा, हिन्दू लीगल सेल के सचिव तथा प्रवक्ता अधिवक्ता शांत पटेल, हिन्दू स्वाभिमान की राष्ट्रीय अध्यक्षा अधिवक्ता (श्रीमती) चेतना शर्मा उपस्थित थे । हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे, हिन्दू महासभा के श्री. शिवप्रसाद जोशी एवं हिन्दू विधिज्ञ परिषद के गोवा राज्य सचिव अधिवक्ता नागेश ताकभाते भी उपस्थित थे ।         

हिन्दू राष्ट्र का उद्घोष जनता तक पहुंचाने का हिन्दू अधिवेशन के माध्यम से संकल्प करेंगे ! - पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे

आगरा, फरीदाबाद, मुंबई, गोवा, मंगळुरू, हुबळी आदि स्थानों पर पत्रकार परिषद संपन्न
पंचम अखिल हिन्दू अधिवेशन के आयोजन का उद्देश्य हिन्दुत्वनिष्ठों को बताने की दृष्टि से विविध स्थानों पर पत्रकार परिषदों का आयोजन किया गया । 
हिन्दुत्वनिष्ठ दल की सत्ता होते हुए भी हिन्दुआें की पिछले अनेक वर्षों से लंबित मांगें अभी तक पूर्ण नहीं हुईं । कश्मीरी हिन्दुआें का पुनर्वास, धारा ३७० निरस्त करना, गोवंश हत्याबंदी, श्रीराम मंदिर का पुनर्निर्माण आदि विषयों पर शासन ने कोई ठोस कृति नहीं की । इसलिए अब हिन्दू संगठन हिन्दू राष्ट्र हेतु इस अधिवेशन के माध्यम से संकल्प करेंगे ।
पिछले ४ अधिवेशनों में निश्‍चित समान कार्ययोजनाआें से प्रेरणा लेकर देशभर के १० प्रांतों में ५० स्थानों पर राष्ट्र एवं धर्म से संबंधित विविध विषयों पर राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन किया गया । जबकि ५१ स्थानों पर प्रादेशिक साथ ही स्थानीय संगठनों को एकजुट करने हेतु राज्यस्तरीय और प्रांतीय हिन्दू अधिवेशनों का आयोजन किया गया । ऐसा प्रतिपादन इस परिषद में किया गया ।  
विविध स्थानों पर आयोजित इन पत्रकार परिषदों में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी, श्री. अजीत पटवा, हिन्दू लीगल सेल के सचिव तथा प्रवक्ता अधिवक्ता शांत पटेल, हिन्दू स्वाभिमान की राष्ट्रीय अध्यक्षा अधिवक्ता (श्रीमती) चेतना शर्मा उपस्थित थे । हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे, हिन्दू महासभा के श्री. शिवप्रसाद जोशी एवं हिन्दू विधिज्ञ परिषद के गोवा राज्य सचिव अधिवक्ता नागेश ताकभाते भी उपस्थित थे ।         
आगरा की पत्रकार परिषद में सहभागी हिन्दुत्वनिष्ठ (बाएं से) सर्वश्री शुभम वर्मा, अजय अग्रवाल, ठाकुर सिंह, संजीव शर्मा

आदर्श राज्य की नींव !

 
गोवा राज्य के रामनाथी, फोंडा में रामनाथ मंदिर के विद्याधिराज सभागृह में पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ । जून २०१२ में पहला अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन हुआ । तब से यह अधिवेशन प्रतिवर्ष होता आ रहा है । इसी में इसकी सफलता का रहस्य छिपा हुआ है । क्या है इस अधिवेशन की आवश्यकता ? संसार में हिन्दुआें की जनसंख्या पर्याप्त होने पर भी संसार के २०० देशों में एक भी हिन्दू देश नहीं है ।

राष्ट्र और धर्म की रक्षा हेतु कार्यरत हिन्दुत्वनिष्ठों का शोषण करनेवाला शासन !

श्री. रवींद्र घोष और श्री. प्रमोद मुतालिक को हिन्दू अधिवेशन में उपस्थित रहने से रोका !
  गोवा में १९ से २५ जून तक की अवधि में पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन संपन्न हुआ । इस अधिवेशन में प्रतिवर्ष भारत के हिन्दुत्वनिष्ठों के साथ नेपाल और बांग्लादेश में हिन्दुआें की रक्षा हेतु कार्य करनेवाले हिन्दुत्वनिष्ठ भी आते हैं ।

श्री. रवींद्र घोष और श्री. प्रमोद मुतालिक को हिन्दू अधिवेशन में उपस्थित रहने से रोका !

राष्ट्र और धर्म की रक्षा हेतु कार्यरत हिन्दुत्वनिष्ठों का शोषण करनेवाला शासन ! 
गोवा में १९ से २५ जून तक की अवधि में पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन संपन्न हुआ । इस अधिवेशन में प्रतिवर्ष भारत के हिन्दुत्वनिष्ठों के साथ नेपाल और बांग्लादेश में हिन्दुआें की रक्षा हेतु कार्य करनेवाले हिन्दुत्वनिष्ठ भी आते हैं । बांग्लादेश से बांग्लादेश माइनॉरिटी वॉच के हिन्दुत्वनिष्ठ अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष प्रतिवर्ष इस हिन्दू अधिवेशन में आते हैं; परंतु इस वर्ष श्री. घोषजी को इस अधिवेशन हेतु भारत में आने के लिए भारत शासन की ओर से वीजा नकारा गया । इसलिए वे अधिवेशन में उपस्थित नहीं रह पाए ।  साथ ही गोवा राज्यशासन ने कानून का अनुचित उपयोग कर श्रीराम सेना के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ श्री. प्रमोद मुतालिक का गोवा राज्य में प्रवेश प्रतिबंधित किया है । (भारत शासन का हिन्दूद्वेष ! मुसलमान अथवा ईसाई संसार में कहीं भी जा सकते है । उन्हें कहीं वीजा नकारा गया, ऐसा सुनने में नहीं आता; परंतु हिन्दुत्वनिष्ठों को पूरे विश्‍व में प्रतिबंधित किया जाता है । इस स्थिति में परिवर्तन लाने हेतु हिन्दुआें के लिए संगठित होकर हिन्दू राष्ट्र स्थापित करना अनिवार्य है ! - संपादक) 

भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद सेे हिन्दू राष्ट्र की स्थापना अवश्य होगी !

अधिवेशन के शुभारंभ पर हिन्दू जनजागृति समिति के
राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे द्वारा किया मार्गदर्शन

१. अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशनों की फलोत्पत्ति !
१ अ.हिन्दू राष्ट्र शब्द की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होना, यह अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशनों की सफलता ! 
गत ४ वर्षों से हम हिन्दू राष्ट्र यह संकल्पना हिन्दू अधिवेशन में प्रस्तुत कर रहे हैं । अब इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा आरंभ हुई है । बंधुओ, विश्‍व में ईसाइयों के १५७, मुसलमानों के ५२, बौद्धों के १२, यहूदियों का १ राष्ट्र है; तो हिन्दुआें का राष्ट्र क्यों नहीं ?

पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन जानकारी हेतु हिन्दू जनजागृति समिति का जालस्थल (वेबसाइट) अवश्य देखें !

पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में उपस्थित हिन्दुत्वनिष्ठों के उद्बोधक विचार विस्तृत रूप से पढने के   लिए हिन्दू जनजागृति समिति का जालस्थल (वेबसाइट) अवश्य देखें  ! hindujagruti.org



हिन्दू अधिवेशन स्थल पर हुई पत्रकार परिषद से विदेश के हिन्दुआें की व्यथा उजागर !

    अधिवेशन स्थल पर २१ जून २०१६ को पत्रकार परिषद हुई । इस समय नेपाल के फोरम ऑफ नेपालीज् मीडियाके (नेपाली प्रसारमाध्यम मंच) अध्यक्ष प्रा. निरंजन ओझा, श्रीलंका के श्री. मरवनपुलावू सच्चिदानंदन्, युथ फॉर पनून कश्मीर (अपना कश्मीर) के राष्ट्रीय समन्वयक श्री. राहुल कौल तथा सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस उपस्थित थे ।
नेपाल में हुए भूकंप के समय आपातकाल का अपलाभ उठानेवाले
ईसाई मिशनरियों से जागरूक रहिए !
- श्री. सागर कटवाल, नेपाल

अधिवक्ताआें का संगठित होकर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना में योगदान का निश्‍चय !

   हिन्दू विधिज्ञ परिषद के जुझारू अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर का विशेष सत्कार !
अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर
इस अवसर पर ६४ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर के हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता श्री. संजीव पुनाळेकर का सनातन के संत पूज्य नंदकुमार जाधव जी ने पुष्पहार, शाल, श्रीफल और सनातन-निर्मित भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा देकर सम्मानित किया । वे तन, मन और धन सेे हिन्दुत्ववादियों की न्यायालयीन सहायता करते हैं । अधिवक्ता पुनाळेकरजी के नेतृत्व में हिन्दू विधिज्ञ परिषद को मिली सफलताआें के उदाहरण...
१. मुंबई के आजाद मैदान में अगस्त २०१२ में हुए दंगे में हुई हानि की रजा अकादमी के गुंडों द्वारा हानिभरपाई के लिए शासन को बाध्य किया ।

अधिवक्ताआें का संगठित होकर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना में योगदान का निश्‍चय !

    अधिवेशन में उपस्थित अधिवक्ताआें ने स्वयंस्फूर्त प्रतिसाद दिया । प्रारंभ में हिन्दू विधिज्ञ परिषद के अधिवक्ता संगठक श्री. नीलेश सांगोलकर ने परिषद के सफल कार्य का वार्षिक ब्यौरा दिया । वर्ष २०१२ में संपन्न हुए प्रथम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में धर्माभिमानी अधिवक्ताआें के संगठन हेतु हिन्दू विधिज्ञ परिषद की स्थापना हुई । तत्पश्‍चात केवल चार ही वर्षों में हिन्दू विधिज्ञ परिषद ने धर्म संबंधी विविध कार्यों में सफलता प्राप्त की । अधिवेशन में हुए अधिवक्ताआें के प्रभावी भाषण आगे दे रहे हैं ।
हिन्दू राष्ट्र बनने पर संसार में शांति स्थापित होगी !
- अधिवक्ता हरिशंकर जैन, अध्यक्ष, हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस, लखनऊ (लक्ष्मणपुरी), उत्तरप्रदेश

हिन्दू धर्मशास्त्र पर होनेवाले आघातों का वैचारिक प्रतिकार करें ! - डॉ. शिवनारायण सेन, शास्त्र-धर्म प्रचार सभा, कोलकाता

वर्तमान में भारत में अपने धर्मशास्त्र की प्रतिदिन आलोचना की जा रही है । बौद्धिक स्तर पर इन आघातों का खंडन कर उनका वैचारिक प्रतिकार करना आवश्यक है । अपने वेद और शास्त्र स्वयं ईश्‍वर की वाणी हैं । अपने शास्त्र  की प्रत्येक बात पूर्णत: सत्य है । करोडों वर्षों से इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है । हमें हमारे ही ज्ञान और शास्त्र का विस्मरण हो गया है । इसलिए विदेशी हमारा धन, ज्ञान और कीर्ति लूटकर ले जा रहे
हैं । शास्त्र, गुरु और आत्मा स्वयं भगवान श्रीकृष्ण हैं, जो आपके हृदय में विराजमान हैं; परंतु माया के आवरण के कारण हम उन्हें देख नहीं पाते । इसलिए अपना अहंकार नष्ट कर उनकी शरण में जाना आवश्यक है । 

बांग्लादेशी घुसपैठ रोकने के लिए सक्षम कानून बनाएं ! - श्री. सूर्यकांत केळकर, संयोजक, भारत रक्षा मंच

अवैध घुसपैठियों की समस्या पर उपाय स्वरूप भारत रक्षा मंच ने सुझाया,
१. विस्थापित दर्जा प्राप्त करने के लिए घुसपैठिए निश्‍चित समय में अपनी जानकारी दें तथा जो काम के लिए आए हैं, वे work permit (नौकरी की अनुज्ञप्ति) प्राप्त करें ।
२. इसके अभाव में पुलिस उन्हें घुसपैठिया मानेगी ।
३. इसके साथ ही उन्हें घर उपलब्ध करवानेवालों, नौकरी देनेवालों अथवा किसी भी प्रकार की सहायता करनेवालों को दंड दिया जाएगा ।
    मई २०१७ तक भारत रक्षा मंच इस समस्या का हल निश्‍चित खोज लेगा, ऐसा हमारा विश्‍वास है ।

अरब राष्ट्रों सहित चीन व रशिया भी भारत के भाग थे ! - प्रा. कुसुमलता केडिया, भोपाल

 भारत का दैदिप्यमान इतिहास देश से किस प्रकार छिपाकर रखा गया इस विषय में धर्मपाल शोध पीठ की संचालिका प्रा. कुसुमलता केडिया ने कहा, प्रत्यक्ष में भारतीय धर्मशास्त्र, पुराण इनका आधार लें, तो यह ध्यान में आएगा कि अफगानिस्तान, तुर्किस्तान, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान सहित सभी अरब और मुसलमान राष्ट्र कुछ सहस्र वर्षों पूर्व संस्कृत भाषिक देश थे । दुर्भाग्य से स्वतंत्रता के उपरांत भारत संस्कृति विरोधी राज्यकर्ताआें के नियंत्रण में था । इसलिए अब भारत को उसका पुनर्वैभव प्राप्त कराने का समय आ गया है ।

सेक्युलर विश्‍वविद्यालय यदि हिन्दुत्व नहीं पढाते, तो हिन्दुआें को उनके विश्‍वविद्यालय बनाने का अधिकार दें ! - प्रा. रामेश्‍वर मिश्र, भोपाल

हिन्दुआें में स्वधर्म, परंपरा, पूर्वज इनके प्रति गौरव निर्माण हो, इसके लिए भारतीय इतिहास का पुनर्लेखन करना होगा । इंग्लैंड, फ्रान्स इन देशों का इतिहास पढाने से भारत कैसे महान बनेगा ? यदि सेक्युलर विश्‍वविद्यालयों में हिन्दुआें का वास्तविक इतिहास नहीं पढाया जाता, तो हम हिन्दुआें को अलग विश्‍वविद्यालय निर्माण करने का अधिकार दिया जाए, ऐसा हिन्दुआें को कहना होगा । वे वाराणसी (उत्तरप्रदेश) के हिन्दू विद्या केंद्र के संचालक है ।

पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में उपस्थित हिन्दुत्वनिष्ठों के क्षात्रतेज जागृत करनेवाले विचार

संस्कृति से एकरूप होने का अर्थ है स्वदेशी ! - गव्यसिद्धाचार्य डॉ. निरंजन वर्मा, गुरुकुलपति, पंचगव्य गुरुकुलम् कांचीपुरम्, तमिलनाडु
अधिवेशन के तीसरे दिन के सत्र में गव्यसिद्धाचार्य डॉ. निरंजन वर्मा ने प्रतिपादित किया कि केवल देश में बनी हुई वस्तु का उपयोग करने का अर्थ स्वदेशी स्वीकारना नहीं है, अपितु इस देश के भूगोल से समायोजन करना स्वदेशी है । यहां का भूगोल हमारा राष्ट्र है । जहां हम रहते हैं, वहां के पंचमहाभूतों का संतुलन रखकर जीना स्वदेशी है । यहां की संस्कृति से एकरूप होना स्वदेशी है ।

तमिलनाडु में हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने के लिए संत हिन्दू मक्कल कच्छी को आशीर्वाद दें - अर्जुन संपथ, अध्यक्ष, हिन्दू मक्कल कच्छी

    तमिलनाडु के हिन्दुओं का संबंध हिन्दू धर्म से तोडने के लिए वहां के मूल निवासी द्रविड हैं, ऐसा कोलाहल मचाया जा रहा है । वर्ष १९६७ से यह षड्यंत्र चल रहा है । राजनीति करनेवाले जनप्रतिनिधि द्रविडों को हिन्दुओं से तोडकर, जाति-जाति में फूट डालकर तमिलनाडु से हिन्दुत्व को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं । ऐसा होते हुए भी हम उनका षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे । हिन्दू मक्कल कच्छी (हिन्दू जनता पक्ष) संगठन तमिलनाडु में हिन्दू राष्ट्र स्थापित किए बिना शांत नहीं बैठेगा ।

सांप्रदायिको, हिन्दू राष्ट्र स्थापना के साक्षी नहीं, अपितु सहभागी बनें ! - पू. तनुजा ठाकुर, संस्थापक अध्यक्ष, वैदिक उपासना पीठ

आज देश के ९० करोड हिन्दुओं में ८५ प्रतिशत हिन्दू किसी न किसी संप्रदाय के अनुसार न्यूनाधिक मात्रा में साधना कर रहे हैं । इसलिए यदि संप्रदाय एकत्र हुए, तो इस देश में हिन्दू राष्ट्र लाने के लिए आवश्यक जनमत सहज सिद्ध हो सकता है । अतः सभी संप्रदायों के प्रमुख संतों का मैं आवाहन करती हूं कि अब आप हिन्दू राष्ट्र्र के लिए आपके अर्जुन, हरिहर-बुक्कराय, चंद्रगुप्त मौर्य तथा छत्रपति शिवाजी महाराज समान शिष्य दें !

सनातन हिन्दू धर्म सर्वश्रेष्ठ; परंतु उसके लिए हिन्दुआें द्वारा धर्माचरण आवश्यक ! - पू. साध्वी रेखा बहन, गुजरात

सनातन हिन्दू धर्म सर्वश्रेष्ठ है । गणित को अपूर्व योगदान देनेवाले श्रीनिवासन रामानुजाचार्य एवं गुरुत्वाकर्षण की खोज करनेवाले भास्कराचार्य भारतीय संस्कृति की ही देन हैं । इसी कारण अमेरिका के विश्‍वविद्यालयों में गीता पढाई जाती है । फ्रेंच वैज्ञानिक एंटोनी डेविस ॐकार से निकलनेवाली ध्वनि से अचंभित होता है । परंतु आज हिन्दू पाश्‍चात्त्यों की विकृति के पीछे भाग रहे हैं; किंतु उन्हें भारतीय संस्कृति का महत्त्व समझ में नहीं आया है ।

देश में सभी के लिए एक कानून, एक संविधान होना चाहिए ! - पवन केसवाणी, संयोजक, प्रबुद्ध नागरिक मंच, दुर्ग, छत्तीसगढ,

लव जिहाद, गोहत्या प्रतिबंध कानून जैसे अनेक विषयों पर तुष्टीकरण की राजनीति की जा रही है । तुष्टीकरण को ही एक लक्ष्य बनाकर उसके विरूद्ध जनता में जागृति कर संगठित होकर विरोध किया जाना चाहिए । साथ ही देश में एक कानून, एक संविधान बनाने के लिए शासन को बाध्य किया जाना चाहिए । गोहत्या प्रतिबंध कानून बना है; परंतु प्रत्यक्ष में उसका पालन होता दिखाई नहीं देता । हिन्दुआें के सभी संप्रदाय, हिन्दुआें पर होनेवाले आघातों तथा गोहत्या के विरोध में एक व्यासपीठ पर आएंगे तो इन समस्याआें का समाधान हो सकता है । लव जिहाद को बिना झिझक समाज के सामने रखना और इसका खुले रूप से विरोध किया जाना चाहिए । 

हिन्दुओं द्वारा धर्मांधों को आश्रय नहीं दिया जाना चाहिए ! - श्री. अरविंद जैन, उज्जैन

हिन्दू शौर्य जागरण अभियान के सचिव श्री. अरविंद जैन ने उपस्थितोंको संबोधित करते हुए निम्नांकित सूत्र प्रस्तुत किए :
 १. हिन्दू परिवारों को स्वरक्षा हेतु प्रशिक्षण लेना आवश्यक है ।
२. लव जिहाद रोकने हेतु हिन्दुओं द्वारा धर्मांधों को अपने आस-पास आश्रय नहीं देना चाहिए ।
३. हिन्दुओं को केवल बौद्ध, जैन, सिक्ख इत्यादि हिन्दुओं से संबंधित पंथों की सहायता करनी चाहिए । उन्हें छोडकर अन्य पंथियों को धन की सहायता नहीं करनी चाहिए एवं जहां तक संभव हो, उनके साथ कोई भी व्यवहार करना टालना चाहिए ।
४. हिन्दू धर्मद्रोही कलाकारों द्वारा विज्ञापित वस्तुएं न खरीदें तथा उनके चलचित्र (फिल्म) न देखने का निश्‍चय करें । 

राजनीतिक दलों पर निर्भर न रहें; अपने बल पर हिन्दू राष्ट्र स्थापित करें ! - श्री. मनीष सहारिया, मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शिक्षक श्री. मनीष सहारिया ने आवाहन किया कि भारत देवताओं की भूमि है; परंतु यहां के राज्यकर्ता आसुरी कृत्य कर रहे हैं । इसलिए भोजशाला स्थित श्री सरस्वती मंदिर में हिन्दुओं पर लाठियों से प्रहार किया जाता है । मध्यप्रदेश में लव जिहाद की घटनाएं दबाई जाती हैं । हिन्दुओं को दबाया जाता है; परंतु धर्मांधों की चापलूसी के लिए सभी प्रयास किए जाते हैं । यह स्थिति परिवर्तित करने के लिए हिन्दू राष्ट्र ही आवश्यक है । उसके लिए किसी भी राजनीतिक दल पर निर्भर न रहें ! सभी हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों को संगठित कर स्वयं के बल पर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करें ।   

हिन्दू राष्ट्र-स्थापित करने के लिए तन-मन-धन अर्पण करने की तैयारी रखें ! - पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे, राष्ट्रीय मार्गदर्शक, हिन्दू जनजागृति समिति


    पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के पहले चरण के अंतर्गत पहले ४ दिनों में धर्मजागृति के उपक्रम, उसमें आनेवाली अडचनें और हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने की दिशा के विषय में अभ्यासपूर्ण विचारमंथन हुआ । हिन्दू राष्ट्र के लिए समाजप्रेमी, धर्मप्रेमी, राष्ट्रप्रेमी, संत, अधिवक्ता, पत्रकार, आधुनिक चिकित्सक, उद्योगपति आदि का महासंगठन बनाने हेतु कृतिशील दिशा हमें निश्‍चित करनी है । उसके लिए पद, पक्ष, मान-सम्मान का अहं भुला देना चाहिए; क्योंकि ये बातें हिन्दू-संगठन में बडी बाधा है ।

हिन्दुआें से धोखाधडी करनेवाले राजनीतिक दलों के जाल में न फंसे ! - श्री. जीतेंद्र ठाकुर, हिन्दू महासभा, उ.प्र.

    धार (मध्य प्रदेश) की भोजशाला में वसंतपंचमी के दिन हिन्दुआें पर लाठियों से प्रहार न हो, इसके लिए २५ जनवरी से आंदोलन को प्रारंभ किया । इससे जनजागृति हुई और हिन्दुआें पर लाठियों से प्रहार नहीं हुआ । स्थानीय पुलिस और शासन पर दबाव आने से उन्होंने धर्मांधों को उनके १ बजे के निहित समय के पूर्व १२ बजे ही नमाज पढवाया । इससे नैतिकता के आधार पर हिन्दुआें की ही विजय हुई । इस घटना के कारण हिन्दुत्व की डींगें मारनेवाले राजनीतिक दलों के विरोध में जनमत प्रक्षुब्ध हुआ । इसीलिए हिन्दुआें से धोखाधडी करनेवाले राजनीतिक दलों के जाल में मत फंसिए । उन्होंने आगे कहा कि हमें कुंभमेले में संतों के सम्मेलन में ध्यान में आया कि संत हिन्दू राष्ट्र-स्थापना हेतु इच्छुक हैं । इसलिए हिन्दुआें को राजनीतिज्ञों पर निर्भर न रहकर अपनी सांप्रदायिक एकता द्वारा हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु प्रयास करने चाहिए । 

हिन्दुओं, सनातन के हिन्दू राष्ट्र संबंधी ग्रंथों का अध्ययन करें ! - श्री. निखिल कनोजिया, हिन्दू सेवा परिषद, मध्यप्रदेश

    मैं सब हिन्दुत्वनिष्ठों का आवाहन करता हूं कि आप सब सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संबंधी ग्रंथों का अध्ययन करें ! हमारा अनुभव है कि इन ग्रंथों के अनुसार यदि हम कार्य करते हैं, तो हमें सफलता अवश्य मिलती है । श्री. कनोजिया ने आगे बताया,
१. जबलपुर में एक ट्यूशन पढानेवाले धर्मांध ने हिन्दू युवती को लव जिहाद में फंसाया । अब उस युवती का प्रबोधन किया जा रहा है तथा उस धर्मांध को ट्यूशन बंद करना पडा ।
२. जहां धर्मांध लैंड (भूमि) जिहाद करते हैं, वहां हम अपने कार्यकर्ताओं को भूमि क्रय करना, किराए से घर लेकर रहना ऐसे विविध मार्गों से प्रयास करने हेतु कहते हैं ।
३. अवैध दी जानेवाली बांग रोकने हेतु हमने प्रयास किए, इसलिए उच्च न्यायालय ने कुछ मस्जिदों को नोटिस भेजी ।

गुप्तचर विभाग का उपयोग स्वार्थ हेतु अधिक होना देश की सुरक्षा के लिए घातक ! - अनिल धीर, राष्ट्रीय सचिव, भारत रक्षा मंच

शासन, गुप्तचर संस्थाआें का उपयोग देश के संरक्षण के लिए करने की अपेक्षा अपने लाभ के लिए कर रहा है । गुप्तचर विभाग पर ही देश की सुरक्षा निर्भर है । इन संस्थाआें के असफल होने का परिणाम सीधे देश की सुरक्षा पर होता है । इसलिए सक्षम गुप्तचर विभाग की स्थापना के लिए उनमें होनेवाले अभाव दूर करना आवश्यक है । यह प्रतिपादन श्री. अनिल धीर ने पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के चौथे दिन किया । राष्ट्र की सुरक्षा में गुप्तचर विभाग की असफलता एवं राष्ट्ररक्षा हेतु प्रत्येक धर्माभिमानी को राष्ट्रहितदक्ष गुप्तचर बनना आवश्यक इस विषय पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वे आगे बोले, कारगिल युद्ध, राजीव गांधी हत्या प्रकरण जैसी अनेक घटनाआें में भारतीय गुप्तचर संस्थाएं असफल हुई, जिससे देश की हानि हुई । इसलिए चाहे कितनी भी बडी सेना हो, उसका कुछ लाभ नहीं है । सक्षम गुप्तचर विभाग होना चाहिए ।

भारत में आए हुए बांग्लादेशी हिन्दुआें को शरणार्थी का दर्जा दें ! - श्री. सुभाष चक्रवर्ती, प्रमुख सचिव, निखिल बंग नागरिक संघ, कोलकाता, प. बंगाल

बांग्लादेश के ६५ लाख हिन्दू परिवारों को विस्थापित किया गया । उनकी ८० लाख बीघा भूमि और कृषिभूमि जप्त कर ली गई । पलायन कर भारत में आए बांग्लादेशी हिन्दुआें को शरणार्थी  का दर्जा (रिफ्यूजी स्टेटस) मिलना चाहिए । बांग्लादेश के हिन्दुआें पर होनेवाले इन अत्याचारों के विषय में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त राष्ट्रसंघ में आवाज उठानी चाहिए तथा भारतीय प्रसारमाध्यमों को बांग्लादेश के हिन्दुआें की सहायता करनी चाहिए । बांग्लादेश में हिन्दू महिलाआें पर बलात्कार करना, भूमि हडपना, मंदिर तोडना, पुजारियों की हत्या करना आदि अत्याचार रोकने के लिए भारत शासन को प्रयास कर बांग्लादेश में हिन्दुआें को सम्मान तथा सुरक्षित स्थान बनाकर देना चाहिए ।

हिन्दू राष्ट्र स्थापना का समय आ गया है ! - श्री. मुरली मनोहर शर्मा, भारत रक्षा मंच, ओडीशा

अठारहवें शतक से पूर्व भारत में गोहत्या नहीं होती थी । सर्वाधिक क्रूरकर्मा शासक औरंगजेब के काल में भी गोहत्या नहीं हुई; परंतु स्वतंत्र भारत में उजागर रूप से गोहत्या हो रही है । ओडीशा से बांग्लादेश में बडी मात्रा में गोतस्करी हो रही है । भारत रक्षा मंच इसे रोकने का कार्य कर रहा है । जिस प्रकार देश में मुसलमानों की जनसंख्या बढ रही है, उसी प्रकार धीरे-धीरे गोवंश लुप्त हो रहा है । गोमांस के मुख्य व्यापारी मुसलमान हैं; परंतु गाय का विक्रय करनेवाले, उन्हें विक्रय हेतु वाहन में भरकर ले जानेवाले हिन्दू ही हैं ।
    यदि अभी हमने हिन्दू राष्ट्र के लिए प्रयास नहीं किए, तो आगे कभी प्रयास नहीं कर सकेंगे । अब जागने का समय आ गया है । हम हरि के दास हैं । हिन्दू राष्ट्र की स्थापना ईश्‍वर ही हमसे करवाकर लेंगे । ईश्‍वर ही हमसे यह कार्य करवाकर लेंगे ।

पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन की प्रेरणादायी सचित्र झांकी संतों के करकमलों से ग्रंथ का लोकार्पण

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के तेजस्वी विचार ग्रंथ का लोकार्पण करते हुए (बाएं से) पू. (कु.) अनुराधा वाडेकर, पू. तनुजा ठाकुर, पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे, महंत पू. इच्छागिरी महाराज, स्वामी दिव्य जीवनदास महाराज
    अधिवेशन में सनातन के परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजीके तेजस्वी विचार और हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना की दिशा इस ग्रंथ के अंग्रेजी, हिन्दी और कन्नड भाषा के संस्करणों का, पाखंडी साधुआें से होेनेवाली धर्महानि इस ग्रंथ के हिन्दी संस्करण का और संतश्री आसारामजीबापू आश्रम के आसाराम बापू खतरा या साजिश इन ग्रंथों का लोकार्पण उपस्थित संतों के करकमलों से किया गया ।   

संतों के शुभहस्तों सुदर्शन वाहिनी के श्री. सुरेश चव्हाणके तथा अधिवक्ता चेतना शर्मा का सम्मान !


हिन्दुत्वनिष्ठो, अपने समाचार हमें भेजें ! - श्री. सुरेश चव्हाणके, संचालक संपादक, सुदर्शन न्यूज
हिन्दुत्वनिष्ठो, अपने समाचार हमें भेजें ! - श्री. सुरेश चव्हाणके, संचालक संपादक, सुदर्शन न्यूज
श्री. चव्हाणकेजी ने कहा कि हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन अपने उपक्रमों के समाचार तथा उसका चित्रीकरण हमें भेजें । इससे हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों को लाभ होगा !  

हिन्दुत्व पर हो रहे आघात रोकने के लिए संतों का संगठित होना आवश्यक ! - प.पू. श्रीराम बालकदासजी महात्यागी महाराज

    हिन्दुत्व पर विविध माध्यमों से आघात हो रहे हैं । संतों को प्रताडित किया जा रहा है । देशविरोधी व धर्मविरोधी षड्यंत्रकारियों ने इन्हें घेर लिया है । देशभर के हिन्दू संतों का संगठित न होना इसका मुख्य कारण है । इसे परिवर्तित करने हेतु देश के संत समाज को एक सूत्र में पिरोना होगा । हिन्दू समाज को एक अभेद्य किला बनाना होगा । इसकी नीति निर्धारित कर योजनाबद्ध पद्धति से अविरत कार्य करना होगा ।, ऐसा मार्गदर्शन छत्तीसगढ गोसेवा आयोग के संरक्षक प.पू. श्रीराम बालकदासजी महात्यागी महाराज ने किया । इससे पूर्व हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने प.पू. महाराजजी का सम्मान किया । महाराजजी ने आगे कहा,
१. हिन्दुआें का राजनीतिक दमन और सांस्कृतिक शोषण हो रहा है । प्रतिदिन कल्पना से परे आघात किए जा रहे हैं । आज षड्यंत्रकारी सुरक्षित हैं और हिन्दुत्वनिष्ठ कारावास में हैं । योगऋषि रामदेवबाबा, स्वामी नित्यानंद, पूज्यपाद संतश्री आसारामजी बापू आदि के विरुद्ध यही हुआ है ।

जुझारू क्षत्रियों के कारण ही भारत में हिन्दू बचे ! - महाराजाधिराज महाराव रघुवीरसिंहजी बहादुर, सिरोही संस्थान, राजस्थान

    पृथ्वीराज चौहान के वंशज और राजस्थान स्थित सिरोही संस्थान के महाराजाधिराज महाराव रघुवीरसिंहजी बहादुर ने कहा, पूरे संसार में ४६ इस्लामी राष्ट्र हैं । क्षत्रियों के योगदान के कारण भारत में आज हिन्दू शेष हैं अन्यथा भारत कब का इस्लामी राष्ट्र बद जाता । जुझारू क्षत्रिय कभी पीछे नहीं हटते; अंतिम क्षण तक लडते रहते हैं ।
 भारत के गौरवशाली इतिहास के संदर्भ में
उनके द्वारा बताए अन्य सूत्र
* पृथ्वीराज चौहान ने १४ वर्ष राज्य किया । वे १४ लडाई नहीं हारे; क्योंकि उन्हें देवी का आशीर्वाद था ।

धर्मांतरण रोकने के लिए कानून का ज्ञान आवश्यक ! - श्री. अतुल जेसवानी, संस्थापक अध्यक्ष, हिन्दू सेवा परिषद, जबलपुर, मध्यप्रदेश

मुसलमान लव जिहाद और ईसाई सेवा के माध्यम से हिन्दुआें का धर्मांतरण करते हैं । लव जिहाद से हिन्दू लडकियों को बचाने हेतु कानून का ज्ञान आवश्यक है । यह कटु सत्य हिन्दू युवतियों को बताना कठिन है क्योंकि धर्मशिक्षा का अभाव है । जबलपुर में संबंध पार्टी नामक संस्कृतिहीन कार्यक्रम का प्रखर विरोध करने पर वहां मद्यसेवन प्रतिबंधित हो गया और दूसरी बार इस कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति पुलिस ने नकार दी ।

समिति और सनातन संस्था के कारण मध्यप्रदेश में धर्मरक्षा को गति मिली ! - श्री. योगेश अग्रवाल, अध्यक्ष, हिन्दू धर्म सेना, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश

हिन्दू जनजागृति समिति और सनातन संस्था के आध्यात्मिक सामर्थ्य के कारण मध्यप्रदेश में धर्मरक्षा का कार्य गतिमान हो रहा है । समिति के श्री. योगेश व्हनमारे हमारे लिए देवता समान हैं । उनके बताए अनुसार नामजप और प्रार्थना करने से ९९ प्रतिशत कार्य होता है ।

पाक में ॐ का चिन्ह छपी चप्पलों की बिक्री : हिन्दुआें का तीव्र विरोध !

पाक के धर्मांधों का हिन्दूद्वेष !
    नइ देहली - पाकिस्तान के तांडो आदम शहर में स्थित फरमान अहमद की जेब नामक दुकान में ॐ का चिन्ह छपी चप्पलों की सार्वजनिक बिक्री हो रही है । इसे पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हिन्दुओं ने कडा विरोध दर्शाया है । पाक के हिन्दू नेता डॉ. रमेश कुमार वंकावानी ने कहा, तांडो आदम शहर में गत ३ वर्षों से ईद के अवसर पर हिन्दुओं के पवित्र चिन्ह छपी वस्तुआें की बिक्री की जा रही है । हिन्दुआें की धार्मिक भावनाआें को आहत करना, इस एकमात्र उद्देश से यह बिक्री की जा रही है । हम ऑनलाईन अभियान चलाकर इन चप्पलों की बिक्री तुरंत रोकने की मांग कर रहे हैंै । शासन ने यदि इन चप्पलों की बिक्री नहीं रोकी, तो हिन्दू तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे । (हिन्दुओे, पाकिस्तान में हो रहा ॐ का अनादर रोकने हेतु केंद्रशासन को बाध्य करें । - संपादक) (२१.६.२०१६)

मुसलमान अधिकाधिक बच्चों कोे जन्म दें ! - ताईत एरदोन, राष्ट्रपति, तुर्कस्थान

इसके लिए बताने की आवश्यकता क्या है ? भारत में यह कब से चल रहा है ! एक बार यह संख्या हिन्दुआें से अधिक होने पर भारत भी इस्लामिक स्टेट होगा !
    अंकारा (तुर्कस्थान) - मुसलमान परिवार नियोजन में सहभागी न हो और अधिकाधिक बच्चों को जन्म दें, ऐसा वक्तव्य तुर्कस्थान के राष्ट्रपति ताईत एरदोन ने दिया है । दूरचित्रवाहिनी के एक कार्यक्रम में वे बोल रहे थे । एरदोन के इस वक्तव्य का महिला संगठनों ने तथा विरोधी दलों ने निषेध किया है । (६.७.२०१६)

बांग्लादेश में इसिस द्वारा हिन्दू पुजारी का सिरच्छेद !

    ढाका (बांगलादेश) - बांग्लादेश के जेनिदा जनपद के नोलदांगा में आनंदा गोपाल गांगुली नामक ७० वर्ष के पुजारी की गला काटकर हत्या की गई है । पिछले कुछ महीनों से बांग्लादेश में गैर मुसलमान और विकासवादियों की होनेवाली हत्याएं देखकर संशय व्यक्त किया जा रहा है कि इसिस के आतंकवादियों द्वारा यह हत्या की गई है ।     
देश के हिन्दुआें की रक्षा कर न सकनेवाली केंद्र सरकार से बांग्लादेश के हिन्दुआें की रक्षा होगी, ऐसी अपेक्षा करना व्यर्थ !
समस्त हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन इसके विरोध में कुछ क्यों नहीं बोलते ?

एमेजॉन द्वारा देवताआें के चित्रवाले पैरपोछ की ऑनलाइन बिक्री !

हिन्दुआें का तीव्र विरोध !
पैरपोछ पर गणपति का चित्र
क्या अन्य धर्मियों के आस्थाकेंद्रों का इस प्रकार अनादर करने का साहस एमेजॉन ने किया होता ? हिन्दुओ, आप के देवताआें का अनादर करनेवाले जालस्थल की वस्तुआें का बहिष्कार कर हिन्दू एकता की झलक दिखा दें !

एक्स-मेन : एपोकैलिप्स, नामक हॉलीवुड फिल्म ने भगवान श्रीकृष्ण के अपमानजनक दृश्य हटाए !

  फोरम फॉर हिन्दू अवेकनिंग की सफलता !
क्या भारत के जन्महिन्दू विदेश के धर्माभिमानी हिन्दुआें से कुछ सिखेंगे ?
  न्यू जर्सी (अमेरिका) - हॉलीवुड की फॉक्स मूवीज् द्वारा निर्मित एक्स-मेन : एपोकैलिप्स नामक चलचित्र में हिन्दुआें के उपास्य देवता श्रीकृष्ण को अमानवीय रूप में दिखाकर उनका अनादर किया गया था । इस प्रकरण में अमेरिका के अनेक हिन्दुआें ने यहां के फोरम फॉर हिन्दू अवेकनिंग (एफ.एच.ए.) नामक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन और हिन्दू नेता राजन जेड से संपर्क कर यह अनादर रोकने के लिए अभियान चलाने की मांग की । इस संगठन ने इस चलचित्र निर्माता से पत्र द्वारा संपर्क किया और फलस्वरूप ट्वेंटीएथ सेन्चूरी फॉक्स मूवीज् और चलचित्र के निर्देशक ब्रायन सिंगर ने २७ मई को प्रदर्शित इस चलचित्र से श्रीकृष्ण के अपमानजनक दृश्य हटाने का निर्णय लिया ।

धर्मांधों द्वारा रुपयों की नोट के माध्यम से लव जिहाद का प्रसार !

लव जिहाद क्या है, ऐसा पूछनेवाले केंद्रीय गृहमंत्रीजी को इस संदर्भ में क्या कहना है ?
मुंबई - लव जिहाद का प्रचार करने के लिए धर्मांधों द्वारा एक नया मार्ग अपनाया जा रहा है । १० रुपए की नोट पर एम.डी. अस्लम खान, कोटा नामक धर्मांध ने इस संदर्भ में लिखा है । इसमें हिन्दू युवतियों को मुसलमान युवकों से विवाह करने का आवाहन किया गया है । इस प्रकार नोट पर लिखकर उसने कानूनद्रोह भी किया है । (३.७.२०१६)

नक्सलवादियों के बालपथक के लिए प्रत्येक गांव से १० बच्चे दें ! - झारखंड में भाकपा के माओवादियों द्वारा सरपंच को धमकी

 देश के विकास के साथ नक्सलवादियों को नष्ट करने के लिए
केंद्रशासन प्रयत्न करे, ऐसी जनता की अपेक्षा है !
    गुमला (झारखंड) - भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के माओवादियों ने नक्सलवादियों का बालपथक बनाने के लिए प्रत्येक गांव से १० बच्चे देने की मांग गांव के संरपंचों से की है । गुमला, लोहरदगा और लातेहार के कुछ सरपंचों को नक्सलवादियों ने कहा है कि हमने चुनावों में आपकी सहायता की है, अब आप हमारे संगठन की सहायता करें । नक्सलवादियों के भय से कोई भी सरपंच इस संदर्भ में बोलने के लिए तैयार नहीं है । इसके पहले कुछ बच्चों को दिया भी गया था; परंतु अब ग्रामवासी इसका विरोध कर रहे हैं ।

भारत के साथ संसार के विविध देशों के मंदिर असुरक्षित !

मलेशिया के १५० वर्ष पुराने मंदिर में देवताआें की मूर्तियां तोड दीं !
    क्वालालंपुर (मलेशिया) - मलेशिया के पेनांग राज्य के आराकुडा के सेबेरांग पेरई सेंट्रल क्षेत्र के मुथुमारियाम्मन् मंदिर पर कुछ धर्मांधों ने आक्रमण कर ४ देवताआें की मूर्तियां तोड दीं । वहां के उपमुख्यमंत्री पी. रामासामी ने कहा, ऐसे आक्रमण, एक धार्मिक ध्रुवीकरण है । मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री. बाला नांबियार ने पुलिस में परिवाद प्रविष्ट किया है । पिछले महीने में भी देश के इपोह में श्री मुनीश्‍वरन् अम्मन् मंदिर की मूर्तियां तोडी गई थी । (भारत की सरकार भारत के मंदिरों की रक्षा नहीं कर सकती, तो वह विदेश के हिन्दू मंदिरों की रक्षा क्या करेगी ? - संपादक)

गुजरात में स्वामीनारायण की मूर्ति को संघ का गणवेश पहनाया !

धर्मशिक्षा के अभाव का दुष्परिणाम !
संघ का गणवेश पहने भगवान स्वामीनारायण की मूर्ति

     कर्णावती (अहमदाबाद) - गुजरात के सूरत के लस्काना परिसर के स्वामीनारायण मंदिर के व्यवस्थापन ने भगवान स्वामीनारायण की मूर्ति को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गणवेश पहनाकर उसका छायाचित्र सामाजिक वेबसाइट पर प्रसारित किया । इसलिए व्यवस्थापन की निंदा की जा रही है । कांग्रेस ने भी इसकी आलोचना की है । (कांग्रेस द्वारा अपने सत्ताकाल में हिन्दुआें कोे धर्मशिक्षा न देने से ही ऐसा हुआ है । - संपादक); परंतु संघ की ओर से इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की ।

गुलबर्ग सोसाइटी हिंसाचार प्रकरण में २४ दोषी, तथा ३६ निर्दोष !

    कर्णावती (अहमदाबाद) - वर्ष २००२ में गोधरा सामूहिक हत्याकांड के उपरांत गुजरात में हुए दंगे में गुलबर्ग हाऊसिंग सोसायटी में कांग्रेस के भूतपूर्व सांसद एहसान जाफरी और ६९ लोगों की हत्या की गई थी  । लगभग २० सहस्र लोगों की भीड ने यह आक्रमण किया था । हिंसाचार और अग्निकांड के इस प्रकरण में विशेष न्यायालयाने २४ आरोपियों को दोषी ठहराया और ३६ लोगों को निर्दोष मुक्त किया । लगभग १४ वर्षों के उपरांत इस प्रकरण में विशेष न्यायालय ने यह निर्णय दिया । निर्दोषों में भाजपा के तत्कालीन स्थानीय नगरसेवक बिपीन पटेल भी हैं ।
१. एहसान जाफरी की पत्नी झाकिया जाफरी इस निर्णय के विरोध में उच्च न्यायालय में याचिका प्रविष्ट करनेवाली है ।

उत्तरप्रदेश के कैराना में बहुसंख्यक धर्मांधों के अत्याचारों से ३४६ हिन्दू परिवारों का पलायन !

दूसरा कश्मीर बनने के मार्ग पर है उत्तरप्रदेश !
    लक्ष्मणपुरी (लखनऊ) - यहां के शामली जनपद के कैराना विधानसभा क्षेत्र में धर्मांधों के अत्याचारों के कारण गत २ वर्षों में ३४६ हिन्दू परिवारों ने पलायन किया है । पहले जहां ५४ प्रतिशत मुसलमान थे, वहां अब वे ९२ प्रतिशत हुए हैं । इस संदर्भ में शामली के भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने पत्रकार परिषद में बताया । (अन्य हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन इसके विरोध में कुछ क्यों नहीं बोलते ? हिन्दुओ, ऐसे समाचारों की उपेक्षा करने की अपेक्षा स्वरक्षार्थ संगठित हो जाएं ! - संपादक)
    स्वातंत्र्यवीर सावरकर ने कहा था कि जहां हिन्दू अल्पसंख्यक हैं, वहां धर्मांधों द्वारा उन पर आक्रमण होंगे; परंतु जहां धर्मांध अल्पसंख्यक हैं, वहां जब बहुसंख्यक हिन्दू उन्हें सबक सिखाएंगे, तब ही अल्पसंख्यक हिन्दुआें की रक्षा होगी !

वाराणसी के हिन्दू युवा वाहिनी के राज्य उपाध्यक्ष मनीष पांडे को पीटा !

 हिन्दुओ, ऐसे आक्रमणों से रक्षा हो, इसलिए स्वरक्षा प्रशिक्षण लें !
उत्तरप्रदेश में कानून और सुव्यवस्था के बजे बारह !
घायल अवस्था में श्री. मनीष पांडे
वाराणसी (उ.प्र.) - हिन्दू युवा वाहिनी के उत्तरप्रदेश राज्य उपाध्यक्ष श्री. मनीष पांडे पर ३१ मई को आक्रमण किया गया । कहा जा रहा है कि एक भूमि के प्रकरण को लेकर यह आक्रमण हुआ है । आक्रमणकारियों ने श्री. पांडे से २५ सहस्र रुपए भी  लूट लिए । घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई । उन्होंने श्री. पांडे को चिकित्सालय में भरती करवाया । श्री. पांडे ने दी जानकारी के अनुसार पुलिस ने शानू खान, विकास श्रीवास्तव, गोलू यादव और कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट किया है । इसके विरोध में २ जून को हिन्दू युवा वाहिनी व विश्‍व हिन्दू महासंघ द्वारा निषेध मोर्चा निकालकर आक्रमणकारियों को बंदी बनाने की मांग की गई । 

सनातन संस्था को अभी भी बनाया जा रहा है बलि का बकरा ! - अभय वर्तक, प्रवक्ता सनातन संस्था

देश में सत्ता परिवर्तन तो हो गया; पर आधुनिकतावादियों के दबाव में हिन्दुत्वनिष्ठों का किया जा रहा शोषण कब रुकेगा ?
  मुंबई -  १० जून को सनातन के साधक डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे को डॉ. दाभोलकर हत्याकांड में संदिग्ध के रूप में केंद्रीय अन्वेषण विभाग ने बंदी बनाया । तत्पश्‍चात तावडे ही सूत्रधार, सीबीआई पूछताछ में वीरेंद्र तावडे का असहयोग, ऐसे झूठे समाचार प्रसारित करनेवाले सर्व पत्रकारों के सामने सप्रमाण सत्य सामने रखने हेतु पत्रकार परिषद ली गई । 
मुंबई में हुई पत्रकार परिषद में सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री. अभय वर्तक ने कहा, मालेगाव बमविस्फोट प्रकरण में साध्वीजी को बंदी बनाने के ८ वर्ष उपरांत उनके विरुद्ध प्रमाण नहीं है ऐसा जांच संस्थाआें ने बताया; मडगांव बमविस्फोट प्रकरण में सनातन संस्था के साधकों को ४ वर्ष उपरांत निर्दोष मुक्त किया गया; पानसरे हत्या प्रकरण में समीर गायकवाड को बंदी बनाए ८ महिने हो गए, पर अभी तक एक भी प्रमाण जांच संस्थाआें के पास नहीं है, इसलिए आरोपपत्र प्रविष्ट करने में जानबूझकर टालमटोल की जा रही है; ऐसे में डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे को बंदी बनाया गया है । इसके माध्यम से पुनः एक बार हिन्दुत्व का कार्य करनेवाली सनातन संस्था को सॉफ्ट टार्गेट समझकर बली का बकरा बनाना, भाजपा के शासनकाल में भी जारी है । उन्होंने आगे कहा, कुल मिलाकर केंद्र और राज्य में सत्ता परिवर्तन तो हो गया; पर हिन्दुत्वनिष्ठों का शोषण नहीं रुका, यही इससे स्पष्ट होता है । इस कारण देश के अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने हमारे पास सरकार की इस नीति के विषय में रोष व्यक्त किया है । 
  कुछ दिन पूर्व सनातन के पुणे के १५ साधकों से पूछताछ की गई, उनमें से २ लोगों के पॉलीग्राफिक टेस्ट की मांग सीबीआई ने की । उसे मान्य कर सनातन ने इस प्रकरण में पूरा सहयोग किया । इस टेस्ट का आगे क्या हुआ, यह कहीं भी पता नहीं है । सितंबर २०१५ में ही दाभोलकर हत्या प्रकरण में जांच करनेवाले सीबीआइ के अधिकारी नंदकुमार नायर के विरुद्ध हमने पत्रकार परिषद लेकर उच्च न्यायालय द्वारा गंभीर आपत्तियां जताए गए अधिकारी की इस प्रकरण में नियुक्ति हुई है । इसलिए वे यहां भी सनातन को फंसाएंगे, ऐसा आरोप लगाया था । वह आज सत्य सिद्ध हो गया !  

सनातन के साधक डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे को बंदी बनाए जाने के संदर्भ में घटनाक्रम

सनातन संस्था की श्रीमती सुशीला मोदी को सम्मानित करते हुए मान्यवर १. सनातन के देवद आश्रम, डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे और पुणे के सारंग अकोलकर के घर पर सीबीआई के छापे
२. सीबाआइ के छापों के पहले ही आशिष खेतान का खोखला दावा, डॉ. दाभोलकर की हत्या के पीछेे सनातन का षड्यंत्र
सनातन संस्था की श्रीमती सुशीला मोदी को सम्मानित करते हुए मान्यवर सनातन के साधकों को बंदी बनाया जाए, इसलिए पुणे में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा पत्रकार वार्ता का आयोजन
३ जून : कोल्हापुर में हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों द्वारा जिलाधिकारी को निवेदन - गरीब कार्यकर्ताआें के घर पर अनधिकृत छापा मारनेवाले केंद्रीय अन्वेषण विभाग के अधिकारियों को निलंबित किया जाए !
५ जून : आशीष खेतान ने ट्विटद्वारा सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
७ जून : सनातन का कोंबिंग ऑपरेशन करने की भारत पाटणकर की धमकी
१० जून : भारत पाटणकर के विरोध में सनातन का परिवाद
१० जून : डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे को बनाया गया बंदी
११ जून : डॉ. तावडे को १६ जून तक पुलिस कोठरी
११ जून : सनातन की अकारण बलि दी जा रही है ! - पत्रकार वार्ता में सनातन का स्पष्टीकरण
१३ जून : विविध प्रसारमाध्यमों से डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे के संदर्भ में प्राप्त कथित प्रमाणों का उल्लेख करनेवाले काल्पनिक समाचार आना प्रारंभ
१४ जून : विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों तथा हिन्दुत्वनिष्ठों द्वारा सनातन का समर्थन
१७ जून : डॉ. तावडे के विरुद्ध खडा किया गया साक्षीदार झूठ है, इसका सनातन संस्था की पत्रकार वार्ता में प्रमाणोंसहित प्रतिपादन !          

सनातन संस्था और सनातन के साधकों की पूछताछ के संदर्भ में उनकी निर्दोषता प्रमाणित करनेवाला सत्य !

१. अबतक एटीएस, एनआइए, एसआईटी व सीबीआई को सनातन के ८०० साधकों के अन्वेषण में कुछ न मिला ।
२. गडकरी विस्फोट प्रकरण में ६ साधकों में से ४ साधक निर्दोष मुक्त हुए और २ साधकों को प्रतिभूति मिली । न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा, किसी की हत्या करने का आरोपियों का उद्देश्य नहीं था ।
३. मडगांव विस्फोट प्रकरण से सनातन के ६ साधक निर्दोष मुक्त हुए हैं । न्यायाधीश ने अपने निर्णय में कहा कि यह एफआईआर ही संदेहास्पद है और सनातन संस्था को फंसाने के लिए ही इसमें हेर-फेर (मैनिप्युलेशन) किया गया है ।
४. १६ सितंबर २०१५ को पानसरे हत्या प्रकरण में समीर गायकवाड को बंदी बनाने के ८ महीनों उपरांत आजतक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं । मुंबई उच्च न्यायालय नेे ८ अक्टूबर २०१५ को टिप्पणी की, ऐसा लगता है कि कॉ. पानसरे हत्या प्रकरण में खरे हत्यारों को ये खोजना ही नहीं चाहते ।
. डॉ. तावडे को १० जून को बंदी बनाने के उपरांत आज तक उनके संदर्भ में ठोस प्रमाण नहीं मिले । 
हिन्दुत्वनिष्ठो, झूठे प्रमाण बनाकर हिन्दुत्व का,
अर्थात सनातन का दमन करनेवाले अन्वेषण तंत्रों से सतर्क रहें !
सनातन के साधक डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे को बंदी बनाकर उनका अन्वेषण किया जा रहा है, ऐसे समाचार विविध प्रसारमाध्यमों में प्रकाशित हो रहे हैं । प्रसारमाध्यमों ने दावा किया है कि अन्वेषण तंत्रों को इस संदर्भ में विविध प्रकार की जानकारी मिली है, जैसे कि वरिष्ठों ने प्रोजेक्ट दाभोलकर नामक उपक्रम पर डॉ. तावडे को नियुक्त किया था, अस्त्र-शस्त्र प्राप्त करने के लिए डॉ. तावडे कुछ लोगों से मिले थे, डॉ. तावडे ने डॉ. दाभोलकर के विरोध में भाषण किया था, डॉ. तावडे हिन्दू राष्ट्र के लिए १५००० लोगों की सेना खडी करना चाहते थे इत्यादि । आज तक की अनेक घटनाआें से सामने आया है कि खरे अपराधी तक पहुंचने में विफल हो जाने पर झूठे प्रमाण बनाए जाते हैं और निरपराध नागरिकों को फंसाया जाता है । अन्वेषण तंत्रों का यही कौशल है । यदि इस प्रकरण में भी ऐसा ही हो जाए, तो कुछ आश्‍चर्य नहीं लगना चाहिए । प्रसिद्ध होनेवाले समाचारों से अन्वेषण तंत्रों का उद्देश्य स्पष्ट होता है कि सनातन के अधिकाधिक निष्पाप साधकों को किसी न किसी प्रकार से फंसाया जाए । इसके लिए वे कुछ भी कर सकते हैं । जैसे -
१. इ-मेल का लेखन हाथ से लिखे अक्षरों जैसा नहीं होता । अन्वेषण तंत्रों के पास उपलब्ध व्यवस्था द्वारा वे किसी का भी इ-मेल कहीं भी खोल सकते हैं । उसका उपयोग कर उनकी आवश्यकता अनुसार प्रमाण बना सकते हैं और निरपराधित्व प्रमाणित करनेवाले इ-मेल नष्ट भी कर सकते हैं ।
२. अन्वेषण तंत्र किसी भी अपरिचित व्यक्ति को खडा कर सकते हैं । उस पर दबाव डालकर या पैसे देकर डॉ. तावडे मेरे पास आए थे । उन्होंने मेरे पास शस्त्रों की मांग की, मैंने उन्हें हिंसक कार्यवाहियों का नियोजन करते हुए देखा है, उस दिन वे इस शहर में थे इ. घटनाएं, जो घटी ही नहीं हैं, उनके बारे में बुलवाकर प्रमाण बना सकते हैं ।
३. इ-मेल के किसी साधारण संभाषण का अपने मन से अर्थ निकालकर न्यायालय के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं । उदा. सनातन के वरिष्ठों ने प्रोजेक्ट दाभोलकर उपक्रम पर डॉ. तावडे को नियुक्त किया था । 
४. घर में आपत्तिजनक सामग्री रखकर उसे नियंत्रण में लेने का दिखावा कर सकते हैं । (मालेगांव प्रकरण में एटीएस के अधिकारियों ने ही दोनों के घर में आरडीएक्स रखा था, ऐसा लिखित प्रमाण एनआइए नामक अन्वेषण तंत्र द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किया है ।)
५. डॉ. तावडे ने मुझे दाभोलकर की हत्या की सुपारी दी, ऐसा किसी गुंडे से बुलवा सकते हैं ।
     संक्षेप में, अपनेआप को बचाने अथवा कर्तव्यदक्ष दिखाने के लिए निरपराध व्यक्ति की बली चढाने में अन्वेषण तंत्रों को कुछ अटपटा नहीं लगता । अतः इस प्रकार प्रकाशित होनेवाले समाचारों पर विश्‍वास न रखें । अंत में मडगांव बमविस्फोट अभियोग की भांति डॉ. दाभोलकर और कॉ. पानसरे हत्या के प्रकरण में बंदी बनाए गए सनातन के साधकों की ईश्‍वरीय कृपा से निर्दोष मुक्तता होगी, इस पर श्रद्धा रखें । 

प्रमाण कुछ भी नहीं, तब भी सनातन के विरोध में कुहराम मच रहा है ! - अभिनेता शरद पोंक्षे

एक हिन्दू के मन का उद्वेग !
श्री. शरद पोंक्षे
इतने वर्षों से सनातन पर प्रतिबंध लाने की मांग हो रही है; परंतु हाथ में कुछ नहीं आता । किसी व्यक्ति द्वारा अपराध किया जाने पर, वह व्यक्ति जिस संस्था से संबंधित है, उस संस्था पर प्रतिबंध लाने की मांग कैसे की जाती है ? यदि संस्था ने अपराध करने का आदेश दिया हो, तो प्रतिबंध की मांग करना ठीक है । यही नियम सभी को क्यों नहीं लगाया जाता ? भुजबळ अंदर गए । अब करो उनके पक्ष के विरोध में प्रतिबंध की मांग !

सनातन संस्था अथवा समिति की अपकीर्ति करनेवाले समाचारों की जानकारी तत्परता से भेजें !

सनातन संस्था के साधक एवं हिन्दू जनजागृति समिति के कार्यकर्ताआें को सूचना !
     सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति के संदर्भ में अपकीर्ति करनेवाले समाचार प्रकाशित होने पर संबंधित नियतकालिक का एक अंक खरीद लें । कानून विशेषज्ञों से यह जानने के लिए कि ऐसे समाचार के संदर्भ में वैधानिक कार्यवाही करना संभव है अथवा नहीं, संबंधित समाचार का छायाचित्र खींचकर वॉट्स एप द्वारा श्री. शिवाजी वटकर (संपर्क क्रमांक ८४५१००६१११) को प्रेषित करें । इसके साथ नियतकालिक और संस्करण का नाम, प्रकाशन का दिनांक, पृष्ठ क्रमांक आदि जानकारी भी सूचित करें । संभव हो, तो यह समाचार स्कैन कर इ-मेल से (hjs.karya@gmail.com) भेज दें । संबंधित साधकों को सूचित किया जाएगा कि आगे की वैधानिक कार्यवाही के लिए अंक कहां भेजें ।    

सीबीआई का झूठा संदर्भ देते हुए पूर्णतः झूठा समाचार प्रकाशित करनेवाले प्रसिद्धिमाध्यम !

परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी ने केंद्रीय अन्वेषण विभाग के (सीबीआई के) अधिकारियों को पूछताछ के समय बताया कि आज तक ३ हत्याएं हुई हैं, अब १ और हत्या होनेवाली है, ऐसा पूर्णतः झूठा समाचार एक अंग्रेजी समाचार-पत्र समूह के संस्करण में प्रकाशित किया गया । इस समाचार-पत्र ने सीबीआई के अधिकारियों का संदर्भ देकर यह झूठा समाचार प्रकाशित किया था । पंचम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के संदर्भ में पणजी, गोवा में आयोजित पत्रकार परिषद के उपरांत हिन्दू जनजागृति समिति के कार्यकर्ताआें को इसी अंग्रेजी समाचार-पत्र समूह के स्थानीय संस्करण के पत्रकार ने कहा, मैं अपराध जगत का पत्रकार हूं । यदि यह समाचार सत्य होता, तो सीबीआई के अधिकारी उसी समय प.पू. डॉ. आठवलेजी को बंदी बनाते; परंतु ऐसा कुछ नहीं हुआ । इससे स्पष्ट है कि यह समाचार झूठा है । हमारे ही समूह के एक संस्करण में ऐसा झूठा समाचार छपकर आया, इसके लिए मुझे लज्जा आ रही है । 

सनातन पर कीचड उछालनेवाली पीतपत्रकारिता !

सनातन संस्था को आतंकवादी ठहरानेवाले प्रसारमाध्यमों का वैचारिक आतंकवाद !
     सनातन के साधक डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे को डॉ. दाभोलकर हत्या प्रकरण में संशयित आरोपी के रूप में केंद्रीय अन्वेषण विभाग ने बंदी बनाया । इसके पश्‍चात प्रसारमाध्यमों से उनके तथा सनातन के संदर्भ में पूर्णतः असत्य जानकारी देनेवाले अनेक समाचारों की शृंखला ही आरंभ हुई । ये समाचार उन्हें कौन दे रहा था, यह एक बडा प्रश्‍न है । यदि ये समाचार केंद्रीय अन्वेषण विभाग द्वारा दिए जा रहे थे, तो इस विषय की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पत्रकार परिषद का आयोजन क्यों नहीं किया ?, ऐसा प्रश्‍न भी निर्माण होता है । इन कथित समाचारों की असत्यता कालप्रवाह में झूठ प्रमाणित तो होगी ही; परंतु इस कालावधि में सनातन संस्था, संस्था के साधक और हिन्दू जनजागृति समिति की जो अपकीर्ति (बदनामी) हुई, उसकी भरपाई कैसे होगी ? सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति का सत्य पक्ष लोगों के सामने आए, इसलिए सनातनद्वेष के कारण झूठे समाचार प्रसारित कर समाज को दिशाहीन करनेवाले दैनिक महाराष्ट्र टाइम्स, लोकमत और सकाळ के कल्पोकल्पित बिंदु और उसका यहां खंडन प्रकाशित कर रहे हैं ।
दैनिक महाराष्ट्र टाइम्स
१. डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्या प्रकरण में बंदी बनाए गए वीरेंद्रसिंह तावडे और गोवा बमविस्फोट के आरोपी सारंग अकोलकर हिन्दू राष्ट्र के लिए १५ हजार सैनिकों की फौज खडी करना चाहते थे । साथ ही वे शस्त्रों का कारखाना आरंभ करना चाहते थे । इसलिए उन्होंने तैयारी आरंभ की थी, ऐसी चौंका देनेवाली जानकारी केंद्रीय अपराध अन्वेषण (सीबीआई) विभाग के अन्वेषण में उजागर हुई है ।
खंडन : ऐसी फौज निर्माण करनी हो, तो उसके लिए मनुष्यसंसाधन और शस्त्रसामग्री आवश्यक होती है । यदि ऐसी फौज होती, तो अबतक उसके सदस्यों को बंदी बना लिया गया होता । शस्त्रसंग्रह नियंत्रण में लिया गया होता; परंतु वैसा कुछ भी नहीं हुआ है । इससे इस समाचार का खोखलापन स्पष्ट होता है । क्या अब इस कथित फौज और शस्त्रास्त्रों का कारखाना कहां है, इसका स्पष्टीकरण महाराष्ट्र टाइम्सवाले केंद्रीय अन्वेषण विभाग से मांगेंगे ?
२. तावडे २००८ से २०१३ के बीच पुणे और कोल्हापुर में शस्त्रों की जानकारी ले रहा था । साथ ही उसने अनेकों के पास शस्त्रों के बारे में पूछताछ की, ऐसा प्रत्यक्षदर्शी अन्वेषण में पता चला है, ऐसा दावा कुछ उच्चपदस्थ अधिकारियों ने किया है । 
खंडन : सीबीआई द्वारा खडे किए ये प्रत्यक्षदर्शी स्वयं चांदीचोर और गुंडा प्रवृत्ति के हैं, यह बात सनातन संस्था ने सप्रमाण स्पष्ट की है ।  
दैनिक लोकमत
१. सनातन के संस्थापक जयंत आठवलेजी द्वारा लिखित ग्रंथ स्पिरिच्युएलिटी में डॉ. नरेंद्र दाभोलकर, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति और कॉ. पानसरे का उल्लेख रखनेवाला साहित्य तावडे के पास मिला है ।
खंडन : अ. अध्यात्म ग्रंथ में निरर्थक बुद्धिवाद इस शीर्षक के अंतर्गत डॉ. नरेंद्र दाभोलकर और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति का बुद्धिवाद और विज्ञानवाद किस प्रकार खोखला है, यह उदाहरणों द्वारा स्पष्ट किया गया है ।
आ. इस ग्रंथ में वैचारिक स्तर पर डॉ. दाभोलकर का भंडाफोड किया गया है । अन्वेषण तंत्रों द्वारा सनातन के ग्रंथों की जांच हो चुकी है और इनमें कोई आपत्तिजनक लेखन नहीं पाया गया है । सनातन के किसी भी ग्रंथ पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है । ऐसा होते हुए भी उसे आपत्तिजनक साहित्य कहनेवाले लोकमतवालों का बौद्धिक दिवालियापन इससे दिखाई देता है !  
२.  तावडे उसकी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है तथा पूछे गए प्रश्‍नों के संतोषजनक उत्तर भी नहीं दे रहा है, इसलिए सीबीआई के अधिकारी तावडे की ब्रेन मैपिंग और पॉलिग्राफ जांच करने की अनुमति के लिए न्यायालय में आवेदनपत्र देने के विचार में हैं । 
खंडन : अ. इस समाचार के उपरांत दो बार न्यायालयीन सुनवाई हुई; परंतु एक बार भी ब्रेन मैपिंग और पॉलिग्राफ जांच की मांग नहीं की गई । इससे स्पष्ट होता है कि यह समाचार झूठा था ।
आ. जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस थर्ड डिग्री का उपयोग करती है । पुलिस की इस कार्यपद्धति से छटे हुए गुंडे ही नहीं, अपितु आतंकवादी भी बोलने लगते हैं । इस पृष्ठभूमि पर यह कहना हास्यास्पद है कि डॉ. तावडे सहयोग नहीं कर रहे हैं !
दैनिक सकाळ
१. केंद्रीय अन्वेषण विभाग की (सीबीआई की) जांच में पता चला है कि डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्या प्रकरण में बंदी बनाए गए डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे का मडगांव में वर्ष २००९ में हुए बमविस्फोट और मिरज के दंगे में भी हाथ था ।
खंडन : अ. पुलिस ने ही स्पष्ट किया है कि मिरज दंगे के प्रकरण में राष्ट्रवादी कांग्रेस का पदाधिकारी मैनुद्दीन बागवान सूत्रधार था । ऐसा होते हुए भी डॉ. तावडे की हो सके उतनी अपकीर्ति करने का दैनिक सकाळ का दुष्ट उद्देश्य इससे सामने आ रहा है ।
आ. मडगांव बमविस्फोट का अन्वेषण भारत के सर्वोच्च तंत्र, एनआइए ने किया था । उनके आरोपपत्र में अथवा अन्य कहीं भी डॉ. तावडे का उल्लेख नहीं है । ऐसा होते हुए भी जिस जानकारी के पता चलने का दावा दैनिक सकाळ कर रहा है, वह किस आधार पर ?
इ. मिरज दंगा, मडगांव विस्फोट में डॉ. तावडे को आज उत्तरदायी ठहरानेवालेे भविष्य में ऐसा कहने में भी नहीं हिचकिचाएंगे कि मालेगांव, समझौता एक्स्प्रेस बमविस्फोटों में भी उनका हाथ था !    

सनातन पर प्रतिबंध संबंधी शासन की अब तक की भूमिका !

१. महाराष्ट्र के कांग्रेस-राष्ट्रवादी गठबंधन शासन के तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण सनातन पर कार्यवाही नहीं कर पाए; क्योंकि उस समय भी सनातन के विरुद्ध कोई ठोस सबूत नहीं थे ।
२. कांग्रेस के कार्यकाल में केंद्रीय गृह विभाग ने अपने ही दल द्वारा सनातन पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित १ सहस्र पृष्ठों की रिपोर्ट अस्वीकार की थी । 
३. महाराष्ट्र के वर्तमान गृहराज्यमंत्री डॉ. रणजीत पाटील ने अकोला में निजी समाचार वाहिनी से बोलते समय स्पष्ट किया था कि सनातन पर प्रतिबंध लाने के लिए प्रमाण नहीं हैं ।
४. केंद्रीय गृहराज्यमंत्री किरण रिजीजू ने १ नवंबर २०१५ को लोकसभा में स्पष्ट किया है कि सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाना संभव नहीं है ।

सनातन पर प्रतिबंध लाने की मांग का मैं समर्थन नहीं करता ! - तुषार गांधी, म. गांधी के प्रपौत्र

  मुंबई - प्रतिबंध की संस्कृति का मैं विरोध करता हूं । इसलिए सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मांग का भी मैं समर्थन नहीं करता । ऐसी संस्थाआें पर प्रतिबंध लगाने की अपेक्षा उन पर अभियोग प्रविष्ट कर उनके अपराधों को दंड देना चाहिए, ऐसा ट्विट म. गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने किया है ।    

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी का महामृत्युयोग और अगस्त्य जीवनाडी व सप्तर्षि जीवनाडी के माध्यम से दोनों महर्षि सहित अन्य संतों द्वारा बताए उपाय !

परम पूज्य डॉक्टरजी के अमृत महोत्सव वर्ष के निमित्त...
१. अगस्त्य जीवनाडी-पट्टिका वाचक श्री. मुदलीयार ने बताना कि परम पूज्य डॉक्टरजी के लिए अत्यंत अनिष्ट है ।
११.११.२०१५ को सवेरे पुणे के अगस्त्य जीवनाडी-पट्टिका के वाचक श्री. मुदलीयार से मेरी भ्रमणभाष पर बात हुई । उन्होंने कहा, अभी का समय गुरुजी के लिए अत्यंत कठिन है । (वे (प.पू.) परम पूज्य डॉक्टरजी को गुरुजी कहते हैं ।) उनकी स्थिति है कि वे किसी भी क्षण वे समाधिस्थ हो सकते हैं । मैं उनके लिए प्रार्थना कर रहा हूं । अभी की उनकी ग्रहस्थिति भी अत्यंत अनिष्ट है; परंतु मैं इतना ही जानता हूं कि ऐसे लोगों को पृथ्वी पर रहना चाहिए; क्योंकि वे लोगों के कल्याण हेतु भूतल पर अवतरित हुए हैं, ऐसा अगस्त्य महर्षि मुझे बता रहे हैं ।

परम पूज्य डॉ. आठवलेजी की बुद्धिगम्य श्रेष्ठता !

परम पूज्य डॉक्टरजी के अमृत महोत्सव वर्ष के निमित्त...
लेखन का उद्देश्य
    प.पू. डॉ. आठवलेजी प्रसिद्धिपराङ्मुख हैं । इसलिए पिछले वर्ष तक उन्होंने किसी भी अंग से उनकी श्रेष्ठता सबके सामने प्रकट करने की अनुमति साधकों को नहीं दी । साधकों को प.पू. डॉक्टरजी के संदर्भ में सैकडों अनुभूतियां होने पर भी प.पू. डॉक्टरजी उसका सर्व कर्तापन भगवान श्रीकृष्ण को देकर उससे अलिप्त रहते थे । ईश्‍वर ही साधकों को अनुभूति देते हैं, ऐसा कुछ साधकों को बताते थे । परंतु पिछले वर्ष महर्षि की आज्ञावश उन्होंने अपना जन्मदिन मनाने की अनुमति साधकों को दी और महर्षि द्वारा प.पू. डॉक्टरजी की वर्णित श्रेष्ठता साधकों ने सनातन प्रभात के माध्यम से पूरे विश्‍व में पहुंचाई । इसमें कहीं भी प.पू. डॉक्टरजी का स्वयं का प्रत्यक्ष सहभाग नहीं था ।

प.पू. डॉक्टरजी ने पूज्य सखदेव दादी को साधना में आगे कैसे बढाया, इस संदर्भ में कुछ प्रसंग

पूज्य (श्रीमती) आशालता सखदेव
१. परम पूज्य डॉक्टरजी का मेरे चरणों में स्थान है, ऐसा कहकर वहां बैठने के लिए बताना 
वर्ष २००० में सांगली, महाराष्ट्र के साधक डॉ. प्रमोद घोळे के घर सांगली के साधकों के लिए प.पू. (परम पूज्य) डॉक्टरजी का मार्गदर्शन था । मुझे भी उस मार्गदर्शन में बुलाया था । मैं सक्रिय साधक नहीं हूं, इसलिए पीछे कहीं बैठ जाऊं, ऐसा मुझे लग रहा था । मैं डॉ. घोले के घर पहुंची, तब वहां इतने बडे कक्ष में बैठने के लिए कहीं स्थान नहीं था; इसलिए मैं पीछे द्वार में ही खडी रही ।

सनातन के विकार-निर्मूलन हेतु विविध उपचार पद्धतियां इस ग्रंथमाला की निर्मिति के कार्य में सहायता की आवश्यकता !

आगामी भीषण आपातकाल को ध्यान में रखते हुए सनातन संस्था विकार-निर्मूलन हेतु विविध उपचार पद्धतियां यह ग्रंथमाला प्रकाशित कर रही है । इस ग्रंथमाला में दैवी चिकित्सा भी अंतर्भूत करने हेतु उस विषय की जानकारी होना आवश्यक है । पीलिया, हरपीस (herpes), पेट के विकार, बांझपन, पथरी, विषबाधा इत्यादि विकारों पर दैवी चिकित्सा तथा दैवी चिकित्सा करनेवालों के विषय में जानकारी हो, तो अवश्य सूचित करें । इस हेतु वैद्य मेघराज पराडकर से संपर्क करें । संपर्क क्रमांक : ९४०४९५६०७४ 
email : sanatan.sanjeevani@gmail.com
ग्रंथरचना की धर्मसेवा में सहभागी होकर ईश्‍वरीय कृपा संपादन करें !     

गुरुतत्त्व का सहस्र गुना लाभ करवानेवाली गुरुपूर्णिमा की सेवा में अधिकाधिक लोग सम्मिलित होकर गुरुकृपा के पात्र बनें !

पाठक, हितचिंतक तथा धर्मप्रेमियों को गुरुपूर्णिमा के निमित्त सेवा का स्वर्ण अवसर !
इस वर्ष १९ जुलाई को होनेवाले गुरुपूर्णिमा महोत्सव के निमित्त अनेक सेवाएं उपलब्ध हैं तथा पाठक, हितचिंतक तथा धर्मप्रेमी भी इन सेवाआें में उनके उपलब्ध समय के अनुसार सम्मिलित हो सकते हैं ।
     साधको, गुरुपूर्णिमा की सेवा में सम्मिलित होने हेतु इच्छुक व्यक्तियों का स्थानीय साधकों के साथ निम्न-लिखित सेवाआें में नियोजन करें !
१. गुरुपूर्णिमा की स्मारिका एवं विशेषांकों के लिए विज्ञापन लाना
२. अर्पणदाताआें से अर्पण लेना
३. गुरुपूर्णिमा संबंधी जानकारी देनेवाले पोस्टर्स लगाना, हस्तपत्रक बांटना 
४. घर-घर जाकर गुरुपूर्णिमा महोत्सव का प्रसार करना तथा भ्रमणभाषद्वारा परिचित एवं परिजनों को निमंत्रण देना
५. गुरुपूर्णिमा के दिन महोत्सव की पूर्वतैयारी की सेवा करना तथा प्रत्यक्ष नियोजन में सम्मिलित होना
जनपदसेवक, इच्छुकों को उनकी कुशलता एवं क्षमता के अनुसार सेवा उपलब्ध करवाएं ।        

देहली पब्लिक लाइब्रेरीमें सेंटर फॉर गुड गवर्नेन्स द्वारा मंदिरों की दुर्दशा : कारण एवं उपाय इस विषयपर व्याख्यान !

  देहली - यहां के देहली पब्लिक लाइब्रेरी के सभागृह में मंदिरों की दुर्दशा : कारण और उपाय इस विषय पर सेंटर फॉर गुड गवर्नेन्स, इस संस्था की ओर से व्याख्यान का आयोजन किया गया था । संस्था के अध्यक्ष श्री. लालबाबू गुप्ता ने इस समय मार्गदर्शन किया । इस व्याख्यान के लिए देश के १५ जनपदों से सदस्य आए थे । इस समय हिन्दू जनजागृति समिति के देहली के कार्यकर्ता श्री. कार्तिक साळुंके और सनातन संस्था के श्री. सुदर्शन गुप्ता उपस्थित थे ।
श्री. साळुंके ने भी इस विषय पर मार्गदर्शन करते हुए बताया कि, आज हिन्दुआें को कहीं भी धर्मशिक्षा नहीं दी जाती । इसी के परिणामस्वरूप मंदिरों की दुर्दशा होने लगी है । बडे-बडे मंदिरों का सरकारीकरण हुआ है । मंदिरों का धन धर्मशिक्षा के लिए नहीं, अन्य कार्य के लिए ही प्रयुक्त हो रहा है । इसलिए हिन्दुआें को धर्मशिक्षा देकर मंदिरों का व्यवस्थापन भक्तों के हाथ में रखने के लिए प्रयत्न किए जाने चाहिए ।

कुंभमेले में गायत्री यज्ञ, भागवतकथा सहित सोलह संस्कारों संबंधी जागृति !

अखिल भारतवर्षीय धर्मसंघ एवं स्वामी करपात्री फाउंडेशन का आयोजन
  उज्जैन, मध्यप्रदेश - यहां के सिंहस्थ कुंभमेले में अखिल भारतवर्षीय धर्मसंघ व स्वामी करपात्री फाउंडेशन द्वारा आयोजित सत्संग में भक्तों ने गायत्री यज्ञ के साथ कथाव्यास श्रद्धेयप्रवर पू. (पूज्य) त्र्यंबकेश्‍वरचैतन्यजी महाराज की भागवतकथा का रसपान किया । महाराज द्वारा संकलित शिवपुराणपीयूष नामक ग्रंथ का विमोचन भी इस समय किया गया । इस अवसर पर पूज्य श्रीधर महाराज भी उपस्थित थे । गोरक्षा तथा सोलह संस्कारों के संदर्भ में उपस्थितों का उद्बोधन करते समय श्रद्धेयप्रवर पू. गुणप्रकाश चैतन्यजी महाराज ने कहा कि १६ संस्कारों से दानवीय वृत्ति की निवृत्ति होकर दुखों का नाश होता है । संस्कार नहीं होंगे, तो पशु में और हम में भेद क्या रहेगा ? हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे; तो पितरों को गति कैसे मिलेगी ? संस्कार करने से ही समस्याआें का समाधान हो सकता है । गर्भधान संस्कार, संस्कारों की नींव है और इससे २१ पीढियों का उद्धार होता है । 
इस अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने उपस्थितों को मार्गदर्शन करते हुए कहा, धर्म में बताए १६ संस्कार उच्च कोटि के हैं । इनके लिए धर्म ने विशिष्ट धार्मिक विधियां निश्‍चित की हैं । ये १६ संस्कार जीव को ईश्‍वर से एकरूप होने और सद्गति मिलने के लिए आवश्यक हैं ।
इस समय सनातन संस्था की कु. पूनम चौधरी और श्री. आनंद जाखोटिया का सम्मान करते समय पूज्य डॉ. गुणप्रकाश महाराज ने कहा, परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी की आज्ञा से पूज्य डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी के मार्गदर्शन में सनातन के साधक यहां सेवा कर रहे हैं । अत्यंत अल्प समय में उन्होंने दिन-रात सेवा कर सभी का मन जीत लिया । इसकी जितनी प्रशंसा करें, कम है ।               

सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति का सम्मान !

सनातन संस्था की श्रीमती सुशीला मोदी को सम्मानित करते हुए मान्यवर
          जोधपुर, राजस्थान - यहां के जाने-माने उद्योगपति आनंदजी राठी व सुरेशजी राठी ने जोधपुर स्थित १५१ सेवा संस्थानों का अभिनंदन किया । नंदकिशोर राठी मेडिकल एंड एज्यूकेशनल चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा स्मृतिचिन्ह एवं सहयोग राशि देकर सर्व संस्थाआें को सम्मानित किया । सनातन संस्था की साधिका श्रीमती सुशीला मोदी एवं हिन्दू जनजागृति समिति की श्रीमती राखी मोदी को भी सम्मानित किया । मुख्य अतिथि के रूप में प.पू. स्वामी गोविंद देवगिरीजी महाराज विराजमान थे । चिन्मय मिशन संस्था के संस्थापक विसर्ग आचार्य, संत श्री मनीष ओझा इन संतों के सान्निध्य में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ ।

आषाढ पूर्णिमा, १९ जुलाई २०१६ को उत्तर भारत में मनाए जानेवाले गुरुपूर्णिमा महोत्सव स्थलों की जानकारी

हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में आयोजित हिन्दू संगठन समारोह इस कार्यक्रम का लाभ लेने हेतु फरीदाबाद एवं गुडगांव (हरियाणा) में श्री. सुरेश मुंजाल - ९८११४१४२४७ तथा आगरा (उ.प्र.) में श्री. ठाकुर सिंह - ९३५९५०३९५० से संपर्क करें !

मई २०१६ में उत्तर भारत में हिन्दू जनजागृति समिति के कार्य का ब्यौरा