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धर्मजागृति, हिंदू-संगठन एवं राष्ट्ररक्षा हेतु साधकोंद्वारा साधनास्वरूप आर्थिक हानि सहते हुए भी चलाया जानेवाला एकमात्र मासिक !
जनवरी २०१५

प.पू. डॉ. आठवलेजीका सन्देश

सनातन प्रभातके तेजस्वी विचार धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना करेंगे !
(प.पू.) डॉ. जयंत बाळाजी आठवले
भारतमें अनेक नियतकालिक हैं; परन्तु सनातन प्रभात जैसा चैतन्यपूर्ण और ज्वलन्त एक भी नियतकालिक नहीं है ! सनातन प्रभात, साधकोंकी तपस्यासे निर्मित ब्राह्मतेज और क्षात्रतेजकी धधकती विचाररूपी ज्वालाआेंका यज्ञकुण्ड है । इस यज्ञकुण्डकी विचाररूपी ज्वालाएं अध्यात्मके तेजसे परिपूर्ण हैं । इनमें समाज, राष्ट्र और हिन्दू धर्मके हितका दृष्टिकोण है, हिन्दू धर्मकी शिक्षा है, उज्ज्वल चरित्र निर्माण करनेवाले संस्कार हैं और क्षात्रवृत्ति जगानेवाले तेजस्वी विचार हैं । ये धधकती ज्वालाएं भारतके कोने-कोनेमें धर्मक्रान्तिका सन्देश फैलाएंगी, धर्मद्वेषियोंको भस्मसात करेंगी और धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना करेंगी !
- (प.पू.) डॉ. जयंत बाळाजी आठवले, संस्थापक सम्पादक, सनातन प्रभात नियतकालिक

जुआ यन्त्रके माध्यमसे भगवान शिवका अनादर

हिन्दुआेंद्वारा संतप्त प्रतिक्रिया व्यक्त

वाराणसीमें सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. कामेश्‍वर उपाध्यायजीके शुभहस्तों हिन्दी भाषाके सनातन पंचांग २०१५ की एण्ड्रॉईड प्रणालीका प्रकाशन

    वाराणसी (उ.प्र.) - हिन्दी भाषाके सनातन पंचांग २०१५ के एण्ड्रॉईड प्रणालीका लोकार्पण सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं साहित्याचार्य तथा अखिल भारतीय विद्वत् परिषदके राष्ट्रीय महासचिव डॉ. कामेश्‍वर उपाध्यायजीके शुभहस्तों हुआ । यह कार्यक्रम यहांंके बजरडीहामें उनके निवासस्थलपर सम्पन्न हुआ    । उन्होंने कहा, भारतीय पंचांग कल्पव्यवस्था एवं युगव्यवस्था से जोडी गई है । अत: जितने अधिक पंचांगके प्रकाशन होंगे, विश्‍वको उतना ही अधिक लाभ होगा !

गोवाके सनातन आश्रममें श्री अनंतानंद साईश, प.पू. भक्तराज महाराज और प.पू. रामानंद महाराजकी पादुकाआेंका दर्शन समारोह सम्पन्न !

सनातनके वाराणसी सेवाकेन्द्रमें योगतज्ञ दादाजी वैशंपायनका सम्मान समारोह भावपूर्ण वातावरणमें सम्पन्न !

योगतज्ञ दादाजी वैशंपायनका सम्मान करते हुए
सनातन संस्थाके सातवें सन्त पू. पद्माकर होनपजी
    वाराणसी (उ.प्र.) - यहां २० दिसम्बरको कृतज्ञता सम्मान समारोहका आयोजन किया गया था । इसमें योगतज्ञ दादाजी वैशंपायनका  भक्तपरिवार तथा सनातनके साधकोंकी अनुभूति कथनके उपरान्त  सनातनके सन्त पू. पद्माकर होनपजीने योगतज्ञ दादाजीका सम्मान किया । योगतज्ञ दादाजीके सुपुत्रों एवं पुत्रवधुआेंके साथ ही उनके भक्तगणोंको भी सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रममें साधकोंको मिला योगतज्ञ दादाजीका कृपाशीर्वाद !
इस अवसरपर योगतज्ञ दादाजीने अपने गुरु प.पू. आनंदस्वामीके शिष्य प.पू. नरेंद्र महाराज (आयु ९२ वर्ष) (वर्तमानमें हिमालयमें साधनारत) द्वारा ३२ वर्ष जपके लिए प्रयुक्त रुद्राक्षमालाके मणि आशीर्वादके रूपमें दिए ।

जिला परिषदके कार्यक्षेत्रमें प्लास्टिकके राष्ट्रध्वजोंके उपयोगपर प्रतिबन्ध ! - ग्रामविकास एवं जलसंधारण विभाग

    पुणे (महाराष्ट्र) - गणतन्त्र एवं स्वतन्त्रतादिवसके निमित्तसे बिक्री हुए प्लास्टिकके राष्ट्रध्वज रास्तेपर पडे हुए मिलते हैं । इससे राष्ट्रध्वजका अपमान होता है । इसके विरोधमें हिन्दू जनजागृति समितिने उच्च न्यायालय, मुंबईमें याचिका प्रस्तुत की । उसपर उच्च न्यायालयने क्षेत्रीय स्तरपर अधिकारियोंको मार्गदर्शक सूचना देनेके आदेश दिए । राज्यके ग्रामविकास और जलसंधारण विभागने आदेश दिया कि  जिला परिषदके कार्यक्षेत्रमें प्लास्टिकके राष्ट्रध्वजका उपयोग न हो, इसके लिए जिला परिषद एवं ग्रामपंचायतको विशेष ध्यान रखना चाहिए । उसमें समितिकी याचिकाके उल्लेखके साथ कहा, स्थानीय स्वराज्य संस्थाआेंको इस विषयमें व्यापक प्रचार करना चाहिए ।

विशेष सम्पादकीय

हिन्दू राष्ट्र : कालकी आवश्यकता ! 
    इस माहमें सनातन प्रभातकी १६ वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है, यह हमारे लिए गौरवपूर्ण बात है । हमारे लिए हिन्दू राष्ट्र- स्थापनाका उदात्त ध्येय रखकर सनातन प्रभात अपने नामके अनुरूप ही हिन्दू समाजमें नवचेतना जगानेका प्रयास करता रहा है । सनातन प्रभातका प्रकाशन करना, यह हमारे लिए व्यवसाय न होकर, वह हिन्दू राष्ट्र-स्थापनाके लिए अंगीकृत किया गया एक व्रत है । समाजको क्या चाहिए, इसकी अपेक्षा वर्तमान स्थितिमें समाजके लिए क्या आवश्यक है, यह भांपकर उस अनुरूप दिशादर्शन करना, यह सनातन प्रभातका निरालापन है ।

राईका बना पहाड

    कुछ समय पूर्व धर्म-परिवर्तनके विषयपर संसदमें कोलाहल मचा । सभी दल शासनके विरुद्ध उठ खडे हुए । प्रकरण शुरू हुआ आगराके थाना सदर अन्तर्गत देवरी रोडपर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघकी शाखा धर्म जागरण समन्वय विभाग तथा बजरंग दलद्वारा संयुक्तरूपसे आयोजित, पुरखोंकी घरवापसी कार्यक्रमसे । इस कार्यक्रममें ६० मुस्लिम परिवारोंके २५० सदस्योंका शुद्धिकरण किया गया । यहां ध्यान रखनेवाली बात यह है कि कार्यक्रम धर्म-परिवर्तनका नहीं शुद्धिकरणका था । शुद्धिकरण प्राचीन समयसे चल रहा है ।

मुसलमानोंके शुद्धिकरणका बतंगड बनानेवालो, क्या आप हिन्दुआेंको भ्रष्ट किए जानेके इस काले इतिहासको नहीं जानते ?

ईसाईकृत धर्म-परिवर्तनके लिए मिलनेवाली विदेशी आर्थिक सहायता !
अ. वर्ष २००८ में केन्द्रीय गृह मन्त्रालयके ब्यौरेके अनुसार पाद्री, धर्मप्रसारक तथा अन्य धार्मिक कृत्योंके लिए २ करोड १० लाख डॉलर्सकी (भारतीय मुद्रास्फितीनुसार अनुमानतः ९० करोड रुपयोंकी) विदेशी सहायता मिलती है । - श्री. पी.सी. डोग्रा, निवृत्त अधिकारी, भारतीय पुलिस सेवा.
आ. मार्च २००९ के केन्द्रीय गृह मन्त्रालयके अनुसार हिन्दुस्थानमें कुछ ईसाई स्वयंसेवी संस्थाआेंको लाखों डॉलर्सकी विदेशी सहायता मिलती है ।

बांग्लादेशमें हिन्दुआेंकी बस्तीपर आक्रमण

 दुर्गादेवीका मन्दिर ध्वस्त, १४ हिन्दू गम्भीररूपसे घायल
    ढाका (बांग्लादेश) - यहांके बारीसाल जनपदके दोनाराकंदी गांवमें १ दिसम्बरको वैष्णव सभा कार्यक्रमके निमित्त एकत्र हुए हिन्दू परिवारोंपर रातमें ७ बजे ४० से ५० कट्टरपन्थियोंने सशस्त्र आक्रमण किया । इस आक्रमणमें कट्टरपन्थियोंने हिन्दुआेंके २ घर और दुर्गादेवीका मन्दिर ध्वस्त किया । इसमें १४ हिन्दू गम्भीररूपसे घायल हुए । (ऐसा समाचार क्या कभी भारतकी मस्जिदोंके सन्दर्भमें सुना है ?  - सम्पादक)

अल्लाहकी निन्दा करनेके अभियोगमें पाकिस्तानी अभिनेत्री वीणा मलिकसहित चार लोगोंको २६ वर्षका कारावास !

मुसलमानबहुल पाकमें मुसलमानोंकी धार्मिक भावना आहत करनेवालोंको
कारावास, तो हिन्दूबहुल भारतमें हिन्दुआेंकी धार्मिक भावना आहत करनेवालोंको
प्रोत्साहन दिया जाता है, यह स्थिति बदलने हेतु हिन्दू राष्ट्र ही चाहिए !
    इस्लामाबाद (पाकिस्तान) - अल्लाहकी निन्दाजनक कार्यक्रम प्रदर्शित करनेके प्रकरणमें पाकके आतंकवादविरोधी न्यायालयने अभिनेत्री वीणा मलिक, पति असद बशीर, जिओ टी.वी.के स्वामी मीर शकील-उर्-रेहमान तथा कार्यक्रमकी निवेदिका शाईस्ता वाहिदीको २६ वर्षके कारावासका दण्ड सुनाया है ।

२५० से अधिक धर्मान्तरित मुसलमानोंका हिन्दू धर्ममें पुनर्प्रवेश !

कुछ धर्मान्तरितोंको हिन्दू धर्ममें पुनर्प्रवेश देनेसे संसदमें
हंगामा मचानेवाले जनप्रतिनिधि मुसलमानों और ईसाइयोंद्वारा हिन्दुआेंके
होनेवाले धर्मपरिवर्तनके विषयमें एक शब्द भी नहीं बोलते !
विरोधकोंका संसदमें हंगामा !
हिन्दू धर्ममें पुनर्प्रवेश करते समय यज्ञमें हवन करते हुए धर्मान्तरित मुसलमान
    आगरा (उ.प्र.) - यहांपर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघका धर्मजागरण समन्वय विभाग और बजरंग दलने पुरखों की घरवापसी, इस नामसे आगरामें ८ दिसम्बरको इस कार्यक्रमका आयोजन किया था। इस अवसरपर लगभग ६० मुसलमान परिवारोंको (२५० से अधिक मुसलमान) हिन्दू धर्ममें विधिवत् पुनर्प्रवेश दिया गया ।

Hindujagruti.org

भगवान श्रीकृष्णकी कृपासे हिन्दू जनजागृति समितिके
वेबसाइटका धर्मप्रसारका कार्य तीव्र गतिसे बढ रहा है !
१. समितिके जालस्थलने (वेबसाईटने) ७ वर्षोंके अपने इतिहासमें एक माहमें प्रथम बार आठ लाख पाठकसंख्याका महत्त्वपूर्ण चरण पार किया !
    हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने हेतु कटिबद्ध एवं वैश्‍विक स्तरपर हिन्दुत्वका व्यापक प्रसार करनेवाली हिन्दू जनजागृति समितिके जालस्थलको नवम्बर २०१४ में बडी मात्रामें पाठकसंख्या मिली । पूरे विश्‍वसे ८ लाख ४ सहस्र ६२४ लोगोंने जालस्थलका अवलोकन किया। विशेषरूपसे देंखे तो, समितिके हिन्दी जालस्थलपर ६३ प्रतिशत पाठक हैं तथा यह संख्या लगभग ५ लाखसे अधिक है ।

हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए प.पू. डॉक्टरजीकी ब्राह्मतेज और क्षात्रतेजसे युक्त सन्तों एवं साधकोंकी धर्मसेना !

(पू.) डॉ. वसंत बाळाजी आठवले
भगवान् श्रीकृष्ण जानते थे कि महाभारतका युद्ध अटल है । कौरवोंके पक्षमें भीष्माचार्य, द्रोणाचार्य, कर्ण, अश्‍वत्थामा जैसे अजिंक्य योद्धा थे, तो पाण्डवोंके पक्षमें उनके समतुल्य केवल अर्जुन अकेला योद्धा था । अतः पूर्वतैयारीके रूपमें अर्जुनको नए अस्त्र सिखानेकी आवश्यकता थी । उन्होंने अर्जुनकी पूर्वतैयारी इस प्रकार करवाई :

हिन्दुओे, देवताआेंका अनादर करनेवाले चलचित्रों और नाटकोंका वैध मार्गसे विरोध कर समाजऋण चुकानेका प्रयत्न करें !

(पू.) श्री. सत्यवान कदम
देवताआेंका अनादर करनेवाले और सामाजिक दायित्वहीन चलचित्र एवं नाटक, वर्तमानमें अनेक चलचित्रों तथा नाटकोंके माध्यमसे देवताआेंका अनादर किया जाता है अथवा जातीय तनाव निर्माण हो, ऐसे प्रसंग दिखाए जाते हैं । नाटक अथवा चलचित्रोंकी निर्मिति करनेवालोंका उद्देेश्य केवल धन कमाना ही होता है । उनका कोई सामाजिक दायित्व नहीं रहता । इसलिए उनकेद्वारा धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं ।

पाकिस्तानमें ईशनिन्दासम्बन्धी कानूनके सन्दर्भमें कटु सत्य !

इसके विपरीत पाकिस्तानमें स्थिति भिन्न है !
   पाककी विख्यात अभिनेत्री वीणा मलिक, उसके पति और जिओ वाहिनीके स्वामी मीर शकील उर् रेहमानसहित कुल ४ लोगोंको पाकके आतंकवादविरोधी न्यायालयने पूरे २६ वर्षोंके कारावासका दण्ड सुनाया । उनपर एक कार्यक्रमद्वारा ईशनिन्दा (अल्लाहका अनादर) करनेका आरोप लगा गया था । पाकमें ईशनिन्दा करना, देशद्रोहसे भी भयंकर अपराध माना जाता है । पाकमें ईशनिन्दाका अर्थ है मृत्युको आमन्त्रित करना । पाकके इस कानूनसम्बन्धी संक्षेपमें जानकारी लेंगे !

प.पू. दादाजीकी भक्त श्रीमती वृषालीजी पुसाळकरद्वारा रचित काव्यसुमन

कृपा हो गई दादाजीकी, आ पहुंचे काशीनिवास ।
सत्संग खूप मिल गया, वो भी बिना प्रयास ॥
उपस्थित दादाजी और, सामने शिवयाग अनुपम ।
तृप्त हो गए सभी देवगण, अग्निदेवने दिए स्वयं दर्शन ॥
मन आनंदसे भर गया, कष्ट बिल्कुल भी न बचा ।
कहनेको शब्द नहीं, आदरातिथ्य यहांका सच्चा ॥
रहता है ईश्‍वरसे सान्निध्य, एक दिलसे करते आचरण ।
विनयशील नम्र, मृदुभाष है यहांके सभी साधकगण ॥
गुरु पास नहीं हैं इनके, फिर भी गुरु आज्ञा है प्रमाण ।
गुरुदर्शन लाभ क्वचित, न शिकायतका यह कारण ॥
नाम जपते हृदय निरंतर, होत अंतःकरण स्थिर ।
सूक्ष्म रूपमें गुरुसान्निध्य, अनुभव करते हैं बार-बार ॥
सेवाभाव देखकर इनका, हुए दादाजी संतुष्ट ।
आनन्दके साधक, इच्छित करते हैं आपका इष्ट ॥

योगवर्ग और आध्यात्मिक उन्नति - एक प्रस्तावना

    आजकल सम्पूर्ण विश्‍वमें योगवर्ग एवं योगाभ्यास करना बहुत लोकप्रिय हो रहा है । अनेक योगाभ्यास वर्गोंमें हमारे प्राचीन योगियोंद्वारा विकसित अनेक योगमुद्राएं (आसन) एवं श्‍वसन व्यायाम (प्राणायाम) सिखाए जाते हैं जिनसे हमारे शरीरमें विद्यमान प्राणशक्तिका नियमन होता है।

अमेरिकाके 'न्यूयॉर्क टाइम्स' समाचार-पत्रमें नटराजका अनादर !

हिन्दुओं के आराध्य नटराज की भूमिकामे
मानव (मोदी )को दिखाकर किया देवताका अनादर
     मुंबई (महाराष्ट्र) - अमेरिकासे प्रकाशित होनेवाले न्यूयॉर्क टाइम्स समाचार-पत्रमें प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदीजीको एक व्यंग्यचित्रमें हिन्दुओंके देवता नटराज की भूमिकामें दर्शाकर देवताका अनादर किया गया है । यह बात कुछ धर्माभिमानियोंने हिन्दू जनजागृति समितिके ध्यानमें लायी।

मस्जिदके अवैध निर्माणकार्यपर प्रतिबन्ध लगानेके लिए पुलिसके विरोधकी उपेक्षा कर हिन्दुओंद्वारा भव्य रोषयात्रा

अवैध निर्माणकार्यपर कार्यवाही करने हेतु जनताको
रोषयात्राका आयोजन करनेके लिए बाध्य करनेवाला विश्‍वका एकमात्र देश भारत !
रोषयात्रामें सम्मिलित धर्माभिमानी हिन्दू
    नई मुंबई - ऐरोलीके दत्ता मेघे महाविद्यालयके निकट मस्जिदका अवैध निर्माणकार्य किया गया है । उसके विरोधमें यहांके हिन्दुओंने २५ नवम्बरको भव्य रोषयात्राका आयोजन कर रोष व्यक्त किया । पुलिसने अप्रत्यक्ष रूपसे इस रोषयात्राका विरोध किया; किन्तु हिन्दुओंने उनकी ओर अनदेखा किया ।

आतंकवादियोंद्वारा भारतीय सेनापर आक्रमण १ सैनिक हुतात्मा, ३ आतंकवादी ढेर !

आतंकवादियोंको बंकरमें घुसने देनेवाले पाक सेनासे कैसे लडेंगे ?
    श्रीनगर (कश्मीर) - यहांके अरनिया भागमें भारतीय सेनाके एक खाली बंकरको आतंकवादियोंने नियन्त्रणमें लेकर भारतीय सेनापर आक्रमण किया । भारतीय सेनाने भी आतंकवादियोंको कडा उत्तर दिया । इसमें एक भारतीय सैनिकको वीरगति प्राप्त हुई तथा ३ आतंकवादी मारे गए ।
    आतंकवादियोंद्वारा आक्रमणके समय ही सीमापारसे पाकिस्तानी सेनाने भी भारतीय सेनाकी चौकियोंपर गोलीबारी आरम्भ कर दी । (इससे स्पष्ट होता है कि आतंकवादियों और पाक सेनाने मिलकर सुनियोजित ढंगसे यह आक्रमण किया था । अब सरकार, इस दोहरे संकटसे कैसे निबटेगी ? - सम्पादक)

ईसाई शिक्षा संस्थाका हिन्दूद्वेषी उपक्रम !

हिन्दुआेंका धर्मान्तरण करें और पीएच.डी प्राप्त करें !
   बेंगलुरू (कर्नाटक) - यहांकी साउथ एशिया इन्स्टिट्यूट ऑफ एडवान्स्ड क्रिश्‍चियन स्टडीज् नामक ईसाई शिक्षा संस्थाद्वारा संचालित पाठ्यक्रम केवल इस बातपर आधारित है कि ईसाई पन्थका प्रसार कैसे हो, अर्थात अधिकाधिक धर्मान्तर कैसे हो । इस पाठ्यक्रमको मैैसूर विश्‍वविद्यालयकी मान्यता मिल गई है तथा पाठ्यक्रम पूरा करनेवालोंको इस विश्‍वविद्यालयकी स्नातकोत्तर अथवा पीएच्.डी. पदवी दी जाएगी । इस संस्थाकी सम्पूर्ण जानकारी और हस्त-पत्रक http://www.saiacs.org/Research-NorthIndia.html नामक सूचना-जालस्थलपर उपलब्ध हैं ।

मुलायम सिंह यादवके जन्मदिनके उपलक्ष्यमें उत्तरप्रदेश शासनकी ओरसे २ करोड रुपयोंकी राशि; रामपुर प्रशासनने लुटाए ३० लाख रुपए !

    रामपुर (उ.प्र.) - उत्तरप्रदेशके समाजवादी दलके सर्वेसर्वा मुलायमसिंह यादवके २२ नवम्बरको मनाए गए ७५ वें खर्चीले जन्मदिनके लिए जौहर विश्‍वविद्यालयके प्रांगणमें भव्य मण्डप बनाया गया । जन्मदिनके निमित्त लंदनसे विशेष बग्गी मंगवाई ! जन्मदिनपर मुलायम सिंहकी विन्टेज बग्गीसे ११ कि.मी.की शोभायात्रा निकाली गई । मार्गमें जगह-जगह पुष्पवृष्टि कर उनका स्वागत किया गया । इसलिए विद्यालयीन छात्रोंको मार्गके दोनों ओर खडा किया गया । जन्मदिनपर उन्होंनेे ७५ फुट ऊंचा केक भी काटा ।

पाकसे पलायन करनेवाले हिन्दू कडाकेकी ठण्डमें भी केवल भगवान-भरोसे !

   देशमें करोडों बांग्लादेशी मुसलमान घुसपैठिए इस देशके स्वामी बनकर चुपकेसे रहते हैं, तो पाकके धर्मान्ध मुसलमानोंके अत्याचारोंसे ऊबकर भारतके आश्रयमें आए हिन्दुआेंको भाजपाका शासन होते हुए भी अत्यन्त यातनामय जीवन जीना पड रहा है । हिन्दुओ, आपके धर्मबन्धुआेंकी इस दु:स्थितिको समझें और उन्हें सुरक्षित जीवन देनेके लिए शासनको बाध्य करें ! 

आतंकवादियोंद्वारा पाकमें सैनिकी विद्यालयपर आक्रमण : १२७ विद्यार्थियोंसहित कुल १६० लोगोंकी मृत्यु

इराक, सीरिया आदिके साथ अब पाकपर भी राज्य करनेका आतंकवादियोंका षड्यन्त्र है । आगे वे बांग्लादेश और भारतपर भी आक्रमण करेंगे ! इसलिए जो पाकमें हुआ है, मुझे उससे क्या लेना-देना; ऐसी धारणा अनुचित होगी ! क्या ऐसे आक्रमणोंका सामना करनेके लिए भारतीय राज्यकर्ता सिद्ध हैं ? 
     पेशावर (पाकिस्तान) - जिहादी आतंकवादियोंने पाकके कैंट परिसरके पास स्थित एक सैनिकी विद्यालयपर भीषण आक्रमण कर १२७ विद्यार्थियोंसहित कुल १६० लोगोंकी हत्या की । आतंकवादियोंने इस विद्यालयके कर्मचारी एवं विद्यार्थियोंको मिलाकर लगभग ४०० लोगोंको अपने नियन्त्रणमें रखा था । तेहरिक-ए-तालिबान नामक जिहादी आतंकवादी संगठनने इस आक्रमणका उत्तर दायित्व स्वीकारा है ।

पुलिसका कहना है कि मेहदी मन्सूर केवल आतंकवाद समर्थक है, आतंकवादी नहीं !

शब्दछल कर आतंकवादियोंका समर्थन करनेवाली पुलिस ! 
    बेंगलुरू (कर्नाटक) - पुलिसका कहना है कि इराक स्थित आईएस्आईएस् नामक जिहादी आतंकवादी संगठनके समर्थनार्थ शमी विटनेस इस नामसे ट्विटर खाता (अकाऊंट) चलानेवाला बेंगलुरूका मेहदी मन्सूर बिस्वास (आयु २४ वर्ष) केवल आतंकवाद समर्थक है, आतंकवादी नहीं। (आतंकवादियोंका समर्थन करनेवाले जिहादी भविष्यमें अवसर मिलनेपर आतंकवादी कार्यवाहियां करते हैं ! क्या पुलिस यह नहीं जानती है ? - सम्पादक)

आर्थिक प्रलोभन दिखाकर उत्तरप्रदेशके ५ हिन्दू परिवारोंका ईसाई धर्ममें धर्मान्तरण !

    कुशीनगर (उत्तरप्रदेश) - गंगुआ नामक गांवमें ५ हिन्दू परिवारोंका (२७ लोगोंका) ईसाई धर्ममें धर्म-परिवर्तन किए जानेकी घटना ११ दिसम्बरको सामने आई । तबसे धर्मान्तरित परिवारोंमेंसे अनेक लोक एकाएक लापता हो गए ।
हिन्दुआेंका धर्मपरिवर्तन करनेमें दिलीप गुप्ता नामक धर्मान्तरितका ही हाथ !
    स्पष्ट हुआ है कि इन हिन्दुआेंका धर्म-परिवर्तन करनेमें दिलीप गुप्ता नामक हिन्दूद्रोही व्यक्तिका ही हाथ है । गुप्ता यहांके मूलनिवासी हैं और व्यवसाय निमित्त वे अनेक वर्षोंसे मुंबईमें रहते हैं । वहां उन्होंने ईसाई धर्मका स्वीकार किया । तत्पश्‍चात बीच-बीचमें गांव जाकर उन्होंने गांवके लोगोंको आर्थिक तथा अन्य प्रलोभन दिखाकर उनका धर्म-परिवर्तन किया । धर्मान्तरितोंमेंसे एक श्रीकिशनकी पत्नीने भी इस बातका समर्थन किया । श्रीकिशन और उनकी पत्नीने अब हिन्दू धर्ममें लौटनेका निश्‍चय किया है । यह घटना जब हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनोंको ज्ञात हुई तो उन्होंने धर्मांतरितोंके शुद्धिकरण की ठान ली है ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवले द्वारा संकल्पित अध्यात्म विश्‍वविद्यालय (संक्षिप्त कार्यपरिचय एवं विशेषताएं)

तक्षशिला, नालंदा आदि विश्‍वविद्यालयोंके समान प्रमाणित भावी अध्यात्म विश्‍वविद्यालय आध्यात्मिक अनुसन्धान (शोध) एवं हिन्दू धर्मप्रसार हेतु प्रतिबद्ध होगा । इस विश्‍वविद्यालयकी विशेषताएं और कार्य जाननेके लिए यह ग्रन्थ अवश्य पढें और इस विश्‍वविद्यालयके निर्माण-कार्यमें योगदान दें !
  • संकलनकर्ता : परात्पर गुरु डॉ. जयंत बाळाजी आठवले
  • मूल्य : ९५ रुपए
  • पृष्ठ : ९६

बर्धमान बमविस्फोट प्रकरण

बन्दी बनाए आतंकवादीने दी जानकारी आतंकवादियोंने
एक मदरसेके विद्यार्थियोंको आतंकवादकी ओर प्रवृत्त करने हेतु किए थे प्रयत्न !
    गुवाहाटी (असम) - बर्धमान बमविस्फोट प्रकरणमें बन्दी बनाए गए शहानूर आलम उपाख्य डॉ. इलियासने अन्वेषण तन्त्रोंको जानकारी दी थी कि जमात-उल्-मुजाहिदिन बांग्लादेश (जेएम्बी) नामक आतंकवादी संगठनने लार्कूची (जनपद नलबारी) नामक ग्रामके मदरसेके विद्यार्थियोंपर जिहादी विचारधारा अंकित कर उन्हें आतंकवादी कार्यवाहियोंकी ओर प्रवृत्त करनेके प्रयत्न किए थे ।

सुप्रसिद्ध रामकृष्ण शिप रिपेअरिंग आस्थापनके मालिक एम्.वेदव्यास पै ने प्राप्त किया ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर !

श्री. एम्. वेदव्यास पै (आयु ८० वर्ष)ने ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त किया इसका मुझे भी आनन्द हुआ । व्यावसायिक होते हुए भी प्रगति करना कठिन होता है । उन्होंने यह साध्य कर सभीके सामने एक आदर्श रखा है । उनकी प्रगति ऐसी ही होती रहे, यही भगवान श्रीकृष्णके चरणोंमें प्रार्थना है ! - (प.पू.) डॉ. जयंत आठवले

देहलीके सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. जी.डी. बक्षीद्वारा सनातन आश्रमको भेंट !

डॉ. जी.डी. बक्षीजी(बाईं ओर)को सनातन प्रभातकी
जानकारी देते हुए श्री. रूपेश रेडकर
रामनाथी (गोवा) - देहलीके सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. जी.डी. बक्षीजी ने १४ दिसम्बरको रामनाथी स्थित सनातन आश्रमको सदिच्छा भेंट दी । इस अवसरपर  सनातनके साधक श्री. रूपेश लक्ष्मण रेडकरने उन्हें आश्रममें चल रहे राष्ट्र एवं धर्मके कार्यके साथ-साथ आध्यात्मिक अनुसन्धानके विषयमें जानकारी दी । आश्रममें आनेपर डॉ. बक्षी उत्स्फूर्ततासे बोले, यहां बहुत सकारात्मक स्पन्दन प्रतीत हो रहे हैं । यहांके वातावरणमें मन शान्त हो गया है । मुझे अपने गुरुके आश्रमका स्मरण हो आया ।
    सनातनके आश्रमसे निकलते समय उन्होंने आश्रमके विषयमें कहा, आश्रम अति उत्तम है ! यहां चल रहे कार्यको देखकर मैं बहुत प्रभावित हूं । आप इसी प्रकार भव्य कार्य सदैव करते रहें ।

सनातन प्रभातके पाठकोंसे अनुरोध

सनातन प्रभातको स्थानीय समाचार सूचित करें !
    सनातन प्रभात हिन्दुआेंके लिए एक  व्यासपीठ है । हिन्दूहितार्थ तथा राष्ट्र और धर्म जागृति करनेवाले आपके परिसरके समाचार सनातन प्रभातको अवश्य सूचित करें !
सनातन प्रभातको विज्ञापन देना, एक धर्मदान !
    सन्तोंको तथा राष्ट्र और धर्मकार्य करनेवालोंको अर्पण (दान) देना, एक प्रकारसे धर्मकार्यमें सम्मिलित होने जैसा ही है । सनातन प्रभातको नियमित विज्ञापन देना भी धर्मदान है !
सनातन प्रभात प्रायोजित करना, धर्मप्रसार ही है !
    आप्तजन, मित्र परिजन, परिचित, हिन्दुत्ववादी, ग्रन्थालय, सार्वजनिक मण्डल, देवालय इत्यादिको सनातन प्रभातसे अवगत कराएं और उनके लिए अंकोंके प्रायोजक बनें !

हिन्दुओ, २६ जनवरीको यह ध्यान रखें !

राष्ट्रध्वज फहराए जानेके पश्‍चात राष्ट्र्रध्वजकी हो रही अवमानना देखकर भी उसकी ओर अनदेखा कर आगे जानेवाले अस्मिताहीन हिन्दूू ! : हिन्दुओ, २६ जनवरीको १५ अगस्तकी भांति ही हम सर्वत्र राष्ट्र्रध्वज फहराते हैं । बडे-बडे भाषण देते हैं और सायंकाल होते ही राष्ट्रध्वज नीचे उतारते हैं; परन्तु दूसरे दिन राष्ट्रध्वज सडकों, नालियों तथा कूडेदानोंमें पडा दिखाई देता है । हम अपने राष्ट्र्रध्वजका सम्मान नहीं करते और देशके लिए प्राणोंका बलिदान करनेवाले क्रान्तिकारियोंके नाम भी हम भुला बैठते हैं ।
हिन्दुओ, अपने राष्ट्रध्वजका अपमान रोकें !

हिन्दू जनजागृति समितिके 'हिन्दूजागृति डॉट ओर्ग' जालस्थल (वेबसाइट)पर वीडियोे न्यूज भी उपलब्ध !

    समाज, राष्ट्र एवं हिन्दू धर्मके विषयमें सम्पूर्ण विश्‍वके हिन्दुआेंमें जागृति करनेवाले www.HinduJagruti.org  इस हिन्दू जनजागृति समितिके जालस्थलपर अब वीडियो न्यूज भी  उपलब्ध है । आगे दी गई जालस्थल की मार्गिकाआेंपर (लिंक) ये वीडियो न्यूज दर्शकोंके लिए उपलब्ध हैं ।

सनातन प्रभातके माध्यमसे ही हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना होगी ! - प.पू. दास महाराज, गौतमारण्य, सिंधुदुर्ग

प.पू. दास महाराज
समर्थ रामदास स्वामीके आशीर्वादसे जिस प्रकार छत्रपति शिवाजी महाराजने हिन्दवी स्वराज्यकी स्थापना की, उसी प्रकार प.पू. भक्तराज महाराजके आशीर्वादसे सनातन प्रभातके माध्यमसे परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना कर रहे हैं ।
१. साधक और समाजके लिए मार्गदर्शक सनातन प्रभात
    साधक एवं समाजका मार्गदर्शन कर उनका जीवन सुखी बनानेके उद्देश्यसे परात्पर गुरु डॉ. जयंत बाळाजी आठवलेजी ने सनातन प्रभातका आरम्भ किया । प.पू. गुरुदेवजीके कृपाशीर्वादसे, साथ ही सम्पादक, साधक, वितरक, विज्ञापनदाता, शुभचिन्तक और पाठकोंके सेवाभावसे सनातन प्रभात गत १५ वर्षोंसे अविरत चल रहा है ।

हॉलीवुड शब्दके उच्चार-सम्बन्धी प्रयोग तथा उनका विश्‍लेषण : हॉलीवुड शब्दका २ मिनटतक उच्चार करनेसे जो प्रतीत होता है, उसका अनुभव कर ही निम्नांकित उत्तर पढें ।

(पू.) श्रीमती योया वाले
स्थूल पंचज्ञानेंद्रियां, मन एवं बुद्धिके परेको सूक्ष्म कहते हैं । साधना करनेसे सनातनके साधकोंमें श्रद्धा एवं भक्ति बढनेसे उन्हें सूक्ष्म रूपका ज्ञान होता है और सूक्ष्मसे सम्बन्धित अनुभूतियां भी आती हैं । कुछ साधकोंके अन्तर्चक्षु जागृत होते हैं, अर्थात उन्हें वह दिखाई देता है, जो सामान्य आंखें नहीं देख पातीं । कुछ साधकोंको किसी विषयपर जो प्रतीत होता है और अन्तर्चक्षुआेंसे जो दिखाई देता है, उसे वे कागजपर चित्रके रूपमें उतारते हैं, जिन्हें सूक्ष्म-ज्ञानसम्बन्धी चित्र कहते हैं । उसी प्रकार किसी घटना अथवा प्रक्रियाके विषयमें चित्त (अन्तर्मन)को जो प्रतीत होता है, उसे सूक्ष्म-परीक्षण कहते हैं । (पू.) श्रीमती योया वालेद्वारा किया गया सूक्ष्म-परीक्षण आगे दे रहे हैं ।

राष्ट्रव्यापी आन्दोलनोंकी चिंगारी सनातन प्रभात

  • हिन्दुआेंके  देवताआेंके  नग्न चित्र बनानेवाले म.फि. हुसेन  का हिन्दूद्वेष सर्वप्रथम उजागर किया !
  • एन्सीईआर्टीद्वारा किया गया पाठ्यपुस्तकोंसे इतिहासका विकृतिकरण समाजके सामने लाया !
  • अंधश्रद्धा-निर्मूलन समिति (अंनिस)के धर्मविरोधी कृत्योंको उजागर किया !
सनातन प्रभात : केवल समाचार छापनेवाला नहीं, अपितु उसे निर्माण करनेवाला 
सनातन प्रभातमें धर्मजागृतिपर लेखोंको महाराष्ट्र एवं कर्नाटकके १२१ दैनिक, २८ साप्ताहिक, ५ पाक्षिक एवं ७ मासिकोंमें प्रकाशित किया जाता है !

सनातन प्रभातका उद्देश्य

भारतके २२ राज्योंमें पहुंचनेवाला नियतिकालिक !
  • हिन्दुआेंको धर्मशिक्षा देना एवं धर्म हेतु संगठित होनेकी दिशा देना
  • राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृतिकी रक्षा हेतु हिन्दुआेंमें जागृति करना
  •  धर्मद्रोही विचारोंका खण्डन करना
  •  राष्ट्र-धर्म रक्षाका वैध मार्ग बताना
  • हिन्दू राष्ट्र-स्थापना हेतु दिशा देना

समर्थके माध्यमसे आदर्श समाजरचना एवं राष्ट्ररचनाका दृष्टिकोण देकर निद्रित समाजका प्रबोधन करनेवाली सनातनकी पत्रकारिता !

     सनातन प्रभातमें सभी नियतकालिकोंमें सामान्यत: पाए जानेवाले व्यंग्यचित्र देनेकी अपेक्षा, जनजागरण हेतु प्रबोधनकारी बोधचित्र प्रकाशित किए जाते हैं । इनका उद्देश्य दीन-हीन जनताकी स्थिति दिखाना अथवा शासनको कोसना नहीं; अपितु बलवान राष्ट्र हेतु समर्थ जनता गढना है । इसलिए प्रचलनके विपरीत जनताका प्रतीक दीन-हीन नहीं; समर्थ दर्शाया गया है । समर्थके माध्यमसे वर्तमान स्थितिमें कल्याणकारी आदर्श राष्ट्र की रचना करने तथा सुशासनके लिए जनता तथा शासनको मिलकर क्या करना चाहिए, यह बताया जाता है ।

सन्तसन्देश

आजके इस कलियुगमें भी आप अपने साधकोंके साथ
यह ईश्‍वरीय कार्य प्रतिकूल परिस्थितियोंमें कर रहे हैं, यह बहुत गौरवपूर्ण बात है ।
योगतज्ञ प.पू. दादाजी वैशंपायन
    सनातन संस्थाकी उत्तरोत्तर प्रगति और विकास हो । इस भूतलपर आपका कार्य बिना किसी कठिनाईके भगवान श्रीकृष्ण और श्री गुरुदेव दत्तकी कृपासे सुचारुरूपसे एवं अखण्ड जारी रहे, ऐसी प्रार्थना मैं भी सर्वेश्‍वरसे करता हूं । हम सभी ऐसी प्रार्थना करेंगे कि इस संस्थाका कार्य महत्सेवाभावी प.पू. डॉक्टरजीकी उपस्थितिमें प्रदीर्घ कालतक चलता रहे । मैं इस संस्थाका अखण्ड हितैषी हूं, शुभ ! - योगतज्ञ प.पू. दादाजी वैशंपायन

सनातन प्रभातद्वारा अंगीकृत उच्च आध्यात्मिक विचारधारा ही सनातन प्रभात और अन्य समाचार-पत्रोंमें मूलभूत भेद !

    सनातन प्रभातकी सेवा करते समय साधकोंको आनन्द मिलता है । १२-१३ घण्टोंतक सेवा करनेपर भी उत्साह बना रहता है । इसके विपरीत अन्य समाचार-पत्रोंके कर्मचारियों और अधिकारियोंको कभी-कभी जॉब सैटिस्फैक्शन नहीं मिलता । ८ घण्टोंकी नौकरी किसी प्रकार निबटायी जाती है । सनातन प्रभातके साधकोंको आनन्द मिलनेका कारण यह है कि सनातन प्रभातद्वारा अंगीकृत उच्च आध्यात्मिक सिद्धान्त । इससे साधक कठिनाईयोंका सामना धैर्यपूर्वक कर पाते हैं । रुचि-अरुचिको अनदेखी कर, जो मिले उस सेवाका आनन्द लेते हैं । साधकोंकी साधना होनेसे वे ईश्‍वरका सान्निध्य अनुभव कर सकते हैं । लोकेषणाके लिए विचित्र हावभाव कर बोलनेवाले अहंकारसे परिपूर्ण अन्य समाचारपत्रिकाआेंके अनेक सम्पादकोंको देखनेपर भान होता है कि इस क्षेत्रमें रहकर भी ईश्‍वरने किस प्रकार अपनी पलकोंपर बिठाकर रखा है ।

सन्तसन्देश

हिन्दुओ, सनातन प्रभातके सक्रिय पाठक होकर
हिन्दू राष्ट्र-स्थापनाके कार्यमें सम्मिलित हो जाएं !
- (पू.) श्री. पृथ्वीराज हजारे, भूतपूर्व समूह सम्पादक, सनातन प्रभात
(पू.) श्री. पृथ्वीराज हजारे
    हिन्दू राष्ट्र स्थापनाकी तडपसे प्रेरित सनातन प्रभात नियतकालिक दैनिक घटनाआेंके सन्दर्भमें हिन्दुआेंको उचित दृष्टिकोण देता है, साथ ही क्रियाशील हिन्दुत्व अपनानेके लिए हिन्दुत्ववादियोंको प्रेरित करता है । सनातन प्रभात केवल व्यक्तिगत कार्यपर बल नहीं देता, अपितु उसे ईश्‍वरीय अधिष्ठान प्राप्त करवानेकी ओर अधिक ध्यान देता है । इसीलिए सनातन प्रभात हिन्दुत्ववादियोंके राष्ट्रकार्यको साधनाका बल देनेका कार्य भी कर रहा है ।

सनातन प्रभातकी चैतन्यमय एवं प्रखर सीखका सार ब्राह्मतेज एवं क्षात्रतेज !

      ब्राह्मतेजसे हिन्दू समाज नीतिवान, धर्मनिष्ठ एवं आत्मबलसम्पन्न होगा, जबकि क्षात्रतेजके कारण हिन्दू समाजपर अन्याय एवं राष्ट्रको अधोगतिकी ओर ले जानेवाली व्यवस्थाआेंके विरुद्ध लडनेका बल मिलेगा । ब्राह्मतेज एवं क्षात्रतेज यह सनातन प्रभातकी सीखका सार तथा धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र-स्थापनाकी नींव है । - प.पू. डॉ. आठवले, संस्थापक सम्पादक, सनातन प्रभात.

सनातन प्रभातको प्राप्त पुरस्कार !

शिवसेनाध्यक्ष श्री. उद्धव ठाकरेके शुभहस्तों
'उत्कृष्ट मराठी दैनिक २०१२ पुरस्कार'

हिन्दुआेंमें जागृति लाने हेतु सनातन प्रभातकी आवश्यकता है ! - अधिवक्ता अशोक कुमार केशरी

  वर्तमानमें सर्वत्र जो धर्मविरोधी कृत्य हो रहे हैं, उनका प्रतिकार करनेका कार्य हिन्दुत्वादी पत्रिका सनातन प्रभातके माध्यमसे जन-जन तक पहुंचानेका अवतारी कार्य प.पू. डॉ. जयंत आठवलेजी कर रहे हैं । हर बार जब-जब धर्मपर ग्लानि आती है तब-तब सन्तोंके माध्यमसे ईश्‍वर ही कार्य करता है । हिन्दुओंमें जागृति करनेके लिए सनातन प्रभात जैसी पत्रिकाओंकी आवश्यकता है

धर्म एवं राष्ट्र निष्ठा जागृत करनेवाले सनातन प्रभातके सम्बन्धमें पाठकोंके अभिमत

सनातन प्रभातसे मिली त्यौहार मनाने और धार्मिक कृत्य करनेकी जानकारी
१. सनातन प्रभातके कारण सभी त्यौहारोंकी अध्यात्मशास्त्रीय जानकारी हमें प्राप्त होती है । - डॉ. जे.पी. गुप्ता, शिवपुर, वाराणसी तथा श्रीमती सोनी चौरसिया एवं श्रीमती कंचन चौरसिया, धनबाद.
२. सनातन प्रभातके माध्यमसे पूजा, त्यौहार एवं उनके पीछेका अध्यात्मशास्त्रीय दृष्टिकोण, साधना सम्बन्धी जानकारी, देवी-देवताओंका हो रहा अपमान, हिन्दुओंपर हो रहे अत्याचार, लव जिहादके षड्यन्त्र एवं उसे रोकनेके विषयमें जानकारी प्राप्त होती है । यह एकमात्र पत्रिका है जो धर्म, संस्कृति एवं देशका गौरव बढानेके विषयमें जानकारी देती है । इसलिए मैं सनातन प्रभात पत्रिकाके जनक प.पू. डॉ. जयंत आठवलेजीको कृतज्ञता व्यक्त करती हूं कि उन्होंने हमारे जीवनको सनातन प्रभातके माध्यमसे नई राह दिखाई । - श्रीमती निशी अग्रवाल, लंका, वाराणसी.

रथ सप्तमी तिथि

सूर्यनारायणकी पूजा : तिथि :माघ शुक्ल सप्तमी (२६.१.२०१५)
     रंगोली अथवा चंदनसे पीढेपर सात घोडोंके सूर्यनारायणका रथ, अरुण सारथी एवं रथमें सूर्यनारायण बनाते हैं । सूर्यनारायणकी पूजा करते हैं । आंगनमें कण्डे जलाकर उनपर एक छोटेसे बरतनमें दूध तबतक उबालते हैं जबतक वह उफनकर गिरने लगे; अर्थात वह अग्निको समर्पित होनेतक रखते हैं । तत्पश्‍चात सभीको प्रसाद देते हैं ।
    व्रतके रूपमें इस दिन नमकरहित एक समय एक अन्न अथवा फलाहार किया जाता है । ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत करनेवालेको वर्षभर रविवार व्रत करनेका पुण्य प्राप्त होता है ।

गंगा नदीमें पुण्यकालमें स्नान करनेका महत्त्व एवं उससे होनेवाले आध्यात्मिक लाभ

    प्रयागके माघ मेलेमें करोडों लोग गंगास्नान करने जाते हैं । उस समय प्रत्येकके मनमें भाव रहता है कि पवित्र गंगामें स्नान करनेसे मेरे हाथों हुए जाने-अनजाने पाप धुल जाएंगे और मैं पापमुक्त होकर अच्छा जीवन जीऊंगा । गंगामें पुण्यकालपर स्नान करनेका महत्त्व तथा उससे होनेवाले आध्यात्मिक लाभ नीचे दिए अनुसार हैं ।

मकर संक्रान्ति, उत्तरायण

१. प्रकाशमय कालावधि : इस दिन यज्ञमें दिए गए द्रव्यको ग्रहण करनेके लिए वसुन्धरापर देवता अवतरित होते हैं । इसी प्रकाशमय मार्गसे पुण्यात्मा पुरुष शरीर छोडकर स्वर्गादिक लोेकोंमें प्रवेश करते हैं । इसलिए यह आलोेकका पर्व माना जाता है ।
२. तिल-चावलका महत्त्व : इस दिन भगवान शिवको तिल-चावल अर्पण करने का अथवा तिल-चावलसे अर्घ्य देनेका भी विधान है । इस पर्वपर तिलका विशेेष महत्त्व माना गया है । तिलका उबटन, तिलमिश्रित जलपान, तिलमिश्रित जलसे स्नान, तिल-हवन, तिलमिश्रित भोजन और तिल-दान ये सभी पापनाशक हैं । इसलिए इस दिन तिल, गुड तथा चीनी मिले लड्डू खाने तथा दान देने का अपार महत्त्व है ।

तेजस्वी विचारोंसे ओतप्रोत हिन्दू धर्मप्रसारक : स्वामी विवेकानंद

  • क्या वास्तवमें धर्मका कोई उपयोग है ? हां, वह मनुष्यको अमर बना देता है । उसने मनुष्यके निकट उसके  यथार्थ स्वरूपको प्रकाशित किया है और वह मनुष्यको ईश्‍वर बनाएगा । यह है धर्मकी उपयोगिता । मानव-समाजसे
  • धर्म पृथक कर लो, तो क्या रह जाएगा ? कुछ नहीं, केवल पशुआेंका समूह ।
  • नि:स्वार्थता ही धर्मकी कसौटी है । जो जितना अधिक नि:स्वार्थी है, वह उतना ही अधिक आध्यात्मिक और शिवके समीप है ।

कश्मीरी हिन्दू विस्थापनदिन

कश्मीरी हिन्दुआेंपर अत्याचारसम्बन्धी छायाचित्र-प्रदर्शनीका आयोजन करें !
  •  ९३ सहस्र कश्मीरी हिन्दुआेंका संहार
  •  सैकडों मन्दिर एवं मूर्तिका विध्वंस
  •  साढेचार लाख हिन्दुआेंका विस्थापन
  •  सहस्रों हिन्दू स्त्रियोंपर बलात्कार
... इस दयनीय स्थितिको उजागर करना, हिन्दुआेंका धर्मकर्तव्य ही है ।

रासबिहारी बोस स्मृतिदिन२१ जनवरी, १९४५

रासबिहारी बोस
    रासबिहारी बोसका जन्म २५ मई, १८८६ को बंगालमें बर्धमान जिलेके सुबालदह गांवमें हुआ था । वे भारतके ऐसे क्रान्तिकारी नेता थे जिन्होंने अंग्रेजोंके विरुद्ध गदर षडयन्त्र एवं आजाद हिन्द फौजके संगठनका कार्य किया । भारतमें कई क्रान्तिकारी गतिविधियोंका संचालन करनेमें उन्होंने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानेके साथ-साथ विदेशमें रहकर भी भारतको स्वतन्त्र करानेके प्रयासमें आजीवन लगे रहे । दिल्लीमें तत्कालीन वायसराय लार्ड चार्ल्स हार्डिंगपर बम फेंकने एवं गदरका षडयन्त्र रचने और तदुपरान्त जापान जाकर इण्डियन इण्डिपेण्डेंस लीग और आजाद हिन्द फौजकी स्थापना करनेमें महत्त्वपूर्ण भूमिका रही ।

गोवंशहत्या बन्दी कानून हेतु तथा धर्म-परिवर्तनके पाठ्यक्रम आरम्भ करनेवाली ईसाई संस्थाआेंपर कार्यवाही हेतु राष्ट्रीय हिन्दू आन्दोलन !

देहलीके राष्ट्रीय हिन्दू आन्दोलनमें सम्मिलित धर्माभिमानी हिन्दू
१. इंदौर (म.प्र) - केन्द्र शासन गोवंशहत्या प्रतिबन्धक कानून इस वर्ष त्वरित पारित करें तथा सर्व वैध एवं अवैध पशुवधगृह त्वरित बन्द करें, इस मांगके लिए यहांके हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनोंद्वारा २२ नवम्बरको रीगल चौकमें राष्ट्रीय हिन्दू आन्दोलन किया गया । इस आन्दोलनमें हिन्दू जनजागृति समिति, हिन्दू एकता मंच, धर्मजागरण मंच, हिन्दू महासभा, गौरक्षा दल, आर्य समाज तथा सनातन संस्था इत्यादि संगठनोंके ४० से अधिक धर्माभिमानी सम्मिलित हुए थे ।

सनातनके राष्ट्रनिर्माण कार्यकी भूमिकाकी ओर विश्‍व गौरवसे देखेगा ! - हेमंत शर्मा, सम्पादक, अन्तरराष्ट्रीय समाचारसंस्था व्यूज अराऊंड न्यूज

 श्री. हेमंत शर्माजीसे (दाईं ओर) वार्तालाप करते
हुए सनातन प्रभातके सम्पादक श्री. शशिकांत राणेजी

देहलीमें हिन्दुत्वनिष्ठोंका समितिके कार्यसे परिचय करवाने हेतु बैठक सम्पन्न !

सनातनकी ग्रन्थ-प्रदर्शनीका अवलोकन करते हुए धर्माभिमानी

वाराणसी एवं गाजियाबादमें हुए कार्यक्रमोंमें सनातनकी ग्रन्थ-प्रदर्शनीद्वारा धर्मप्रसार!

१. वाराणसी (उ.प्र.) - के.टी. फाउण्डेशन, लखनऊकी ओरसे वाराणसीमें राष्ट्रीय पुस्तक मेलेमें फाउण्डेशनके श्री. देवराज अरोडाजी और श्री. उमेश ढलकेजीके सहयोगसे सनातन संस्था वाराणसीकी ओरसे ग्रन्थ-प्रदर्शनी लगाई गई । लगभग १०,००० से भी अधिक लोगोंने इसका लाभ लिया ।
२. इंदिरापुरम (गाजियाबाद) - यहां ३० नवम्बर २०१४ को स्व. राजीव दीक्षितजीके जन्मोत्सवके उपलक्ष्यमें हाथीपार्कमें एक संगोष्ठी कार्यक्रमका आयोजन किया गया था । इसका शुभारम्भ हवनसे हुआ । कार्यक्रमके लिए सी.ओ. प्रेमपालसिंहजीको आमन्त्रित किया गया था । व्यासपीठपर उनके साथ सेवा भारतीके विभाग अध्यक्ष श्री. रघुराज शर्माजी, प्रचारमन्त्री श्री. सुरेन्द्र भाटियाजी, सेवानिवृत्त कर्नल नरेन्द्र यादवजी, गोप्रेमी विशाल गुप्ताजी तथा योगाचार्य दिव्य सुनिल शास्त्रीजी उपस्थित थे । इस अवसरपर सनातन संस्थाद्वारा धर्मशिक्षा फलकों तथा ग्रन्थोंकी प्रदर्शनी लगाई गई ।

राजधानी बुकफेअरमें सनातनकी ग्रन्थ-प्रदर्शनीको उत्तम प्रतिसाद !

    भुवनेश्‍वर (ओडिशा) : ३ दिसम्बरसे १५ दिसम्बरकी कालावधिमें एक्जिबिशन ग्राऊण्डपर आयोजित किए गए सुप्रसिद्ध राजधानी बुक फेअरमें सनातनकी ग्रन्थ-प्रदर्शनी लगाई गई थी । इस प्रदर्शनीको सहस्रों जिज्ञासुआेंने भेंट दी ।
क्षणिकाएं 
१. भुवनेश्‍वरके श्री. मुरली शर्माजीने प्रदर्शनीकी सेवा करनेवाले तीन साधकोंके १५ दिनोंके भोजन, निवास और वाहन इत्यादिकी व्यवस्था उत्फूर्ततासे की । (वेे अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशनमें उपस्थित रहे थे और जिनका उस आधिवेशनमें ६१% आध्यात्मिक स्तर घोषित किया गया था ।)
२. स्थानीय ओडिया भाषाके ग्रन्थोंकी ९०% प्रतिशत मांग थी । साथ ही लगभग ४५० से अधिक ओडिया पचांगोंका वितरण हुआ ।

नवम्बरमें उत्तर भारतमें हिन्दू जनजागृति समितिके कार्यका ब्यौरा

तानाशाही करनेवाले पुलिसवालोंसे घबराएं नहीं, उनके अवैधानिक आचरणकी शिकायत करें !

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारीने अकारण ही हिन्दू जनजागृति समितिके एक कार्यकर्ताको कार्यालयमें बुलाकर डांट-फटकार लगाई और उनका इ-मेल खोलकर देखा । दो घण्टे उपरान्त उन्हें छोड दिया और अगले दिन पुन: बुलवाया । तब किसी कारणवश वे नहीं जा सके । इसलिए उस पुलिस अधिकारीके कार्यालयसे उसे बार-बार दूरभाष कर बुलाया जा रहा था । उस समय इस अन्यायको उजागर करनेके लिए उस कार्यकर्ताने उस अधिकारीके विरोधमें मानवाधिकार आयोग एवं उसके वरिष्ठ अधिकारियोंसे लिखित परिवाद (शिकायत) किया । उस पुलिस अधिकारीको यह जानकारी मिलनेपर उसका दूरभाष आना बंद हो गया तथा सन्देश आया कि सम्भव हो, तो आइए अन्यथा कोई बात नहीं ।

साधको और हिन्दुत्ववादियो, अब अखण्ड जागृत रहते हुए स्वरक्षा करना सीख लें !

 प.पू. डॉ. आठवले
गत ८-१० वर्षोंसे सनातन संस्था बता रही है कि राष्ट्र और धर्म पर होनेवाले आघात अपनी चरमसीमापर पहुंचनेवाले हैं । १० नवम्बर २००४ में महाराष्ट्रके पनवेल स्थित देवद आश्रमपर गुण्डोंने आक्रमण किया था । तदुपरान्त ३ नवम्बर २००५ में कट्टरपन्थियोंने महाराष्ट्रके मीरजस्थित दैनिक सनातन प्रभातके कार्यालयपर आक्रमण किया था और वर्ष २०१० की दिवालीमें रामनाथी आश्रमपर समाज विद्रोहियोंने पथराव किया था ।

गोवा स्थित सनातनके आश्रम एवं साधकोंपर समाजकंटकोंद्वारा प्राणघातक आक्रमण

समाजविद्रोहियोंद्वारा साधककी  पीठपर नुकीले औजारसे किया घाव

सन्तोंकी वन्दनीय उपस्थितिमें श्रीक्षेत्र औदुंबरमें पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलन सम्पन्न

    सांगली (महाराष्ट्र) - यहां १४ से १६ नवम्बर २०१४ को महर्षि वाग्भट्ट गोशाला एवं पंचगव्य अनुसंधान केंद्रकी ओरसेे स्वर्गीय राजीव दीक्षितकी जन्मतिथि (कालभैरवाष्टमी) पर पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलनका आयोजन किया गया । इस अवसरपर श्रीशिवप्रतिष्ठानके संस्थापक पू. संभाजीराव भिडे गुरुजीने कहा, गोसंवर्धन हेतु पंचगव्य गुरुकुलम्के गव्यसिद्धाचार्य डॉ. निरंजनभाई वर्मा और उनके सहकारियोंके प्रयत्नोंके लिए उन्हें साष्टांग दण्डवत करना चाहिए । ८०० लोगोंकी उपस्थितिमें गोसंवर्धन (जैविक कृषि एवं पंचगव्य चिकित्सा के लाभसहित) ग्रन्थका लोकार्पण हुआ । डॉ. वर्माने कार्यक्रमका सूत्रसंचालन किया ।

सहनशीलताकी मर्यादा !

    वर्तमानमें, गोहत्यापर प्रतिबन्ध लगाना, देशके सामने सर्वाधिक प्रमुख विषय है । केन्द्रशासन और राज्यशासन इस विषयके प्रति गम्भीर नहीं हैं । धर्माभिमानी हिन्दू गत अनेक वर्षोंसे शासनसे गोहत्यापर प्रतिबन्ध लगानेका विधान बनानेकी मांग करते आ रहे हैं । इस कार्यके लिए शासन अनुकूल एवं सकारात्मक नहीं दिखाई दे रहा है । इसलिए, हिन्दुआेंकी सहनशीलता अब समाप्त होती जा रही है । इस विषयपर समविचारी हिन्दू संगठन एकजुट होकर गोहत्याको प्रतिबन्धित करनेके संघर्षको निरन्तर जारी रखे हुए हैं । उनकी यह अखण्ड संघर्षशीलता प्रशंसनीय है ।

अमेरिका और गोपालन

    पाश्‍चात्योंका अन्धानुकरण भारतीयोंका स्वभाव बन गया है । विदेशोंसे आयात की हुई वस्तुएं, स्वदेश निर्मित वस्तुआेंसे गुणवत्तामें थोडी भी न्यून हों, तो भी भारतीय उन्हें बडे प्रेमसे अपना लेते हैं । हाल ही में भारतके प्रधानमन्त्री श्री. नरेन्द्र मोदीने अमेरिकाकी सफल यात्रा की । तबसे, भारतमें अमेरिकाके विषयमें चर्चाआेंकी बाढ-सी आई है । इसीलिए, हम यहां अमेरिकासे सम्बन्धित एक अच्छे समाचारपर प्रकाश डालने जा रहे हैं । वैसे भी यह समाचार हमारे लिए आश्‍चर्यसे कम नहीं है; किन्तु इससे अधिक लज्जाजनक है । अमेरिकाके पेन्सिल्वानिया राज्यके बंगोर स्थानपर गोमाता-अभयारण्य बनाया गया है । भूतदया एवं प्रेम इस बोधवाक्यसे युक्त इस अभयारण्यको, लक्ष्मी गाय अभयारण्य नाम दिया गया है । गायोंके प्राण बचाकर यहां उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाती है तथा यहांके खुले वातावरणमें उनका पालन-पोषण किया जाता है ।

सन्त बाबा रामपालको बन्दी बनाने पहुंची ४० सहस्र पुलिसकर्मियोंको ५० सहस्र भक्तोंकी दीवारने रोका !

    बरवाला (हरियाणा) - आर्य समाजी और हिसारके सतलोक आश्रमके संचालक सन्त बाबा रामपालके अनुयायियोंमें १२ मई २०१३ को हुए संघर्षमें गत वर्ष ६ लोगोंकी मृत्यु हुई थी । इस प्रकरणमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालयाने सन्त बाबा रामपालके विरोधमें बिनाप्रतिभूति (गैरजमानती)बन्दीका आदेश निकाला और उन्हें १७.११.२०१४ को न्यायालयमें उपस्थित करनेका आदेश पुलिसको दिया । तथापि इस बन्दीके विरोधमें सन्त बाबा रामपालके ५० सहस्र भक्तोंने उनके आश्रमके सर्व ओर घेरा डालनेसे पुलिसको १७ नवम्बरको लगातार दूसरी बार खाली हाथ लौटना पडा । (अन्य सन्तोंके भक्तोंके सामने इन भक्तोंने आदर्श रखा है ! - सम्पादक) सन्त रामपालको न्यायालयमें उपस्थित करनेके लिए नेवी कमाण्डो, विशेष आरक्षित दल आदिके साथ ४० सहस्र पुलिसकर्मियोंका प्रबन्ध किया गया था । (१५ मिनटोंमें हिन्दुआेंको समाप्त करेंगे ऐसी भाषा करनेवाले औवेसीके विरुद्ध अभियोग नहीं प्रविष्ट करते अथवा उनके आसपास ४०-५० सहस्र पुलिस नियुक्त नहीं करते । केवल हिन्दुआेंके सन्दर्भमें ऐसा करते हैं ! - सम्पादक)

देहली पुलिसद्वारा गोरक्षणार्थ आन्दोलन करनेवाले सन्त गोपालदास महाराजको मारपीट और गुप्तांगपर प्रहार !

मोदी सरकारके लिए घर-घर जाकर मतयाचना की; परन्तु गोहत्या रोकने हेतु आज उनकी ही लाठियोंका प्रहार सहना पड रहा है ! - सन्त गोपालदास महाराज
    नई देहली - जंतर मंतरपर गोहत्याके विरुद्ध धरना आन्दोलन करनेपर संसद भवनकी ओर निकले सन्त गोपालदास महाराजको देहली पुलिसद्वारा मार्गपर ही अमानुष मारापीटा गया । (क्या मोदी सरकारने किसी मौलवी अथवा पादरीके साथ ऐसा करनेका दु:साहस किया होता? - सम्पादक) महाराजके गुप्तांगपर भी देहली पुलिसने प्रहार किया एवं तत्पश्‍चात महाराजको नियन्त्रणमें लिया । (सन्तोंपर हाथ  उठानेवाली देहली पुलिसका धिक्कार ! क्या भाजपा शासन इसका समर्थन करता है ? ऐसा अत्याचारी व्यवहार अब धर्मक्रान्ति अपरिहार्य करता है ! - सम्पादक)