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धर्मजागृति, हिंदू-संगठन एवं राष्ट्ररक्षा हेतु साधकोंद्वारा साधनास्वरूप आर्थिक हानि सहते हुए भी चलाया जानेवाला एकमात्र मासिक !
मई २०१५

ओडिशा में द्वितीय प्रांतीय अधिवेशन संपन्न !

गोरक्षक श्री. आनंद कौशिक उपाख्य पिन्टू शर्मा
का सत्कार करते हुए श्री. प्रदीप खेमकाजी
    बीरमित्रपुर (ओडिशा) - यहां २० अप्रैल को द्वितीय प्रांतीय अधिवेशन संपन्न हुआ । इस अधिवेशन का शुभारंभ श्री. पुरुषोत्तम शर्मा, श्री. देवेंद्र तिवारी, सनातन संस्था के श्री. प्रदीप खेमका और हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने दीपप्रज्वलन कर किया । अधिवेशन के प्रथम सत्र में श्री. पुरुषोत्तम शर्मा ने हिन्दू-संगठन पर मार्गदर्शन करते हुए स्थानीय हिन्दू-संगठन की वर्तमान स्थिति और सक्रिय स्थानीय युवा धर्माभिमानियों के धर्मरक्षा के प्रयासों की जानकारी दी । द्वितीय सत्र में गोरक्षा हेतु ५ दिन का कारावास हुए ७ स्थानीय गोरक्षकों का सत्कार किया गया । तत्पश्‍चात गोरक्षा के कार्य में आनेवाली समस्याओं संबंधी मार्गदर्शन श्री. शिंदे ने किया ।

जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन

     दिल्ली - यहां के जंतर मंतर पर १२.४.२०१५ को राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन संपन्न हुआ । इस आंदोलन में हिन्दू जनजागृति समिति, सनातन संस्था, वैदिक उपासना पीठ, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, गोशाला खुर्जा तथा अन्य हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन सम्मिलित हुए । इसमें उनकी मांगें थीं - प्राचीन मंदिरों और किलों की दुर्दशा रोककर उनका संरक्षण करें तथा धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दू समाज के साथ किया जा रहा दुय्यम श्रेणी के नागरिकों समान व्यवहार बंद कर, समान नागरिक कानून लागू करें !

नेपाल में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे का हिन्दुत्ववादियों से मेल-मिलाप !

स्वामी रामचंद्रजी (दाएं) को मिलते हुए पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे
     काठमांडू (नेपाल) - नेपाल के हिन्दुत्ववादियों के आमंत्रण पर समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने नेपाल का दौरा किया । इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के गोरखा जिलाध्यक्ष श्री. होम सिंह बस्न्यात, नेपाल हिन्दू समाज सेवा समिति के अध्यक्ष श्री. अर्जुन बहादुर गुरूंग, श्री विंध्यवासिनी आध्यात्मिक संघ के अध्यक्ष श्री. केशव प्रसाद चौलागाई से सद्भावना भेंट की ।

गोवा में जून २०१५ में चतुर्थ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन !

     फोंडा (गोवा) - हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ११ से १७ जून २०१५ की अवधि में चतुर्थ अखिल भारतीय अधिवेशन का आयोजन किया गया है । इस अधिवेशन में हिन्दू धर्म एवं समाज पर होनेवाले आघातों का प्रतिकार तथा हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु कार्यरत व्यक्ति, संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्ता, संपादक, लेखक, सहभागी होंगे । हिन्दू  राष्ट्र की स्थापना, यह इस अधिवेशन का प्रमुख ध्येय है । इसमें महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, केरल, अंदमान, ओडिशा, असम, बंगाल, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, देहली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, राजस्थान एवं गुजरात राज्यों के हिन्दुत्वनिष्ठ सहभागी होंगे।

दैनिक सनातन प्रभात के गोवा एवं सिंधुदुर्ग आवृत्ति का १६ वां वर्षगांठ समारोह संपन्न !

परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी के संकल्प से हिन्दू राष्ट्र
की स्थापना निश्‍चित होगी ! - पू.
औंकारानंद महाराज
 दैनिक सनातन प्रभात के वर्षगांठ विशेषांक
का लोकार्पण करते हुए उपस्थित मान्यवर
    रामनाथी (गोवा) - सनातन आश्रम में दैनिक सनातन प्रभात की १६ वीं वर्षगांठ, १२ अप्रैल को मनाई गई । इस अवसर पर जोधपुर (राजस्थान) के पू. औंकारानंद महाराज ने कहा, अनेक जन भगवद्गीता पर केवल प्रवचन करते हैं, जबकि सनातन संस्था ही केवल ऐसी संस्था है जो यह सिखाती है कि भगवद्गीता को अपने जीवन में कैसे उतारें ।

मुसलमानों की बढती जनसंख्या देश के लिए अत्यंत धोकादायक ! - डॉ. प्रवीण तोगाडिया

    चंडीगढ (पंजाब) - विश्‍व हिन्दू परिषद द्वारा आयोजित पत्रकार परिषद में विहिंप के नेता डॉ. प्रवीण तोगाडिया ने कहा, भारत में मुसलमानों की शीघ्रता से बढती जनसंख्या देश के लिए अत्यंत धोकादायक है । इस पर अंकुश रखना अत्यंत आवश्यक है । (विहिंप के नेता से केवल जनता को जानकारी देना नहीं, अपितु भाजपा सरकार से ठोस कृति करवाना अपेक्षित है । अत: क्या तोगडियाजी शासन को कडे शब्दों में यह बताएंगे कि यदि भाजपा शासन हिन्दुओं को जो अपेक्षित है वह नहीं करता, तो हिन्दुओं को अन्य विकल्प ढूंढना होगा ! - संपादक)

संपादकीय

कश्मीरी विस्थापितों का पुनर्वास !
    विस्थापित कश्मीरी हिन्दू जम्मू-कश्मीर राज्य में लौटेंगे, तो उनके लिए स्वतंत्र बस्ती नहीं बनाई जाएगी, यह बात जम्मू-कश्मीर राज्य के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद ने कही है । एक प्रकाशित समाचार के अनुसार सईद, प्रधानमंत्री ऐर केंद्रीय गृहमंत्री से मिले थे । उस समय यह भी समाचार प्रकाशित हुआ था कि विस्थापित कश्मीरी हिन्दुओं के लिए जम्मू-कश्मीर राज्य में अलग से बस्ती बनाई जाएगी । किंतु, आज परिस्थिति भिन्न है । अब मुख्यमंत्री कहते हैं, 'विस्थापित हिन्दू कश्मीर लौट सकते हैं; परंतु उनके लिए अलग से बस्ती नहीं बनेगी ।'

स्वामी अग्निवेश के देशद्रोही वक्तव्य : कश्मीरी हिन्दुओं का अलगाववादियों द्वारा हो रहा विरोध उचित !

    श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) - विस्थापित कश्मीरी हिन्दुओं के लिए कश्मीर में एक अलग बस्ती की मांग का अलगाववादियों ने विरोध किया है । स्वामी अग्निवेश ने अलगाववादियों का समर्थन करते हुए कहा, "कश्मीर के मुसलमानों और अलगाववादियों ने अनेक बार कहा है कि कश्मीरी हिन्दू हमारे ही भाई हैं ।" स्वयं असुरक्षित वातावरण में रहते हुए भी वे हिन्दुओं की सुरक्षा का दायित्व ले रहे हैं, जो प्रशंसनीय है । (इन्हीं लोगों ने २५ वर्ष पूर्व कश्मीरी हिन्दुओं को 'कश्मीर छोड दो अथवा मरने के लिए तैयार रहो', ऐसे पत्रक एवं मस्जिदों से घोषणाएं देकर, उन्हें कश्मीर से खदेड दिया था । अत: अब उनपर विश्‍वास करने का प्रश्‍न ही नहीं उठता ! - संपादक)

ताजमहल के स्थान पर शिवमंदिर था ! - शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

ताजमहल के सातों तलघर खोलने की मांग !
    नई देहली - प्रयाग में हुए एक कार्यक्रम में द्वारकापीठ के शंकराचार्य  स्वामी  स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, ताजमहल के स्थान पर पहले शिवशंकर का मंदिर था । इसके साथ ही उन्होंने ताजमहल के सातों तलघर खोल दिए जाने की मांग की है । उन्होंने आगे कहा, ताजमहल के सातों तलघरों के नीचे शिवलिंग होने के कारण ही श्रावण महीने में वहां से जलधारा निकलती है । इस स्थान पर बलपूर्वक हड्डियां दफनाकर, इसे दरगाह में रूपांतर किया गया है । मुमताज महल की मृत्यु बुरहानपुर में हुई थी । यहां उसकी दफनविधि करने का कोई कारण नहीं था । (वास्तव में मोदी शासन को स्वयं ही ताजमहल की वास्तविकता उजागर करनी चाहिए थी । शंकराचार्यजी के बताने के उपरांत तो कम से कम शासन इस पर ठोस कदम उठाएगा ? - संपादक)

हिन्दूद्रोही चलचित्र (फिल्म) हैदर को पांच राष्ट्रीय पुरस्कार देनेवाले मोदी शासन का अभिनेता अनुपम खेर ने किया विरोध !

    फिल्म निर्माता विशाल भारद्वाज के हैदर को पांच राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं । यह पुरस्कार विशाल भारद्वाज ने कश्मीरी पंडितों को समर्पित किया है । अभिनेता अनुपम खेर ने मोदी सरकार और विशाल भारद्वाज का विरोध किया है । विशाल भारद्वाज पर आरोप लगाया कि उन्होंने फिल्म में कश्मीर के मुसलमानों के पक्ष को ही दिखाया है । किंतु, भारद्वाज ने अपने बचाव में कहा, कश्मीरी हिन्दुओं की पीडा इतनी गहरी थी कि उसे एक छोटे-से भाग में नहीं दिखाया जा सकता था । कश्मीरी हिन्दुओं की दुर्दशा दिखाने के लिए मै किसी दिन इस पर फिल्म अवश्य बनाऊंगा । परंतु भारद्वाज की इन बातों को अभिनेता अनुपम खेर ने ढोंग कहा है । उन्होंने ट्वीट किया, मैं विशाल भारद्वाज को राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने पर बधाई देता हूं; परंतु यह पुरस्कार हिन्दुओं को समर्पित करना ढोंग है । उन्होंने हमारे मंदिरों में नृत्य कर, हम हिन्दुओं का अपमान किया और  ढोंगी हिन्दूवादी शासन ने हैदर को पांच राष्ट्रीय पुरस्कार दिए हैं ।

ताजमहल को शिवमंदिर घोषित करने का दावा न्यायालय ने स्वीकारा !

अधिवक्ता हरिशंकर जैन
    आगरा (उ.प्र.) - ताजमहल को पुन: शिवमंदिर घोषित किए जाने हेतु हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस संस्था के अधिवक्ता हरिशंकर जैन व ५ अन्य अधिवक्ताओं ने आगरा के दिवानी न्यायालय में प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने इसे स्वीकार लिया है । इस दावे में प्रतिवादी केंद्रशासन, पुरातत्व विभाग, गृहमंत्रालय और सांस्कृतिक मंत्रालय ने न्यायालय को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भेजी है । इस दावे की सुनवाई ६ मई को होनेवाली है । 

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने हिन्दुत्ववादी श्री. नवलकिशोर शर्मा पर लगा भोजशाला आंदोलन संबंधी अभियोग रद्द किया !

श्री. नवलकिशोर शर्मा
    इंदौर  (म.प्र.) में भोजशाला आंदोलन के समय पुलिस ने वहां के हिन्दुत्ववादी श्री. नवलकिशोर शर्मा पर अभियोग प्रविष्ट किया था, जिसे उच्च न्यायालय ने रद्द करने का निर्णय दिया है ।  श्री. शर्मा ने इस संदर्भ में एक याचिका उच्च न्यायालय में डाली थी; जिस पर न्यायालय ने यह निर्णय दिया ।

HinduJagruti.org पर हिन्दू वार्तापत्र उपलब्ध !

    धर्म पर आधारित हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए कार्यरत हिन्दू जनजागृति समिति के HinduJagruti.org जालस्थल (वेबसाइट) पर अब प्रतिदिन वीडियो वार्तापत्र (वीडियो न्यूज) भी उपलब्ध करवाया जा रहा है । सभी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय समिति के जालस्थल पर हिन्दी भाषा में यह वार्तापत्र देख सकते हैं ।
    दर्शक समिति के जालस्थल की अंग्रेजी एवं हिन्दी, दोनों ही भाषाओं में वार्ता विभाग में (News Section) वार्तापत्र के वीडियोज् देख सकेंगे । उनकी मार्गिका (लिंक) आगे दी हैं :
अंग्रेजी : http://www.hindujagruti.org/news/35383.html
हिन्दी : http://www.hindujagruti.org/hindi/news/16329.html

अक्षय तृतीया के शुभमुहूर्त पर लोकप्रिय जालस्थल बालसंस्कार डॉट कॉम एक नए स्वरूप में !

सुसंस्कारी और आदर्श पीढी ही देश का भविष्य है इस ध्येय से प्रेरित बालसंस्कार डॉट कॉम  गत पांच वर्षों से अभिभावक, शिक्षक और बच्चों का दिशादर्शन कर रहा है । इस लोकप्रिय जालस्थल के नए स्वरूप का उद्घाटन सनातन के पूज्य पृथ्वीराज हजारेजी के करकमलों से हुआ । इस जालस्थल को हिन्दू जनजागृति समिति के बालसंस्कार उपक्रम के अंतर्गत समिति के जालस्थल हिन्दूजागृति डॉट ओर्ग में समाविष्ट कर दिया गया है । यह जालस्थल हिन्दी, मराठी, कन्नड और अंग्रेजी, इन भाषाआें में उपलब्ध है । इस जालस्थल का अवश्य अवलोकन करें । इसके साथ ही अपने मित्र, परिवार, कार्यालयीन सहकर्मियों को भी देखने के लिए कहें । हमें विश्‍वास है कि इस जालस्थलके माध्यम से आदर्श सुसंस्कारित पीढी की निर्मित होगी, जो भविष्य में हिन्दू राष्ट्र चलाने में सक्षम होगी ।
 यह जालस्थल अवश्य देखें : www.hindujagruti.org/hinduism-for-kids/

'अध्यात्म विश्‍वविद्यालय' संत बनानेवाली पाठशाला !

वर्ष २०२३ में स्थापित होनेवाला हिन्दू राष्ट्र सहस्रों वर्ष तक बना रहे, इस हेतु 

  • अध्यात्म विश्‍वविद्यालय धर्मसत्ता के लिए पूरक आध्यात्मिक बल प्रदान करेगा !
  • तक्षशिला और नालंदा समान ही यह विश्‍वविद्यालय ज्ञानार्जन हेतु साकार होगा !
  • अध्यात्म विश्‍वविद्यालय, अध्यात्म की उच्च शिक्षा व आध्यात्मिक शोध हेतु सक्रिय रहेगा !
संदर्भ हेतु देखें जालस्थल (वेबसाइट) : Spiritual.University

धर्मांध चित्रकार अकरम हुसेन द्वारा भगवान श्रीकृष्ण का अश्‍लील अनादर !

यह देखकर यदी किसी का रक्त नहीं खौलता तो वे हिन्दू ही नहीं !
हिन्दुओ, यह बात ध्यान में रखें कि हिन्दू देवताओं का अश्‍लील अनादर
करनेवाला धर्मांध चित्रकार प्रेषित मुहम्मद पैंगबर का चित्र नहीं बना सकता !
 
    गुवाहाटी (असम) : हिन्दूद्वेषी चित्रकार अकरम हुसेन द्वारा बनाया भगवान श्रीकृष्ण और भगवद्भक्ति का आदर्श पाठ पढानेवाली गोपियों का अश्‍लील चित्र गुवाहाटी राज्य की आर्ट गैलरी में आयोजित चित्र-प्रदर्शनी में रखा गया था । इसमें बार में भगवान श्रीकृष्ण को अर्धनग्न महिलाआें के साथ मद्यपान करते हुए दिखाया गया है । इस अश्‍लील चित्र के कारण करोडों हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं । (हिन्दुओ, हिन्दूद्वेषी चित्रकार म.फि. हुसेन की परंपरा को आगे बढानेवाले अकरम हुसेन का विरोध करें ! - संपादक)
    हिन्दू लीगल सेल के असम के संयोजक श्री. धर्मेंद्र देव ने इसके विरोध में पुलिस में परिवाद प्रविष्ट किया । (धर्महानि रोकने हेतु त्वरित कदम उठानेवाले धर्माभिमानियों का अभिनंदन!) पुलिस ने आश्‍वासन दिया कि इस पर उचित कार्यवाही की जाएगी । हिन्दुत्वनिष्ठों के आंदोलन के उपरांत यह चित्र उस प्रदर्शनी से हटाया गया । उज्जैन के हिन्दू शौर्य जागरण मंच के श्री. अरविंद जैन और यहां के विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों द्वारा भी इसके विरोध में आंदोलन किया गया ।

हिन्दू धर्म का अनादर करनेवाले धरम संकट में इस चलचित्र (फिल्म) को दिया प्रमाणपत्र रहित करें !

हिन्दू जनजागृति समिति की सेन्सर बोर्ड से मांग
    मुंबई (महाराष्ट्र) - वादग्रस्त फिल्म धरम संकट में जिसमें अभिनेता नसरुद्दीन शाह को भोगविलासिता में डूबे एक हिन्दू संत के रूप में दिखाया है । किंतु, मौलाना को इस्लाम धर्म का पालन करते हुए दिखाया है ।

हिन्दू जनजागृति समिति की सफलता 'बेवकूफ डॉट कॉम' द्वारा हिन्दू देवताओं का अनादर करनेवाले टी-शर्ट हटाए गए !

हिन्दुओ, इस सफलता के लिए भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में कृतज्ञता व्यक्त करें !
    मुंबई - हिन्दू जनजागृति समिति के सुझाव की ओर ध्यान देकर बेवकूफ डॉट कॉम नामक जालस्थल ने हिन्दू देवताओंका अनादर करनेवाले टी-शर्ट हटा लिए हैं । उन्होंने हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होने के कारण सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने की तैयारी भी दर्शाई है ।

वैदिक हिन्दू रीति से विवाहविधि कर सभी के समक्ष आदर्श निर्माण करनेवाला बोलिविया (दक्षिण अमरीका) का दत्तोली परिवार !

हिन्दुओ, आगे विदेश के लोग आपको अध्यात्म सिखाने आएं, तो आश्‍चर्य न करें !
    बोलिविया (दक्षिण अमरीका) - २१.३.२०१५ को नवसंवत्सरारंभ (हिन्दुओं का नववर्ष) के शुभमुहूर्त पर एसएसआरएफ की साधिका आयु. सिल्विया दत्तोली का शुभविवाह यहां के आयु. मॉरित्सिओ फर्नांडेस से वैदिक हिन्दू रीतिनुसार संपन्न हुआ । शास्त्रोक्त पद्धति से विवाह करने से दंपति को भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने में सहायता मिलती है । उनके जीवन में आनेवाली अडचनें दूर होती हैं और वे आध्यात्मिक दृष्टि से एक-दूसरे से बंध जाते हैं । इसके परिणामस्वरूप उनकी ईश्‍वरप्राप्ति का मार्ग सुगम होता है । - श्रीमती श्‍वेता क्लार्क, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा

रामनवमी एवं हनुमान जयंती की शोभायात्रा पर विविध स्थानों पर धर्मांधों द्वारा पथराव !

ये घटनाएं, यह दर्शाती हैं कि भारत में स्थान-स्थान पर छोटे-छोटे पाकिस्तान बन रहे हैं । 
क्या कभी ऐसा सुनने में आता है कि अन्य पंथियों की
शोभायात्राओं पर हिन्दु
ओं ने कभी पत्थर बरसाए हों ?
१. खंडवा (म.प्र.) : श्रीरामनवमी के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा लगभग रात ९.३० बजे मुसलमानबहुल भाग, जलेबी पहुंची तो धर्मांधों ने नारों पर आक्रोश व्यक्त करते हुए शोभायात्रा पर अंधाधुंध पत्थर बरसाए । इसके साथ ही वाहनों एवं दुकानों को भी क्षति पहुंचाई । भीड को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अश्रु गैस छोडी और कलेक्टर-एसपी के संकेत पर पुलिस ने विहिंप-बजरंग दल के नेताओं पर लाठियां भी बरसाईं ।

घरों को बचाना है, तो हिन्दू इस्लाम स्वीकारें ! - आजम खान

हिन्दुत्ववादियों के समर्थन से हिन्दुओं के घरों पर अतिक्रमण निरस्त (रद्द)
    लक्ष्मणपुरी (लखनऊ) - समाजवादी पक्ष के आजम खान के मतदारसंघ रामपुर में शॉपिंग मॉल बनाया जा रहा है, जिसका रास्ता जानबूझकर वाल्मीकि समाज की बस्ती में से निकाला जा रहा था। इससे उनके घरों को हटाने की बातें हो रही थीं । वाल्मीकि समाज के विरोध करने पर आजम खान ने कहा, यदि घरों को बचाना हो, तो इस्लाम स्वीकार लो । (अब तथाकथित निधर्मी और सर्वधर्मसमभाववाले चुप्पी क्यों साधे रहे ? - संपादक) इस पर विवश होकर वाल्मीकि समाज के ८०० लोगों ने गोल टोपी पहनकर इस्लाम स्वीकारने का संकेत दिया । तभी अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों द्वारा वाल्मीकि समाज के आंदोलन को समर्थन मिलने पर, रामपुर नगरपालिका को अपना निर्णय बदलना पडा ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवले जी का विचारधन

(परात्पर गुरु) डॉ. आठवले
भारत के पास हिन्दू धर्म छोडकर ऐसा क्या है, जो विश्‍व उसे आदरभाव से देखे ? बुद्धिजीवी, साम्यवादी, सर्वधर्मसमभावी इत्यादि की बातों में आकर हिन्दुओं ने हिन्दू धर्म की उपेक्षा की है । इसलिए संपूर्ण विश्‍व में उनका घोर अनादर हो रहा है ! इसका एकमात्र उपाय है हिन्दू धर्म की पुनर्स्थापना करनेवाले हिन्दू राष्ट्र की स्थापना ! - (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले 

औरंगाबाद का संभाजीनगर करोगे, तो रक्त की नदियां बहेंगी ! - अबू आजमी

     संभाजीनगर (महाराष्ट्र) - यहां १६ अप्रैल को समाजवादी पक्ष के अबू आजमी ने धमकी देते हुए कहा, औरंगजेब अत्यंत धर्मनिरपेक्ष था । उसने जो कुर्बानी दी है, उसे मुसलमान कभी भूल नहीं सकते । (औरंगजेब अत्यंत क्रूर राजा था । उसने अपने माता-पिता को बंदी बनाया और भाइयों का बंदोबस्त कर दिया था कि वे सत्ता में कोई हस्तक्षेप न कर पाएं । छत्रपति संभाजी महाराज की अत्यंत क्रूरता से हत्या की थी । ऐसा क्रूर औरंगजेब जिन्हें धर्मनिरपेक्ष लगता है, क्या उन्हें यह इतिहास पता नहीं है ? - संपादक) औरंगजेब का नाम इस शहर से जुडा है । इसलिए यदि इसे संभाजीनगर बनाने का प्रयत्न हुआ, तो रक्त की नदियां बहेंगी ! (अबू आजमी का हिन्दूद्वेषी विषवमन ! - संपादक)

भूतपूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू का विषवमन

(कहते हैं) गोमांस खाना पाप नहीं, अवसर मिलेगा,  तो पुन: खाऊंगा ! 
    नई देहली - सर्वोच्च न्यायालय के भूतपूर्व सरन्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने अपने ब्लॉग पर लिखा है, मैंने स्वयं गोमांस खाया है और यदि अवसर मिले तो पुन: खाऊंगा । उन्होंने आगे कहा, गोवंश हत्या बंदी की मांग मूलत: राजकीय उद्देश्य से की गई है । ऐसे निर्णयों के कारण विश्‍वभर में भारत की छवि मलिन हो गई है । (देश की छवि गोहत्या बंदी के निर्णय के कारण नहीं, अपितु सर्व क्षेत्र में फैला भ्रष्टाचार, बढते बलात्कार जैसी समस्याओं के कारण अधिक मलिन हो रही है । क्या काटजू को इन समस्याओं के विषय में कुछ नहीं लगता ? हिन्दू असंगठित होने से ही हिन्दूद्रोही, ऐसे हिन्दूविरोधी विधान करने का दुस्साहस करते हैं । ऐसे हिन्दूद्रोही विचारधारावाले लोगों को देश के महत्त्वपूर्ण पद सौंपने से इस देश से हिन्दू संस्कृति का लोप होने में समय नहीं लगेगा ! - संपादक)

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का मुसलमान लडकों को आवाहन : सूर्यनमस्कार न करें !

    जयपुर (राज.) - यहां पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से २४ वां अधिवेशन संपन्न हुआ । इस अवसर पर बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना नदवी बोले, संविधान ने हमें धार्मिक स्वतंत्रता की छूट दी है । कुछ लोग पर्सनल लॉ में  सुधार करने की बात कर रहे हैं; परंतु यह शरीयत का भाग है और किसी मनुष्य को इसमें सुधार करने का अधिकार नहीं है ! (कल मुसलमान राष्ट्रगीत का भी विरोध करने लगें, तो इसमें कोई आश्‍चर्य नहीं होगा ! - संपादक)

कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान से प्रेम ! - असलम

    'दुख्तरन-ए-मिल्लत' अलगाववादी संगठन की महिला नेता आसिया अंद्राबी ने २३ मार्च, पाकिस्तान दिवस पर कश्मीर में पाकिस्तानी झंडा फहराया । पुलिस ने अंद्राबी के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट किया । पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता तस्नीम असलम ने कहा, इस घटना से ध्यान में आता है कि कश्मीर के लोग दबाव में हैं । पाकिस्तान का झंडा फहराए जाने से कश्मीर के लोगों के मन में पाकिस्तान के प्रति प्रेम दिखाई देता है । पाकिस्तान सदैव उन्हें नैतिक, राजनीतिक और कूटनीतिक सहायता देता रहा है और देता रहेगा । (भारत की घटनाओं में रुचि लेनेवाले पाक को मोदी शासन कठोर शब्दों में चेतावनी दे। उसी प्रकार, जो कश्मीर में पाकिस्तान का झंडा फहराते हैं, उन्हें देशद्रोह के आरोप में सार्वजनिक स्थानपर फांसी दी जाए । तभी, मोदीजी को अपेक्षित 'अच्छे दिन' आएंगे ! - संपादक)

सनातन संस्था के संस्कृतिरक्षा के वक्तव्य पर हिन्दूद्वेषी प्रसारमाध्यम एवं विविध राजकीय पक्षों का विरोध !

श्रीमती लता ढवळीकर
मडगांव (गोवा) - यहां ५.४.२०१५ को हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से हिन्दू धर्मजागृति सभा हुई थी । इस सभा में सनातन संस्था की वक्ता श्रीमती लता दीपक ढवळीकर ने आवाहन किया था, संस्कृति के अंधानुकरण के कारण ही महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों में वृद्धि हुई है । कॉन्वेंट विद्यालयों में हिन्दू विद्यार्थियों पर पाश्‍चात्य संस्कृति के संस्कार किए जाते हैं, इसलिए हिन्दू अपने बच्चों को कॉन्वेंट में न डालें !

ओवैसी बंधुओं की विषैली फुफकारें : जब तक प्राण हैं हिन्दुत्व का विरोध करूंगा !

     मुंबई - 'मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन' इस राजकीय पक्ष के अध्यक्ष व सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एबीपी माझा मराठी समाचार चैनल पर ७ अप्रैल को कहा, "मैं हिन्दुओं के विरुद्ध नहीं; अपितु हिन्दुत्व के विरुद्ध हूं । मेरा रा.स्व. संघ को विरोध था और सदा रहेगा । सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय गलत है कि 'हिन्दुत्व ही राष्ट्रीयत्व है' । इस पर पुनर्विचार होगा । भारत में कोई धर्म नहीं। मुझे अभिमान है कि मैं हिन्दुत्व का विरोधक हूं और जब तक प्राण हैं मैं हिन्दुत्व का विरोध करता रहूंगा ।" (ओवेसी जानते हैं कि हिन्दुत्व और हिन्दू भिन्न नहीं ! - संपादक)

अभिनेत्रियों द्वारा धर्मद्रोही कृत्य : ब्रेसलेट के रूप में पहनती हैं मंगलसूत्र !

    मंगलसूत्र चोरी चले जाते हैं, इसलिए उन्हें ब्रेसलेट के रूप में पहनने का प्रचलन बढ रहा है । (हिन्दुओं को धर्मशिक्षा न मिलने का परिणाम ! - संपादक)

भाजपा का धर्मद्रोह ! कांग्रेस से दो कदम आगे है मोदी शासन !

'हिन्दुत्ववादी' मोदी शासन की मंदिरों की संपत्ति पर कुदृष्टि !
    नई देहली - शासन ने दावा किया है कि सोने की आयात में घटौती कर, अर्थव्यवस्था कों संतुलित रखने के लिए मंदिरों में दान किए गए सोने का उपयोग किया जाएगा । यह योजना मोदी सरकार मई २०१५ में कार्यान्वित करेगी । इसके अंतर्गत भक्तों द्वारा अर्पित सोना, शासन के पास जमा हो जाएगा और फिर उसे पिघलाकर, सोनार नए आभूषण बनाएगा । इस पर असंख्य भक्तों ने रोष व्यक्त किया । उनका कहना है, 'भगवान को अर्पित की गई वस्तु पुन: पिघलाना, श्रद्धा को ठेस पहुंचाना है । इसके साथ ही मंदिरों की धन-संपत्ति पर ब्याज लेना पाप है ।' (क्या मोदी शासन अन्य धर्मियों के प्रार्थनास्थलों की संपत्ति के विषय में ऐसा साहस कर सकेगा    ? अर्थव्यवस्था को सुदृढ बनाने के लिए काला धन वापस न लाकर मंदिरों की संपत्ति पर कुदृष्टि रखनेवाला मोदी शासन धर्मद्रोही है ! - संपादक)

अभिनेत्री प्रीति जिंटा द्वारा सवत्स गोदान !

    सिन्नर (नासिक) - हिन्दी चलचित्र (फिल्म) अभिनेत्री तथा क्रिकेट के एक आइपीएल संघ की मालकिन प्रीति जिंटा ने ४ अप्रैल को पुरोहित द्वारा शास्त्रोक्त पद्धति से पूजन कर, तीन लोगों को बछडे सहित दुधारू गायें दान कीं । (अभिनंदन ! गोप्रेमियों की हार्दिक इच्छा है कि प्रीति जिंटा इसके साथ गोवंश रक्षा के लिए भी प्रयत्न करें ! फिल्म जगत के अन्य लोग भी इससे कुछ बोध लेंगे    ? - संपादक)

अंतरिक्ष में जाने से पूर्व अंतरिक्षवीरों के मुख पर ईसाई धर्मगुरु क्रॉस से देते हैं 'आशीर्वाद' !

इस विषय में नास्तिकों को क्या कहना है ! 
अंतरिक्षवीरों को लकडी के
क्रॉस से आशीर्वाद देते हुए ईसाई धर्मगुरु
    वॉशिंग्टन (अमरीका) -  अंतरिक्ष जगत में धार्मिक विधियों को विशेष महत्त्व दिया गया है । नासा के अंतरिक्षवीर भी अंतरिक्ष मोहिम पर जाने से पहले सभी धार्मिक विधियां करवाते हैं । ईसाई धर्मगुरु अंतरिक्षवीरों के मुखमंडल पर लकडी का क्रॉस लगाकर आशीर्वाद देते हैं और तीर्थ छिडकते हैं । इस विषय में अंतरिक्षवीरों का कहना है कि बाद में पश्‍चाताप करने से अच्छा है सुरक्षा-कवच निर्माण करना ।

न्यूयॉर्क में नृत्य द्वारा किया हिन्दू देवताओं का अनादर !

श्री गणेशजी समान सूंड लगाकर नृत्य करनेवाला नर्तक
     न्यूयॉर्क (अमरीका) -  यहां के डॉम पेरिग्नॉन ब्रैंड की रोज विंटेज २००४ नामक शैंपेन की बिक्री प्रारंभ करने हेतु रखे एक कार्यक्रम में प्रस्तुत कैबरे नृत्य द्वारा हिन्दू देवताओं का अनादर किया गया । इस कार्यक्रम में विविध क्षेत्रों के प्रतिष्ठित मान्यवर उपस्थित थे । विदेशी नृत्य करनेवाले अर्धनग्न कलाकारों ने श्री गणेश, हनुमान तथा अन्य हिन्दू देवताओंकी वेशभूषा की और हिन्दू देवताओंके समान अपने-आपको रंगाया । शैंपेन व्यवसायियों द्वारा अत्यंत हीन स्तर पर जाकर देवताओं का अनादर करने से हिन्दुओं में तीव्र रोष है । हिन्दुओं की मांग है कि धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के लिए डॉम पेरिग्नॉन क्षमा मांगे । (विश्‍व में विविध ढंग से होनेवाला देवताओंका अनादर रोकने हेतु बलशाली हिन्दुत्ववादी संगठन कुछ करेंगे क्या ? - संपादक)

आइएसआइएस के १ लाख से अधिक आतंकवादी असाध्य रोग से ग्रस्त !

    सीरिया - आतंकवादी संगठन आइएसआइएस को समाप्त करने के लिए प्रकृति ने ही व्यवस्था कर दी है । सीरिया के आइएस्आइएस् के १ लाख से भी अधिक आतंकवादियों को लैसमैनियासिस नामक रोग हो गया है । लैसमैनियासिस कुष्ठरोग समान है । जिसे यह रोग होता है, उस व्यक्ति की त्वचा कुछ समय उपरांत झडने लगती है । तदुपरांत यह व्यक्ति पूर्णत: इस रोग की चपेट में आ जाता है; इसलिए कि इस रोग के जीवाणु संपूर्ण शरीर में फैलने के उपरांत उस पर उपचार करना कठिन हो जाता है और व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है । ये जीवाणु अधिकतर वहां होते हैं जहां निर्धनता, कुपोषण और अस्वच्छता होती है । इस रोग का संसर्ग शीघ्र गति से होने के कारण इस संगठन के अस्तित्व के विषय में प्रश्‍नचिन्ह निर्माण हो गया है । आतंकवादी इस रोग पर उपचार लेने से मना कर स्वयं ही मृत्यु को आमंत्रण दे रहे हैं ।

कक्षा में दिखाया जाए पॉर्न !: सेक्स एक्सपर्ट का सुझाव

ऐसे विचार ही पाश्‍चात्य देशों की युवा पीढी में बढती अनैतिकता का कारण हैं !
     लंदन (इंग्लैंड) - अखबार 'द गार्डियन' में छपी रिपोर्ट में अलबोर्ग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर क्रिस्टियन ग्रॉगार्ड ने कहा, "इससे बच्चों को कर्तव्यनिष्ठ उपभोक्ता बनाने में सहायता होगी । कक्षा में पॉर्न फिल्में दिखाना यौन शिक्षा से बेहतर है और बच्चे पॉर्न तथा वास्तविक जीवन के यौन संबंध के बीच के अंतर को और अच्छी तरह समझ सकते हैं ।" प्रोफेसर ग्रोगार्ड के अनुसार शोध से पता चला है कि अधिकांश किशोर अल्प आयु से ही पॉर्न से परिचित हो चुके होते हैं । अत: ऐसा नहीं है कि कक्षा में पहली बार पॉर्न देख रहे हैं ।

'नकल' के विषय पर लालूप्रसाद यादव ने कहा, 'मेरा शासन होता, तो नकल के लिए पूरी पुस्तक ही दे देता !'

    हाजीपुर (बिहार) - भूतपूर्व मुख्यमंत्री लालूप्रसाद यादव ने हाजीपुर के एक परीक्षा केंद्र में हुई नकल की घटना का समर्थन करते हुए उपरोक्त वक्तव्य किए । (विद्यार्थियों को अनुचित कार्य करने के लिए बढावा देनेवाले लालू प्रसाद यादव के इस कथन के लिए उनपर अभियोग, अर्थात मुकदमा चलना चाहिए । ऐसे भ्रष्ट नेता ही विद्यार्थियों को, अर्थात देश को चौपट कर रहे हैं । इस स्थिति में परिवर्तन लाने के लिए हिन्दू राष्ट्र बनाना आवश्यक है ! - संपादक)

हरियाणा सरकार द्वारा विकसित हरिवीर्य नामक संकरित जाति की गाय, हरियाणवी संस्कृति के मूल पर प्रहार है !

गव्यसिद्धाचार्य निरंजन वर्मा
    गव्यसिद्धाचार्य निरंजन वर्मा (गुरुजी) ने वर्ष १९९९ में महर्षि वाग्भट्ट गोशाला एवं पंचगव्य अनुसंधान केंद्र की स्थापना की । साथ ही गोविज्ञान की शिक्षा देने के लिए पंचगव्य गुरुकुलम् स्थापित किया । उन्होंने आयुर्वेद का गहन अध्ययन कर पंचगव्य चिकित्सा का पाठ्यक्रम बनाया और ऐसे रोगों का उपचार करते हैं, जहां ऐलोपैथी ने हाथ खडे कर दिए हैं ।
हरियाणवी का वंश बिगाड रहा है हरियाणा !
    हरियाणा के कुछ जैव वैज्ञानिकों ने यहां की सरकार के साथ मिलकर ४५ वर्षों में हरिवीर्य नाम से गाय की नई प्रजाति उत्पन्न की है । उनका कहना है कि हरिवीर्य से हरियाणा के किसानों का उद्धार होगा ।

मस्जिदों के भोंपुओं से होनेवाले कष्ट दूर करने के लिए पुलिस अधिकारी और जिलाधिकारी को निवेदन दें !

    विविध राज्यों के जागरूक और राष्ट्रप्रेमी नागरिक, मस्जिदों के भोंपुओं से होनेवाले कष्ट के विषय में हिन्दू विधिज्ञ परिषद के पास पत्र भेज रहे हैं । अनेक नागरिकों ने न्यायालय में याचिका डालने के लिए संपर्क किया है । अलग-अलग याचिकाएं डालने से अच्छा होगा कि सबकी एक ही याचिका बनाकर, विविध नगरों और गांवों के लोगों याचिकाओं को एक साथ न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया जाए । परंतु, इसके लिए संबंधित जनपद के जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी को निवेदन देना आवश्यक है । जिन नागरिकों को मस्जिद के भोंपुओंसे कष्ट होता है, उनके लिए ऐसे परिवादों का प्रारूप यहां दे रहे हैं । नागरिक संबंधित पुलिस थाने में तथा जिलाधिकारी कार्यालय में यह पत्र देकर अपने पास की दूसरी प्रति पर उनकी प्राप्ति, अर्थात उनके हस्ताक्षर, मुहर और दिनांक लें और उसे संभालकर अपने पास रखें । इस प्रति की छाया प्रति (जेरोक्स) डाक से अथवा इ-मेल से, हिन्दू विधिज्ञ परिषद के निम्नांकित पते पर भेज दें ।

समाज, राष्ट्र और धर्म की हानि तथा हिन्दुत्व के कार्य के समाचार भेजें !

    वर्तमान में दूरदर्शन चैनलों द्वारा हिन्दू देवी-देवताओं का उपहास और विकृत पाश्‍चात्य प्रथाओं का बोलबाला है । वे हिन्दुओं  पर धर्मांधों द्वारा हो रहे आक्रमण आदि के विरोध में कभी जागृति नहीं करते हैं । इसलिए समाज, राष्ट्र-धर्म की हानि रोकना, हिन्दू संस्कृति का प्रसार करना आदि के लिए हिन्दुओं की अपनी दूरदर्शन चैनल आवश्यक है । अत: शीघ्र ही सनातन प्रभात नियतकालिक और Hindujagruti.org के संयुक्त तत्त्वावधान में हिन्दू वार्ता नामक इंटरनेट चैनल आरंभ किया जानेवाला है । हिन्दू-संगठन, संप्रदाय और राष्ट्र-धर्म प्रेमियों के लिए यह एक अधिकृत प्रसारमाध्यम प्रमाणित होगा। इसलिए आपके आसपास हो रही घटनाएं जो समाज, राष्ट्र और धर्म को क्षति पहुंचा रही हैं और उनका समाचारमूल्य (न्यूज वैल्यू) है, तो मोबाइल / कैमरे से छायाचित्र खींचकर / १ से ५ मिनट की वीडियो शूटिंग कर hindu.varta१०@gmail.com अथवा वॉट्स एप ८४५१००६००० पर भेजें ।

पूर्णकालिक संवाददाता, संपादक, निवेदक व वीडियो एडिटर की आवश्यकता !

    इस सेवा के लिए प्रशिक्षित, अर्धप्रशिक्षित, अप्रशिक्षित; परंतु प्रशिक्षित होकर सेवा करने की इच्छा रखनेवाले पूर्णकालिक मनुष्यबल की आवश्यकता है । प्रारंभ में आवश्यक मनुष्यबल की संख्या इसप्रकार है ।
संपादकीय सेवा (वृत्तलेखन) : ६, निवेदक : ४, वीडियो एडिटर (ध्वनिचित्र संकलक) : ५, वीडियो शूटींग तंत्रज्ञ : १, अन्य सेवा :
   उसीप्रकार इस हिन्दू वार्ता कार्यक्रम के लिए पत्रकार की सेवा कर सकनेवालों की भी शीघ्र आवश्यकता है ।
यह सेवा करने हेतु इच्छुक व्यक्ति के पास आगे दी गई सुविधाएं होनी चाहिए ! : इस सेवा के लिए इच्छुक व्यक्ति के पास ५ अथवा उससे अधिक मेगापिक्सेल कैमरेवाला चल-दूरभाष अथवा छायाचित्रक (कैमरा), उपलब्ध छायाचित्र और चलचित्र (वीडियो) भेजने के लिए संगणक अथवा भ्रमणसंगणक (लॅपटॉप) तथा उच्च क्षमता का इंटरनेट कनेक्शन आदि सुविधाएं होना आवश्यक है।

गोवंशीय पशुओं का अवैध परिवहन रोकने में आनेवाली बाधाओं को दूर करने हेतु गोरक्षकों को कानूनी ज्ञान होना आवश्यक !

अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर
गोरक्षक अत्यंत लगन से गोरक्षा करते हैं । गोवंशीय पशुओं को लेकर जानेवाले वाहनों को पकडने के लिए दिन-रात्र पहरा देना; वाहन रोककर, उनके चालकों से संघर्ष कर, उन वाहनों को स्थानीय पुलिस थाने ले जाना और गोवंशीय पशुओं को गोशाला तक पहुंचाना । यह सारी प्रक्रिया गोरक्षक करते हैं; परंतु कानून का ज्ञान न होने से उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पडता है । अत: गोरक्षकों की सुविधा के लिए प्रस्तुत है यह लेख.....

मन को सकारात्मक रखने का महत्त्व और उस पर उपाय !

(पू.) श्री. अशोक पात्रीकर
    कल्याण (महाराष्ट्र) के संत योगतज्ञ दादाजी वैशंपायन कहते हैं, आपने अपना मन सकारात्मक रखा, तो आप ब्रह्मांड पर राज्य कर सकते हैं । इस कथन से मन सकारात्मक रखने का महत्त्व ज्ञात होता है । मन सकारात्मक रखने के लिए प.पू. डॉक्टरजी की शरण में जाकर आगे दिए प्रयत्न करने चाहिए ।
१. प्रत्येक परिस्थिति का सामना सहजता से करना 
    साधना, परिवार अथवा अन्य प्रकार के व्यवहार में कितनी भी अडचनें आएं, ये मेरी साधना के लिए आवश्यक हैं; इसलिए इन्हें भगवान ने ही निर्माण किया है और अब भगवान ही इससे बाहर निकालेंगे, ऐसा विचार कर, उस परिस्थिति को सहजता से स्वीकारना चाहिए । निरंतर दूसरों का विचार करते रहने से स्व की उपेक्षा होने लगती है और परिस्थिति सहजता से स्वीकारी जाती है ।

भक्त भगवान से क्या मांगता है ?

भक्त भगवान से क्या मांगता है ?
हे भगवान !
१. ज्ञानेंद्रिय
१ अ. नाक : मेरी नाक को आपके चरणों से धन्य हुए फूलों की सुगंध मिले ।
१ आ. जीभ : मेरी जीभ केवल आपके प्रसाद का स्वाद चखे ।
१ इ. आंखें : १. आंखों को केवल आप की मूर्ति दिखाई दे ।
२. मुझे सदैव आप के दर्शन का लाभ हो ।
१ ई. त्वचा : मेरे हाथों को केवल आपके चरणों का स्पर्श मिले ।
१ उ. कान : मेरे कानों को सदैव केवल आपका नाम एवं आपकी लीलाएं सुनाई दें ।

महान हिन्दू संस्कृति के आचरण का महत्त्व

प.पू. पांडे महाराज
अ. आत्मबल ही सच्चा धन है । भोगवादी संस्कृति से आत्मबल घटता है; जबकि आध्यात्मिक संस्कृति आत्मबल बढाती  है ।
आ. हिन्दू धर्माचरण नहीं करते; इसलिए लव जिहाद, भ्रष्टाचार, विदेशियों के अतिक्रमण, हिंसक कृत्य इत्यादि बढ गए हैं ।
इ. आध्यात्मिक ऊर्जाकेंद्र चैतन्य निर्मित करते हैं; जबकि आधुनिक ऊर्जाकेंद्र सर्वत्र दूषित वायु फैलाकर नरसंहार करते हैं।
ई. हमारे पूर्वजों ने बडे-बडे राक्षसों का वध कर सुख-समृद्धि का रामराज्य दिया । अतः, रामराज्य के लिए संत-सज्जनों की रक्षा तथा दुष्टों का संहार आवश्यक है । यह कार्य ईश्‍वर की आराधना से ही होगा । अतः, साधना करें ! - प.पू. पांडे महाराज, सनातन आश्रम, देवद, पनवेल

गुरु-आज्ञा का उल्लंघन कर पुण्यभूमि भारत को लूटने के लिए आक्रमण करनेवाले विश्‍वविजेता (?) सिकंदर की दुर्दशा होना !

     'भारत से बेबीलोन लौटते समय सिकंदर की मृत्यु हुई । सेनापति सेल्यूकस ने उसकी मृतदेह बेबीलोन पहुंचाई । जनता राजा की मृत्यु के समाचार से अत्यधिक दुखी हुई । जनता को दुखी देख सेल्यूकस ने सिकंदर के गुरु अरस्तू को दुखी जनता को सांत्वना देने की विनती की । अरस्तू बोले, "मुझे पता था, संत, ऋषि-मुनि और देवताओं का देश, भारत जाकर मेरा प्रिय शिष्य सिकंदर पराजित होगा । मैंने उसे पहले ही बताया था कि विश्‍वविजय का स्वप्न लेकर कदापि भारत न जाओ । यदि जाना ही है, तो ऋषि-मुनि और संतों से ज्ञानरूपी संपत्ति लेकर आओ । भारत को लूटकर नियंत्रण में लेने, सोने-चांदी और हीरे-जवाहरातों का खजाना लाने का विचार छोड दो; परंतु उसने मेरी एक न सुनी । इसीलिए उसकी यह दुर्गति हुई ।" (ऋषिप्रसाद, सितंबर २००८)

अभिभावको, छोटी आयु में बच्चों पर संस्कार करने का महत्त्व समझिए !

कुम्हार 'मिट्टी के गोले' को जैसा आकार देता है,  उसी आकार का मटका बनता है । अच्छा आकार देने से ही मटका अच्छा बनता है । एक बार मटका बन जाए, तो उसका आकार परिवर्तित नहीं कर सकते ।
    अभिभावको, आपकी संतान के विषय में भी ठीक ऐसा ही होता है । बच्चे बडे होने पर अच्छे संस्कार करना कठिन होता है; परंतु बचपन में मन संस्कारक्षम होता है । इसलिए बच्चों पर अच्छे संस्कार करना सरल होता है । आज के बालक भविष्य में देश का आधारस्तंभ हैं; इसलिए वे गुणसंपन्न एवं आदर्श होने चाहिए । आज के बालकों की स्थिति कैसी है ? अनेक बच्चे बडों का कहना नहीं मानते, मन लगाकर पढाई नहीं करते, कुछ बच्चे बडे होकर फिल्म-कलाकार बनने का ध्येय रख, निरंतर फिल्मी गाने गुनगुनाते रहते हैं । कुछ बच्चे दुष्ट बच्चों की संगति में पडकर गुटका, तंबाकू आदि व्यसन करते हैं । इन सब कारणों से बच्चे स्वार्थी, चिडचिडे, हठी, चंचल एवं विकृत बनते जा रहे हैं । यह सब रोकने के लिए बच्चों पर सुसंस्कार करना आवश्यक हो गया है । (अधिक विवेचन हेतु पढें : सनातन का ग्रंथ 'सुसंस्कार एवं उत्तम व्यवहार')

आगामी भीषण आपातकाल में आरोग्य के लिए उपयोगी वनस्पतियों का रोपण आज से आरंभ करें !

पू. वैद्य विनय भावे
डॉ. दिगंबर मोकाट
'आगामी काल में तीसरे महायुद्ध में परमाणु अस्त्रों से करोडों लोग मरेंगे । भीषण प्राकृतिक आपदाएं भी आएंगी', यह युगद्रष्टा संतों की भविष्यवाणी है । आपातकाल में दूरसंचार के साधन, चिकित्सक (डॉक्टर), औषधियां आदि मिलने की संभावना अत्यल्प ही रहती है । ऐसे में हमें अपने स्वास्थ्य की रक्षा वनस्पतियों से ही करनी पडेगी । उचित समय पर आवश्यक वनस्पतियां मिलें, इसके लिए उन्हें हमारे आसपास होना चाहिए । इस हेतु, उन्हें अभी से उगाना, काल की सबसे बडी आवश्यकता है । भावी हिन्दू राष्ट्र में आयुर्वेद ही मुख्य उपचारपद्धति रहेगी । इस दृष्टि से भी वनस्पतियां उगाना आरंभ करें । आयुर्वेद भारतीय चिकित्साशास्त्र है । इसके संवर्धन हेतु वनस्पतियां उगाना, प्रत्येक राष्ट्रप्रेमी नागरिक का कर्तव्य है ।

बच्चो, केवल समय बिताने के लिए नहीं, अपितु अपने व्यक्तित्व विकास के लिए खेलें!

खेलों का उद्देश्य
शारीरिक क्षमता बढानेवाला खेल - कबड्डी
     साधारणतः, शारीरिक अथवा मैदानी खेलों से शारीरिक क्षमता बढती है, तो बौद्धिक खेलों से बुद्धि कुशाग्र होती है । परंपरागत खेल खेलने से राष्ट्र, धर्म और संस्कृति से संबंधित विषयों के प्रति आदर और गर्व बढने में सहायता मिलती है ।

क्रिकेट अर्थात अपनी और अपने राष्ट्र की हानि !

तत्त्ववेत्ता लॉर्ड बर्नार्ड शॉ ने कहा है, दो लोगों का खेलना,
ग्यारह लोगों का दौडना और लाखों मूर्खों द्वारा देखा जानेवाला खेल है - क्रिकेट !
    खिलाडियों को लाखों रुपए का धन दिलानेवाली तथा इस प्रतियोगिता का प्रक्षेपण करनेवाली दूरदर्शन वाहिनियों (केबल चैनलों) को करोडों रुपयों का विज्ञापन दिलानेवाले खेल से हमें क्या मिलता है, इस बात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ।

सात्त्विक वस्तुओं की ओर आकर्षित होनेवाली ईश्‍वर की सुंदर और सात्त्विक रचना, रंग-बिरंगी तितलियां !

साधक के हाथ पर बैठी तितली
साधिका के गाल पर बैठी तितली

भगवान द्वारा साधकों को उपहार रूप में दी हुई शकुंतला, अर्थात कु. अनास्तासिया वाले (आयु १० वर्ष) !

    कण्वमुनि को संतान न होने के कारण उन्होंने शकुंतला का पालन-पोषण किया । विश्‍वामित्र ऋषि और मेनका से उत्पन्न शकुंतला का संपूर्ण बचपन एवं यौवन कण्वमुनि के आश्रम में बीता । आश्रम परिसर के पशु-पक्षी और वृक्ष-लता शकुंतला से बातें करते थे । हिरन, मोर, भारद्वाज और राजहंस उसके पास आकर उसे प्रेम से सहलाते थे । शकुंतला से खेलते हुए हिरन उसकी साडी का आंचल पकडकर खींचते, तो कभी उसे देखकर हर्ष में उछलने और चौकडियां भरने लगते । उसे देखकर मोर आनंदित होते और पंख फैलाकर नाचने लगते, तो शकुंतला के दर्शन से कोयल मधुर स्वर में गाने लगती थी ।

वटसावित्री (ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष १३ से वैशाख अमावस्या [१६-१८ मई])

व्रत करने की पद्धति
संकल्प : आरंभ में सौभाग्यवती स्त्री संकल्प करे कि मुझे और मेरे पति को आरोग्यसंपन्न, दीर्घायु प्राप्त हो ।
पूजन : बडवृक्ष का षोडशोपचार पूजन करना चाहिए । पूजा में अभिषेक करने के उपरांत बड को सूत्रवेष्टन करना चाहिए, अर्थात बड के तने के चारों ओर सूती धागे से घडी की सुइयोंकी दिशा में तीन बार परिक्रमा करें । पूजा के अंत में सावित्रीसहित ब्रह्मदेव से प्रार्थना करते हैं । अखंड सौभाग्य प्राप्त हो, जन्म-जन्मांतर तक यही पति मिले तथा धनधान्य एवं कुल की वृद्धि हो ।

देशभक्त बिपिनचंद्र पाल (स्मृतिदिन - २० मई)

    स्वतंत्रता आंदोलन के महान नेता बिपिनचंद्र पाल का नाम, लोकमान्य तिलक व लाला लाजपत राय के साथ लिया जाता था । उन्हें कभी लालसा नहीं हुई कि लोग मुझे महात्मा कहें । उनकी अंतिम इच्छा थी, भारत को स्वतंत्रता मिले और यह परिवर्तन होते समय मैं स्वस्थ रहूं । श्रीकृष्ण उनके आदर्श थे । उन्होंने हिन्दी राष्ट्रवाद का प्रचार करते समय हिन्दू धर्म का इतना अधिक प्रचार किया कि उतना प्रचार कोई ईसाई पंथ-प्रचारक बाइबल का नहीं करता होगा । - श्री. अरविंद विठ्ठल कुळकर्णी, ज्येष्ठ पत्रकार, मुंबई

छत्रसाल जयंती (ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष तृतीया [२१ मई])

हिन्दू धर्म का जाज्वल्य अभिमान दर्शानेवाला प्रसंग !
    बात उस समय की है, जब दिल्ली के सिंहासन पर औरंगजेब बैठ चुका था । विंध्यवासिनी देवी के मंदिर में देवी के दर्शन हेतु मेला लगा हुआ था । वहां लोगों की खूब भीड जमा थी । पन्नानरेश छत्रसाल उस समय १३-१४ वर्ष के किशोर थे । छत्रसाल ने सोचा कि जंगल से फूल तोडकर फिर माता के दर्शन के लिए जाऊं । उनके  साथ कुछ अन्य राजपूत बालक  भी थे । जब वे लोग जंगल में फूल तोड रहे थे, तब छः मुसलमान सैनिक घोडे पर सवार होकर वहां आए और उन्होंने पूछा, ऐ लडके ! विंध्यवासिनी का मंदिर कहां है ?

गंगा दशहरा (ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष १ से ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष १० [१९ से २८ मई])

गंगा की आध्यात्मिक विशेषता : गंगा दशहरा है, अर्थात दस पापों का हरण करती है । सभी प्रकार के पाप, निम्नांकित दस पापों में आ जाते हैं -
१. शारीरिक पाप : अ. चोरी, आ. हिंसा, इ. परस्त्री-गमन
२. वाचिक पाप : अ. कठोर बोलना, आ. असत्य बोलना, इ. निंदा करना और ई. निरर्थक एवं अनावश्यक बोलना ।
३. मानसिक पाप : अ. परापहार (दूसरे का धन हडपने का विचार करना), आ. अनिष्टचिंतन (दूसरे का बुरा सोचना) और इ. दुराग्रह (अनुचित कार्य कराने के लिए हठ करना) - गुरुदेव डॉ. काटेस्वामीजी (घनगर्जित, मई २०११)
(यदि कोई सोचे कि गंगा पापविनाशिनी है; इसलिए जितना चाहिए उतना पाप कर लेता हूं। पश्‍चात, गंगा में एक डुबकी लगाकर सबको धो डालूंगा । तो, ऐसा नहीं होता । गंगास्नान से तभी पाप धुलते हैं, जब मन को पाप का पश्‍चाताप हो तथा अब मुझसे पाप नहीं होगा, यह मन का निश्‍चय हो ! - संकलनकर्ता)

अखंड हिन्दू राष्ट्र के प्रणेता वीर सावरकर (२८ मई) (जन्म : २८.५.१८८३ आत्मार्पण : २६.२.१९६६)

हिन्दुओं का धर्मांतर, राष्ट्रांतर है ! - वीर सावरकर
हिन्दू ही देश का आधार ! : हम हिन्दुओं  के लिए गर्व करने योग्य कोई बात है, तो वह हिन्दुस्थान ही है । एक हिन्दू, हिन्दू राष्ट्र के लिए जितने मन से संघर्ष करेगा, वैसा कोई अन्य नहीं करेगा । पहले की क्या बात करें, गत १०० वर्ष के इतिहास की ओर देखें, तो पता चलेगा कि प्रत्येक बात में हिन्दुओं ने ही कष्ट उठाए हैं । हिन्दुस्थान की स्वतंत्रता के लिए भी हिन्दुओं ने ही कठोर परिश्रम किए । अंडमान में गए सब हिन्दू ही थे । जिन्हें फांसी पर लटकाया गया, वे हिन्दू ही थे । - हिन्दू संगठक वीर सावरकर (प्रज्वलंत, अक्टूबर २००२, मराठी दीपावली विशेषांक)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का हिन्दू साम्राज्यदिन (३१ मई)

     इस उपलक्ष्य में प्रस्तुत है वर्ष १९३६ में डॉ. हेडगेवार द्वारा किया गया वक्तव्य....
डॉ. हेडगेवार के मतानुसार धर्म की रक्षा और अधर्म का विनाश परमेश्‍वरी कार्य है । हम हिन्दू धर्मनिष्ठ हैं । इस बातका हमें गर्व है; परंतु हमारी समझ में यह नहीं आता कि धर्मरक्षा और धर्मपालन में भेद है । स्नानसंध्यादि और व्यक्तिगत धार्मिक आचरण करना, धर्मरक्षा नहीं है । जो लोग धर्म को जीवित रखना चाहते हैं, उनमें धर्म पर होनेवाले आक्रमणों का प्रतिकार करने की शक्ति होनी चाहिए । हमारी दयनीय स्थिति के लिए हम ही उत्तरदायी हैं ।

पू. गोळवलकर गुरुजी (पुण्यस्मरण [दिनांकानुसार] - ५ जून)

द्वितीय महायुद्ध के समय बंगाल में गुरुजी का भ्रमण कार्यक्रम निश्‍चित हो चुका था । बंगाल के लोग जापानी आक्रमणों से भयभीत थे । तब, संघ के स्वयंसेवकों ने गुरुजी से उनका बंगाल दौरा रद्द करने की विनती की । गुरुजी ने संबंधित स्वयंसेवक को तुरंत तार भेजकर सूचित किया कि कार्यक्रम निर्धारित समय पर ही होगा । तत्पश्‍चात, यह कार्यक्रम बिना बाधा के पूर्ण हुआ । तदुपरांत गुरुजी ने संघ के स्वयंसेवकों से कहा, जब अन्य लोग घबराए हुए हों, तब हमें दृढता से डटे रहना चाहिए। संघ को सर्वत्र निर्भयता निर्माण करनी है । जब हम ही भयभीत हो जाएंगे, तो जनता सहायता के लिए किसकी ओर देखेगी ?

स्वामी विवेकानंद पुण्यतिथि (शुद्ध आषाढ कृष्ण पक्ष षष्ठी [८ जून])

    स्वामी विवेकानंद एक बार भारत-भ्रमण करते हुए पश्‍चिमी भारत के अलवर राज्य में पहुंचे । वहां उनका प्रवचन सुनकर उस राज्य का दीवान बहुत प्रभावित हुआ और उन्हें राजभवन ले गया । वहां उसने उनकी भेंट राजा मंगल सिंह से करवाई । राजा का जीवन आमोद-प्रमोद में बीत रहा था । इसके साथ, उनके मन में राजा होने का अहंकार भी था। विवेकानंद को देखकर राजा ने सोचा, बातचीत से युवा दिखनेवाले और अंग्रेजी में धाराप्रवाह प्रवचन करनेवाले इस संन्यासी का अनुभव ही कितना होगा ? देखते हैं इसमें कितना संन्यासीपन है ।

गोधन की रक्षा करना, प्रत्येक का कर्तव्य ! - रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति

धर्माचरण के साथ ही धर्मरक्षा के लिए सिद्ध हों ! - गजानन केसकर  
    चिडावा - यहां ११ अप्रैल को कृष्ण पुस्तकालय में चिडावा गौरक्षा दल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में समिति के श्री. गजानन केसकर ने उपस्थितों को संबोधित किया ।  
    चुरी-अजीतगढ - समिति के श्री. रमेश शिंदे ने संत श्री रामानंद महाराजजी की श्रीरामकथा के समय जीवन में साधना का महत्त्व समझाया । इसका लाभ २०० से अधिक भाविकों ने लिया  ।
संत श्री रामानंद महाराजजी का हिन्दू जनजागृति समिति पर प्रेेम !
    महाराज बोले, आगे भी आप मेरी प्रत्येक कथा में आएं और वहां धर्मप्रसार करें । अन्य कथाओं के कार्यक्रमों में भी आपका विषय रखा जाए, इसके लिए मैं आपको सहयोग करूंगा ।

मार्च में उत्तर भारत में हिन्दू जनजागृति समिति के कार्य का ब्यौरा

राजस्थान में विविध स्थानों पर हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से राष्ट्र और धर्म संबंधी मार्गदर्शन !

हिन्दुओं की भाजपा शासन से आशा :
हिन्दु
ओं की सांस्कृतिक धरोहर, हिन्दुओं को पुन: लौटाए ! 
राजस्थान के तत्कालीन काँग्रेस शासन द्वारा
मुसलमानों को दी ब्रजभूमि के लिए आंदोलन! 
    जयपुर (राज.) - ब्रजभूमि मानव और विश्‍वकल्याण का धर्मकेंद्र है । यह भूमि एक राष्ट्रीय और वैश्‍विक धरोहर है । महाराणा प्रताप और महाराज सूरजमल, इस ब्रज संस्कृति के रक्षक थे । वर्ष १९८७ में इस ब्रजभूमि को मेवात अर्थात मुस्लिम क्षेत्र के रूप में मान्यता दी गई । यह मान्यता श्रीकृष्ण, ब्रजभूमि और राजस्थान का घोर अपमान है ।

झुंझुनूं में हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू संगठन के कार्य का वेग !

बोलते हुए श्री. रमेश शिंदे, साथ में श्री ब्रह्मस्वरूपजी महाराज
    झुंझुनूं - हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने खांदुवा गांव के श्री जगनब्रह्मचारी आश्रम में हुए कार्यक्रम में उपस्थितों का मार्गदर्शन किया । इस अवसर पर आश्रम के उत्तराधिकारी श्री ब्रह्मस्वरूपजी महाराज के साथ आसपास के गांवों के ६०० से भी अधिक भाविक उपस्थित थे ।

हिन्दू सेवा परिषद के तृतीय स्थापना दिवस पर भव्य गदा यात्रा में हिन्दू जनजागृति समिति का सहभाग !

देश को आतंकवाद से मुक्त कर
हिन्दू राष्ट्र स्थापित करना आवश्यक है । - रामविलास वेदांती महाराज
जबलपुर में हिन्दू सेवा परिषद की सभा में बोलते हुए
हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे
    जबलपुर (म.प्र.) - हिन्दू सेवा परिषद के तृतीय स्थापना दिवस एवं वीर हनुमान जयंती के निमित्त, ३१ मार्च को एक भव्य गदा यात्रा आयोजित की गई । यात्रा में गदा एवं भगवे ध्वज लेकर परिषद के ३ सहस्र से अधिक कार्यकर्ता स्वयंप्रेरणा से सम्मिलित हुए थे ।

गाजियाबाद में ४१ कुंडीय श्री महालक्ष्मी महायज्ञ और श्री पार्थिवेश्‍वर पूजा का आयोजन

४१ कुंडीय यज्ञ के समय श्रीमद्देवी भागवतपीयुष
इस ग्रंथ का विमोचन करते हुए उपस्थित संत-महंत
   गाजियाबाद (उ.प्र.) - यहां अखिल भारतवर्षीय धर्मसंघ और स्वामी करपात्री फाउंडेशन की ओर से दादरी के अग्रसेन महाविद्यालय में २९ मार्च से ३ अप्रैल तक, ४१ कुंडीय यज्ञ और श्री पार्थिवेश्‍वर पूजा का आयोजन किया था । इस समय पू. श्री. तपोनिष्ठ विरक्त शिरोमणी त्र्यंबकेश्‍वर चैतन्यजी महाराज द्वारा रचित श्रीमद्देवी भागवतपीयुष इस ग्रंथ का उपस्थित संत-महंतों के द्वारा विमोचन किया गया ।

गाजियाबाद में विराट राष्ट्र जागृति सम्मेलन संपन्न !

(बाएं से) पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे जी
एवं श्री श्री १००८ महामंडलेश्‍वर ब्रह्म ऋषि दत्तानंदजी महाराज
    गाजियाबाद (उ.प्र.) - यहां के संस्कृति रक्षक मंच द्वारा २२ मार्च को रामलीला मैदान (घंटा घर) पर राष्ट्र जागृति सम्मेलन का आयोजन हुआ था । इस सम्मेलन में राष्ट्र एवं धर्म संबंधी विविध विषय लिए गए । गौ, व्यसनमुक्ति, बालसंस्कार एवं संस्कृति दर्शन इत्यादि प्रदर्शनियां तथा स्वदेशी सामान मेला व विभिन्न संगठनों की प्रदर्शनियां लगाईं गईं ।

ऋषिकेश में सनातन संस्था की ओर से ग्रंथ और फ्लेक्स प्रदर्शनी !

प्रदर्शनी का लाभ उठाते हुए जिज्ञासु
    ऋषिकेश (उत्तराखंड) - पू. स्वामी औंकारानंद के आशीर्वाद से यहां के सुप्रसिद्ध गीता भवन संस्था के मुख्य व्यवस्थापक श्री. गौरीशंकर महतो के सहयोग से सनातन संस्था की ओर से ग्रंथ और फ्लेक्स प्रदर्शनी लगाई गई । प्रोजेक्टर द्वारा धार्मिक कृत्य, राष्ट्र की वर्तमान स्थिति और उपाय आदि विषयों के जानकारी की वीडियो सीडी दिखाई गईं ।

मध्यप्रदेश में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा राष्ट्र और धर्म विषयक प्रवचन श्रंखला

    होशंगाबाद (म.प्र.) - कुछ समय पूर्व ही समिति के संपर्क में आए होशंगाबाद (नर्मदापुर) मध्यप्रदेश के हिन्दुत्ववादी श्री. मनीष सहारिया ने सक्रिय होकर समिति के राष्ट्र और धर्मप्रसार के कार्य का समाज में प्रसार कर रहे हैं । मार्च महिने में समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे, जबलपुर में  एक कार्यक्रम में गए थे । तब श्री. मनीष सहारिया ने गाडरवाडा, पिपरिया, बनखेडी, उदयपुरा, पांसी घाट और उमरधा में, श्री. रमेश शिंदे के सर्व व्याख्यान और संपर्क का अच्छा नियोजन किया था । उनकी लगन के कारण ही सर्व गावों में व्याख्यान और संपर्क सफल हुए ।

धर्माचरण, राष्ट्ररक्षण एवं धर्मजागृति संबंधी मार्गदर्शन

    अलीगढ (उ.प्र.) - यहां के सनातन प्रभात के पाठक श्री. मधुकर आर्य, श्री. टीकम सिंह और श्री. संतोष कुमार ने हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी का धर्माचरण, राष्ट्ररक्षण एवं धर्मजागृति संबंधी मार्गदर्शन का आयोजन किया था । इस कार्यक्रम में हिन्दू जागरण मंच के अध्यक्ष श्री. सत्यप्रकाश नवमान, आहुति सामाजिक संस्था के अध्यक्ष श्री. अशोक चौधरी, अखंड भारत कवच पार्टी के पं. सुनील दत्त शर्मा, रा.स्व. संघ के श्री. देवेंद्र सक्सेना एवं अन्य हिन्दुत्वनिष्ठ उपस्थित थे ।

जयपुर के साधक दंपति, श्री. राजकुमार भार्गव (आयु ७२ वर्ष) और श्रीमती कुसुम भार्गव (आयु ७१ वर्ष) हुए जीवन-मुक्त !

(बाएं से) श्रीमती कुसुम भार्गव,
पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे एवं श्री. राजकुमार भार्गव
     जयपुर (राज.) - यहां ४ अप्रैल को एक अनौपचारिक भावसत्संग में पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने श्री. राजकुमार भार्गव और श्रीमती कुसुम भार्गव का ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर घोषित किया । भार्गव दंपति ने साधना के प्रति लगन, प्रेमभाव, दूसरों का विचार, अटूट श्रद्धा, सुनने एवं स्वीकारने की वृत्ति, निरपेक्षभाव, त्याग एवं संपूर्ण समर्पण इत्यादि गुणों के कारण यह स्तर प्राप्त कर, जन्म-मृत्यु के फेरे से मुक्त हो गए ।

साधकों के लिए सूचना और पाठकों, हितैषियों तथा धर्माभिमानियों से विनती !

अपरिचित व्यक्ति को अपने खाते की जानकारी न दें !
१. एक अपरिचित व्यक्ति का साधक को चल-दूरभाष कर कहना कि अधिकोष (बैंक) के मुख्य कार्यालय से बोल रहा हूं; ए.टी.एम. कार्ड की जांच के लिए अपने कार्ड का क्रमांक बताइए : कुछ दिन पहले एक साधक के ए.टी.एम. (ATM) कार्ड की ३ वर्ष की समयमर्यादा समाप्त होने पर, उसने अधिकोष (बैंक) से नया ए.टी.एम. कार्ड लिया था । सप्ताह भर पश्‍चात एक अपरिचित ने उसे चल-दूरभाष पर संपर्क कर कहा, मेरा नाम दीपक शर्मा है । मैं आपके अधिकोष के मुख्य  ए.टी.एम. कार्यालय से बोल रहा हूं । आज आपके ए.टी.एम. कार्ड की जांच (वेरिफिकेशन) का अंतिम दिन है, अन्यथा आपका खाता बंद कर दिया जाएगा । अपना ए.टी.एम. क्रमांक बताइए । फिर आपको अधिकोष से लघुसंदेश मिलेगा ।

हिन्दी भाषा में प्रवीण ज्ञाताओं की आवश्यकता !

    सनातन संस्था धर्मप्रसार हेतु विविध ग्रंथ तथा प्रसारसामग्री की रचना करती है । उसके अंतर्गत ग्रंथ, नियतकालिक, पंचाग, प्रसारपत्रक, लेख आदि में उपयोग किए गए लेखन की जांच करनेवाले हिन्दी भाषा के जानकार व्यक्तियों की आवश्यकता है । हिन्दी भाषा का ज्ञान रखनेवाले, प्रचलित शब्दों की जानकारी रखनेवाले तथा संगणक का ज्ञान रखनेवाले साधक अथवा जिज्ञासु यह सेवा कर सकते हैं । यह सेवा सनातन के रामनाथी आश्रम में पूर्णकालिक रहकर / घर पर रहकर भी की जा सकती है ।
(सूचना : साधक संपर्क करते समय जनपदसेवक / उत्तरदायी साधकों के माध्यम से संपर्क करें । जनपदसेवक प्राथमिक स्तर पर उक्त सूत्रों का अध्ययन कर संपर्क करें, तो सुविधाजनक होगा ।)   
संपर्क हेतु नाम एवं इ-मेल पता : कु. युवराज्ञी शिंदे, hvseva@gmail.com, संपर्क क्रमांक : ०८४५१००६०६८

साधकों को सूचना एवं पाठकों से विनती !

सनातन प्रभात नियतकालिक मिलनेके संदर्भ में अडचनें आने पर तुरंत सूचित करें !
 कुछ जनपदों के साधकों तथा बाहर के वितरकों द्वारा; पाठकों को सनातन प्रभात नियतकालिक समय पर वितरित न करना, कुछ नियतकालिक एक साथ देना, सदस्यता आवेदन-पत्र अनुचित पद्धति से भरने से पाठकों को अयोग्य नियतकालिक मिलना (उदा. मराठी साप्ताहिक के स्थान पर कन्नड साप्ताहिक मिलना), नूतनीकरण समयमर्यादा में न करने से नियतकालिकों में खंड पडना, वसूली समय पर न करना जैसी गंभीर चूकें हो रही हैं । पाठकों को उपर्युक्त प्रकार की अथवा अन्य किसी भी प्रकार की अडचनें आ रही हों, तो वे निम्न सूची अनुसार अपने जनपद के स्थानीय साधकों से कृपया तत्काल संपर्क करें ।

धर्मसत्संग की वीसीडी का प्रसारण

    विविध राज्यों में (उत्तर भारत, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक) स्थानीय केबल नेटवर्क द्वारा सनातन संस्था चेन्नई तथा हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा निर्मित हिन्दी धर्मसत्संग की वीसीडी का प्रसारण हो रहा है । ९२,४७,५०० से अधिक दर्शक इसका लाभ ले रहे हैं ।

सनातन के उपवर साधक

३६ वर्षीय प्रथम वर, हिन्दू महार (नवबौद्ध), गेहुआ वर्ण, ऊंचाई : ५ फुट ११ इंच, शिक्षा : बी.कॉम, पुणे में एक निजी प्रतिष्ठान में नौकरी
अपेक्षा : अनुरूप, साधना में रुचि रखनेवाली, प्रथम वधु / विधवा / संबंधविच्छेद, जाति का बंधन नहीं । संपर्क : ९५६१०८००३०
२९ वर्षीय प्रथम वर, गौर वर्ण, ऊंचाई  : ६ फुट, शिक्षा : एम.बी.ए, निजी व्यवसाय, अपेक्षा : सुंदर, सुशील वर अनुरूप साधिका । संपर्क : ९४३११२१७७६, ९२३४५६७८७९